5 फूड्स जो लेबर पेन को एक्साइट करने का काम करते हैं

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Update Date जनवरी 23, 2020
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कई महिलाओं की डिलिवरी डेट करीब आने के बाद भी लेबर पेन समय पर शुरू हो नहीं पाता। ऐसे में डिलिवरी लेट हो जाती है और कॉम्प्लिकेशंस बढ़ने की संभावना रहती है। डॉक्टर्स के मुताबिक ऐसी मुश्किल से बचने के उपाय में कुछ फूड्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये प्रसव पीड़ा को इंड्यूस यानी उकसाने का काम करते हैं।

आपके द्वारा खाया जाने वाला भोजन आपके बच्चे के स्वास्थ्य को भी निर्धारित करता है और यह लेबर पेन (प्रसव पीड़ा) को उकसाने में भी मदद कर सकता है। यहां कुछ खाद्य पदार्थ हैं जो प्राकृतिक इंड्यूसर्स के रूप में कार्य करते हैं, लेकिन उचित मार्गदर्शन के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श करने की सलाह दी जाती है।

इन फूड्स की मदद से प्रसव पीड़ा जल्दी शुरू हो सकती है:

1) अनानास

अनानास विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट्स का स्रोत होता है। शिशु के लिए मां का गर्भ घर की तरह होता है और गर्भाशय-ग्रीवा घर के मोटे दरवाजे की तरह जो इसे ढंककर और सुरक्षित रखती है। अनानास में ब्रोमेलैन नामक एक एंजाइम होता है जो गर्भाशय ग्रीवा की दीवारों को सॉफ्ट बनाता है। जो गर्भाशय को कॉन्ट्रैक्ट करने का कारण बनता है और जो लेबर को ट्रिगर करता है। आप अनानास को स्लाइस में काट सकते हैं या अनानास के रस का सेवन कर सकते हैं। इससे प्रसव पीड़ा को उकसाने में मदद मिलती है।

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2) मसालेदार भोजन

मसालेदार भोजन पाचन प्रक्रिया को गति देता है क्योंकि यह गट्स को इरीटेट करता है जो गर्भाशय के ठीक ऊपर स्थित होते हैं, जिससे यह सिकुड़ता है। मसालेदार भोजन प्रोस्टाग्लैंडीन नामक एक विशिष्ट हॉर्मोन को डिस्चार्ज करता है जो मांसपेशियों को नीचे लाता है और प्रसव पीड़ा को उत्तेजित करता है।

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3) लहसुन

अपच या डाइजेशन को ठीक करने के लिए लहसुन एक उत्कृष्ट स्रोत है। यह लेबर इंड्यूस करने के लिए सबसे अच्छे उत्प्रेरक के रूप में काम करता है। बेहतर पाचन के लिए हमेशा खाली पेट लहसुन के 2 टुकड़े खाने की सलाह दी जाती है। यह आंतों के बॉवेल मूवमेंट्स को गति देता है, जो मलाशय को साफ करने में मदद करता है। इसके अलावा बॉवेल मूवमेंट्स की बढ़ी हुई गति गर्भाशय को संकुचन की ओर ले जाती है जो प्रसव पीड़ा में लेबर को प्रेरित करती है।

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4) लाल रास्पबेरी के पत्तों की चाय

रासबेरी की पत्तियों में हर्बल गुण होते हैं। जो गर्भाशय की दीवारों को काम करने में मदद करते हैं। जिससे संकुचन होता है। 32 सप्ताह के बाद ही लाल रासबेरी पत्ती की चाय का सेवन करने की सलाह दी जाती है। इसे अपने आहार में शामिल करने से पहले, अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। रासबेरी चाय के अत्यधिक सेवन से डीहाइड्रेशन और दस्त भी हो सकते हैं।

