साइनस (Sinus) को हमेशा के लिए दूर कर सकते हैं ये योगासन, जरूर करें ट्राई

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अपडेट डेट अक्टूबर 15, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
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सर्दी-जुकाम जैसी समस्या को हम आमतौर पर सामान्य समझ लेते हैं। लेकिन, अगर आपको यह समस्या लगातार परेशान कर रही है, तो यह साइनस का लक्षण हो सकता है। साइनस संक्रमण, एलर्जी, हवा में होने वाले केमिकल्स या छोटे-छोटे कणों के कारण होता है। बरसात और सर्दियों में यह समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। साइनस के लक्षण हैं बंद या बहती नाक, सिर दर्द, हल्का बुखार, गले में खराश या दर्द आदि। अगर समय रहते साइनस का इलाज न किया जाए, तो यह दमा या अस्थमा रोग का रूप भी ले सकता है। कुछ दवाईयां और सावधानियां काफी हद तक आपको इस रोग से राहत दिला सकती हैं लेकिन, अगर आपको पूरा आराम चाहिए तो योगा से बेहतर और कुछ नहीं है। इसलिए साइनस के लिए योगा के बारे में जानते हैं, लेकिन उससे पहले जानते हैं कि साइनस है क्या?

साइनस के लिए योगा – साइनस (Sinus) क्या है?

साइनस नाक से संबंधित बीमारी है। हमारे स्कल में कई छेद होते हैं, जिन्हें साइनसिस कहा जाता है और बीच के दो छेद नॉस्ट्रिल के रूप सांस लेने में सहायता करते हैं। कई कारणों से साइनसिस में बलगम भरने के कारण यह बंद हो जाते हैं। इनके बंद होने के कारण रोगी को सांस न आना, नाक बंद, सिरदर्द जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन, कुछ योगासन करने से आप साइनस (sinus) जैसे रोग में भी आसानी से सांस ले सकते हैं, क्योंकि इनसे यह छेद खुल जाते हैं। इस परेशानी का निवारण योग के माध्यम  से कैसे किया जाए यह हम समझेंगे, लेकिन सबसे पहलेसाइनस की समस्या किन कारणों से होती है, यह जानते हैं।

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साइनस के कारण क्या हैं?

इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं। जैसे:

  • बैक्टीरिया इंफेक्शन
  • फंगल इंफेक्शन
  • नाक की हड्डी का बढ़ना
  • प्रदूषण के कारण

साइनस के लक्षण क्या हैं?

इसके लक्षण निम्नलिखित होते हैं। जैसे:

  • सिरदर्द होना
  • बुखार आना
  •  कफ आना (साइनस की परेशानी होने पर नाक से कफ आने की समस्या होती है।)
  • खांसी होना
  • दांत या मसूड़ों में दर्द होना
  • चेहरे सुजना
  • गंध (स्मेल) नहीं आना
  • ठीक से सो नहीं पाना

इन लक्षणों के अलावा अन्य लक्षण भी हो सकते हैं। इसलिए ऐसी कोई भी परेशानी समझ आने पर जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

साइनस का इलाज करने के लिए करें ये योगासन :

1. साइनस के लिए योगा – अनुलोम विलोम प्राणायाम

साइनस के लिए योगा-Yoga for sinus
अनुलोम विलोम प्राणायाम

अनुलोम विलोम प्राणायाम सांस लेने की सबसे अच्छी प्रक्रिया है, जिससे नाक साफ हो जाती है। इससे साइनस की समस्या से राहत मिलती है। यही नहीं, इस योग से हमारे दिमाग तक खून का प्रवाह भी अच्छे से होता है। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी यह योगासन सहायक है।

कैसे करें?

  • अनुलोम विलोम को करने के लिए सबसे पहले किसी खुली जगह पर आरामदायक स्थिति में बैठें।
  • अपनी पीठ को सीधा रखें और आंखों को बंद रखें।
  • अब अपने दाएं हाथ के अंगूठे से नाक के दाहिने छेद को बंद करे और बाएं छेद से गहरी सांस अंदर लें।
  • इसके बाद, बाएं छेद को अपने दाएं हाथ की दो उंगलियों से बंद कर लें।
  • धीरे-धीरे दाएं हाथ के अंगूठे को अपने नाक के छेद से हटाएं और सांस को छोड़ दें।
  • इस प्रक्रिया को दोहराएं।
  • रोजाना इस योगासन को करने से आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे।

