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अपॉइंटमेंट से पहले दांत की सफाई और प्रोसीजर के बारे में अवेयर रहें

अपॉइंटमेंट से पहले दांत की सफाई और प्रोसीजर के बारे में अवेयर रहें

सेहत की देखभाल के साथ-साथ दांत की सफाई भी बहुत जरूरी है। आमतौर पर, लोग अपनी सेहत पर तो ध्यान देते हैं लेकिन, दांतों पर नहीं देते। दांत की सफाई सिर्फ एक दिन में दो बार ब्रश करने से नहीं होती। ऐसी स्थिति में जानकारी न होने के कारण दांतों से जुड़ी परेशानी शुरू हो सकती है। लेकिन, हर व्यक्ति को अपने दांतों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत होती है। ऐसे मे, अपने डॉक्टर से आप दांतों से जुड़ी परेशानियों के बारे में बात करने में देरी नहीं करनी चाहिए।

और पढ़ें : धूम्रपान (Smoking) ना कर दे दांतों को धुआं-धुआं

दांत की सफाई ठीक से नहीं करने के कारण होने वाली परेशानी क्या है?

दांत की सफाई ठीक से नहीं करने पर निम्नलिखित परेशानियां हो सकती हैं। जैसे-

  1. दांतों में सड़न: दांतों में सड़न, जिसे आम बोलचाला की भाषा में कीड़े लगना भी कहा जाता है। दांत की सफाई न करने पर दांतों में सड़न की समस्या शुरू हो जाती है।
  2. मसूड़ों की समस्या: मसूड़ों से जुड़ी परेशानी जैसे मसूड़ों में सूजन, मसूड़ों से पस आना या फिर मसूड़ों में छाले होना। ये सभी परेशानी दांत की सफाई न करने से होती है।
  3. दांतों की जड़ों में फोड़ा होना। इससे दांतों की हड्डियों को नुकसान हो सकता है। यह परेशानी भी दांत की सफाई ठीक से नहीं करने की स्थिति में शुरू हो जाती है।
  4. दांत की सफाई ठीक से नहीं करने पर मुंह से बदबू आने की समस्या शुरू हो जाती है।

दांतों से जुड़ी इन परेशानियों के साथ-साथ अगर दांत की सफाई नहीं रखी गई तो कई खतरनाक बीमारियां की परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है। इन बीमारियों में शामिल है-

डायबिटीज डायबिटीज से पीड़ित लोगों को मुंह से जुड़ी परेशानी जैसे मुंह से बदबू आना, मसूड़ों में सूजन होना और दांतों का मसूड़ों से कमजोर होना शामिल है। ऐसी स्थिति में मुंह में पाय जाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया बढ़ जाते हैं। इस बढ़े हुए हानिकारक बैक्टीरिया की वजह से शुगर लेवल बिगड़ने का खतरा बढ़ जाती है, जिससे डायबिटीज पेशेंट की परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है।

हाई ब्लड प्रेशर हाई ब्लड प्रेशर के पेशेंट को मुंह से जुड़ी परेशानी जैसे मुंह से बदबू आना, मसूड़ों से खून आना या मुहं अत्यधिक सूखने जैसी परेशानी महसूस होती रहती है। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार मनुष्य के शरीर का हर एक हिस्सा आपस में जुड़ा हुआ होता है। ठीक इसलि तरह दांतों का कनेक्शन भी दिल से बताया जाता है। अगर दांत स्वस्थ नहीं होंगे तो इसका बुरा असर हृदय पर भी पड़ सकता है। इसलिए दांत की सफाई पर विशेष ध्यान दें।

प्रेग्नेंसी- गर्भावस्था के दौरान शरीर में हो रहे हॉर्मोनल बदलाव का असर मूड स्विंग के साथ-साथ शरीरिक हिस्सों पर भी पड़ता है। प्रेग्नेंसी के दौरान हॉर्मोनल बदलाव की वजह से होने परेशानी है दांतों में सूजन जिसे प्रेग्नेंसी जिंजिवाइटिस (Pregnancy gingivitis) कहते हैं। यह परेशानी गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों तक रहती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला को अपने दांत की सफाई पर विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। इस समय डेंटल चेकअप करवाना दांतों की परेशानी से बचने के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है।

और पढ़ें : समझें दांतों के प्रकार और जानिए इनके कार्य क्या हैं

मुंह में होने वाले इन लक्षणों को अनदेखा न करें

  1. दांत में दर्द होना।
  2. मसूड़ों में सूजन होना।
  3. कुछ भी खाने पर चबाने और निगलने में दर्द होना।
  4. जबड़े में दर्द होना।
  5. दांत में दर्द होने की वजह से कभी-कभी बुखार आना।

और पढ़ें : दांतों की देखभाल कैसे करें?

दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने के उपाए

दांतों की देखभाल के लिए दांतों की सफाई पर ध्यान देना चाहिए। इससे दांतों की समस्या कम हो सकती है। मुंह में हमेशा लाखों बैक्टीरिया रहते हैं, ऐसे में, ठीक से सफाई न होने पर परेशानी शुरू हो सकती है। दरअसल, दांतों की सफाई करने का मुख्य उद्देश्य ब्रश या फ्लोस की सहायता से प्लाक को साफ किया जा सकते हैं। याद रखें, दांतों और मसूड़ों के संक्रमण पूरे नर्वस सिस्टम पर असर करते हैं। इसलिए, दांतों की देखभाल के लिए इन जर्म्स और बैक्टेरिया की सफाई नियमित रूप से जरूरी है। फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट से दांतों को दो मिनट तक रोजाना ब्रश करें। डेंटिस्ट की सलाह लेकर भी टूथपेस्ट का चयन करना बेहतर हो सकता है।

पौष्टिक आहार का सेवन करें और स्नैक्स जैसे चिप्स और जंक फूड को कम करने से दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। पौष्टिक आहार में हरी सब्जियां और फल दोनों ही शरीर के साथ दांतों के लिए भी बहुत जरूरी होते हैं। इन्हें लेने से जरूरी विटामिन शरीर को मिलते हैं, जो दांतों के लिए भी जरूरी हैं। विटामिन-सी और विटामिन-डी दोनों ही दांतों के लिए बहुत फायदेमेंद हैं। विटामिन-सी स्वस्थ्य मसूड़ों के लिए जरूरी है। विटामिन-डी हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी है। तंबाकू का सेवन (बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू) हेल्थ के साथ-साथ दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है। तंबाकू को किसी भी तरीके से लेने पर दांतों पर भूरी, लाल,पीली परत जमा हो जाती है और यही परेशानी एक नई परेशानी बन कर सामने आती है।

अगर आपके दांत पीले पड़ चुके हैं, तो आप बेकिंग सोडा का इस्तेमाल दांत की सफाई करने के साथ-साथ इसकी चमक बढ़ाने के लिए उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए आपको दांत की सफाई के दौरान बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करना है ठीक वैसे ही जैसे टूथपेस्ट करते हैं। आप चाहें तो टूथपेस्ट में थोड़ा सा बेकिंग सोडा मिलाकर ब्रश कर सकते हैं या बेकिंग सोडा को नमक के साथ मिलाकर भी इस पाउडर से दांत की सफाई कर सकते हैं।

दांतों से जुड़ी परेशानी होने पर खुद से इलाज न करें और डेंटिस्ट से जरूर मिलें।

डेंटिस्ट से मिलने से पहले जरूरी टिप्स

  • दांतों से जरूरी परेशानी डेंटिस्ट को बताएं।
  • ठीक से ब्रश करें और जीभ की भी सफाई करें।
  • अगर पहले की कोई डेंटिस्ट की प्रिस्क्रिप्शन है, तो वो अपने डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
  • अगर किसी दवा या किसी और वजह से कोई एलर्जी होती है, तो इसकी जानकारी भी डॉक्टर को जरूर दें।
  • डेंटिस्ट जब भी समय दे, उस समय पर डेंटिस्ट के पास जाएं।

और पढ़ें : क्या आप जानते हैं दूध से एलर्जी (Milk Intolerance) का कारण सिर्फ लैक्टोज नहीं है?

तो अगर आपको ऊपर बताई गई कोई भी मुंह की समस्या होती है या इसके अलावा, आपको मुंह में कुछ असजता महसूस होती है, तो बेहतर है कि शुरुआत में ही आप डॉक्टर से संपर्क कर लें, ताकि आगे चलकर कोई गंभीर समस्या न हो। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 20/04/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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