जानें,सेक्स एजुकेशन क्या है ,और क्यों है समाज में जरूरी

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 23, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें
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कुछ लोग आज भी सेक्स एजुकेशन का नाम सुनते ही गुस्से से लाल-पीले हो जाते हैं…ये कौन सा एजुकेशन है? ये कोई पढ़ने की चीज है? इसको पढ़कर कौन डिप्टी कलेक्टर बन सकता है। उनका मानना है कि सेक्स एजुकेशन कोई पढ़ने का विषय नहीं है। लेकिन आज हम आपको बतायेंगे की सेक्स एजुकेशन क्या है और आपके जीवन में कितना महत्वपूर्ण है। अगर शुरूआत में ही सेक्स के बारे में सही जानकारी नहीं दी जाए,तो बढ़ती उम्र और हार्मोंनल बदलाव के आधार पर बच्चों को इंटरनेट पर आधी-अधूरी जानकारी मिलती है। जिससे उनको सेक्स से जुड़ी कई प्रकार की समस्याओं और गलत आदतों का सामन करना पड़ सकता है। सही जानकारी न होने से सेक्स के दौरान और उसके बाद न केवल आपको, बल्कि आपके पार्टनर को भी कई तरह की समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं। तो वहीं कुछ पढ़े लिखे लोग होते हैं, जो चाहते हैं कि आज के बच्चों को सेक्स एजुकेशन देना बेहद आवश्यक है। उनको यह मालुम होना चाहिए की सेक्स एजुकेशन क्या है, सेक्स एजुकेशन का सही जानकारी न होने से कुछ लोग अपने हार्मोन्स पर कंट्रोल नहीं कर पाते हैं। जिसके चलते उनसे कई तरह की गलतियां हो जाती है।

  • कई बार आपने अपने बच्चे के मुंह से सुना होगा की मम्मी ये बच्चे कैसे पैदा होते हैं? सेक्स क्या होता है? बच्चों के मुंह से ये सवाल सुनते ही आप चौंक जाते हैं कि बच्चे को क्या जवाब दें। यदि बच्चों को शुरूआत में ही सेक्स एजुकेशन के बारे में बताया जाए। तो सेक्स उनके लाइफ का एक साधारण हिस्सा बन सकता है। आधी अधूरी जानकारी के बाद मन में कई तरह की जागरुकता उत्पन्न होती है।

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सेक्स एजुकेशन क्या है?

सेक्स एजुकेशन सभी उम्र के लोगों और महिला-पुरुष दोनों के लिए ही जानना आवश्यक है। इसके कई पहलु हैं, आज कई देशों में सेक्स एजुकेशन बाकी विषय की तरह एक महत्वपूर्ण विषय बना दिया गया है। सेक्स एजुकेशन में सेक्स से जुड़ी एक-एक साधारण और गंभीर बातों पर चर्चा की जाती है। हमारे देश में सेक्स को लेकर क्या-क्या कानून और नियम बनाए गए हैं। इसके बारे में पूरी जानकारी दी जाती है। किस तरह से सेक्स करना हमारे समाज में लीगल माना गया है। इसकी क्या सीमाएं तय की गई हैं, इन सभी बातों की जानकारी व्यवस्थित रूप से दी जाती है। सेक्स एजुकेशन में आपको यह जानकारी भी दी जाती है कि यदि आपकी उम्र के साथ-साथ आपके हार्मोन में बदलाव होता है, तो आप इस बदलाव का सामना कैसे करें। 

नोट:विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा सेक्स एजुकेशन के बारे में यह निर्देश दिया गया था, कि 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों को स्कूल में सेक्स एजुकेशन दी जानी जरूरी है। इसके अलावा इस सर्वे में इस बात का खुलासा हुआ है, कि जिन बच्चों को सेक्स एजुकेशन दी जाती है, वह सही सुरक्षित तरीके से सही उम्र में शारीरिक संबंध बनाते हैं।

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सेक्स एजुकेशन क्यों जरूरी है?

