114 साल के बरनांडो लपाल्लो (Bernardo Lapallo) से सीखें लंबे समय तक स्वस्थ रहना

    114 साल के बरनांडो लपाल्लो (Bernardo Lapallo) से सीखें लंबे समय तक स्वस्थ रहना

    हर कोई चाहता है कि उसकी उम्र लंबी हो और वो हमेशा स्वस्थ रहे लेकिन, आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी व बिगड़ते लाइफस्टाइल की वजह से ऐसा होना मुश्किल हो गया है। आजकल लोगों का जीवन औसतन 70 साल तक ही सिमट कर रह गया है। हालांकि कई ऐसे लोग भी हैं, जो 100 साल से ऊपर की जिंदगी भी जी चुके हैं। इन्हीं में से एक थे ब्राजिल के बरनांडो लपाल्लो (Bernardo Lapallo)। बरनांडो लपाल्लो करीब 114 साल तक जीए। पहले उनकी उम्र को लगभग अस्सी साल तक आंका गया था, लेकिन बाद में उनकी असली उम्र का पता चला। बरनांडो लपाल्लो ने खुद बताया था कि अपने जीवन में वह एक भी दिन बीमार नहीं पड़े।

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    बरनांडो लपाल्लो (Bernardo Lapallo) ने दिए स्वस्थ जीवन के टिप्स

    एक इंटरव्यू में बरनांडो लपाल्लो (Bernardo Lapallo) ने अपनी लम्बे और स्वस्थ जीवन को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां शेयर की थीं। आइए जानते हैं उन जानकारियां के बारे में। शायद ये चीजें आपके भी कुछ काम आ जाएं।

    1) बरनांडो लपाल्लो का आहार

    बरनांडो ने बताया कि उम्र को बढ़ने से कोई रोक नहीं सकता, लेकिन उम्र का बढ़ना आपकी सेहत पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से प्रभाव डालता है। कुछ रोजाना की आदतों में परिवर्तन करके आप अपने जीवन में बहुत से बदलाव ला सकते हैं। बरनांडो लपाल्लो (Bernardo Lapallo) का जन्म 1901 में हुआ और 2015 में उनकी मृत्यु हो गई। वह अपनी लंबी उम्र का श्रेय अपने हेल्दी खाने को देते थे। बरनांडो लपाल्लो ने इंटरव्यू में बताया कि लोग उनसे अक्सर पूछते हैं कि हमेशा जवान कैसे दिखें। इस पर मैं अक्सर कहता हूं कि आप वो हैं जो आप खाते हैं। यानी आप जैसे हैं वो आपके आहार पर निर्भर करता है।

    बरनांडो अपने रोजाना के खाने में बहुत से ऑर्गेनिक फलों और सब्जियों को शामिल करते थे। हालांकि उनके खाने में ऐसे पांच खास आहार भी होते थे जिन्हें वो बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं। ऑर्गेनिक फल और सब्जी की मदद से बरनांडो लपाल्लो ने अपने जीवन के 115 साल बहुत ही आराम से निकाले। अपने हेल्दी लाइफस्टाइल का श्रेय बरनांडो लपाल्लो अपने खानपान को देते थे।

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    जानिए कौन सी हैं वो पांच चीजें

    • दालचीनी : दालचीनी केवल स्वादिष्ट ही नहीं होती। बल्कि, इसमें कई औषधीय गुण भी होते हैं। इससे कैंसर, हृदय रोग के साथ-साथ बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन आदि से बचाव हो सकता है। दालचीनी के बहुत से औषधीय गुण है जिसकी मदद से अलग-अलग तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है।
    • चॉकलेट : चॉकलेट खाना स्वास्थ्य के लिए लाभदयक है। हमारे कोलेस्ट्रॉल को कम करने से लेकर तनाव दूर करने तक चॉकलेट कई रोगों को दूर करने में प्रभावी है। इसलिए इसे खाना न भूलें। जहां एक तरफ डॉक्टर कम मीठा खाने की सलाह देते हैं वहीं चॉकलेट मीठा होकर भी बहुत सी परेशानियों का इलाज है।
    • लहसुन: लहसुन एक प्राकृतिक एंटीबायोटिक है। यह कई रोगों को दूर करने के साथ-साथ शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में भी मदद करता है। यह हृदय के स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। इसे भी अपने आहार में शामिल करें। लहसुन को एक जबरदस्त एंटीबायोटिक के रूप में जाना जाता है। खाली पेट लहसुन खाने के बहुत से फायदे हैं। इसके अलावा ऐसा कहा जाता है कि जो लोग हर रोज खाली पेट लहसुन खाते हैं उन्हें पेट की समस्या नहीं होती।
    • शहद: शहद में एंटीसेप्टिक, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जिसके कारण इसके अनेक फायदे हैं। इसका प्रयोग पुराने समय से किया जाता रहा है। शहद के भी बहुत से गुण है जो स्किन से लेकर पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। शहद जहां एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट हैं वही इसको चेहर पर भी लगाया जा सकता है। शहद को चेहरे पर लगाना भी बहुत फायदेमंद है।
    • ऑलिव ऑयल: विशेषज्ञों के अनुसार ओलिव ऑयल भी हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। यह दिमाग और दिल के स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। यही नहीं इसके गुणों के कारण यह डायबिटीज और कैंसर को दूर करने में भी लाभदायक है। बरनांडो के अनुसार उनके पिता ने उन्हें रेड मीट खाने के लिए मना किया था। इसके साथ ही वह हॉट डॉग और ऐसे ही कुछ अन्य हानिकारक आहार से भी दूर रहते थे। ऑलिव ऑयल भी बहुत से गुणों से भरपूर है। ऑलिव ऑयल को अलग-अलग तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। ऑलिव-ऑयल को कुकिंग ऑयल की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

    2) बरनांडो लपाल्लो का व्यायाम

    अपनी दिनचर्या के बारे में बताते हुए बरनांडो का कहना था कि बेशक वह 114 साल के हैं, लेकिन अब भी रोजाना सैर के लिए जाते हैं। मॉर्निंग वॉक न केवल सबसे अच्छी बल्कि सबसे सस्ती एक्सरसाइज भी है। सबसे अच्छी चीज यही है कि आप रोजाना एक्सरसाइज करें, लेकिन एक्सरसाइज अपनी क्षमता के अनुसार ही करें। जैसे पहले एक किलोमीटर से शुरू करें और उसके बाद धीरे-धीरे बढ़ाएं। उनका कहना था कि अपने शरीर को एक मंदिर की तरह समझें। बरनांडो लपाल्लो (Bernardo Lapallo) को चेकर्स, क्रॉसवर्ड के साथ-साथ पढ़ना भी बहुत पसंद था। वो अपने शरीर के साथ-साथ अपने दिमाग को भी एक्टिव रखते थे। बरनांडो लपाल्लो नियमित रूप से एक्सससाइज भी करते थे।

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    3) आराम करें

    बरनांडो लपाल्लो आराम करने और पर्याप्त नींद लेने में विश्वास करते थे लेकिन वह यह भी महसूस करते थे कि बहुत अधिक सोना भी बुरी बात है। उनका मानना था कि व्यायाम करना बहुत आवश्यक है खासतौर पर अगर आपका काम बैठ कर करने वाला हो। जब वह जहाज पर नौकरी करते थे तब भी वह सुबह जल्दी उठ कर सैर किया करते थे। बरनांडो लपाल्लो का मानना था कि आराम करना भी जरूरी है। सही डायट और एक्सरसाइज के साथ आराम करना भी जरूरी है।

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    बरनांडो अपने पिता की हर उस बात और राय का पालन करते रहे जो उनके पिता ने उन्हें छोटी उम्र में सिखाई थी। उन्होंने एक किताब भी लिखी थी जिसका नाम था “ऐज लेस, लिव मोर”। इसके जरिये वह दुनिया और अपने बच्चों, नाती-पोतों आदि को लंबी और हेल्दी लाइफ के रहस्य के बारे में बताना चाहते थे। बरनांडो लपाल्लो (Bernardo Lapallo) सबके लिए एक मिसाल हैं कि हमेशा जवान और स्वस्थ कैसे रहा जाए।

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    के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

    डॉ. हेमाक्षी जत्तानी

    डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


    Anu sharma द्वारा लिखित · अपडेटेड 27/08/2020

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