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आसान डिलिवरी के लिए अपनाएं ये 10 उपाय

आसान डिलिवरी के लिए अपनाएं ये 10 उपाय

प्रेग्नेंसी में खुद का पूरी तरह से ख्याल रखने के बाद भी महिलओं के मन में डिलिवरी को लेकर चिंता बनी रहती है। महिलाओं को ये हमेशा लगता है कि आसान डिलिवरी के उपाय किस तरह से खोजे जाएं। अगर आप कुछ बातों पर शुरू से ही ध्यान देंगी तो डिलिवरी आसान हो जाएगी। आप को सी-सेक्शन से भी डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि परिस्थिति के अनुसार ही डॉक्टर आपको नॉर्मल डिलिवरी या फिर सी-सेक्शन की सलाह देते हैं।

आसान डिलिवरी के लिए ये फैक्टर हैं जरूरी (Factors of Easy delivery)

आसान डिलिवरी के उपाय में कुछ फैक्टर जरूरी होते हैं-

  • आपकी पहले वजायनल डिलिवरी हो चुकी हो।
  • आपको हेल्थ इश्यू जैसे अस्थमा या फिर कोई ऐसी बीमारी न हो जो नॉर्मल डिलिवरी को अफेक्ट करें।
  • नॉर्मल डिलिवरी के लिए आइडियल वेट होना जरूरी है। हैवी वेट के कारण बेबी का वजन भी बढ़ जाता है।
  • डिलिवरी के समय कोई भी कॉम्प्लिकेशन न हो।
  • फिजिकल फिटनेस बहुत जरूरी है। आप जितना फिजिकल फिट रहेगी उतने ही नॉर्मल डिलिवरी के चांसेस बढ़ जाएंगे।
  • ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन कंट्रोल में रहना बहुत जरूरी है। अगर ये सभी हेल्थ फैक्टर मौजूद हैं तो नॉर्मल डिलिवरी के चांसेस बढ़ जाते हैं।

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1. आसान डिलिवरी के उपाय में सबसे पहले आती है रेगुलर स्लीप (Regular Sleep)

आसान डिलिवरी के उपाय में सबसे पहले आता है पर्याप्त नींद लेना। प्रेग्नेंसी की तीसरी तिमाही में सोने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। अगर आपको रात में ठीक से नींद नहीं आ रही है तो दिन में झपकी भी ले सकती हैं। 15 से 20 मिनट की झपकी आपको बहुत रिलैक्स देगी। लेबर को आसान बनाने के लिए सात से आठ घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है। आप चाहे तो इस दौरान प्रेग्नेंसी पिलो का इस्तेमाल कर सकती हैं। ये आपके शरीर को रिलैक्स देने का काम करेंगे। मार्केट में कई तरह के प्रेग्नेंसी पिलो मौजूद हैं। आप अपनी पसंद के अनुसार एक चुन सकती हैं।

2. आसान डिलिवरी का उपाय नंबर 2 फिट है तो हिट है (Fitness level)

आपने ये बात तो सुनी ही होगी तो इंसान फिट रहता है तो उसे शारीरिक समस्याओं का सामना कम करना पड़ता है। इसे आप आसान डिलिवरी के उपाय में भी शामिल कर सकती हैं। जो महिलाएं प्रेग्नेंसी के समय वॉक, स्वीमिंग, प्रीनेटल एक्सरसाइज पर फोकस करती हैं, उन्हें लेबर के समय समस्या कम होती है। अगर आपने अब तक फिट रहने के लिए कुछ भी नहीं किया है तो एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करें और वॉक के साथ ही हल्की फुल्की एक्सरसाइज शुरू कर दें।

3. आसान डिलिवरी के उपाय: खजूर खाएं (Eat Dates)

स्टडीज के मुताबिक खजूर खाना आसान और फास्ट लेबर के लिए फायदेमंद हैड्यू डेट के एक महीने पहले से रोज 60-80 ग्राम तक खजूर खाना लेबर के दौरान फायदेमंद साबित हो चुका है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि खजूर में ऑक्सिटॉसिन नाम का कैमिकल कम्पाउंड पाया जाता है जो कॉन्ट्रैक्शन का कारण बनता है। इसके अलावा खजूर सर्विक्स को पतला करने का भी काम करता है जो कि आसान लेबर और क्विक चाइल्ड बर्थ प्रॉसेस में मदद करता है। इसलिए अगर आप आसान डिलिवरी के उपाय खोज रही हैं तो यह बेहद आसान और सरल उपाय साबित होगा।

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4. स्क्वैट्स को करें शामिल (Include Squats)

जो प्रेग्नेंट महिलाएं वजायनल डिलिवरी की तैयारी कर रही हैं और उनकी ड्यू डेट आने वाली है उनके लिए स्क्वैट सबसे लाभदायक एक्सरसाइज है। इसे आसान लेबर के लिए बेस्ट एक्सरसाइज माना जाता है। इसे करने का सबसे बेस्ट तरीका मेडिसिन बॉल का उपयोग करना है।

5. खानपान पर ध्यान देना है जरूरी (Healthy Eating)

सुबह के समय लाइट स्नैक आपके एनर्जी लेवल को हाई कर देते हैं। आपको रोजाना लाइट स्नैक जरूर लेना चाहिए। ऐसे में फैटी और डायजस्ट होने में मुश्किल फूड्स को इग्नोर करना चाहिए। घर में रहते हुए अगर आपको लेबर स्टार्ट हो जाता है तो लिक्विड जरूर लें। आप चाहे तो पानी भी पी सकती है। ये लेबर को आसान बनाने का काम करता है। आसान डिलिवरी के उपाय में इसे जरूर शामिल करें।

6.आसान प्रसव के लिए टिप्स : शावर लेने से मिलेगा आराम

दर्द की वजह से मसल्स में टेंशन हो जाता है जो आपको असुविधाजनक लग सकता है। इस दौरान वॉर्म शावर लें। शॉवर लेने से बॉडी रिलैक्स होगी। आप बैक और जहां भी संकुचन महसूस हो रहा हो, वहां हल्का गरम पानी डाल सकती है। ये लेबर की किसी भी स्टेज के लिए अच्छा साबित होगा।

और पढ़ें : दूसरी तिमाही में गर्भवती महिला को क्यों और कौन से टेस्ट करवाने चाहिए?

