कहीं आप में भी तो नहीं है ये लंग कैंसर के लक्षण

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट October 28, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

जिंदगी जीने के लिए जरूरी है,सांस लेना और सांस लेने के लिए जरूरी है शरीर में फेफड़े का होना। लेकिन, जब फेफड़ा ही बीमार हो जाए तो क्या करेंगे? फेफड़ों में होने वाली बीमारियों में से एक खतरनाक बीमारी लंग कैंसर है। लंग कैंसर के लक्षण देखने में सामान्य लगते हैं, लेकिन ध्यान न देने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकते हैं। लंग कैंसर के लक्षण सामने आने से पहले फेफड़े में कैंसर सेल्स अपना पूरा कब्जा जमा चुकी होती है। जो धूम्रपान और एल्कोहॉल के सेवन से होता है।

और पढ़ें : हेल्दी लंग्स पाने के लिए करें ये लंग्स एक्सरसाइज

लंग कैंसर क्या है?

फेफड़े का कैंसर (Lung Cancer) एक सामान्य कैंसर है। लंग कैंसर एक या दोनों फेफड़ों में हो सकता है। लंग टिश्यू असामान्य गति से बढ़ते हुए एक ट्यूमर का रूप ले लेते हैं, तब लंग कैंसर हो जाता है। शरीर में फेफड़े सांस लेने में मदद करते हैं और आपके शरीर के बाकी हिस्सों को ऑक्सीजन पहुंचाते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, कैंसर से होने वाली मौतों में सबसे ज्यादा जान लंग कैंसर के कारण जाती है। लंग कैंसर जैसे-जैसे बढ़ते हैं, असामान्य कोशिकाएं ट्यूमर बना सकती हैं। जिससे फेफड़े शरीर को ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाते हैं और वह सही से काम भी नहीं करते हैं। 

लंग कैंसर के लक्षण क्या हैं?

लंग कैंसर के लक्षण तब तक सामने नहीं आते हैं, जब तक वह पूरी तरह से फेफड़े को अपने कब्जे में न ले लें। लेकिन कुछ मामलों में लंग कैंसर के लक्षण शुरुआत में ही सामने आने लगते हैं। अगर आप पहले से ही लंग कैंसर के लक्षण पर ध्यान दें, तो आपके लंग कैंसर का इलाज संभव है। क्योंकि उस समय लंग कैंसर फर्स्ट स्टेज का हो सकता है।

लंग कैंसर के लक्षण में से हर लक्षण कैंसर का हो ये जरूरी नहीं। फिर भी, अगर आपको कोई भी समस्या हो तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं, ताकि वक्त रहते लंग कैंसर के लक्षण का पता लगा कर इलाज किया जा सके। लंग कैंसर के लक्षण निम्न हैं : 

अगर फेफड़ों का कैंसर शरीर के अन्य हिस्सो में फैल जाता है, तो निम्न लक्षण सामने आते है:

और पढ़ें : ‘पॉ द’ऑरेंज’ (Peau D’Orange) कहीं कैंसर तो नहीं !


लंग कैंसर के लक्षण के साथ कुछ अन्य सिंड्रोम भी हो सकते हैं : 

हॉर्नर सिंड्रोम (Horner syndrome)

फेफड़ों के ऊपरी हिस्से के कैंसरों को पैनकोस्ट ट्यूमर कहा जाता है। पैनकोस्ट ट्यूमर स्मॉल सेल लंग कैंसर (SCLC) की तुलना में नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर (NSCLC) के होने की संभावना बढ़ जाती है। जिससे हॉर्नर सिंड्रोम नामक लक्षणों का एक समूह होता है।

हॉर्नर सिंड्रोम नर्वस सिस्टम संबंधी समस्या है। जिसमें चेहरे और आंखों के एक और की तंत्रिका तंत्र मस्तिष्क से संयोजन नहीं कर पाता है। आसान भाषा में कहा जा सकता है कि हॉर्नर सिंड्रोम में एक आंख की पुपिल छोटी और पलकें ढली हुई होती है। साथ ही चेहरे पर पसीने की कमी से वह विकृत होने लगता है। हॉर्नर सिंड्रोम को हॉर्नर-बरनार्ड सिंड्रोम या ऑक्यूलोसिम्पेथेटिक पाल्सी कहा जाता है।

  • हॉर्नर सिंड्रोम के कारण चेहरे का जो हिस्सा प्रभावित होता है, उस हिस्से पर पसीना कम होता है
  • टोसिस यानी कि पलकों का झुक जाना
  • चेहरे में आंखों का धंस जाना
  • पुपिल का छोटा हो जाना

