प्लास्टिक होती है शरीर के लिए हानिकारक, बेबी बोतल खरीदते समय रखें ध्यान

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Update Date दिसम्बर 20, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें
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नवजात शिशु के लिए मां के दूध को सबसे अच्छा माना गया है। मां के दूध से बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। शिशु को एक साल तक मां का दूध पीना चाहिए। इसके बाद तरल भोजन के साथ ही गाय या भैंस का दूध लिया जा सकता है। दूध पिलाने के लिए बेबी बोतल का यूज किया जाता है। जिन लोगों को जानकारी नहीं है, वो लोग प्लास्टिक की बोतल का यूज करते हैं। प्लास्टिक शरीर के लिए हानिकारक होती है। अगर गरम दूध प्लास्टिक की बोतल में डाला जाता है तो ये टॉक्सिक रिएक्शन कर सकती है। बेहतर होगा कि प्लास्टिक की जगह बेबी बोतल के लिए अन्य विकल्प चुने जाएं। इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि बेबी बोतल के अन्य विकल्प क्या हो सकते हैं।

क्या होता है बीपीए (BPA)

BPA का मतलब होता है बिस्फेनॉल ए (Bisphenol A) है। BPA एक औद्योगिक रसायन है जिसका उपयोग 1960 के दशक से कुछ प्लास्टिक और रेजिन बनाने के लिए किया जाता है।BPA पॉली कार्बोनेट प्लास्टिक और एपॉक्सी रेजिन में पाया जाता है। पॉली कार्बोनेट प्लास्टिक का उपयोग अक्सर कंटेनरों में किया जाता है जो भोजन और पेय पदार्थों को स्टोर करते हैं, जैसे पानी की बोतलें। ये शरीर के लिए घातक होती है। शरीर के हार्मोन में गड़बड़ी पैदा कर सकता है। इसलिए बीपीए से बने प्रोडक्ट को कई देशों में बैन किया गया है। बेबी बोतल में भी बीपीए फ्री लिखा होता है।बीपीए बच्चे के बिहेवियर को चेंज करने के लिए भी जिम्मेदार हो सकता है। इसलिए बेबी बोतल को खरीदने से पहले उसे अच्छी तरह से चेक करना बहुत जरूरी होता है।

ग्लास की बेबी बोतल

ग्लास की बेबी बोतल का यूज करना बेहतर आप्शन है। ग्लास की बेबी बोतल को आसानी से धुला जा सकता है। इसे गरम पानी स्टेरेलाइज भी किया जा सकता है। भले ही कांच की बेबी बोतल का प्रयोग आपको पुराना लगे, लेकिन ये बच्चे के स्वास्थ्य की दृष्टि से सही है। साथ ही कांच रीसाइकलेबल भी होता है। कांच की बेबी बोतल ड्युरेबल होती है और आसानी से दोबारा यूज की जा सकती है। कांच की बेबी बोतल पर्यावरण के लिए भी बेहतर होता है। अगर कांच की बेबी  बोतल का प्रयोग सही तरह से किया जाए तो ये बेहतर ऑप्शन साबित हो सकती है।
ग्लास की बेबी बोतल यूज करने के दौरान कुछ समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। कांच की बेबी बोतल प्लास्टिक की अपेक्षा भारी होती है। बच्चा कांच की बोतल से अपने आप दूध पीने में असहज महसूस कर सकता है। साथ ही कांच की बोतल के टूटने का खतरा भी अधिक होता है। कांच की बोतल नाजुक होती है और कांच के टुकड़े से चोट लगने का खतरा भी अधिक होता है। सिलिकॉन और फैब्रिक में इस तरह का खतरा नहीं रहता है।

स्टेनलेस स्टील बेबी बोतल

स्टेनलेस स्टील बेबी बोतल का यूज करना ड्यूरेबल होता है। स्टेनलेस स्टील नैचुरली इंसुलेटिंग होती है। इसका मतलब ये होता है कि बोतल के अंदर का तरल पदार्थ गर्म या ठंडी अवस्था में ही रहता है। बाहर के तापमान का असर बोतल के अंदर के पदार्थ पर नहीं पड़ता है। अगर आपको कही बाहर जाना है तो स्टेनलेस स्टील बेबी बोतल का यूज करना सही रहेगा। स्टेनलेस स्टील बेबी बोतल को पानी में उबालने की जरूरत भी नहीं पड़ती है। स्टेनलेस स्टील बेबी बोतल के साथ भारी होने की समस्या जुड़ी हुई है। लेकिन ये समस्या कुछ कंपनियों ने खत्म कर दी है। स्टेनलेस स्टील में अब हल्की बेबी बोतल आने लगी हैं। इनका यूज करना मॉम के लिए आसान रहेगा।

सिलिकॉन बेबी बोतल

फूड-ग्रेड सिलिकॉन एक नॉन टॉक्सिक पॉलीमर है। ये सिलिका (रेत) से बनाया जाता है। ये रबड़ जैसा हल्का, मुलायम होता है और टूटता नहीं है। यह इको-फ्रेंडली होता है और बेबी बोतल के लिए उपयुक्त पदार्थ होता है। प्लास्टिक के विपरीत, यह हानिकारक रसायनों की हीटिंग और फ्रीजिंग का सामना कर सकता है। प्लास्टिक के विपरीत सिलिकॉन की बेबी बोतल का प्रयोग करना स्वास्थ्य के लिहाज से भी सही रहता है। कोमोटोमो सिलिकॉन बेबी बोतल( Comotomo silicone baby bottles) ब्रेस्ट की नकल करके डिजाइन किए गए हैं। बेहतर रहेगा कि इस बारे में एक बार अपने डॉक्टर से जरूर बात करें। बच्चे के लिए सही बोतल का चुनाव करना बहुत जरूरी है।

बीपीए फ्री ग्लास बेबी बोतल

ये बेबी बोतल ग्लास की बनी होती हैं। इनके ऊपर कवर लगा होता है जिसके कारण इनके टूटने का खतरा कम ही होता है। इसके ऊपर सिलिकॉन स्लीव्स लगा होता है। इन बोतल को धुलने के साथ ही पानी में उबाला भी जा सकता है। साथ ही ये बोतल ब्रेस्ट मिल्क पंप में भी आसानी से फिट हो जाती हैं। एक बार बीपीए फ्री ग्लास बेबी बोतल का यूज जरूर करके देखें। ये ट्रेडीशनल ग्लास बोतल से हल्की होती हैं।

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बीपीए फ्री सिपर

बीपीए फ्री ग्लास सिपर का यूज भी बच्चे के लिए बेहतर ऑप्शन है। इसे भी आसानी से साफ किया जा सकता है। ये स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होता है। स्लो, मीडियम, फास्ट और वेरिएबल फ्लो निप्पल वाली बेबी बोतल ऑन डिमांड रहती हैं। जब बच्चा बड़ा हो जाए तो इसे ड्रिंकिंग कप की तरह भी यूज किया जा सकता है।

इन बातों का रखें ध्यान

  1. ग्लास बेबी बोतल को हर यूज के पहले स्टेरिलाइज करना जरूरी नहीं होता है। पहले की बात अलग थी जब साफ पानी नहीं होता था और ग्लास बोतल को स्टेरिलाइज करना पड़ता था। इस बारे में एक बार डॉक्टर से जरूर पूछें।
  2. जब पहली बार ग्लास बोतल का यूज कर रही हो तो उबलते पानी में 5 मिनट के लिए बोतल और निप्पल को डाल दें। उसके बाद डिशवाशर का यूज करके बोतल को साथ करें। हैंड से बोतल को सिर्फ वॉश करना पर्याप्त नहीं होता है।अगर बच्चे की बोतल में कोई दिक्कत महसूस हो रही है तो उसे तुरंत रिप्लेस करा दें।
  3. अगर बच्चे की बोतल से बदबू आ रही है, या फिर उसका रंग उतर गया हो तो भी उसे तुरंत चेंज करा देना चाहिए।
  4. अगर निप्पल का शेप चेंज हो गया हो तो उसे यूज न करें। अगर आप ऐसे निप्पल को लगातार यूज कर रही हैं तो निप्पल से एक साथ ज्यादा दूध का रिसाव भी हो सकता है।
  5. निप्पल का फ्लो चेक करने के लिए उसे नीचे की तरह गिरा कर देखें। अगर कुछ ही दूध की बूंदे गिर रही हैं तो फ्लो ठीक है, वरना ज्यादा फ्लो आपके बच्चे के लिए सही नहीं रहेगा। बच्चे के मुंह में एक साथ बहुत ज्यादा दूध चला जाएगा।
  6. बच्चे के लिए दूध को गुनगुना या गर्म करने के लिए बोतल को माइक्रोवेव में न रखें।

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    Written by Sushmita Rajpurohit
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