7. आसान डिलिवरी के उपाय में मसाज को करें शामिल

टच रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट में ये बात सामने आई है कि लेबर के समय जिन महिलाओं को पति ने मसाज दिया, उन्हें कम दर्द का अनुभव हुआ। लेबर के पहले घंटे में आप अपने पति से नेक या फिर शोल्डर पर मसाज के लिए कह सकती हैं। लेबर के दौरान ऐसा भी समय आता है जब आपको किसी का टच अच्छा नहीं लगता है। लेबर के दौरान मसाज आपको अच्छी फीलिंग देगी।

8. आसान प्रसव के लिए टिप्स : क्लासेस भी हैं जरूरी (Child Birth Class)

जब आप पहली बार मां बनने जा रही होंगी तो हो सकता हैं कि आपको इस बारे में ज्यादा जानकारी न हो। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि आप प्रेग्नेंसी के दौरान ही चाइल्ड बर्थ क्लास लें। सर्टिफाइड इंस्ट्रक्टर से ही क्लास लें। अगर आप अपने पार्टनर के साथ क्लास अटेंड करेंगी तो दोनों के लिए बेहतर रहेगा।

पहले के समय में क्लासेस चाइल्ड बर्थ क्लास लेने का चलन नहीं था लेकिन घर की महिलाओं की सहायता से अन्य महिलाओं को जरूरी जानकारी मिल जाती थी। आपने भी पढ़ा होगा कि पहले अधिकतर लोगों की डिलिवरी नॉर्मल ही होती थी। समय के साथ एकल परिवार के कारण महिलाओं को प्रसव के बारे में जानकारी नहीं मिल जाती है। ऐसे में चाइल्ड बर्थ क्लास अहम भूमिका निभाते हैं।

9. सीधी स्थिति में रहना होगा लाभदायक

आसान डिलिवरी के उपाय में सीधी स्थिति में रहना भी आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है। लेबर के दौरान बजाय धक्का देने या उठकर बैठने से अच्छा रहेगा कि बिस्तर पर सीधा लेटकर पुश किया जाए। बच्चा अपने सिर को निकालने के लिए सर्विक्स को खोलने की कोशिशि करता है। आप चाहे तो इस दौरान कुछ पुजिशन को अपना सकती हैं जैसे घुटने टेककर बैठना, स्क्वैटिंग आदि। ये पुजिशन बच्चे के सिर का निकलना आसान बनाती हैं। इन्हें आसान डिलिवरी के उपाय कहा जा सकता है।

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10. आसान डिलिवरी के उपाय : सांस लेने की गति के बारे में जानें

लेबर किसी भी महिला के लिए दर्दनाक स्थिति है। इस दौरान सांस लेने की गति आपको बेहतर महसूस करा सकती है। संकुचन के दौरान सांस लेने का तरीका पुश करने में हेल्प करता है। ब्रीदिंग ठीक से करने से बॉडी में पूरी ऑक्सिजन पहुंचती है। यह आसान डिलिवरी के उपाय में सबसे आसान उपाय है। अपने डॉक्टर से इस बारे में जरूर बात करें।

प्रेग्नेंसी ,लेबर और डिलिवरी के समय सभी महिलाओं में अलग लक्षण देखने को मिलते हैं। आसान डिलिवरी के उपाय अपनाते समय एक बार अपने डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। अगर आपको पहले से कुछ समस्या हो तो उससे निपटने के लिए डॉक्टर की सलाह पर ध्यान दें। डॉक्टर आपको आसान डिलिवरी के उपाय जरूर बताएंगे।

एक बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि डिलिवरी किस तरह से होगी, ये पहले से तय करना बहुत मुश्किल होता है। डॉक्टर परिस्थिति के अनुसार ही नॉर्मल या सिजेरियन करने का निर्णय लेता है। ऐसे में परेशान होने की बजाय अपनी सेहत का ख्याल रखना चाहिए ताकि बच्चा स्वस्थ्य रहे। आप अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से भी जानकारी ले सकते हैं।आप स्वास्थ्य संबंधि अधिक जानकारी के लिए हैलो स्वास्थ्य की वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। अगर आपके मन में कोई प्रश्न है तो हैलो स्वास्थ्य के फेसबुक पेज में आप कमेंट बॉक्स में प्रश्न पूछ सकते हैं।

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ड्यू डेट कैलक्युलेटर

अपनी नियत तारीख का पता लगाने के लिए इस कैलक्युलेटर का उपयोग करें। यह सिर्फ एक अनुमान है - इसकी गैरेंटी नहीं है! अधिकांश महिलाएं, लेकिन सभी नहीं, इस तिथि सीमा से पहले या बाद में एक सप्ताह के भीतर अपने शिशुओं को डिलीवर करेंगी।

सायकल लेंथ

28 दिन

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Childbirth – pain relief options – https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/HealthyLiving/childbirth-pain-relief-options (Accessed on 2nd January)

Normal birth – https://www.health.qld.gov.au/__data/assets/pdf_file/0014/142007/g-normalbirth.pdf (Accessed on 2nd January)

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/10/2020 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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