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अगर दिखाई दें ये लक्षण तो समझ लें हो गईं हैं पोस्टपार्टम डिप्रेशन का शिकार

अगर दिखाई दें ये लक्षण तो समझ लें हो गईं हैं पोस्टपार्टम डिप्रेशन का शिकार

बच्चे का जन्म एक मां के लिए उत्साह के साथ ही भय और चिंता भी लेकर आता है। कई बार अनजाने में ही ये डिप्रेशन का कारण भी बन सकता है। पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression) महिलाओं को डिलिवरी के बाद हो सकता है। इसे ‘बेबी ब्लूज (Baby blues)’ भी कहा जाता है। डिलिवरी के करीब दो से तीन दिनों के भीतर पोस्टपार्टम डिप्रेशन की शुरुआत हो सकती है। कई महिलाओं में डिप्रेशन लंबे समय तक रहता है। पोस्टपार्टम डिप्रेशन बच्चे को जन्म देने के बाद मां के शरीर में आने वाली कमजोरी नहीं है बल्कि ये जन्म के दौरान पैदा हुए कॉम्प्लिकेशन की वजह से भी हो सकता है। इससे बचने के लिए आपको जल्द ही अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आज इस आर्टिकल में पोस्टपार्टम डिप्रेशन और पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण को समझने की कोशिश करेंगे, जिससे इस बीमारी से बचना आसान हो जाता है।

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पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression) कब शुरू होता है?

पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression)

डिलिवरी के बाद अवसाद (Depression) की शुरुआत चाइल्ड बर्थ (Childbirth) दो सप्ताह से एक महीने के बीच में कभी भी हो सकता है। रिसर्च से पता चला है कि पचास प्रतिशत पोस्टपार्टम डिप्रेशन के केसेस वास्तव में शिशु के जन्म के पहले से ही शुरू हो जाते हैं। इसलिए, प्रसवोत्तर डिप्रेशन का निदान “पेरिपार्टम की शुरुआत में अवसादग्रस्तता विकार” (Depressive disorder with peripartum onset) के अंतर्गत किया जाना चाहिए। पेरिपार्टम का मतलब, प्रसव होने के चार सप्ताह पहले या प्रेग्नेंसी पीरियड से है। अब जान लेते हैं पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी।

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पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण क्या हैं? (Symptoms of Postpartum Depression)

प्रसव के बाद महिला के शरीर में हॉर्मोनल (Hormonal) परिवर्तन बहुत ज्यादा होते हैं जिसकी वजह से अवसाद महसूस होता है पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression) के दौरान महिलाएं मूड में परिवर्तन महसूस कर सकती हैं। पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण और भी हो सकते हैं। जैसे:

  • बिना वजह रोना।
  • थका हुआ महसूस होना, लेकिन नींद न आना।
  • कभी बहुत ज्यादा सोना।
  • खाने के प्रति दिलचस्पी बहुत बढ़ जाना।
  • शरीर के कई हिस्सों में दर्द की समस्या, गुस्सा, चिंता आदि।
  • आउट ऑफ कंट्रोल फील करना।
  • बातों को याद रखने में दिक्कत महसूस होना।
  • जो चीजें आप पहले एंजॉय करती थी, अब उनमे कोई इंटरेस्ट न होना।
  • बेबी के साथ एंजॉय न कर पाना। आपने डिलिवरी के पहले बहुत सपने सजाएं थे, लेकिन अब आपको कोई भी दिलचस्पी महसूस नहीं हो रही है।
  • कुछ बातों को सोचकर गिल्टी महसूस करना।
  • हर किसी से बचने की कोशिश करना।
  • मन में खुद को या फिर बेबी को चोट पहुंचाने का ख्याल आना।

आपके फैमिली मेंबर और दोस्त ये लक्षण साफ तौर पर महसूस कर सकते हैं। प्रसवोत्तर अवसाद के ये लक्षण आपको भी महसूस हो सकते हैं। पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण डिलिवरी के एक सप्ताह बाद भी शुरू हो सकते हैं। ये लक्षण एक या दो दिन दिख सकते हैं फिर कुछ दिनों बाद आप ठीक महसूस करेंगी। ये लक्षण कुछ दिनों के अंतराल में भी दिख सकते हैं।

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पोस्टपार्टम डिप्रेशन के फिजिकल फैक्टर (Factors for Postpartum Depression)

महिलाओं के शरीर में हॉर्मोन की वजह से आने वाला बदलाव भी पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression) का कारण बन सकता है। डिलिवरी के बाद प्रोजेस्ट्रॉन (Progesterone) और इस्ट्रोजन का लेवल अचानक से कम हो जाता है, इस कारण महिलाओं के शरीर में परिवर्तन दिखने लगते हैं।

पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण और कारणों को समझकर इस बीमारी को आसानी से खुद से दूर किया जा सकता है। और इसमें आपकी मदद आपके लाइफ पार्टनर, फैमली मेंबर, फ्रेंड्स और डॉक्टर करेंगे।

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पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression) का उपचार कैसे करें?