इसके अलावा हॉर्नर सिंड्रोम के ज्यादा लक्षणों की जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

हैलो स्वास्थ्य का न्यूजलेटर प्राप्त करें

मधुमेह, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, कैंसर और भी बहुत कुछ...
सब्सक्राइब' पर क्लिक करके मैं सभी नियमों व शर्तों तथा गोपनीयता नीति को स्वीकार करता/करती हूं। मैं हैलो स्वास्थ्य से भविष्य में मिलने वाले ईमेल को भी स्वीकार करता/करती हूं और जानता/जानती हूं कि मैं हैलो स्वास्थ्य के सब्सक्रिप्शन को किसी भी समय बंद कर सकता/सकती हूं।

और पढ़ें : घर-परिवार में किसी को है ब्रेस्ट कैंसर? तो ऐसे ख्याल रखें

पैरानियोप्लास्टिक सिंड्रोम (Paraneoplastic syndromes)

कुछ लंग कैंसर आपके शरीर में हॉर्मोन जैसे अवयव को बनाता है, जो खून के द्वारा टिश्यू और शरीर के अंगों तक पहुंचते हैं। इस समस्या को पैरानियोप्लास्टिक सिंड्रोम कहते हैं। कभी-कभी पैरानियोप्लास्टिक सिंड्रोम लंग से शुरू होते हैं। जिससे लंग कैंसर के लक्षण नजर आने लगते हैं। 

सुपीरियर वेना कैवा सिंड्रोम (Superior vena cava syndrome)

सुपीरियर वेना कैवा (SVC) दिल से सिर और हाथों में खून को पहुंचाने वाली नस है। जो फेफड़े के ऊपरी हिस्से और लिम्फ नोड्स से हो कर गुजरती है। लंग ट्यूमर उसी नस में पनपना शुरू होता है। जो कि सुपीरियर वेना कैवा में दबाव बनाना शुरू करता है। जिसके कारण से खून सुपीरियर वेना कैवा में वापस जाना शुरू हो जाता है और सिर व हाथों तक नहीं पहुंच पाता है। इसी वजह से चेहरे, गर्दन, हाथों और सीने के ऊपरी भाग में सूजन आ जाती है। साथ ही सिरदर्द, चक्कर और बेहोशी आने लगती है। कभी-कभी तो सुपीरियर वेना कैवा सिंड्रोम जानलेवा भी साबित हो जाता है। 

और पढ़ें : Stem Cells : स्टेम सेल्स क्या हैं ?

लंग कैंसर का पता कैसे लगाएं?

लंग कैंसर के लक्षण सामने आने के बाद आप डॉक्टर के पास जाते हैं और डॉक्टर आपकी निम्न तरह से जांच करते हैं :

इसके अलावा डॉक्टर आपके लिए निम्न तरह की इमेज टेस्टिंग करते हैं :

इसके अलावा आप ब्रॉन्कोस्कोपी बायोप्सी, एंडोब्रॉन्कियल अल्ट्रासाउंड, एंडोस्कोपी इसोफेजियल अल्ट्रासाउंड, मीडियास्टिनोस्कोपी व मीडियास्टिनोटॉमी, थोरासेंटेसिस, थोरैकोस्कोपी और ओपन बायोप्सी आदि विधि का प्रयोग करके लंग कैंसर का पता लगाया जाता है। 

और पढ़ें : जानें क्या लिवर कैंसर और इसके हाेने के कारण

लंग कैंसर के स्टेजेस

जब लंग कैंसर के लक्षण सामने आने के बाद आपको लंग कैंसर के स्टेजेस को जानना बहुत जरूरी है। क्योंकि लंग कैंसर का इलाज उसके स्टेजेस के आधार पर ही होता है। अगर आपका लंग कैंसर पहले या दूसरे स्टेज में है तो घबराने की जरूरत नहीं है। उसका इलाज संभव है। 

लंग कैंसर के लक्षण का इलाज

फेफड़ों के कैंसर का इलाज कई तरह से किया जाता है, जो फेफड़ों के कैंसर के प्रकार पर और वह कितनी दूर तक फैल चुका है पर निर्भर होते है। नॉन-स्मॉल सेल फेफड़ों के कैंसर वाले लोगों का इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन, लक्षित चिकित्सा या इन सभी उपचारों के संयोजन से किया जा सकता है तथा स्मॉल सेल फेफड़ों के कैंसर वाले लोगों को आमतौर पर रेडिएशन थेरेपी और कीमोथेरेपी के साथ इलाज किया जाता है।

