Dengue : डेंगू क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और इलाज

By Medically reviewed by Dr. Pooja Bhardwaj

डेंगू क्या है ?

डेंगू (Dengue) का बुखार एक संक्रामक रोग है, जो मच्छर के काटने से होता है। इस बीमारी को अंग्रेजी में ब्रेक-बोन (Break-Bone Fever) यानी हड्डी तोड़ बुखार की भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस बुखार में मरीज को हड्डी टूटने जैसा दर्द होता है।

शुरुआती समय में डेंगू की वजह से बहुत तेज बुखार, शरीर पर लाल चकत्ते और जोड़ों के दर्द जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं। लेकिन, डेंगू के बिगड़ने पर खून बहना और ब्लड प्रेशर में अचानक गिरावट जैसे लक्षण सामने आते हैं। गंभीर मामलों में व्यक्ति की मौत भी हो जाती है।

डेंगू का बुखार कितना सामान्य है?

हर साल दुनिया भर में डेंगू के लाखों मामले सामने आते हैं। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकता है। आमतौर पर, यह बुखार बारिश के मौसम में या उसके खत्म होने के बाद उष्ण कटिबंधीय इलाकों में ज्यादा होता है। यानी ऐसे इलाके जहां गर्मी और उमस ज्यादा हो, वहां यह संक्रामक रोग तेजी से फैलता है।

इन देशों में ज्यादा फैलता है 

  • अफ्रीका,
  • दक्षिण-पूर्वी एशिया और चीन,
  • भारत,
  • मध्य पूर्व देश,
  • कैरेबियाई देश और दक्षिणी अमेरिका,
  • ऑस्ट्रेलिया

डेंगू के लक्षण

इसके तीन तरह के बुखार होते हैं, पहला क्लासिक डेंगू (साधारण) classic dengue, दूसरा हेमरेजिक बुखार (डीएचएफ) dengue hemorrhagic fever और तीसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम dengue shock syndrome

क्लासिकल(साधारण) डेंगू

इसे मूल रूप से डेंगू का सबसे शुरुआती बुखार माना जाता है। इसमें संक्रमित मच्छर के काटने के बाद चार से सात दिन तक बुखार रहता है। इसके साथ नीचे बताए गए लक्षण भी दिखाई देते हैं :

  • 105 डिग्री तक बुखार,
  • तेज सिर दर्द,
  • आंखों के पीछे दर्द,
  • जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द,
  • जी मिचलाना और उल्टी आना

बुखार आने के तीन-चार दिनों के अंदर लगभग पूरे शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई देने लगते हैं। ये एक-दो दिन में कम हो जाते हैं और फिर दोबारा से आ जाते हैं।

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डेंगू हेमरेजिक बुखार (डीएचएफ)

इसके हेमरेजिक बुखार में क्लासिक बुखार के सभी लक्षणों के साथ निम्न लक्षण दिखाई देते हैं :

  • नाक और मसूड़ों से खून आना।
  • शौच या उल्टी में खून आना।
  • स्किन पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े निशान पड़ जाना।
  • इस तरह के डेंगू के बुखार से मौत भी हो सकती है।

डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस)

डेंगू शॉक सिंड्रोम यानी डीएसएस सबसे खतरनाक माना जाता है। इस बुखार में क्लासिक डेंगू, डीएचएफ के लक्षणों के साथ-साथ ‘शॉक’ की अवस्था के निम्न लक्षण दिखाई देते हैं :

  • रक्त वाहिकाओं से खून बहना।
  • मरीज को बेचैनी, बेहोशी और लो-ब्लड प्रेशर की वजह से दौरे पड़ना।
  • तेज ब्लीडिंग होना।

इस तरह का डेंगू आमतौर पर बच्चों और कई बार वयस्कों में देखा जाता है, जिन्हें दूसरी बार डेंगू होता है। कई बार ये बच्चों और युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। इस बुखार में कई अन्य तरह के लक्षण भी दिखाई देते हैं। अगर आपको ऐसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?

अगर आप किसी डेंगू प्रभावित जगह पर गए हों और आपको अचानक से बुखार आ जाता है, तो ऐसी स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। हर व्यक्ति का शरीर इन स्थितियों में अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है। इसलिए सबसे बेहतर है कि आप डॉक्टर की सलाह लें।

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डेंगू होने के कारण

यह एक संक्रामक रोग है, जो एक वायरस की वजह से होता है। ये वायरस एक मच्छर के काटने से फैलता है। इस वायरस के चार प्रकार हैं। हर वायरस को डीईएन-1,2,3,4 (DEN-1,2,3,4) के नाम से जाना जाता है। मच्छरों की एक खास प्रजाति एडेस एजिप्टी और एडेस अल्बोपिक्टस को इसके लिए जिम्मेदार बताया जाता है। इस प्रजाति के मच्छर किसी भी व्यक्ति को काटकर इन्फेक्शन फैला सकते हैं। हालांकि, डेंगू ठीक होने के बाद आपकी इम्युनिटी ठीक होने लगती है, लेकिन इसकी भी कुछ सीमाएं हैं। जैसा कि इसके चार वायरस होते हैं और इसी वजह से आप दोबारा इसके शिकार बन सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप लक्षणों को पहचानते हुए सही समय पर सही इलाज कराएं।

इन चीजों से बढ़ सकता है डेंगू का खतरा

ऊष्णकटिबंधीय इलाके जहां ज्यादा गर्मी और उमस होती है, ऐसी जगहों पर जाना आपको इस बीमारी के करीब ला सकता है। ऐसी जगहों पर मच्छरों की वजह से इसके वायरस तेजी से फैलते हैं। अगर आपको पहले डेंगू हो चुका है, तो आपके दोबारा इसके होने का खतरा बढ़ सकता है।

कैसे करें डेंगू का उपचार ?

नोट- यह जानकारी किसी भी स्वास्थ परामर्श का विकल्प नहीं हैं। हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

ऐसे की जाती है डेंगू की जांच

इसका इलाज थोड़ा मुश्किल माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार इसके लक्षण दूसरी बीमारियां जैसे मलेरिया, टायफॉइड आदि के लक्षणों की तरह दिखते हैं, जिसे पहचान पाना मुश्किल हो सकता है।

डॉक्टर सबसे पहले आपके स्वास्थ और आपके हाल ही में किसी दूसरी जगह घूमने जाने के बारे में पूछ सकते हैं। हमेशा डॉक्टर को इस बारे में सही जानकारी दें। अगर आप कहीं विदेश गए हों या ऐसी जगह जहां आपका संपर्क मच्छरों से हुआ हो, तो इस बारे में डॉक्टर को बताएं।

कई तरह के लैब टेस्ट से इस वायरस का पता लगा सकते हैं।

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ऐसे शुरू होता है डेंगू का इलाज

यूं तो इसका कोई खास इलाज नहीं है, लेकिन आमतौर पर लोग दो हफ्तों में ठीक होने लगते हैं। इसमें सबसे जरूरी है इसके लक्षणों को रोकना, जिससे सबसे ज्यादा समस्या पैदा होती है। इसके लिए डॉक्टर नीचे बताई सलाह देता है :

  • जितना ज्यादा हो सके उतना आराम करें।
  • जितना ज्यादा हो सके लिक्विड डायट लें।
  • डॉक्टर की सलाह से बुखार और दर्द कम करने के लिए दवा लें।
  • दर्द की ऐसी दवाएं ना लें, जिससे ब्लीडिंग की समस्या बढ़ जाए, जैसे कि एस्पिरिन (aspirin), आईब्रूफेन (ibuprofen) और नेप्रॉक्सिन सोडियम (naproxen sodium)।

इसके बिगड़ने पर शॉक या दौरे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है, जिसमें तुरंत इलाज की जरूरत होती है।

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डेंगू से बचने के लिए जीवनशैली में करें ये बदलाव

इससे बचने के लिए आपको बहार निकलने से पहले इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है, जैसे कि :

  • जितना हो सके एयर कंडीशन रूम में या ऐसी जगह रहें जहां मच्छर ज्यादा न हो, खासकर रात में।
  • बाहर आने-जाने के समय में बदलाव करें। सुबह, शाम होने के पहले मच्छरों की तादाद ज्यादा होती है।
  • ज्यादा मच्छरों वाली जगहों पर जितना हो सके शरीर को ढक कर रखें। लंबे स्लीव वाले शर्ट, लंबे पैंट और मोजे पहनें।
  • मच्छर भगाने वाली दवाइयों का इस्तेमाल करें। आप पर्मेथ्रिन (permethrin) का भी इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आप कपड़ो, जूतों और बिस्तर के आसपास भी लगा सकते हैं। आप पर्मेथ्रिन से बने कपड़े भी खरीद सकते हैं। स्किन के लिए मच्छर भगाने वाली ऐसी क्रीम का इस्तेमाल करें, जिसमें डीईथाइल मैथिलबेन्जामाइड (DEET Diethyl-3-methylbenzamide) की मात्रा कम से कम 10 प्रतिशत हो।
  • डेंगू पैदा करने वाले मच्छरों की रोकथाम करें। ऐसे मच्छर घरों के आसपास ठहरे हुए पानी में पैदा होते हैं। जितना हो सके ऐसे मच्छरों की रोकथाम के लिए कदम उठाएं।
  • अगर आपको अपनी समस्या को लेकर कोई सवाल हैं, तो कृपया अपने डॉक्टर से परामर्श लेना ना भूलें।

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रिव्यू की तारीख जुलाई 6, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया नवम्बर 30, 2019

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