अगर आपको पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो बेहतर होगा कि आप अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें। पोस्टपार्टम डिप्रेशन से छुटकारा पाने के दो मुख्य उपचार हैं, पहला मेडिकेशन (Medication) और दूसरा थेरिपी। उपचार सही तरह से काम कर रहा है या फिर नहीं, ये भी पता लगाया जा सकता है।

पोस्टपार्टम डिप्रेशन में मेडिकेशन (Medication for Postpartum Depression)

1. एंटीडिप्रेसेंट (Antidepressant) का मस्तिष्क पर सीधा प्रभाव पड़ता है। मेडिसिन उन रसायनों को बदलने का काम करती है जो आपके मूड को रेगुलेट करने का काम करते हैं।

2. एंटीडिप्रेसेंट (Antidepressant) लेते समय कुछ लोगों को साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इनमें थकान, सेक्स ड्राइव (Sex drive) में कमी और चक्कर आना शामिल हो सकता है। यदि साइड इफेक्ट के कारण आपको समस्या हो रही है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

3. आप बच्चे को स्तनपान करा रही हैं, तो कुछ एंटीडिप्रेसेंट (Antidepressant) सुरक्षित हो सकते हैं, लेकिन ऐसा सब मेडिसिन के साथ नहीं हो सकता है। आप डॉक्टर से पूछने के बाद ही दवा लें। यदि आप ब्रेस्टफीडिंग करा रही हैं तो डिप्रेशन के इलाज के लिए मेडिसिन का उपयोग नहीं करना चाहिए।

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पोस्टपार्टम डिप्रेशन में थेरिपी (Therapy for Postpartum Depression)

मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक या अन्य मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Depression) के दौरान थेरिपी दे सकते हैं। थेरिपी के माध्यम से नकारात्मक विचार दूर होंगे और पॉजिटिविटी आएगी या और जल्दी ही पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण को दूर करने में मदद मिलेगी।

डिलिवरी के बाद डिप्रेशन से कैसे निपटें? (How to come out from Postpartum Depression)

पोस्टपार्टम डिप्रेशन या पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण के दौरान खुद की देखभाल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। आपको अगर कोई समस्या से तो पहले अपने पार्टनर के साथ शेयर करें। ये बिल्कुल न सोचें कि बच्चा संभालना केवल मां की जिम्मेदारी होती है। प्रसवोत्तर अवसाद से बचने के लिए महिला को निम्न उपाय करने चाहिए। जैसे-

  • खुद की देखभाल करें और पर्याप्त नींद लें।
  • हेल्दी और संतुलित डायट (Balanced diet) लें। आप इस दौरान हल्का व्यायाम (Workout) भी कर सकती हैं।
  • शिशु की देखभाल के साथ ही घर के और कामों में परिवार वालों या अपने पति की मदद लेने में जार भी न हिचकिचाएं।
  • अपनी भावनाओं को व्यक्त करना सीखें। इससे तनाव और चिड़चिड़ेपन से राहत मिल सकती है।
  • डिप्रेशन में अच्छा संगीत सुनना काफी फायदेमंद हो सकता है। इसलिए, संगीत सुनकर स्वयं को बिजी रखने की कोशिश करें।
  • अगर आप वर्किंग मॉम (Working Mother) हैं, तो कुछ दिनों के लिए अपनी मैटरनिटी लीव्स (Maternity leave) यानी मातृत्व अवकाश को और बढ़ा दें।
  • आप अगर कुछ बातों पर ध्यान देंगी तो छह महीने के भीतर ही आपको पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression) से छुटकारा मिल जाएगा। कुछ लोगों को ज्यादा समय भी लग सकता है।

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अगर आपको भी पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression) या पोस्टपार्टम डिप्रेशन के लक्षण फील हो रहा है तो बेहतर होगा कि आप अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। डॉक्टर आपसे जैसा कहे, नियम का पाल करें। डिलिवरी के बाद खुद को भी समय दें। किसी भी बात को लेकर अनावश्यक चिंता न करें। उम्मीद है आपको डिलिवरी के बाद डिप्रेशन पर यह आर्टिकल पसंद आया होगा। अगर पोस्टपार्टम डिप्रेशन (Postpartum Depression) से जुड़ा कोई और सवाल है, तो कमेंट बॉक्स में आप हमसे पूछ सकते हैं। हम अपने एक्सपर्ट्स द्वारा आपके प्रश्नों के उत्तर दिलाने की पूरी कोशिश करेंगे।

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लेखक की तस्वीर
Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 18/03/2021 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड