बच्चे को पीठ के बल सुलाना नहीं है सेफ, जानें सही बेबी स्लीपिंग पुजिशन

By Medically reviewed by Mayank Khandelwal

पेरेंट्स बच्चे के खाने-पीने, नहलाने, उसके साथ खेलना और ऐसी ही कई बातों का बेहद ख्याल रखते हैं। इन सबके अलावा बेबी स्लीपिंग पुजिशन का भी ख्याल रखना जरूरी है। हालांकि, सुनने में माता-पिता को यह आसान लगता है लेकिन, बच्चों को सही पुजिशन में सुलाना काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासकर उन कपल्स के लिए, जो पहली बार पेरेंट्स बने हो।  

बच्चों की सोने की पुजिशन ठीक न होना, एसआईडीएस (सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम) का कारण बन सकती है। बेबी स्लीपिंग पुजिशन सही न होने से दम घुटने या गला घुटने का खतरा अधिक रहता है। यदि घर में नवजात शिशु है, तो ऐसे में यह जाना बेहद जरूरी हो जाता है कि बच्चे के लिए सोने के लिए कौन-सी पुजिशन ठीक है।  

कुछ सेफ और अनसेफ बेबी स्लीपिंग पुजिशन निम्नलिखित हैं। जिनके बारे में पेरेंट्स को जानना बेहद जरूरी है:

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पीठ के बल सोना (बेस्ट बेबी स्लीपिंग पुजिशन)

शिशु का पीठ के बल सोना सबसे सुरक्षित माना जाता है। बच्चे को इस पुजिशन में नींद तो अच्छी आती ही है, साथ ही वह आरामदायक भी महसूस करता है। यूएस के एनआईसीएचडी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ एंड ह्यूमन डेवलपमेंट) ने पीठ के बल सोने को को सबसे बेहतरीन पुजिशन बताया है। उनके अनुसार, छोटे नैप (झपकी) या गहरी नींद के लिए यह पुजिशन ठीक है।  

पेट के बल सोना 

पेट के बल सोना सुरक्षित बेबी स्लीपिंग पुजिशन नहीं है। शिशु को पेट के बल सोने से जबड़ा दबता है। इससे उसे सांस लेने में परेशानी हो सकती है और घुटन महसूस हो सकती है। यदि बच्चा गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स (gastroesophageal reflux) या अन्य पेट की परेशानी से ग्रस्त हो, तो ऐसे में कुछ डॉक्टर्स शिशु को पेट के बल सुलाने की सलाह देते हैं।  

करवट लेकर सोना  

बच्चे का करवट लेकर सोना भी सही और सेफ पुजिशन नहीं माना जाता क्योंकि सोते समय बच्चा अपने पेट को रोल-ऑन करता है। ऐसे में एसआईडीएस (सडन इंफेंट डेथ सिंड्रोम) का खतरा बढ़ जाता है।   

बच्चों की सेफ स्लीप के लिए टिप्स क्या हैं?

बच्चे के बिस्तर के लिए नर्म गद्दे का उपयोग करें

नवजात शिशु को ज्यादा से ज्यादा नींद की जरुरत होती है, ऐसे में शिशु के बिस्तर के लिए नर्म गद्दे का उपयोग करना बेहद जरूरी है। गद्दे नर्म होने की वजह से बच्चा आरामदायक नींद ले सकता है।

रजाई और कम्फर्टर का इस्तेमाल न करें

बिस्तर को नर्म बनाने के लिए गद्दे के ऊपर रजाई और कम्फर्टर का उपयोग नहीं करना चाहिए। ज्यादा गर्माहट से बच्चे की त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। नर्म गद्दे के ऊपर, एक साफ कॉटन की चादर का इस्तेमाल करना चाहिए। यह बच्चे की स्किन के लिए सुरक्षित होने के साथ-साथ कम्फर्टेबल भी होती है।    

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कम्बल का प्रयोग 

 कम्बल का प्रयोग मौसम के अनुसार करना चाहिए।  यदि शिशु के ऊपर कम्बल ढंक रहें है, तो सुनिश्चित करें कि कम्बल शिशु के हाथों से नीचे हो। सोते समय ब्लेंकेट चेहरे तक न जाए, ऐसे में उसे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। ज्यादा हैवी का कम्बल का यूज न करें। इससे बच्चे का दम भी घुट सकता है।

सोते समय कपड़े हल्के हो

रात में आरामदायक और अच्छी नींद के लिए, यह बेहद जरूरी है कि शिशु ने हल्के कपड़े पहने हो।  

रात में कमरा ठंडा रखें

शिशु को बेहतर नींद देने के लिए, कमरे का तापमान 20 डिग्री सेंटीग्रेट होना चाहिए।  

नेशनल स्लीप फाउंडेशन के अनुसार, “नवजात शिशुओं को 24 घंटे में 14-15 घंटे की नींद मिलनी चाहिए। कुछ बच्चे दिन में 18-19 घंटे तक सो सकते हैं। हर शिशु की नींद का पैटर्न अलग होता है। शिशु के सोने का पैटर्न कुछ भी हो लेकिन, उनकी बेबी स्लीपिंग पुजिशन एकदम सही होनी चाहिए।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 13, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 14, 2019