home

What are your concerns?

close
Inaccurate
Hard to understand
Other

लिंक कॉपी करें

क्या वेजीटेरियन या वेगन लोगों को स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है?

क्या वेजीटेरियन या वेगन लोगों को स्ट्रोक का खतरा ज्यादा होता है?

काफी हद तक सभी लोग यह बात मानते हैं कि वेजिटेरियन डायट से हृदय रोग के जोखिम का खतरा कम होता है। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी की माने तो लोग वेगन और शाकाहारी आहार खाते हैं, उनमें हार्ट डिजीज की संभावना कम लेकिन स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। आपको बता दें कि दुनिया भर में मौत का दूसरा सबसे आम कारण स्ट्रोक है और इसे विकलांगता का भी एक मुख्य कारण माना जाता है। जर्नल ऑफ हाइपरटेंशन द्वारा किये गए रिसर्च के अनुसार वेजिटेरियन लोगों में नॉन-वेजिटेरियन लोगों की तुलना में हाय ब्लड प्रेशर होने का खतरा 34 प्रतिशत कम हो जाता है।

शाकाहारी आहार और स्ट्रोक का क्या संबंध है? क्या शाकाहारी भोजन से स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है? जानते हैं “हैलो स्वास्थ्य” के इस आर्टिकल में –

स्ट्रोक क्या है?

स्ट्रोक अलग-अलग विकारों से होने वाली तकलीफ है, जो कि विभिन्न मेकेनिज्म के अनुसार बदलता रहता है। हाई ब्लड प्रेशर, एथेरोस्क्लेरोसिस (atherosclerosis) या एट्रिअल फिब्रिलेशन (atrial fibrillation), या अक्सर इन तीनों का एक संयोजन ही स्ट्रोक का कारण बनता है। असल में स्ट्रोक ब्लड वेसल के ब्लॉक हो जाने के कारण या मस्तिष्क में ब्लीडिंग होने के कारण होता है।

और पढ़ें : दिमाग को क्षति पहुंचाता है स्ट्रोक, जानें कैसे जानलेवा हो सकती है ये स्थिति

कहीं आपको भी स्ट्रोक का खतरा तो नहीं?

स्ट्रोक कई प्रकार के होते हैं जिन्हें मुख्य रूप से 3 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। जैसे की इस्केमिक अटैक, इस्केमिक स्ट्रोक और रक्तस्रावी स्ट्रोक। स्ट्रोक का कारण इन्हीं श्रेणियों पर निर्भर करता है।

विशेष प्रकार से स्ट्रोक होने का खतरा कई जीवनशैलियों के व्यवहार पर भी निर्भर करता है। नैशनल हार्ट, लंग एंड ब्लड इंस्टिट्यूट के मुताबिक जितने ज्यादा जोखिम कारक होंगे उतना अधिक आपको स्ट्रोक होने का खतरा रहेगा।

स्ट्रोक का मुख्य जोखिम कारक आहार को माना जाता है। अनहेल्दी फूड के सेवन से स्ट्रोक की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में खासतौर से पुरुषों और 60 वर्ष से अधिक उम्र लोगों में देखा गया है।

नमक, सैचुरेटेड फैट, ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रॉल के अधिक स्तर के सेवन करने से स्ट्रोक हो सकता है। इसके अलावा अगर आप खराब डाइट के साथ गतिहीन भी हैं, तो आप में स्ट्रोक होने का खतरा और भी अधिक बढ़ सकता है।

और पढ़ें – लॉकडाउन में वजन नियंत्रण करने के लिए अपनाएं ये टिप्स

शाकाहारी आहार और स्ट्रोक पर क्या कहती है रिसर्च?

ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित शोध में 18 साल तक के 48,000 लोगों की जांच की गई। रिसर्च में पाया गया है कि नॉन-वेजिटेरियन लोगों की तुलना में वेजिटेरियन में हृदय रोग के 10 कम मामले और प्रति 1,000 पर तीन अधिक स्ट्रोक के मामले थे। हालांकि, यह साबित नहीं हो पाया है कि शाकाहारी लोगों पर स्ट्रोक का प्रभाव उनके आहार या उनकी जीवनशैली के किसी अन्य पहलू के कारण है या नहीं।

और पढ़ें : राइट ब्रीदिंग हैबिट्स तनाव दूर करने से लेकर दे सकती हैं लंबी उम्र तक

शाकाहारी आहार और स्ट्रोक

अपने प्रतिदिन के आहार में फलों, सब्जियों और अनाज का सेवन करने से और मीट और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन ना करने से मोटापा, उच्च रक्तचाप, डिस्लिपिडेमिया (Dyslipidemia) और डायबिटीज जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।

अध्ययनों से पता चला है कि इन स्थितियों के उपचार में कम वसा वाले और हाई फाइबर वाले प्लांट-आधारित आहारों के उपयोग से सेहत को बेहद लाभ मिलता है। इसके अलावा इस डायट पैटर्न से एथेरोस्क्लेरोसिस को रोका या रिवर्स किया जा सकता है। भले ही किए गए शोध के निष्कर्ष कम हैं और स्ट्रोक उपप्रकारों पर पोषण के प्रभावों के बारे में सीमित और असंगत हैं।

और पढ़ें : जानें दौड़ने से सेहत को होने वाले फायदे और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियां

शाकाहारी आहार से स्ट्रोक का नहीं बढ़ता खतरा

“हेमरेजिक (रक्तस्रावी) स्ट्रोक एक तरह का स्ट्रोक होता है, जो कमजोर ब्लड वेस्ल्स के टूटने के कारण होता है। इससे मस्तिष्क में रक्त का रिसाव होना शुरू हो जाता है। डॉ. ईश्वर संकरा, न्यूरोटेंसिविस्ट और टेक्सॉस हेल्थ फोर्ट वर्थ मेडिकल स्टाफ, वर्थ फोर्ट के न्यूरोकार्टिकल केयर एसोसिएट्स के अनुसार “स्ट्रोक के ज्यादातर सामान्य कारणों में अनियंत्रित उच्च रक्तचाप, ब्रेन एन्यूरिज्म (brain aneurysm) का टूटना या मस्तिष्क में असामान्य रक्त वाहिका का टूटना शामिल होता है। इस प्रकार के स्ट्रोक अक्सर अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं और ब्लड क्लॉट के कारण होने वाले इस्केमिक स्ट्रोक (Ischemic stroke) की तुलना में अधिक घातक हो सकता है।”

[mc4wp_form id=”183492″]

हाल ही में किये गए शोध में पाया गया है कि वेगन या शाकाहारी आहार और स्ट्रोक करने वाले लोगों को कोरोनरी हृदय रोग का खतरा कम होता है, लेकिन शाकाहारी आहार और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि प्लांट आधारित आहारों (plant based foods) में कुछ आवश्यक पोषक तत्वों की कमी होती है, लेकिन इस बात की पुष्टि करने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है। स्वास्थ्य और विकास के लिए, मानव मस्तिष्क को डीएचए (DHA) नामक वसा की आवश्यकता होती है, जो केवल मीट में पाया जाता है। जबकि प्लांट खाद्य पदार्थों में एएलए (ALA) नामक एक पदार्थ होता है, जिसे डीएचए में बदला जा सकता है।

और पढ़ें : एक्सरसाइज से पहले खाएं ये चीजें, बढ़ेगी ताकत और दमदार होंगे मसल्स

शाकाहारी आहार से स्ट्रोक का रोकथाम – प्लांट-बेस्ड डायट के लाभ

वेगन या वेजिटेरियन डायट को फॉलो करना आपके शरीर के लिए बेहद लाभदायक है। शोध से पता चलता है कि प्लांट-बेस्ड डायट फाइबर से भरपूर होती हैं, इसमे संतृप्त वसा कम होती है और फाइटोकेमिकल्स की मात्रा अधिक होती है, जो कई गंभीर बीमारियों को रोकने में मदद करता हैं।

इसके साथ ही एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के परिणाम से यह भी पता चला है कि शाकाहारी आहार और स्ट्रोक खाने वाले व्यक्तियों में मांस खाने वालों की तुलना में 40% कम कैंसर विकसित होता हैं। प्लांट-बेस्ड डायट हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम कर सकते हैं – इसके साथ ही वे टाइप 2 डायबिटीज को रोकने की क्षमता भी रखते हैं।

और पढ़ें : कैंसर में एक्युपंक्चर हो सकता है मददगार, जानें कैसे होता है इसका असर

सामान्य पोषण संबंधी कमियां

वेगन और वेजिटेरियन फूड्स आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन एनिमल प्रोडक्ट्स का सेवन एकदम भी न करने से हो सकता है आपके शरीर को कुछ जरूरी पोषक तत्व ना मिले। बहुत से लोग मानते हैं कि प्लांट-बेस्ड डायट में प्रोटीन की मात्रा पर्याप्त नहीं होती है। लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है। दाल, बीन्स, छोले, नट्स, सोया प्रोडक्ट्स, साबुत अनाज आदि प्रोटीन के बेहद अच्छे स्रोत हैं।

शाकाहारी और वेगन डायट लेने वाले व्यक्तियों में विटामिन बी -12, विटामिन डी और अन्य पोषक तत्वों की कमी के कारण न्यूरोलॉजिकल बीमारी हो सकती है। अगर आपके शरीर में किसी भी पोषक तत्व की कमी है तो आपको कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पोषक तत्वों की कमी, विशेष रूप से विटामिन बी -12, अन्य बी विटामिन जैसे फोलिक एसिड (बी -9) और बी -6, स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। वेगन और शाकाहारी आहारों की सामान्य पोषण संबंधी कमियां निम्नलिखित हैं:

विटमिन डी

विटामिन डी का नेचुरल सोर्स धूप है। विटामिन डी के साथ कैल्शियम बेहद जरूरी है, यह आपकी हड्डियों को हेल्दी बनाए रखने के लिए आवश्यक है। धूप के संपर्क में आने से विटामिन डी आसानी से मिल जाता है। लेकिन सीधी धूप भी केवल सीमित समय के लिए ही लें।

और पढ़ें : दिल ही नहीं पूरे शरीर को फिट बना सकती है कयाकिंग

विटमिन बी12

विटामिन बी12 बैक्टीरिया द्वारा बनता है और मुख्य रूप से डेयरी, मीट और अंडे जैसे पशु उत्पादों में पाया जाता है। हालांकि कई प्लांट फ़ूड में भी बी 12 (जैसे नूट्रिशनल यीस्ट और कुछ प्लांट मिल्क) होता है।

और पढ़ें : Vitamin B-12: विटामिन बी-12 क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

ओमेगा-3 फैटी एसिड

ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आमतौर पर मछली और अंडे ओमेगा-3 फैटी एसिड के समृद्ध स्रोत हैं लेकिन इसकी मात्रा चिया के बीज, फ्लैक्ससीड्स और अखरोट में भी होती है।

और पढ़ें : मछली खाने के फायदे जानकर हो जाएंगे हैरान, कम होता है दिल की बीमारियों का खतरा

आयरन

आमतौर पर हरी पत्तेदार सब्जियां, साबुत अनाज, दाल, मटर, और सूखे मेवे में आयरन की मात्रा भरपूर होती है। विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों को इनके साथ मिलाने से आयरन के अवशोषण में मदद मिलती है।

और पढ़ें : इन 15 लक्षणों से जानें क्या आपको आयरन की कमी है?

जिंक

जिंक कई तरह के बीन्स, फलियां और साबुत अनाज में पाया जा सकता है, लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन पौधों में पाए जाने वाले फाइटिक एसिड जिंक अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं। हालांकि, खाना पकाने से पहले अनाज और बीन्स को भिगोने या अंकुरित करने से फाइटिक एसिड कम हो जाता है।

और पढ़ें : सिर्फ डायट बढ़ाने से नहीं बनेगी बात, वेट गेन करना है तो ऐसा भी करें

सही पोषक तत्वों के लिए हमें क्या-क्या खाना चाहिए?

  • दिन में कम से कम पांच भागों में फल और सब्जियां खाएं।
  • हाई फाइबर और स्टार्च वाले खाद्य पदार्थों जैसे:आलू, रोटी, चावल का सेवन करें।
  • आहार में प्रोटीन अवश्य ले – लीन मीट, मछली, सी फ़ूड, दाल, टोफू या अनसाल्टेड नट्स खाएं।
  • डेयरी या डेयरी विकल्प पदार्थों का सेवन करें।
  • वसा, शर्करा या नमक में उच्च खाद्य पदार्थों को कम और सीमित मात्रा में खाएं।

शाकाहारी आहार और स्ट्रोक खाने वाले व्यक्तियों को विशिष्ट पोषक तत्वों का पर्याप्त सेवन करने के लिए विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।

और पढ़ें : हृदय रोग के लिए डाइट प्लान क्या है, जानें किन नियमों का करना चाहिए पालन?

उदाहरण के लिए, मांस, डेयरी और मछली खाने वाले लोगों में आमतौर पर विटामिन बी 12 होता है, जो स्वस्थ रक्त और तंत्रिका तंत्र के लिए आवश्यक होते हैं। वहीं, वेगन डायट लेने वालों में इसकी कमी हो सकती है। प्लांट-आधारित खाद्य पदार्थों से आयरन भी आसानी से अवशोषित हो जाता है, इसलिए जो लोग मांस खाना पसंद नहीं करते हैं उन्हें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि वे गेहूँ की ब्रेड और आटा, सूखे मेवे और दालें जैसे खाद्य पदार्थ अपने आहार में शामिल करें। स्ट्रोक की स्थिति में दवा प्रिस्क्राइब की जा सकती है

शाकाहारी आहार से स्ट्रोक का जोखिम बढ़ता है। इस बारे में अभी और रिसर्च होने की जरूरत है। शाकाहारी आहार और स्ट्रोक से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं।

आहार से जुड़ी खास जानकारी के लिए इस वीडियो लिंक पर क्लिक करें:

आपकी थाली (आहार) में क्या-क्या होना चाहिए?

वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन डायट में निम्नलिखित तरह की होनी चाहिए। जैसे:

  • मौसमी फलों का रोजाना सेवन करें।
  • रोजाना रोटी, चावल, दाल, सब्जी और सलाद रोज खाएं।
  • कम फैट वाले मीट या मछली का सेवन करें।
  • डेयरी प्रोडक्ट का सेवन करें
  • अत्यधिक फैट, चीनी या नमक का सेवन न करें।

हेल्दी डायट फॉलो कर किसी भी बीमारी से बचा जा सकता है और आप स्वस्थ्य रह सकते हैं।

health-tool-icon

बीएमआर कैलक्युलेटर

अपनी ऊंचाई, वजन, आयु और गतिविधि स्तर के आधार पर अपनी दैनिक कैलोरी आवश्यकताओं को निर्धारित करने के लिए हमारे कैलोरी-सेवन कैलक्युलेटर का उपयोग करें।

पुरुष

महिला

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

Plant-based diets are best… or are they?/https://www.health.harvard.edu/blog/plant-based-diets-are-best-or-are-they-2019103118122/Accessed on 14th Sep 2020

A plant-based diet and stroke/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5466937/Accessed on 14th Sep 2020

Risks of ischaemic heart disease and stroke in meat eaters, fish eaters, and vegetarians over 18 years of follow-up: results from the prospective EPIC-Oxford study/https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6724406/Accessed on 14th Sep 2020

Plant-Based Diets/https://www.pcrm.org/good-nutrition/plant-based-diets/Accessed on 25th Nov 2020

लेखक की तस्वीर badge
Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/11/2020 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड