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डेंगू बुखार से हुई एक और मौत, सामने आएं मच्छरों से जुड़े 11 और मामले

डेंगू बुखार से हुई एक और मौत, सामने आएं मच्छरों से जुड़े 11 और मामले

मंगलवार को ठाणे के 10 साल के एक लड़के की डेंगू से मौत हो गई। अथर्व बोधनकर को शुक्रवार को बुखार होने पर बेथनी अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन, हालत गंभीर होने पर उसे जुपिटर हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया था। डेंगू की वजह से ठाणे नगरपालिका में होने वाली यह इस साल में हुई दूसरी मौत है।

ठाणे नगर निगम के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिरुद्ध मलगावंकर ने कहा, “प्लेटलेट की गिनती में भारी गिरावट आई थी। डेंगू हेमरेजिक शॉक सिंड्रोम के साथ ही बच्चे के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसकी वजह से बच्चे की मौत हो गई। उसके निवास स्थान के आस-पास डेंगू मच्छर के पनपने व पैदा होने की पुष्टि हुई है। इसके लिए हम बिल्डर को निर्देश देंगे कि इस क्षेत्र को साफ करने के उपाय जल्द से जल्द किए जाएं।”

टीएमसी स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि जहां अथर्व के मामले में एडीज मच्छर का प्रजनन स्थान उसके घर के पास पाया गया, वहीं श्रेया (ठाणे की पहली डेंगू पीड़ित) को डेंगू उनके घर में ही पनपने वाले मच्छरों की वजह से हुआ था। चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि डेंगू के इलाज के लिए सुनिश्चित करें कि समय पर इसका इलाज किया जाए।

डॉ. मलगांवकर ने कहा कि “संक्रमित रोगियों के घरों में सर्वेक्षण करते समय, हमने देखा कि लगभग 80% डेंगू के मच्छर का प्रजनन स्थल घरों के अंदर या रोगी के आवास परिसर के अंदर ही थे और लगभग 20% निर्माण स्थलों के पास बने घरों में थे।” उन्होंने कहा कि लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे नियमित रूप से घरों की जांच करें कि कहीं पानी जमा न हो।

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लखनऊ में भी मच्छरों का बरपा कहर

डेंगू की वजह से जहां महाराष्ट्र में एक बच्चे की मौत हो गई वहीं, सोमवार को लखनऊ में भी 11 नए ममाले रिपोर्ट किए गए हैं। इन डेंगू रोगियों में से छह पुरुष हैं, जबकि अन्य पांच महिलाएं हैं। उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, चेन्नई, उत्तराखंड, राजस्थान सहित कई हिस्सों में डेंगू के कई नए मामले सामने आ रहे हैं। मच्छरों से होने वाली बीमारियों से यूपी की राजधानी लखनऊ बुरी तरह से प्रभावित हो रही है। 23 सितंबर को यहां 11 से अधिक मरीजों में डेंगू की पुष्टि की गई।

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डेंगू क्या है? (What is Dengue)

डेंगू को इंग्लिश में डेंगी भी कहते हैं। किसी भी उम्र के व्यक्ति को डेंगू हो सकता है। यह एडीज मच्छर के काटने के कारण होता है। एडीज मच्छर जमे हुए पानी (कूलर में जमा हुआ पानी, फूलों के गमलों में जमा हुआ पानी) में पनपते हैं। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनइजेशन (WHO) के अनुसार पिछले 50 सालों में डेंगू की घटनाओं में 30 प्रतिशत वृद्धि हुई है। डेंगू गंभीर बीमारी होने के साथ-साथ या लोगों में भय का कारण भी बनता जा रहा है। इसे बोन ब्रेक फीवर भी कहते हैं।

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क्या कहते हैं आंकड़े?

  • तमिलनाडु में जून 2018 में 98 डेंगू के मरीज थे, वहीं जून 2019 में 1100 डेंगू के पेशेंट देखे गए।
  • पॉन्डिचेरी में जून 2018 में 2 डेंगू के मरीज थे, वहीं जून 2019 में 295 डेंगू के पेशेंट देखे गए।
  • तेलंगाना में जून 2018 में 33 डेंगू के मरीज थे, वहीं जून 2019 में 953 डेंगू के पेशेंट देखे गए।
  • कर्नाटक में जून 2018 में 415 डेंगू के मरीज थे, वहीं जून 2019 में 1933 डेंगू के पेशेंट देखे गए।
  • महाराष्ट्र में जून 2018 में 550 डेंगू के मरीज थे, वहीं जून 2019 में 969 डेंगू के पेशेंट देखे गए।

अगर सिर्फ इन दो सालों के आंकड़ों को देखें तो भारत के इन 5 राज्यों में डेंगू के मरीज कम नहीं हुए हैं बल्कि डेंगू के पेशेंट बढ़े ही हैं।

डेंगू के लक्षण क्या हैं? (Signs of Dengue)

  • अचानक से तेज बुखार होना।
  • अत्यधिक सिरदर्द
  • आंखों में तेज दर्द होना।
  • मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द होना।
  • थका हुआ महसूस होना।
  • बार-बार उल्टी जैसा महसूस होना या उल्टी आना।
  • त्वचा पर लाल निशान होना (2 से 5 दिनों तक ऐसे निशान रहते हैं)।
  • नाक या मसूड़ों से हल्का खून आना।
  • प्लेटलेट्स कम होता है।

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डेंगू से कैसे बचें?

निम्नलिखित तरीके से डेंगू से बचा जा सकता है:

  • ऐसे जगहों पर जाने से बचना चाहिए जहां एडीज मच्छर का खतरा ज्यादा होता है।
  • घर में होने वाले कचरे को ज्यादा दिनों तक घर के अंदर इक्कठा नहीं करना चाहिए।
  • नियमित रूप से या हर सप्ताह घर में जमा किए गए पानी को हटाना।
  • जिस जगह पानी जमा करते हैं वहां कीटनाशक का प्रयोग जरूर करें।
  • लोगों में साफ-सफाई से जुड़ी जानकारी पहुंचाएं।
  • पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।

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हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 02/12/2019 को
Dr. Shruthi Shridhar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड
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