5) फाइबर से समृद्ध फूड्स

कब्ज एक बड़ी समस्या है जो लेबर होने में देरी का कारण बन सकती है। जब आप प्रेग्नेंसी के दौरान कब्ज से पीड़ित होती हैं तो गर्भ में बच्चे के हिलने-डुलने के लिए कोई जगह नहीं बचती। कब्ज से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा तरीका उन खाद्य पदार्थों को खाना है जो फाइबर से भरपूर होते हैं। प्रेग्नेंसी के आखिरी हफ्तों के दौरान ड्राई फ्रूट्स, फल और सब्जियां जैसे केला, संतरा, सेब और आम जैसे खाद्य पदार्थ लेबर पेन शुरू करने में मदद कर सकते हैं।

लेबर एक नैचुरल प्रक्रिया है और यह स्वाभाविक रूप से होता है, लेकिन ये फूड्स लेबर प्रक्रिया को थोड़ा पहले शुरू करने में मदद कर सकते हैं। मुस्कुरानाना और तनाव कम लेना भी महत्वपूर्ण है ताकि आपके शिशु के लिए बिना किसी बाधा या प्रसव पीड़ा के आगे बढ़ना आसान हो जाए।

इन फूड्स अलावा और भी कई तरीके हैं जो प्रसव पीड़ा लाने में मदद करते हैं, जैसे :

एक्सरसाइज बॉल का करें इस्तेमाल

लेबर को तेज करने में एक्सरसाइज या जुंबा बॉल मदद कर सकती है। इस बॉल पर बैठने और हल्का फुल्का आगे पीछे हिलने और पेल्विक की मसल्स को ढीला और रिलेक्स रखने से लेबर में तेजी आ सकती है।

टॉयलेट सिटिंग

टॉयलेट सिटिंग अद्भुत तरीके से कार्य करती है। भले ही आप ब्लैडर को खाली करने के लिए कमोड का इस्तेमाल कर रही हों या सिर्फ इस पर बैठी हों।

ब्रेस्ट स्टिम्युलेशन

ब्रेस्ट को स्टिमुलेट करने से ब्लडस्ट्रीम में ऑक्सिटॉक्सिन रिलीज होने पर कॉन्ट्रेक्शन होता है। इससे आपके लेबर में तेजी आती है। इस स्थिति में या तो आप निप्पल्स पर मसाज या फिर उन्हें पंप कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, गुनगुने पानी का ऊपर से निप्पल पर गिरना भी ब्रेस्ट को स्टिमुलेट करता है। ज्यादातर महिलाएं ब्रेस्ट स्टिमुलेटिंग को लेकर अपने अनुभवों के आधार पर यह दावा करती हैं लेकिन, इस संबंध में अभी पर्याप्त अध्ययन की आवश्यकता है। प्रसव पीड़ा लाने के उपाय में आपके काम ये टिप्स आ सकते हैं।

तो अगर आपको भी लेबर जल्दी लाने के लिए उपायों की तलाश थी, तो ये आर्टिकल आपके काफी काम आ सकता है। इस आर्टिकल में हमने बताया कि किस तरह अनानास, मसालेदार भोजन, हल्दी आदि लेबर लाने में मदद कर सकते हैं। लेकिन हम आपको यही कहेंगे कि हर एक का शरीर अलग तरह से काम करता है और सभी की शारीरिक स्थिति अलग होती है। इसलिए आप इन उपायों को अपनाने से पहले एक बार अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

चूंकि आपकी पूरी प्रेग्नेंसी आपके डॉक्टर की निगरानी में रहकर होती है, इसलिए वो इस बात का फैसला ठीक से ले सकते हैं कि आपको लेबर लाने के लिए कौन सा तरीका देना चाहिए। कुछ महिलाओं को तो प्रसव पीड़ा लाने के लिए तो किसी भी अन्य तरीके का इस्तेमाल करने की जरूरत नहीं पड़ती। उन महिलाओं को खुद ब खुद सही समय पर प्रसव पीड़ा शुरू हो जाती है और बच्चे को जन्म दे देती हैं। ऐसे में जिन्हें समय आने पर भी प्रसव पीड़ा शुरू नहीं होती, उनके लिए ऊपर बताए गए तरीके काम आ सकते हैं।

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हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

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