सबसे पहले जानते हैं कि सेक्स एजुकेशन असल में है क्या?  सेक्स एजुकेशन का तात्पर्य केवल सेक्स यानि संभोग से नहीं है, बल्कि यह आपके यौन स्वास्थ्य और यौन समस्या से गहराई के साथ जुड़ा हुआ है। कम जानकारी के कारण बहुत से लोगों को यौन समस्या का सामना करना पड़ता है। जबकि शरीर के बाकी हिस्सों की तरह यौन स्वास्थ्य भी हमारे स्वास्थ्य का जरूरी हिस्सा है। सेक्स एजुकेशन सेक्स से जुड़ी सम्पूर्ण जानकारी प्रदान कराता है। जो इस प्रकार है।

  • सेक्स एजुकेशन में आपको सेक्स से जुड़ी सभी भावनात्मक बातों के बारे में जानकारी दी जाती है।
  • आपके शरीर के यौन संबंधित हिस्सों के बारे में सभी जानकारी को खुलकर बताया जाता है।
  • सेक्स एजुकेशन में बच्चों के जन्म से जुड़ी कई प्रकार की जानकारी दी जाती है।
  • सेक्स (संभोग) के प्रति आपकी जिम्मेदारी को सेक्स एजुकेशन में अच्छी तरह समझाया जाता है।
  • सेक्स एजुकेशन में सेक्स संयम से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी प्रदान की जाती है।
  • दो अलग लिंग के बीच होने वाले आकर्षण के बारे में भी जानकारी सेक्स एजुकेशन में दी जाती है।
  • सेक्स एजुकेशन में बर्थ कंट्रोल के बारे में जानकारी दी जाती है।
  • सेक्स एजुकेशन में प्रेग्नेंसी के बारे में जानकारी दी जाती है।
  • सेक्स एजुकेशन में माहवारी के बारे में जानकारी दी जाती है।
  • शरीर में हाने वाले परिवर्तन के बारे में सभी प्रकार की जानकारियां दी जाती है।
  • प्रजनन से जुड़ी सभी जानकारी सेक्स एजुकेशन में दी जाती है।
  • सेक्स एजुकेशन में दोस्तों, प्रेमियों और उनके साथ संबंध के बारे में जानकारी दी जाती है।

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पुरुषों के लिए सेक्स एजुकेशन की जानकारी

  • पुरुष के प्रजनन अंग को पेनिस कहते हैं। 
  • जब पुरुष किसी प्रकार की उत्तेजना महसूस करते हैं, तो पुरुष के पेनिस में रक्त संचय बड़ जाता है। 
  • रक्त संचय होने के कारण पेनिस बड़ा हो जाता है। उसके आकार में आपको परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
  • पुरुष की उत्तेजना समाप्त होने के पश्चात पुरुष के पेनिस से एक प्रकार का लसलसा पदार्थ निकलता है।
  • पुरुष के पेनिस से निकलने वाले पदार्थ को वीर्य कहते हैं। यह पुरुष के प्रोस्टेट ग्रंथि से बाहर निकलता है। इसमें मौजूद शुक्राणुओं की संख्या 20 करोड़ से अधिक होती है।
  • पुरुष हार्मोन्स को बनाने वाली अंडकोष पुरुष के पेनिस के नीचे स्थित होता है। यह पुरुष के शरीर का एक बहुत महत्वपूर्ण और सेंसटिव भाग होता है। जिसमें मामुली चोट भी बहुत दर्दनाक होती है। इसी अंडकोष में पुरुष शुक्राणु का निर्माण होता है।

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महिलाओं के लिए सेक्स एजुकेशन की जानकारी

  • ब्रेस्ट यानि स्तन महिलाओं के शरीर का बहुत ही आकर्षक अंग होता है। बाल्यावस्था के बाद किशोरावस्था में आने के बाद लड़कियों के शरीर में परिवर्तन होना शुरु होत हैं। महिला शरीर में  होने वाले परिवर्तन में सबसे पहले उनके स्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगते है। शिशु होने के पश्चात महिलाओं के स्तन से दूध निकलने लगता है। जिससे शिशु का स्तनपान कराया जाता है।
  • इसके बाद महिलाओं में गर्भाशय वजायना के ऊपर स्थित होता है। महिला गर्भाशय में अंडे का विकास होता हैं, जिससे हर महीने मासिक धर्म होता है।
  • वजायना महिला शरीर का बहुत ही नाजुक हिस्सा होता है। वजायना के अंदर एक परत होती है जिसे हाइमन कहते हैं। जो पहली बार सेक्स करने (यौन संबंध बनाने) से या रस्सी कुदने से,दौड़ने,भार उठाने से टूट जाती है। वजायना महिला शरीर का सबसे संकुचित हिस्सा होता है।
  • महिलाओं के मासिक धर्म के दौरान वजायना के अंदर से चार से सात दिनों तक रक्त निकलता है।

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सेक्स एजुकेशन में यौन क्रियाओं के बारे में जानकारी

यौन संबंध क्या है?

यौन संबंध यानि सेक्स,संभोग इसको कई नाम से जाना जाता है। दो लोगों की इच्छा से उनके बीच उनके जननांगो में होने वाले इंटरकोर्स को सेक्स कहते हैं। यदि इसे सरल भाषा में कहे तो दो लोगों के बीच होने वाले शारीरिक संबंध को सेक्स कहते हैं।

पुरुषों में यौन समस्या क्या है?

पुरुषों में यौन समस्या कई बार प्रकार की होती हैं। यह कई बार साधारण होती हैं। तो कई बार गंभीर होती है। स्वप्न दोष पुरुष यौन समस्या का एक साधारण हिस्सा है। यदि आपको यौन से जुड़ी किसी प्रकार की गंभीर समस्या है तो आपको बे झिझक अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

सेक्स और रिश्ते में क्या संबंध है?

यदि आप अपने सेक्स पार्टनर से प्यार करते हैं। आप दोनों के बीच एक लगाव और प्यार का रिश्ता है, तो आपकी सेक्स लाइफ ज्यादा अच्छी होती है।

हस्तमैथुन क्या है?

आजकल वयस्कों में हस्तमैथुन यानि मास्टरबेशन करना एक तरह से सामान्य बात हो गई है। अपनी उत्तेजना को शांत करने के लिए मास्टरबेशन सुरक्षित, और आनंददायक उपाय होता है। यह तनाव या किसी अन्य कारण से शरीर की ऐंठन को कम करता है और इसका कोई बुरा दुष्प्रभाव भी नहीं है। यह सबसे सुरक्षित सेक्स भी है अगर आपको पता चले कि आपके किशोर हस्तमैथुन कर रहे हैं, तो चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। हस्तमैथुन यौन भावना को संतुष्ट कर सकता है और किशोर अपने शरीर को जानने में मदद कर सकता है। मास्टरबेशन केवल पुरुषों में नहीं होता है। महिलाएं भी अपनी कामेच्छा पूर्ति के लिए लिए मास्टरबेशन करती हैं।

क्या बिना प्यार के सेक्स करना सही है?

यहां किसी को को जज नहीं किया जा रहा है। लेकिन बिना प्यार और लगाव के किसी के साथ सेक्स करने अर्थात कामवासना (भोग- विलास का जरिया) को पूरा करने का एक जरिया मानते हैं।

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क्या सेक्स के लिए साथी की सहमति लेना जरूरी है?

सेक्स करने से पहले अपने साथी की सहमति लेना बेहद आवश्यक होता है। भले ही आप सेक्स के लिए पूरी तरह से तैयार हैं लेकिन बिना अपनी साथी की सहमति के सेक्स नहीं करना चाहिए। पति-पत्नि के रिश्ते में भी अपने साथी की इच्छा का सम्मान करना चाहिए। बिना उसकी इच्छा के सेक्स नही करना चाहिए।

बलात्कार क्या है?

