खुद से प्यार करना है जरूरी, जानें कैसे रखें अपना ख्याल

लेखक मोनिका शर्मा काउंसिलिंग साइकोलॉजिस्ट और लाइफ कोच

कई बार हमें कठिन दौर में जीना पड़ता है। कई व्यक्तिगत और प्रोफेशनल चुनौतियां हैं जिनसे हमारा हर रोज वास्ता पड़ता है। यहां हमने गंभीरता से गौर किया है कि हममें से हर कोई अलग-अलग तरह की लड़ाइयां लड़ रहा है। हमारे आसपास का वातावरण इतनी तेजी से बदलने लगा है कि हमारा इसके साथ चलना मुश्किल होता जा रहा है। हम इन बाहरी कारकों को अपनी पसंद और व्यवहारों पर हावी होने की अनुमति देते हैं और खुशी—खुशी उस चीज को नजरअंदाज कर देते हैं जिसे हमें बनाए रखने की जरूरत होती है, यह स्थिति खतरनाक है। इस स्थिति में हम खुद से प्यार करना भूल जाते हैं

खुद से प्यार करने का क्या अर्थ है?

जो चीज हमें अपने केंद्र में बनाए रखती है, वह है खुद से प्यारमहिला होने के नाते हम ‘आई’ (स्व) से पहले अन्य को रख देते हैं, अपने ‘स्व’ को दूसरों की जिंदगी में लगा देते हैं लेकिन इससे अपने को निर्देशित करना भूल जाते हैं या फिर खुद से प्यार करने की तरफ ध्यान ही नहीं देते। खुद से पूछें, क्या आपका ‘स्व’ अभी जिस मुकाम पर हैं क्या वह खुशहाल जगह पर है? क्या मैंने इसे खुश रखा है, बाहरी अन्य चीजों से लेकर दूसरे लोगों तक के लिए जिस तरह निर्देशित होता है क्या उससे पहले जिस प्यार का यह हकदार है, वह प्यार इसे हमने दिया है?

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खुद से प्यार : प्यार हमेशा खुद से शुरू होता है

प्यार या लगाव हमेशा स्वयं से शुरू होता है। हम ऐसे दौर में जीते हैं जहां प्यार का इजहार ​बढ़ा-चढ़ाकर तत्काल के प्रस्तावों, सोशल मीडिया पर दिखाए गए हाव-भाव और भाव-भंगिमाओं से किया जाता है और इनमें जितने ज्यादा लाइक मिलते हैं, उतना ही खुद का व्यक्तित्व बड़ा समझा जाने लगता है। लेकिन क्या यह प्यार का नया पेशा है जिसे वाकई आंतरिक गहराई से महसूस नहीं किया जा सकता है? यह खुद से प्यार को भी दर्शाता है। सोशल मीडिया पर दर्जनों #SelfLove पोस्ट हैं। लेकिन क्या यह पोस्ट वाकई आपकी आस्था को दर्शाते हैं या आप जिस तरह सोचते हैं कि दूसरे आपको पसंद करें और आपकी सामाजिक छवि के मूल्य बढ़ाएं, क्या उससे वह कंटेंट आप निकाल पाते हैं?

क्या हम प्रतिदिन वाकई खुद से प्यार करते हुए दिख सकते हैं? खुद के लिए फूल, खुशबूदार कैंडल वाली लाइट खरीदें और दिनभर काम के तनावपूर्ण दौर के बाद गुनगुने शॉवर का लुत्फ उठाएं, कार्बोहाइड्रेट संपन्न भोजन का आनंद लें जिससे आपका दिल खिल उठे।

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खुद से प्यार को कैसे पहचानें?

क्या आपने गौर किया है कि जो उत्पाद आप इस्तेमाल करते हैं, उससे आप कितना असर महसूस करते हैं? कोई खास फेस पैक आपको अन्य से ज्यादा लगाव का अहसास देता है। कोई खास शैंपू की खुशबू आपको अपने बालों की खूबसूरती को लेकर ज्यादा आत्मविश्वासी बनाती है और अन्य चीजों से ज्यादा बेहतर एहसास देती है। आइए हम अपनी पसंद का ख्याल करें, खुद से प्यार करें और जिन्हें हम अपने निजी जीवन में स्थान देते हैं और देखें कि इनसे हमारे मन और मिजाज पर कैसा असर पड़ता है।

खुद से प्यार करने के तरीके क्या हैं?

क्या हम सही पर्सनल केयर उपाय और उत्पाद चुन पाते हैं, क्या हम जिन चीजों को अपने शरीर, मस्तिष्क और आत्मा को स्पर्श करने की अनुमति देते हैं, उनके प्रति अधिक समझदार बन पाते हैं। हमारे मिजाज को तरोताजा रखने वाले उत्पाद, हमें खुशहाल रखने वाले लोग, हमें चलते रहने देने वाला जुनून और खुद से प्यार करने की आस्था सभी अन्य चीजों से ऊपर हैं। खुद को बताएं, ‘चूंकि मैं खास हूं, मैंने वही दोस्त चुने हैं जो मुझे खास होने का एहसास देते हैं और प्रतिदिन, हर हफ्ते तथा हर महीने मुझे प्यार करते रहें।’

