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माइग्रेन पेशेंट में बढ़ सकता है हार्ट डिजीज का खतरा, हो जाएं अलर्ट!

माइग्रेन पेशेंट में बढ़ सकता है हार्ट डिजीज का खतरा, हो जाएं अलर्ट!

क्या आपको बार-बार सिर्द दर्द की समस्या रहती है, कहीं आप माइग्रेन पेशेंट तो नहीं, अगर हां…तो हो जाएं अलर्ट!, क्योंकि माइग्रेन की समस्या अपने साथ कई की हार्ट प्रॉब्लम भी ला सकती है। जिसकी वजह से आप हार्ट पेशेंट भी बन सकते हैं। जी हां, आप सही पढ़ रहे हैं, माइग्रेन और हार्ट डिजीज (Connection Between Migraine and Heart Disease) में बहुत गहरा संबंध होता है। माइग्रेन पेशेंट में हार्ट डिजीज के होने का रिस्क ज्यादा रहता है। माइग्रेन में होने वाला तेज सिर दर्द हार्ट पर भी असर डालता है। जिसके कारण कई बार मरीज में सांस फूलने की समस्या भी देखी गई है। तो जानिए यहां कि माइग्रेन और हार्ट डिजीज (Connection Between Migraine and Heart Disease) में क्या संबंध है।

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माइग्रेन और हार्ट डिजीज में संबंध (Connection Between Migraine and Heart Disease)

यदि किसी काे माइग्रेन की समस्या है, तो उसे अपने हृदय स्वास्थ्य पर भी अतिरिक्त ध्यान देना की आवश्यकता है क्योंकि कब इसका प्रभाव हार्ट पर आ जाए, कहा नहीं जा सकता है। कई रिसर्च (Research) भी कहती है कि जिन लोगों को माइग्रेन होता है, उनमें स्ट्रोक (Stroke) और दिल का दौरा पड़ने की संभावना भी अधिक होती है। यदि आपको कभी-कभार ही माइग्रेन है, तो यह आपके लिए उतना चिंताजनक नहीं है। लेकिन यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो आपको अलर्ट होने की जरूरत है। ऐसे में आप में हृदय रोग होने की संभावना बढ़ सकती है।

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अगर हम बात करें कि माइग्रेन और हार्ट डिजीज में क्या संबंध है, तो माइग्रेन के दौरान, मस्तिष्क के एक छोटे से क्षेत्र में रक्त का प्रवाह कुछ समय के लिए कम हो जाता है, जिससे रक्त वाहिकाओं में सूजन हो सकती है। माइग्रेन की समस्या हृदय रोग की संभावना भी बढ़ाते हैं।किसी भी तरह से, जोखिम के बारे में जानना और दिल की परेशानी या स्ट्रोक के शुरुआती चेतावनी संकेतों को समझना महत्वपूर्ण है।

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माइग्रेन और हार्ट डिजीज: स्ट्रोक, चेस्ट पेन और हार्ट अटैक

अगर माइग्रेन और हार्ट डिजीज की बात करें, तो जिन लोगों को महीने में एक बार माइग्रेन का दर्द (Migraine pain) उठता ही है, उन्हें दिल के दौरे का 50 प्रतिशत अधिक रिस्क होता है। जिन लोगों में माइग्रेन का दर्द (Migraine pain) सप्ताह में बार-बार रिपीट होता है, उन्हें स्ट्रोक का रिस्क तीन गुना अधिक होता है। जानिए माइग्रेन पेशेंट में होने वाले हार्ट प्रॉब्लम के रिस्क।

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माइग्रेन और हार्ट डिजीज : स्ट्रोक (Stroke)

माइग्रेन और हार्ट डिजीज में स्ट्रोक के साथ इसका क्या संबंध है, यह भी जानना जरूरी है। माइग्रेन और स्ट्रोक (Stroke) के बीच एक गहरा संबंध है। जिन महिलाओं को ऑरास के साथ माइग्रेन होता है, उनमें स्ट्रोक होने की संभावना तीन से चार गुना अधिक होती है। खासतौर पर 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में अधिक इसका रिस्क होता है। डॉक्टरों को अभी तक पता नहीं है कि क्या माइग्रेन का इलाज (Migraine Treatment) से आपको स्ट्रोक होने की संभावना कम हो जाती है। स्ट्रोक की संभावना को कम करने के लिए कुछ सरल कदम उठाना हमेशा एक अच्छा विचार है, जैसे:

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माइग्रेन और हार्ट डिजीज :दिल की बीमारी (Heart Problem)

जिन लोगों को माइग्रेन होता है, उन्हें दिल का दौरा (Heart Failure ) पड़ने या एट्रियल फाइब्रिलेशन (Atrial fibrillation) और एट्रियल स्पंदन जैसे हृदय ताल विकार होने की संभावना लगभग दो गुना अधिक होती है। स्ट्रोक (Stroke) की तरह ही, अध्ययन से पता चलता है कि जिन लोगों को ऑरास के साथ माइग्रेन होता है, उनमें दिल के दौरे पड़ने का रिस्क (Heart Failure Risk)अधिक होता है। अगर आपको इनमें से कोई भी दिल की बीमारी के लक्षण हैं तो अपने डॉक्टर से मिलें:

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माइग्रेन और हार्ट डिजीज :उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)

माइग्रेन और उच्च रक्तचाप के बीच संबंध पर शोध मिश्रित है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि उच्च रक्तचाप माइग्रेन को बदतर बना सकता है, लेकिन दूसरों को कोई संबंध नहीं दिखता। और कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि लंबे समय तक माइग्रेन वाले लोगों में निम्न रक्तचाप होने की संभावना अधिक होती है। कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स और एसीई इनहिबिटर सहित उच्च रक्तचाप के इलाज (Hypertension Treatment)के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं माइग्रेन के इलाज में सफल हो सकती हैं।उच्च रक्तचाप होने की संभावना को कम करने के लिए जीवनशैली में कुछ बदलाव करें, जैसे:

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चूंकि दिल के दौरे और स्ट्रोक हृदय या मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में रुकावट के कारण होता हैं, इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि माइग्रेन शरीर में हार्ट डिजीज का कारण हो सकता है। माइग्रेन से पीड़ित महिलाएं, जो गर्भनिरोधक लेती हैं, उनमें रक्त के थक्के बनने की संभावना अधिक होती है, जिसमें डीप वेन थ्रॉम्बोसिस भी शामिल है। यह दर्द या सूजन का कारण बन सकता है। माइग्रेन का समय रहते इलाज बहुत जरूरी है, ताकि आप भविष्य में होने वाली हार्ट प्रॉब्लम से बच जाएं। इसके अलावा, अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से मिलें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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डॉ. अनीता मैथ्यू द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ दिन पहले को