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हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन : एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं ये दोनों समस्याएं!

हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन : एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं ये दोनों समस्याएं!

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या कई फ़ैक्टर्स के चलते हो सकती है, जिसमें से एक है आपकी खराब हार्ट हेल्थ। हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) के चलते आपकी हार्ट हेल्थ पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जो कहीं ना कहीं इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) यानी ईडी (ED) एक आम समस्या मानी जाती है। यूनाइटेड स्टेट में लगभग 30 मिलियन ऐसे पुरुष हैं, जो ईडी की समस्या से परेशान रहते हैं। इरेक्टाइल डिस्फंक्शन उस समस्या को कहते हैं, जिसमें पुरुष इरेक्शन को बनाए नहीं रख पाता। आमतौर पर पुरुषों में यह समस्या कभी कभी देखी जाती हैं, लेकिन यदि अक्सर व्यक्ति इस समस्या से ग्रसित हो, तो इसे इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या मानी जाती है। क्या हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (High cholesterol and erectile dysfunction) के बीच कोई संबंध है और क्या हाय कोलेस्ट्रॉल को ठीक करके इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है?

इस सवाल का जवाब आज हम जानेंगे इस आर्टिकल में। लेकिन हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के बारे में अधिक जानकारी लेने से पहले आपको कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी ये बातें ज़रूर जान लेनी चाहिए।

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कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) क्या है?

कोलेस्ट्रॉल शरीर में मौजूद एक वसायुक्त पदार्थ (Fatty substances) माना जाता है, जो शरीर के हर सेल में पाया जाता है। शरीर के कार्य के लिए कोलेस्ट्रॉल एक जरूरी तत्व माना जाता है। आमतौर पर पशुओं से प्राप्त होने वाले मास में कोलेस्ट्रॉल मौजूद होता है, जिसका इस्तेमाल शरीर अपनी जरूरत के अनुसार कर लेता है। लेकिन जब यह कोलेस्ट्रॉल जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो इसका सीधा प्रभाव आपके हृदय पर पड़ता है। इस समस्या को हाय कोलेस्ट्रॉल के नाम से जाना जाता है। हाय कोलेस्ट्रॉल की वजह से आर्टरी में वसा जमा होने लगती है, जिसकी वजह से व्यक्ति को एथेरोस्कलेरोसिस (Atherosclerosis) की समस्या झेलनी पड़ती है। साथ ही इसी कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की वजह से ह्रदय संबंधी समस्याएं हो सकती है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल को सामान्य बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है। लेकिन इसे और भी बेहतर समझने के लिए आपको कोलेस्ट्रॉल के कॉम्बिनेशन के बारे में जानना चाहिए।

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क्या हैं कोलेस्ट्रॉल के अलग-अलग प्रकार?

जैसा कि हमने पहले बताया, कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) शरीर के लिए जरूरी है। पर जब यह सीमित मात्रा से ज्यादा बढ़ने लगता है, तो यह शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो जाता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि कोलेस्ट्रॉल के तीन प्रकार हैं, एचडीएल (HDL), एलडीएल (LDL) और वीएलडीएल (VLDL)। यह तीनों ही लिपॉप्रोटीन माने जाते हैं। यह प्रोटीन और फैट के कॉम्बिनेशन होते हैं। एचडीएल (HDL) को हाय डेंसिटी लिपॉप्रोटीन (High density lipoprotein) माना जाता है, जो इसे गुड कोलेस्ट्रॉल बनाता है। वहीं एलडीएल (LDL) लो डेंसिटी लिपॉप्रोटीन माना जाता है, जो शरीर के लिए बैड कोलेस्ट्रॉल कहलाता है। यही कोलेस्ट्रॉल आर्टरी में जमा होकर इसे ब्लॉक करता है। वीएलडीएल (VLDL) बहुत कम डेंसिटी वाले लिपॉप्रोटीन होते हैं और इसे भी खराब कोलेस्ट्रॉल माना जाता है, क्योंकि यह भी हार्ट को तकलीफ पहुंचाने का काम करते हैं।

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यही कोलेस्ट्रॉल आर्टरी (Artery) में जमा होकर इसे ब्लॉक करता है। जाहिर सी बात है वीएलडीएल और एलडीएल दोनों ही शरीर के लिए नुकसानदेह साबित होते हैं। इसलिए इन दोनों की मात्रा शरीर में सीमित बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। जैसा कि आपने जाना हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या आपको लंबे समय तक परेशानी में डाल सकती है, जिसकी वजह से अक्सर व्यक्ति को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) की समस्या भी होती है। हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (High cholesterol and erectile dysfunction) एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, यह बात साबित करती है एक रिसर्च। आइए जानते हैं हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से जुड़ी इस रिसर्च के बारे में।

हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन : क्या है दोनों के बीच ताल्लुक? (High cholesterol and erectile dysfunction)

हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (High cholesterol and erectile dysfunction)

यूरोलॉजी केयर फाउंडेशन (Urology Care Foundation) में छपी एक स्टडी के मुताबिक इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) का मुख्य कारण एथेरोस्क्लेरोसिस माना जाता है। एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या ब्लड वेसल के डैमेज हो जाने के कारण होती है। एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें एक मुख्य कारण कोलेस्ट्रॉल माना जाता है। यदि शरीर में कोलेस्ट्रोल का स्तर ज्यादा हो, तो यह ब्लड वेसल को संकरा बना देता है। आर्टिरीज में जमा होने वाले कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की वजह से यह समस्या होती है। इसकी वजह से ब्लड वेसल संकरी हो जाती है और शरीर में ब्लड फ्लो ठीक ढंग से नहीं हो पाता।

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स्टडी के मुताबिक हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (High cholesterol and erectile dysfunction) के बीच संबंध देखा गया है। इस स्थिति को हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (Hypercholesterolemia) कहा जाता है। हालांकि अब तक इसमें ज्यादा जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई है, लेकिन अब रिसर्चर इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या मे कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली ड्रग्स के इस्तेमाल पर जानकारी हासिल कर रहे हैं। इस रिसर्च के मुताबिक हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए कोलेस्ट्रॉल को सामान्य स्तर पर बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है।

कई बार कोलेस्ट्रॉल की समस्या आपके खान-पान से जुड़ी होती है। यही वजह है कि कोलेस्ट्रॉल को सामान्य स्तर पर बनाए रखने के लिए आपको खानपान पर खास ध्यान देने की जरूरत पड़ती है। आइए जानते हैं इससे जुड़ी ये ज़रूरी जानकारी।

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क्या खान-पान में बदलाव से आता है स्थिति में फर्क? (High cholesterol and erectile dysfunction)

हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) के बीच संबंध साफ हो चुका है। आपका खान-पान कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की समस्या के लिए जिम्मेदार माना जा सकता है, इसलिए कोलेस्ट्रॉल लेवल को सामान्य बनाए रखने के लिए खानपान में बदलाव लाने की जरूरत पड़ती है। हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (High cholesterol and erectile dysfunction) की समस्या से लड़ने के लिए आपको ये खाद्य पदार्थ अपनी डायट में शामिल करना चाहिए।

  • सीफूड – जैसे मछली, झींगा और ओयस्टर
  • फल – जैसे सेब, अंगूर, स्ट्रॉबेरी, एवोकाडो
  • सब्जियां – जैसे टोमेटो, ब्रॉक्ली, पालक और प्याज
  • साबुत अनाज – जैसे बार्ली और ओट्स
  • हेल्दी फैट्स – जैसे ऑलिव और एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल
  • नट्स – जैसे बादाम और अखरोट

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इसके अलावा क्रॉनिक विटामिन B12 डिफिशिएंसी भी हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (High cholesterol and erectile dysfunction) के लिए जिम्मेदार मानी जा सकती है। इसलिए आपको हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction) को सामान्य बनाए रखने के लिए विटामिन B12 से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा कई ऐसे फ़ैक्टर्स हैं, जो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए जिम्मेदार माने जाते हैं, इनमें –

  • मोटापा
  • डायबिटीज
  • शराब पीना
  • स्मोकिंग करना
  • स्ट्रेस, डिप्रेशन

इत्यादि फैक्टर काम करते हैं। यही वजह है कि आपको इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या में इन फैक्टर्स पर ध्यान रखने की ज़रूरत होती है। हाय कोलेस्ट्रॉल और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (High cholesterol and erectile dysfunction) दोनों ही समस्याएं एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह के बाद आपको सही खानपान के साथ सही मेडिसिन की जरूरत पड़ती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के बाद आप दवाइयां ले सकते हैं और अपने कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) लेवल को सामान्य बनाए रखने की कोशिश कर सकते हैं।

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डॉ. हेमाक्षी जत्तानी द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 23/10/2021 को