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2. साइनस के लिए योगा- कपालभाति

कपालभाति न केवल साइनस को ठीक करने बल्कि हमारे दिमाग के लिए भी बेहद उपयोगी है। इसे करने से हमारी श्वसन प्रक्रिया में आने वाली हर बाधा दूर होती है। इस आसन को करने से याद्दाश्त भी बढ़ती है। इसे रोजाना मात्र 10 मिनट करने से ही कई शारीरिक समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

साइनस के लिए योगा-Yoga for sinus
कपालभाति प्राणायाम

कैसे करें

  • कपालभाति करने के लिए सबसे पहले एक आरामदायक स्थिति में बैठ जाएं।
  • अपनी पीठ सीधी और आंखों को बंद कर लें।
  • अपने दाएं हाथ को दाएं घुटने और बाएं हाथ को बाएं घुटने पर रख लें।
  • अब धीरे-धीरे गहरी सांस लें।
  • अब तेजी से सांस इस तरह से बाहर छोड़े, जिससे आपके पेट की मांसपेशियां भी सिकुड़ जाएं।
  • इसी तरह से इस प्रक्रिया को दोहराएं।
  • ध्यान रखें कि इसे बहुत तेजी से न करें और बीच-बीच में आराम कर लें।

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3. साइनस के लिए योगा- पश्चिमोत्तानासन

साइनस और अनिद्रा की समस्या जैसे रोगों से राहत पाने के लिए पश्चिमोत्तानासन बेहद आसन है। यह आसन हमारी पाचन क्रिया को सही बनाए रखने के साथ-साथ तनाव से छुटकारा पाने में भी सहायक है।

साइनस के लिए योगा-Yoga for sinus
पश्चिमोत्तानासन

कैसे करें

  • साइनस के लिए योगा के रूप में पश्चिमोत्तानासन को करने के लिए सबसे पहले सीधे बैठ जाएं और दोनों पैरों को एक सीध में फैला लें।
  • दोनों पैरों को जोड़ कर रखें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठा लें।
  • अब झुकें ओर अपने पैरों के अंगूठों को अपने हाथों से पकड़ने की कोशिश करें।
  • घुटनों को न मोड़ें और पैरों को भी जमीन पर ही रहने दें।
  • इस प्रक्रिया को दोहराएं।

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4. साइनस के लिए योगा – हलासन

हलासन साइनस के साथ-साथ थॉयराइड रोग के लिए भी बेहद उपयोगी है। यह हमारी पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त बनाए रखता है। इस आसन को करने के लिए थोड़ी सावधानी बरतनी आवश्यक है। यही नहीं, अगर इसे सही से न किया जाए, तो गर्दन या मांसपेशियां खिंच सकती हैं।

साइनस के लिए योगा-Yoga for sinus
साइनस दूर के लिए हलासन करें हलासन

कैसे करें?

  • साइनस के लिए योगा के रूप में हलासन करने के लिए सबसे पहले जमीन पर लेट जाएं। अपने हाथों को सीधा अपने शरीर के पास रखें।
  • अब सांस छोड़ते हुए अपने पैरों को ऊपर की तरफ सीधा ले जाएं।
  • अपने पैरों को अब पीछे की तरफ एक सीध में ले जाएं।
  • धीरे से अपने पैरों की उंगलियों को जमीन से लगाएं।
  • कुछ देर ऐसे ही रहने के बाद अपनी सामान्य स्थिति में लौट आएं।

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5. साइनस के लिए योगा – उत्तानासन

सांस की बीमारियों से राहत पाने के लिए यह आसन बेहद फायदेमंद है। इससे सिर में खून का प्रवाह सही से होता है और कोशिकाओं तक ऑक्सिजन भी ठीक से पहुंचती है। इसे करना भी बेहद आसान है।

साइनस के लिए योगा-Yoga for sinus
उत्तानासन से दूर होगी साइनस की समस्या

कैसे करें?

