home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट है मुमकिन, यदि आप अपनाते हैं ये अच्छी आदतें!

हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट है मुमकिन, यदि आप अपनाते हैं ये अच्छी आदतें!

हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की समस्या व्यक्ति को कई नई बीमारियों का तोहफा दे सकती है। हाय कोलेस्ट्रॉल उन लोगों को होने की संभावना ज्यादा रहती है, जिनका खान-पान ठीक ना हो। साथ ही साथ जो लोग डायबिटीज जैसी लाइफस्टाइल समस्याओं से जूझ रहे हो, उन लोगों में हाय कोलेस्ट्रॉल होना आम मां जाता है। जब व्यक्ति ठीक ढंग से खान-पान का ध्यान नहीं रखता और रोजाना एक्सरसाइज नहीं करता, तो उसे हाय कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) होने का रिस्क ज्यादा होता है। हाय कोलेस्ट्रॉल की वजह से हार्ट से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह समस्याएं समय पर ठीक ना हो, तो आपके लिए जान का जोखिम खड़ी कर सकती है। इसलिए हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट (Management of high cholesterol) बेहद जरूरी माना जाता है। आज हम जानेंगे कि हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट किस तरह से किया जा सकता है, साथ ही हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट करने के लिए हमें किन बातों का ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है। लेकिन इससे पहले जानते हैं हाय कोलेस्ट्रॉल से जुड़ी यह जरूरी बातें।

और पढ़ें : Acute Heart Failure: जानिए एक्यूट हार्ट फेलियर के लक्षण, कारण और इलाज

कैसे होती है हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की दिक्कत?

कोलेस्ट्रॉल शरीर में मौजूद एक वसायुक्त पदार्थ माना जाता है, जो शरीर के हर सेल में पाया जाता है। शरीर के कार्य के लिए कोलेस्ट्रॉल एक जरूरी तत्व माना जाता है। आमतौर पर पशुओं से प्राप्त होने वाले मास में कोलेस्ट्रॉल मौजूद होता है, जिसका इस्तेमाल शरीर अपनी जरूरत के अनुसार कर लेता है। लेकिन जब यह कोलेस्ट्रॉल जरूरत से ज्यादा हो जाए, तो इसका सीधा प्रभाव आपके हृदय पर पड़ता है। इस समस्या को हाय कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के नाम से जाना जाता है। हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की वजह से आर्टरी में वसा जमा होने लगती है, जिसकी वजह से व्यक्ति को एथेरोस्कलेरोसिस की समस्या झेलनी पड़ती है। साथ ही इसी कोलेस्ट्रॉल की वजह से ह्रदय संबंधी समस्याएं हो सकती है। इसलिए कोलेस्ट्रॉल को सामान्य बनाए रखना बेहद जरूरी माना जाता है। लेकिन इसे और भी बेहतर समझने के लिए आपको कोलेस्ट्रॉल के कॉन्बिनेशन के बारे में जानना चाहिए। आइए अब जानते हैं हाय कोलेस्ट्रॉल के क्या लक्षण व्यक्ति में दिखाई दे सकते हैं।

और पढ़ें : Diuretics in Cardiomyopathy: कार्डियोपैथी में डाइयुरेटिक्स के फायदे तो हैं, लेकिन इसके सीरियस साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं!

हाय कोलेस्ट्रॉल के ये लक्षण व्यक्ति की बढ़ा सकते हैं समस्या (Symptoms of High cholesterol)

आमतौर पर हाय कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की समस्या तब तक अपने लक्षण जाहिर नहीं करती, जब तक यह समस्या सामान्य से ज्यादा ना बढ़ जाए। इसलिए हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या को पहचानना अपने आप में एक बड़ी चुनौती मानी जाती है। लेकिन यदि आपके परिवार में हार्ट से जुड़ी समस्याओं की पारिवारिक हिस्ट्री रही है, तो आपको हाय कोलेस्ट्रोल का खास ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है। आप इन लक्षणों से हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की समस्या को पहचान सकते हैं –

  • स्किन का पीला पड़ना
  • हाथ और पैरों में दर्द महसूस होना
  • सिर और गर्दन में दर्द होना
  • अचानक वजन का बढ़ना
  • धड़कन का सामान्य से तेज चलना

