प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल को ऐसे करें मेंटेन

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Update Date दिसम्बर 18, 2019 . 4 मिनट में पढ़ें
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प्रेग्नेंसी के बारे में सोचने के बाद आपका अगला स्टेप कंसीव करना नहीं होना चाहिए। प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल की जरूरत पड़ती है। हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए आपको पहले से ही तैयारी करनी पड़ेगी। इसके लिए आपको कंसीव करने के दो से तीन महीने पहले ही लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करने पड़ेंगे। हेल्दी न्यूट्रिशन लेने से महिलाओं में फर्टिलिटी इंक्रीज होती है। डायट में पौष्टिक आहार शामिल करना भी जरूरी है। साथ ही विटामिन और मिनिरल्स को भी एड करना चाहिए। अगर आप कंसीव करने की तैयारी कर रही हैं तो एक बार डॉक्टर से परामर्श करने के बाद ही प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाएं।

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प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए फोलिक एसिड

प्रेग्नेंसी के दौरान फोलिक एसिड न्यूरल बर्थ डिफेक्ट के रिस्क को कम कर देता है। प्रेग्नेंट लेडी को प्रति दिन 600-800 mcg फोलिक एसिड की जरूरत होती है। गर्भावस्था के पहले और प्रेग्नेंसी के दौरान फोलिक एसिड की जरूरत होती है। जिन महिलाओं की न्यूरल ट्यूब बर्थ डिफेक्ट हिस्ट्री रह चुकी है, उन्हें प्रेग्नेंसी के दौरान 4000 mcg फोलिक एसिड की जरूरत होती है। प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए जरूरी सप्लिमेंट लेना आवश्यक है।

हैलो स्वास्थ्य ने फोर्टिस हॉस्पिटल की कंसल्टेंट गायनोलॉजिस्‍ट डॉ. सगारिका बसु से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा किफोलिक एसिड मिसकैरिज और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट ( neural tube defects) के खतरे को कम करने का काम करता है। प्रेग्नेंसी में फोलेट की कमी के कारण होने वाले बच्चे में स्पिना बिफिडा (Spina bifida) (इसमें फीटल स्पाइन और बैक डेवलपमेंट के समय पास नहीं आते हैं) हो सकता है। महिला को कंसीव करने से पहले से इसे लेना जरूरी होता है। अगर आप कंसीव करना चाहती हैं तो एक बार डॉक्टर से इस बारे में बात करें। डॉक्टर आपको फोलिक एसिड सप्लिमेंट के साथ ही अन्य जरूरी परामर्श भी देगा।’

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प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए सप्लिमेंट्स और विटामिंस

पौष्टिक आहार के साथ ही प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ विटामिन और सप्लिमेंट को एड किया जाता है। डॉक्टर के द्वारा आपको मल्टीविटामिन, विटामिन सी, विटामिन डी, जिंक, आयोडीन आदि के सप्लिमेंट्स दिए जा सकते हैं। प्रेग्नेंसी से पहले ही महिलाओं को मरकरी युक्त फिश खाने के लिए मना किया जाता है। इस कारण से अनबॉर्न बेबी की हेल्थ को खतरा पहुंच सकता है। प्रीनेटल विटामिन्स में फोलेट, विटामिन ए, आयरन, बी6, बी12 आदि को शामिल किया जाता है। विटामिन सीविटामिन ई, जिंक और फोलिक एसिड स्पर्म के डैमेज को कंट्रोल करने का काम करता है। वहीं ओमेगा 3 फैटी एसिड हार्मोन को रेगुलेट करने का काम करता है। ये ऑव्युलेशन को भी बढ़ाता है।

प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल बढ़ती है फर्टिलिटी

प्रेग्नेंसी से पहले और प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइट फर्टिलिटी को बढ़ाने का काम करती है। रोजाना व्यायाम करना, हेल्दी खाना, तनाव को खुद से दूर रखना, प्रीनेटल विटामिन का समय से सेवन करना आदि महिलाओं और पुरुषों में प्रजनन क्षमता को बढ़ाने का काम करता है। महिलाओं और पुरुषों में 30 प्रतिशत इनफर्टिलिटी अनहेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़ी है।

जो लोग ज्यादा मोटे होते हैं उन्हें बांझपन की समस्या हो सकती है। शरीर में इंसुलिन रजिस्टेंट के कारण अधिक मात्रा में इंसुलिन बनने लगता है। इस कारण से भी कम वजन वाली महिलाओं में ऑव्युलेशन न होने की समस्या हो सकती है। वहीं, पुरुषों में अनहेल्दी लाइफस्टाइल से टेस्टोस्टेरॉन और अन्य हार्मोन में बदलाव देखने को मिलते हैं जो बांझपन को बढ़ाने का काम करते हैं। अगर हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाई जाए और साथ ही व्यायाम की ओर ध्यान दिया जाए तो फर्टिलिटी में सुधार हो सकता है।

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प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए जरूरी है एक्सरसाइज

प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए एक्सरसाइज बहुत जरूरी है। प्रेग्नेंसी के पहले और बाद में एक्सरसाइज की हेल्प से मसल्स रिलैक्स होती हैं। शरीर की थकान भी कम होती है। प्रेग्नेंसी के पहले एक्सरसाइज से इनफर्टिलिटी के खतरे को कम किया जा सकता है। अगर आपने एक्सरसाइज की है तो इसका अच्छा प्रभाव डिलिवरी की प्रक्रिया के दौरान दिखाई देता है। प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल इस बात पर निर्भर करती है कि आप अपने स्वास्थ्य का कितना ध्यान रखती हैं। एक्सरसाइज की हेल्प से बॉडी को फिट रखा जा सकता है। प्रेग्नेंसी के पहले भी हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए।

प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए ओरल हेल्थ पर दें ध्यान

हो सकता है कि आपको ये बात बहुत अजीब लग रही हो कि ओरल हेल्थ से प्रेग्नेंसी का क्या मतलब है? लेकिन ये सच है कि ओरल हेल्थ प्रेग्नेंसी को भी अफेक्ट कर सकती है। गम डिजीज, कैविटी की समस्या, पेरियोडोंटाइटिस (periodontitis) गर्भावस्था में बुरा प्रभाव दिखा सकते हैं। मां के मुंह के बैक्टीरिया गर्भ में पल रहे शिशु तक पहुंच सकते हैं। जब मां के मुंह में बहुत अधिक बैक्टीरिया हो जाते हैं, तो मसूड़ों से खून के माध्यम से गर्भाशय तक पहुंच जाते हैं। अगर आपको प्रेग्नेंसी के दौरान या पहले ओरल हेल्थ से जुड़ी कोई समस्या है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने से ही हेल्दी बेबी पैदा होगा।

प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए लिक्विड और फाइबर फूड

प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए लिक्विड यानी तरल पदार्थ और फाइबर फूड खाना बहुत जरूरी होता है। शरीर में पानी की कमी होने से बच्चे पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। दिन में सात से आठ ग्लास पानी पीने के साथ ही फलों के रस को भी शामिल करें। प्रेग्नेंसी में फाइबर फूड लेने से कब्ज की समस्या नहीं होगी। प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए खानपान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।

प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए पॉजिटिव एनर्जी है जरूरी

प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए आसपास का वातावरण सकारात्मक होना बहुत जरूरी है। जब महिला अच्छे वातावरण में रहती है तो उसके मन में अच्छे विचार आते हैं। सकारात्मक विचार का होने वाले बच्चे पर भी अच्छा प्रभाव पड़ता है। बेहतर रहेगा कि अपने परिवार के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करें। अगर आप वर्किंग हैं तो अपने ऑफिस में भी अच्छे माहौल में रहने की कोशिश करें। नकारात्मक विचार रखने वाले लोगों से दूरी बनाएं। प्रेग्नेंसी में हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए अच्छा खाना और पूरी नींद लेना बहुत जरूरी है।

वर्किंग आवर को प्रेग्नेंसी में बढ़ाने की कोशिश न करें। देर रात तक काम करने से अधिक थकान हो सकती है। रात में नौ घंटे की नींद जरूर लें। अगर ठीक से नींद नहीं ली तो अगले दिन काम पर जाने के दौरान आपको थकावट महसूस हो सकती है। ऐसे में काम करने में मन नहीं लगेगा। काम के दौरान थोड़ा ब्रेक लेना सही रहेगा।

प्रेग्नेंसी के पहले और बाद में किस तरह की हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी चाहिए, इस बारे में अपने डॉक्टर से पूछें। अगर आपकी कोई हेल्थ कंडिशन है तो बेहतर होगा कि बिना डॉक्टर की सलाह के कोई कदम न उठाएं।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सक सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

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