  • उत्तानासन करने के लिए आप बिल्कुल सीधे खड़े हो जाएं।
  • एक गहरी सांस लें और अपने दोनों हाथों को आसमान की ओर ले जाएं।
  • फिर आगे की तरफ झुक कर दोनों हाथों से जमीन को छुएं।
  • कुछ देर ऐसे ही रहने के बाद अपने हाथों को फिर से ऊपर ले जाएं।
  • अपनी सांस छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं।
  • ध्यान रहे कि इस दौरान आपकी कमर बिल्कुल सीधी होनी चाहिए।

यह सभी आसन साइनस (Sinus) के साथ ही अन्य रोगों को दूर करने के लिए भी फायदेमंद हैं। साइनस के लिए योगा करने के लिए इन आसनों के साथ ही सूर्य नमस्कार, धनुरासन, भुजंगासन, उत्तानासन जैसे आसन भी साइनस में लाभदायक होते हैं। कई स्थितियों में कुछ योगासनों को न करने की सलाह दी जाती है, जैसे किसी घाव या बीमारी की स्थिति में। ऐसे में अपनी मर्जी से किसी भी योगासन को न करें। यही नहीं, कुछ योगासन करने मुश्किल होते हैं और उन्हें सही से न किया जाए, तो वो दर्द या मांसपेशियों के खिंचाव का कारण बन सकते हैं। इसलिए, अगर आपको योगासन अच्छे से नहीं आते, तो उन्हें न करें या करने से पहले किसी विशेषज्ञ का मार्गदर्शन अवश्य लें।

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इन ऊपर बताये गए साइनस के लिए योगा से साइनस की परेशानी से निजात पाया जा सकता है। लेकिन निम्नलिखित बातों का भी ध्यान रखें। जैसे:

  1. ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन रोजाना करना चाहिए। इससे शरीर में सूजन की समस्या से निजात मिलता है, एलर्जी की समस्या दूर होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी स्ट्रॉन्ग होती है। इसलिए सूखे मेवे, मूंग की दाल, राजमा एवं मछली का सेवन किया जा सकता है।
  2. विटामिन-सी से भरपूर सब्जियों का सेवन भी लाभकारी होता है। इसलिए पत्ता गोभी, ब्रोकोली, स्ट्रॉबेरी, संतरा आदि जैसे फल एवं सब्जियों का सेवन रोजाना करना चाहिए।
  3. सब्जियों का जायका बढ़ाने के लिए लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन अगर आपको साइनस की समस्या है, तो लहसुन का सेवन आपकी परेशानी दूर करने में आपका साथ निभाएगा। क्योंकि इसमें  एंटीवायरल, एंटीऑक्सिडेंट और एंटीफंगल गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन, मैंगनीज, कैल्शियम, आयरन मौजूद होते हैं, जो साइनस पेशेंट के फायदेमंद होता है।
  4. प्याज का सेवन भी साइनस के मरीजों के लिए लाभकारी होता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी, सल्फ्यूरिक कंपाउंड, फ्लेवोनॉइड्स और फोटोकेमिकल्स स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। सब्जियों के साथ-साथ कच्चे प्याज का सेवन जरूर करना चाहिए।
  5. साइनस पेशेंट्स को छींक या जुकाम संबंधी परेशानी बनी रहती है और ऐसी स्थिति में शरीर में पानी की कमी हो सकती है। इसलिए पानी का सेवन करते रहें। क्योंकि शरीर में पानी की कमी से अन्य शारीरिक परेशानियों का खतरा शुरू हो सकता है।

इन टिप्स को भी रखें ध्यान। जैसे:

  • हाथों को क्लीन रखें या सैनेटाइज करें
  • धूल या प्रदूषण वाले जगहों पर जाने से बचें
  • जिन लोगों को सर्दी-जुकाम की समस्या हो उनसे दूर बना कर रखें
  • स्मोकिंग न करें

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ध्यान देने योग्य बातें

साइनस (Sinus) को हमेशा के लिए दूर करने के लिए एक्सपर्ट बताते हैं कि वैसे तो बताए गए योग को सभी उम्र के लोग परफॉर्म कर स्वास्थ्य लाभ उठा सकते हैं। लेकिन इसे करने के लिए प्रैक्टिस चाहिए होती है। इसलिए जरूरी है कि बिना एक्सपर्ट की सलाह और उनके मार्गदर्शन के इसे परफॉर्म नहीं करना चाहिए। वहीं यदि आप नियमित तौर पर योगाभ्यास करते हैं और आपको किसी प्रकार की बीमारी नहीं है तो उस स्थिति में आप इसको कर इसके फायदों को उठा सकते हैं। इससे आपको साइनस संबंधी परेशानी तो कम होगी ही साथ ही आपका स्वास्थ्य और बेहतर होगा। आप रोजमर्रा के कामकाज को आसानी से अंजाम दे पाएंगे।

अगर आप साइनस के लिए योगा से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं, तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा।

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