यदि आपको यह लक्षण दिखाई दें, तो आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। यह लक्षण आपके शरीर में बढ़ रहे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की निशानी हो सकते हैं। साथ ही साथ डॉक्टर से संपर्क करके आप कुछ खास टेस्ट करवा सकते हैं, जिससे हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की समस्या पकड़ में आ सकती है। लेकिन इन लक्षणों को पहचानने की जरूरत तभी पड़ती है, जब आपको हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो। लेकिन हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या क्यों होती है, यह जानना भी आपके लिए जरूरी है। हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या का कारण पहचानने के बाद आप हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट (Management of high cholesterol) सीख सकते हैं। आइए जानते हैं हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या के क्या कारण हो सकते हैं।

और पढ़ें : एरिथमिया और डिसरिथमिया जानिए दिल से जुड़ी इस बीमारी को

हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या के ये हो सकते हैं कारण (Causes of High cholesterol)

हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या कई कारणों के चलते हो सकती है। जिसमें से कुछ कारण मुख्य रुप से आपकी लाइफस्टाइल से जुड़े हुए होते हैं। यदि आपकी लाइफस्टाइल ठीक ना हो, तो आपको किसी भी एज में हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की समस्या हो सकती है। आइए जानते हैं हाय कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की समस्या के लिए कौन से कारण जिम्मेदार माने जाते हैं।

  • खान-पान में असंयम : जब आप ठीक ढंग से भोजन नहीं करते, यानी कि अक्सर जंक फूड और तला भुना खाना खाते हैं, तो आपको भविष्य में हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या हो सकती है।
  • वजन का जरूरत से ज्यादा होना : हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या आपको तब होती है, जब आपके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है। जब आपका वजन ज्यादा हो, तो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल घर करने लगता है और आपको हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की तकलीफ हो सकती है।
  • स्मोकिंग : यदि व्यक्ति आमतौर पर रोजाना स्मोक करता है, तो उसे भविष्य में हाय कोलेस्ट्रॉल होने का रिस्क बढ़ सकता है।
  • शारीरिक गतिविधि की कमी : एक्सरसाइज हमारे लिए बेहद जरूरी मानी जाती है। एक्सरसाइज से शरीर में ब्लड सरक्यूलेशन बेहतर बनता है और शरीर की समस्याओं का निवारण होता है। यदि आप रोजाना एक्सरसाइज नहीं करते, तो भविष्य में आपको हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
  • स्ट्रेस : तनाव एक ऐसा फैक्टर है, जो हाय कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की समस्या को बढ़ा सकता है। यदि आप लगातार लंबे समय तक तनाव से घिरे रहते हैं, तो कोलेस्ट्रॉल का लेवल आपके शरीर में बढ़ सकता है और इससे हाय कोलेस्ट्रॉल होने की संभावना होती है।

यह सभी समस्याएं हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) को न्योता देती हैं, लेकिन यदि आप पहले से ही हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे हैं, तो आपको हाय कोलेस्ट्रॉल मैनेजमेंट करना जरूरी माना जाता है। हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट (Management of high cholesterol) किस तरह किया जा सकता है, यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट किस तरह से किया जा सकता है।

हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट (Management of high cholesterol)

हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट : कुछ ऐसे है मुमकिन! (Management of high cholesterol)

जैसा कि आपने पहले जाना हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की समस्या आपकी लाइफस्टाइल से प्रभावित होती है। यदि आपकी लाइफ स्टाइल ठीक नहीं है, तो हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या कभी भी हो सकती है। हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझने के लिए आपको हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट (Management of high cholesterol) सीखना चाहिए। हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट आमतौर पर आसान माना जाता है। आपको सही दवाइयों के साथ रेग्यूलर चेकअप और लाइफ स्टाइल में बदलाव इन तीनों बातों का ध्यान रखना होता है। हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट इन तीनों फैक्टर्स पर निर्भर होता है, इसलिए इन तीनों बातों का ध्यान रख के हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट मुमकिन है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन में छपी एक रिसर्च के मुताबिक हाय कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की समस्या दिल की तकलीफों को न्योता देती है, इसलिए हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट लाइफ़स्टाइल में बदलाव लाकर किया जा सकता है। आइए जानते हैं हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट किस तरह मुमकिन है।

और पढ़ें : PCSK9 इन्हिबिटर्स : कैसे काम करती है यह दवाईयां बैड कोलेस्ट्रॉल के ट्रीटमेंट में?