किसी की इच्छा के विरुद्ध जाकर अपनी ताकत के बल पर उसके साथ सेक्स करना बलात्कार कहा जाता है। यह कानूनन अपराध है। सेक्स चाहे एनल सेक्स हो या ओरल सेक्स हो बिना इच्छा के किया गया सेक्स बलात्कार कहलाता है। जबरदस्ती अपनी पेनिस या कोई भी अन्य वस्तु को महिला के जननांग में बल पूर्वक डालना भी बलात्कार कहलाता है। यह एक दंडनीय अपराध है। 

यौन शोषण क्या है?

बालिग या नाबालिक बच्चों से अश्लीलता से बात करना,उनके शरीर के प्राइवेट पार्ट को छुना,अपने शारीरिक सुख के लिए कोई गलत कार्य कराना, गलत इशारा करना यौन शोषण कहलाता है।

यौन उत्पीड़न क्या है?

अपने शारीरिक सुख के लिए किसी की मजबूरी का फायदा उठाकर सेक्स करना, शारीरिक और मानसिक रूप से दबाव डालकर सेक्स करने को यौन उत्पीड़न कहते हैं।

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एनल सेक्स क्या है?

एनल सेक्स (गुदा मैथुन) भी एक सेक्शुअल एक्टिविटी है।एनल काफी संवेदनशील हिस्सा होता है, क्योंकि इसमें काफी नसों के सिरे (नर्व एंडिंग) मौजूद होते हैं। आपको एनल सेक्स करते हुए साफ-सफाई और कुछ खास सावधानियों का बहुत ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि इससे कई प्रकार के संक्रामण होने की संभावना होती है।

ओरल सेक्स क्या है?

ओरल सेक्स का मतलब अपने पार्टनर को अपने मुंह, जीभ, होंठ आदि का उपयोग करके उसके जननांगों और बाकी संवेदनशील शारीरिक हिस्सों को उत्तेजित करना होता है। ओरल सेक्स में ओरल एक्टिविटी के साथ पार्टनर के पेनिस, वजायना या एनस के साथ प्ले किया जाता है

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घर में दे बच्चों को सेक्स एजुकेशन की शुरुआती शिक्षा

वो कहते है न परिवार का दिया ज्ञान ही बच्चों की शिक्षा की पहली सीढ़ी होती है। जिसे वो जीवन में कभी नहीं भूलते हैं। इसलिए सेक्स एजुकेशन की शुरुआत सबसे पहले घर से होनी चाहिए। अपने बच्चों को सेक्स से जुड़ी छोटी-छोटी बातों को बताना शुरू कर देना चाहिए। जिससे बाद में उन्हें सेक्स एक आम जानकारी की तरह ही लगे। जिससे वो महिला और पुरुष में अंतर स्पष्ट कर पाएं। उम्र के साथ हो रहे शरीर में बदलाव को समझ पाएं। इसके साथ ही उन्हें समझदारी के साथ हैंडल भी कर पाएं।

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सामाजिक सेक्स एजुकेशन क्या है?

सामाजिक सेक्स एजुकेशन में ये बातें शामिल हैं।

    • बाईसेक्शुअल, जब किसी पुरुष या महिला की रुचि महिला पुरुष दोनों लिंगों में होती है। तो उसे बाइसेक्शुअल कहते हैं।
    • गे, जब किसी पुरुष की रूचि महिला में न होकर बल्कि पुरुष में  होती है, तो उन्हें गे कहते हैं।
    • ट्रांसजेंडर,ये शब्द उन लोगों के लिए प्रयोग किया जाता है जिनकी एक लिंग पहचान या अभिव्यक्ति उस लिंग से अलग होती है, जो उन्हें उनके जन्म के समय दी गई होती है।
    • लेस्बियन, जब किसी महिला की रूचि पुरुष में न होकर बल्कि महिला में होती है, तो उन्हें लेस्बियन कहते हैं।

नोट: सेक्स एजुकेशन एक महत्वपूर्ण शिक्षा है। जिसका दैनिक जीवन में बहुत महत्व है।

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