सर्जरी: डॉक्टर्स एक निर्धारित स्टेज तक ही सर्जरी का सहारा लेते हैं। डॉक्टर्स सर्जरी को तभी तक चुनते हैं, जब तक कि कैंसर फेफड़ों से ज्यादा फैला न हो। आमतौर पर 10 से 35 प्रतिशत लंग कैंसर का ट्यूमर ही सर्जरी के जरिए निकाले जा सकते हैं। लेकिन, यहां यह ध्यान देने की जरूरत है कि सर्जरी हर बार इसके निदान की गारंटी नहीं देती। ट्यूमर के फैलने के बाद इसके वापस विकसित होने की संभावना बनी रहती है।

और पढ़ें :पेट का कैंसर क्या है ? इसके कारण और ट्रीटमेंट

कीमोथेरेपी (Chemotherapy): कैंसर को कम करने के लिए विशेष दवाओं का उपयोग किया जाता है। ये दवाइयां आपके द्वारा ली जाने वाली गोलियां या आपकी नसों में दी जाने वाली दवाएं या कभी-कभी दोनों हो सकती हैं।

रेडिएशन ट्रीटमेंट: कैंसर के संक्रमण को खत्म करने के लिए उच्च-ऊर्जा किरणों (एक्स-किरणों के समान) का उपयोग किया जाता है।

कैंसर की चिकित्सा मुख्य रूप से फेफड़ों के कैंसर के प्रकार और अवस्था पर निर्भर करती है। आप एक से अधिक प्रकार की ट्रीटमेंट को चुन सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

World Lungs Day: क्या ड्रग्स जितनी ही खतरनाक है धूम्रपान की लत?

लंग्स क्विज: धूम्रापन को छोड़ना काफी मुश्किल है, जिन लोगों को इसकी लत है वो यह बात काफी अच्छी तरह समझते होंगे। इसके अलावा, यह हेल्दी लंग्स के लिए भी नुकसानदायक है। आइए जानते हैं कि आप स्वस्थ फेफड़ों के बारे में कितना जानते हैं।

के द्वारा लिखा गया Surender aggarwal
अच्छी आदतें, धूम्रपान छोड़ना September 21, 2020 . 1 मिनट में पढ़ें

वर्ल्ड लंग्स डे: इस तरह कर सकते हैं फेफड़ों की सफाई, बेहद आसान हैं तरीके

फेफड़ों की सफाई या कहे लंग्स डिटॉक्सीफिकेशन बेहद जरूरी है। इससे ना केवल स्वश्न प्रणाली ठीक से काम करती है ब्लकि कई प्रकार की फेफड़ों की बीमारियों से बचा जा सकता है।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare

संजय दत्त को हुआ स्टेज 3 का लंग कैंसर, कहा कि फिल्मों से ब्रेक ले रहा हूं

संजय दत्त के फैंस के लिए बुरी खबर है। बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त थर्ड स्टेज फेफड़े के कैंसर से गुजर रहे हैं जो जानलेवा मानी जाती है। फेफड़े के कैंसर आमतौर पर दो प्रकार के होते हैं जिन्हें स्मॉल सेल और नॉन-स्मॉल सेल फेफड़े का कैंसर कहा जाता है। sanjay dutt diagnosed with third stage lung cancer in hindi

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
हेल्थ न्यूज, स्वास्थ्य August 12, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Pleurisy: प्लूरिसी क्या है ?

जानिए प्लूरिसी क्या है in hindi, प्लूरिसी के कारण, जोखिम और लक्षण क्या है, pleurisy को ठीक करने के लिए क्या उपचार उपलब्ध है जानिए यहां।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pooja Daphal
के द्वारा लिखा गया Kanchan Singh

Recommended for you

पुरुषों में कैंसर - cancer in men

पुरुषों में कैंसर होते हैं इतने प्रकार के, जानकारी से ही किया जा सकता है बचाव

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Toshini Rathod
प्रकाशित हुआ February 5, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें
लंग कैंसर वॉरियर-Lung cancer warrior

अपनी 70 साल की उम्र को भी नहीं आने दिया कैंसर के सामने, हिम्मत से किया पार: लंग कैंसर वॉरियर, नरेंद्र शर्मा

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Niharika Jaiswal
प्रकाशित हुआ February 1, 2021 . 4 मिनट में पढ़ें

कैंसर के जोखिम को कैसे करें कम?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ January 29, 2021 . 4 मिनट में पढ़ें
सेकंडरी बोन कैंसर (Secondary Bone Cancer)

Secondary Bone Cancer: सेकंडरी बोन कैंसर क्या है?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ January 12, 2021 . 4 मिनट में पढ़ें