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1.सही पर्सनल केयर उत्पादों का इस्तेमाल करें। इन्हें ‘पर्सनल केयर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनका मकसद आपके व्यक्तित्व की देखभाल के लिए है। जबसे मैंने अपने रिश्ते को स्नानघर में इस्तेमाल होने वाली चीजों से बदल दिया और एक निश्चित स्तर के लाभांश की अनुमति दी, जिसके लिए मैं तरस रही थी, तब से मैंने अपने मूड में अविश्वसनीय बदलाव का अनुभव किया है। हम अक्सर अनदेखी कर देते हैं कि हमारा स्नानघर हमारा निजी पवित्र स्थान है और वहां हम जो कुछ करते हैं, उससे हमारा मूड और संवेदी कोशिकाएं संचालित होंगी। जब मैं अपने पर्सनल केयर उत्पादों की बात करती हूं तो नवाचार के लिए आवश्यकता से अधिक ध्यान देने लगती हूं।

2. खुद से प्यार करने के लिए आपकी शारीरिक संरचना और आकार के अनुकूल ड्रेस: आज हम जिस तरह दिखते हैं और हमारी शारीरिक संरचना जिस तरह की हो चुकी है, क्या हम उससे वाकई खुश हैं या फिर हम अपनी कमर/ छाती के आकार में बदलाव लाने के लिए लगातार प्रयास करते हैं? आत्मसुधार ऐसी चीज नहीं ​है जिसके लिए डांट खानी पड़े, हम जिस रूप में हैं उसे स्वीकार करते हुए खुद से लगाव वाले सुधारवादी कार्य में जुट जाएं। हमारे लिए आकर्षक लगने वाले साइज जीरो से पहले भी एक खुशहाल दुनिया थी। हम यह नहीं कह रहे कि वजन कम करने के लिए आपको व्यायाम नहीं करना चाहिए, बल्कि व्यायाम शुरू करने की प्रेरणा इस तरह होनी चाहिए कि आप अपने शरीर के इसी आकार से लगाव रखते हुए इसे अपना रही हैं।

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3. जो स्टाइल और कपड़े पहनकर अच्छा महसूस करती हैं, उन्हें तलाशें: कौन से कपड़े, स्टाइल और व्यायाम आपको खुश रखते हैं, सही मायने में आपका व्यक्तित्व निखारे और आपको आनंद का अनुभव दे, उनकी तलाश करें। खुद से प्यार करने के लिए किसी भी सूरत में इनसे कम पर समझौता न करें। स्वयं से प्यार और आत्म स्वीकृति का यह एक सशक्त माध्यम है। यदि आप कहीं अटकते हैं तो डिस्कवरी शॉपिंग ट्रिप पर जाएं और खुद का मनोरंजन करें। अपने वार्डरोब की समीक्षा करें और किसी ऐसी चीज के प्रति निर्मोही बनें जो आपको अच्छा अहसास न देती हो, अपनी पहचान को उजागर करें कि खुद को कैसे अभिव्यक्त कर सकती हैं या क्या आपके अनुकूल नहीं है।

4. प्रतिदिन ‘लवहैबिट्स’ के लिए प्रतिबद्ध रहें: अपने से प्यार के लिए प्रतिदिन की गतिविधियां खुद से प्यार, सम्मान और देखभाल का स्तर प्रदर्शित करने का खूबसूरत तरीका है जिसकी सही मायने में आपको आवश्यकता है। साथ ही ये आपको वास्तव में अच्छा एहसास देते हैं और खुद से प्यार करने में मदद करते हैं। ऐसे लवहैबिट्स को चुनें, जो आपकी आदतों के अनुरूप काम कर सकें, जो आपको उत्पादनशील, प्रेरक और ऊर्जावान बना सकें। किसी तरह के खेद व्यक्त किए बिना प्रतिदिन के लवहैबिट्स के लिए प्रतिबद्धता होनी चाहिए। अपने से प्यार आपका पवित्र दायित्व है। जब आप अपने से गहरा और लगाव भरा संबंध रखते हैं तो आपका संपूर्ण जीवन सकारात्मक रूप से सबसे अविश्वसनीय तरीकों से चलने लगेगा।

5. खुद को आरामदायक आयल मसाज दें: हम ऐसी तेज गति वाली दुनिया में जीते हैं जहां हमारे शरीर को कई सारी बुनियादी जरूरतें पड़ती रहती हैं। समकालीन चुनौतियों का इतना प्रतिकूल प्रभाव रहता है कि हमारे लिए गुड नाइट का ख्वाब लगभग असंभव रहता है। लिहाजा अपनी ताजगी बनाए रखने के लिए आवश्यक तेल का मसाज करें। इससे आपका ऊर्जा स्तर भी बढ़ेगा और आराम भी मिलेगा। पानी के साथ उचित मात्रा में बाथ आयल मिलाने से आपके शरीर को नई ऊर्जा मिलेगी।

तो क्या आप अपने ‘मैं’ को खुशहाल स्थान पर रखने और खुद से प्यार करने के लिए तैयार हैं?

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रिव्यू की तारीख मार्च 13, 2020 | आखिरी बार संशोधित किया गया मार्च 13, 2020

सूत्र
मोनिका शर्मा काउंसिलिंग साइकोलॉजिस्ट और लाइफ कोच

मोनिका शर्मा एक काउंसिलिंग साइकोलॉजिस्ट और लाइफ कोच हैं, जो दिल्ली के वसंत कुंज क्षेत्र में रहकर 12 साल से इस फील्ड में सेवा प्रदान कर रही हैं। वह व्यक्तिगत काउंसलिंग, डिप्रेशन, एंजायटी, सुसाइड प्रीवेन्शन, फोबिया, स्ट्रेस मैनेजमेंट आदि में मदद करती हैं।

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