  • दवाइयां : आमतौर पर हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) के लिए व्यक्ति की शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखकर दवाइयां दी जाती है। लेकिन एक दवा ऐसी है, जो आमतौर पर हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या में दी जाती है। उसका नाम है स्टेटिन्स।स्टेटिन्स एक ऐसी प्रिसक्रप्शन मेडिकेशन है, जो उन लोगों को दी जाती है जिन का एलडीएल लेवल ज्यादा होता है। स्टेटिन्स ऐसी दवा है, जो एलडीएल के लेवल को कंट्रोल में रखती है और इससे व्यक्ति हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या से बचा रहता है।
  • एक्टिविटी लेवल : हर व्यक्ति का एक्टिविटी लेवल सही स्तर का होना चाहिए। हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट (Management of high cholesterol) तब मुमकिन है, जब आप रोजाना एक्टिव रहें। यदि आप फिजिकली एक्टिव नहीं रहते, तो आपके शरीर पर इसका नेगेटिव इफेक्ट पड़ता है और कोलेस्ट्रॉल लेवल इंबलेंस हो सकता है। इसलिए रोजाना आधे घंटे के लिए फिजिकल एक्टिविटी की जरूरत आपको पड़ सकती है। इसके लिए आप अलग-अलग तरह की एक्सरसाइज और योग की मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप स्विमिंग, सायकिलिंग, रनिंग जैसी आउटडोर एक्टिविटीज का भी सहारा ले सकते हैं।
  • संतुलित वजन : यदि आपका वजन संतुलित नहीं है, तो आप हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की समस्या से ग्रसित हो सकते हैं। संतुलित भोजन के लिए आपको रोजाना सही एक्सरसाइज और खानपान का खास ध्यान रखने की जरूरत पड़ती है। ऐसा न करने पर आपका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है और आप दिल की बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं।

और पढ़ें: कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) को लेवल में रखने के लिए इस डायट को कर सकते हैं फॉलो

  • हेल्दी खानपान : हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट (Management of high cholesterol) तब मुमकिन है, जब आप हेल्दी खानपान अपनाते हैं। आमतौर पर आपको हाय कोलेस्ट्रॉल की समस्या में ट्रांस फैट से युक्त फूड आइटम से दूरी बनानी चाहिए। साथ ही मोनोसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैट आपके लिए लाभदायक माना जाता है। इसके अलावा आप हेल्दी फैट्स के तौर पर ऑलिव ऑयल और अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर ऑयल का इस्तेमाल कर सकते हैं। खानपान के अंतर्गत आपको प्रोसैस्ड फूड से दूरी बनानी चाहिए और ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर मछली का सेवन करना चाहिए। इन सभी तरीक़ों से हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट आपके लिए मुमकिन हो पाएगा।
  • रेग्यूलर चेकअप : यदि आपकी फैमिली हिस्ट्री हार्ट की समस्याओं से जुड़ी हुई है, तो आपको हार्ट स्क्रीनिंग की जरूरत पड़ सकती है। यदि आप हाय कोलेस्ट्रॉल (High cholesterol) की समस्या से ग्रसित हैं, तो आपको हमेशा अपना चेकअप करवाते रहना चाहिए। इससे हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट (Management of high cholesterol) आपके लिए आसान साबित होगा।

और पढ़ें: कैसे समझें कि आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ गया है? जानिए कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के लक्षण

हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट आप डॉक्टर की सलाह से भी कर सकते हैं। जरूरी जांच के बाद डॉक्टर आपको हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट करने के तरीक़े बता सकते हैं, जिससे आप हाय कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की समस्या में सही इलाज करवा सकते हैं और हाय कोलेस्ट्रॉल का मैनेजमेंट (Management of high cholesterol) आपके लिए मुमकिन हो जाता है।

health-tool-icon

बीएमआई कैलक्युलेटर

अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) की जांच करने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें और पता करें कि क्या आपका वजन हेल्दी है। आप इस उपकरण का उपयोग अपने बच्चे के बीएमआई की जांच के लिए भी कर सकते हैं।

पुरुष

महिला

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 31/10/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड