क्या है गर्भावस्था के दौरान केसर के फायदे, जिनसे आप हैं अनजान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अगस्त 23, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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केसर को सेफ्रॉन के नाम से भी जाना जाता है। केसर एक महंगी औषधी होती है। इसका इस्तेमाल कई कारणों से किया जाता है न केवल बीमारी बल्कि स्वाद,रंग और कई अलग-अलग फायदों के कारण इसका उपयोग किया जाता है। केसर का उपयोग बच्चों सहित हर उम्र के लोगों में किया जाता है। तो वहीं गर्भावस्था में इसके उपयोग को लेकर कई प्रकार के मत सामने आते हैं। दरअसल गर्भावस्था एक बहुत ही नाजुक स्थिति होती है। इस स्थिति में किसी भी चीज का उपयोग करने से पहले बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता होती है। इस दौरान हर छोटी-बड़ी चीज का मानसिक और शारीरिक रूप दोनों से प्रभाव पड़ता है। गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में बहुत अधिक चिंता,तनाव होता है। इस कारण से उन्हें इस अवस्था में केसर का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। दरअसल केसर में ऐसे गुण पाए जाते हैं, जो महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान तनाव जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। इसके आधार पर हम ये कह सकते हैं, कि गर्भावस्था के दौरान केसर के फायदे कई प्रकार से हो सकते हैं, तो चलिए आज हम इस आर्टिकल में गर्भावस्था के दौरान केसर के फायदे के बारे में बात करेंंगे।

क्या गर्भवती होने पर केसर का उपयोग सुरक्षित है?

जी हां गर्भावस्था के दौरान केसर का उपयोग करना सुरक्षित माना जाता है। इतना ही नहीं इसके उपयोग से गर्भावस्था के दौरान कई तरह के फायदे होते हैं। तो वहीं केसर का जरूरत से अत्यधिक सेवन कई अवांछनीय दुष्प्रभाव पैदा कर सकता है और यहां तक कि कुछ दुर्लभ मामलों में गर्भपात का कारण भी हो सकता है। इसलिए,गर्भावस्था में केसर का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।

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गर्भावस्था के दौरान केसर का डोज

  • प्रति दिन 500 मिलीग्राम केसर का सेवन आपके रक्तचाप के स्तर पर दुष्प्रभाव डाल सकता है।
  • यदि आप पहले से ही लो ब्लड शुगर का सामना कर रहे हैं, तो आप जिस केसर का सेवन कर रहे हैं उसकी मात्रा पर सख्ती से ध्यान दें और इसे हमेशा 250एमजी से कम रखें।
  • प्रति दिन दो बार (कुल 1 ग्राम) 500 मिलीग्राम केसर का उपयोग करने से रक्तचाप खतरनाक स्तर तक नीचे आ सकता है और गर्भावस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
  • लगभग 2 ग्राम केसर का उपयोग करने से गर्भाशय का संकुचन शुरू हो सकता है ।जिससे गर्भपात हो सकता है और प्रसव पीड़ा हो सकती है।

नोट:गर्भावस्था में केसर के सही उपयोग को लेकर अपने डॉक्टर द्वारा इसकी डोज तय करवा लेें । हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो अधिक जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

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गर्भावस्था के दौरान केसर के फायदे क्या-क्या हैं?

गर्भावस्था के दौरान केसर के फायदे कई प्रकार के हैं। आयुर्वेद का मानना ​​है कि केसर की सही मात्रा गर्भावस्था की कई असुविधाओं को दूर करती है। आइए जानते हैं गर्भावस्था में केसर का प्रयोग करने से क्या लाभ आपको हो सकते हैं।

मॉर्निंग सिकनेस से राहत दिलाने में मदद करता है

केसर मॉर्निंग सिकनेस के साथ मैजिकल तरीके से काम करता है क्योंकि यह मितली और चक्कर आने से छुटकारा पाने में मदद कर सकता है। मॉर्निंग सिकनेस के बारे में बात करना इसलिए आवश्यक है, क्योंकि गर्भावस्था में मॉर्निंग सिकनेस  होना बहुत ही सामान्य है।

मांसपेशियों में ऐंठन को दूर करने में मदद करता है

जैसे-जैसे आपकी गर्भावस्था तिमाही में एंटर करती है, वैसे-वैसे महिलाओं को पैरों और पेट के  मांसपेशियों में ऐंठन होने लगती है। उन्हें जोड़ों में दर्द का अनुभव भी हो सकता है। केसर में एक ऐंठन-विरोधी गुण होता है जो पैरों और पेट में मांसपेशियों के मरोड़ को कम करने और जोड़ों को आराम देने में मदद करता है जिससे ऐंठन से राहत मिलती है।

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गर्भावस्था में बालों को झड़ने से रोकता है

गर्भावस्था के दौरान होने वाले हार्मोनल उतार-चढ़ाव बालों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं। ज्यादातर गर्भवती महिलाओं को बाल झड़ने की शिकायत होती है। गर्भावस्था में बालों को झड़ने से रोकने के लिए केसर का उपयोग किया जा सकता है। केसर पीने के अलावा इसका पेस्ट बनाकर भी सिर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

हृदय की समस्याओं से बचाता है

आप सभी जानते हैं,गर्भावस्था में अधिक कैलोरी ली जाती  है, लेकिन साथ ही यह ध्यान भी रखना चाहिए कि अधिक कैलोरी के कारण किसी प्रकार की हृदय संबंधी समस्या न आ जाए।। केसर में क्रोसेटीन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण मौजूद होते हैं, जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित बना रहता है और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो जाता है।

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केसर आपको एलर्जी और संक्रमण से बचाता है

गर्भावस्था आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकती है। नियमित रूप से केसर का सेवन करने से यह सुनिश्चित होता है कि आप मौसम में बदलाव और अन्य सामान्य संक्रमणों के कारण होने वाली एलर्जी से सुरक्षित हैं। नियमित रूप से केसर वाला दूध पीने से इन एलर्जी को कम करने में मदद मिल सकती है। आयुर्वेद के अनुसार, चंदन और केसर का पेस्ट लगाने से बुखार कम होता है। कम मात्रा में लेकिन इसका सेवन आपको करते रहना चाहिए।

आयरन की कमी को रोकता है

कभी-कभी गर्भवती महिलाओं का आहार आयरन की बढ़ती मांग को पूरा करने में असफल रहता है। जिस कारण आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया की संभावना बढ़ जाती है। नियमित रूप से (अनुशंसित मात्रा में) केसर का उपयोग करने से आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया को रोकने में मदद मिल सकती है क्योंकि केसर आयरन का एक उचित स्रोत है। गर्भावस्था में केसर का उपयोग इन्ही कारणों से आवश्यक है।

केसर आयरन और हीमोग्लोबिन को बनाए रखने में मदद करता है

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में एनीमिया का खतरा बढ़ जाता है। इसीलिए माताओं को गर्भावस्था में आयरन युक्त भोजन और सप्लीमेंट लेने की सलाह दी जाती है। हर दिन केसर की कुछ मात्रा होने से आपके शरीर में आयरन और हीमोग्लोबिन का स्तर बना रहता है।

उच्च रक्तचाप को रोकता है

गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप होना महिलाओं में एक सामान्य समस्या बन जाती है। इस अवस्था में यह समस्या कई महिलाओं को परेशान कर देती हैं। यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध है कि केसर में पोटेशियम और क्रोकेटिन रक्तचाप को कम करते हैं।

केसर आपको रिलैक्स महसूस कराता है

सुबह उठने के बाद हार्मोनल परिवर्तन, बढ़ते पेट और सांसों की दुर्गंध आपको थकावट का एहसास करा सकती है। यदि आप सोने से पहले केसर का दूध लेते है, तो इससे आपको रात में अच्छी नींद आने में मदद मिलेगी और आप अगली सुबह खुश और हल्का महसूस करेंगें।

पाचन में सुधार करने में मदद करता है

गर्भावस्था के दौरान पाचन क्षमता में समस्या आना लाजमी है। गर्भावस्था के दौरान ज्यादातर महिलाओं में पाचन संबंधी समस्या होती है। तो इस दौरान केसर के उपयोग से कब्ज, सूजन, पेट खराब जैसी पाचन समस्या से राहत मिलती है। इसके साथ ही मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है। केसर का नियमित सेवन भी आंत की भीतरी दीवार पर एक परत बनाकर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एसिडिटी से राहत देने में मदद करता है।

त्वचा की देखभाल

गर्भावस्था में महिलाओं के शरीर में  कई तरह के हार्मोनल बदलाव के कारण आपकी त्वचा रूखी और डार्क हो सकती है। इसमें केसर कई तरीकों से इनकी मदद कर सकता है।

केसर आपको ग्लोइंग बनाता है

कई महिलाएं गर्भावस्था में हार्मोनल परिवर्तनों के कारण अपनी त्वचा में परिवर्तन महसूस करती हैं। गर्भावस्था के दौरान पिंपल्स,पिगमेंटेशन होना आम बात हैं। नियमित रूप से केसर का सेवन करने से त्वचा की समस्याएं दूर होती हैं और त्वचा की टोन में सुधार होता है।

एलेवेट्स मूड

गर्भावस्था के दौरान ज्यादातर महिलाओं का मूड स्विंग होता है। यह हार्मोनल स्तर में बदलाव के कारण या गर्भावस्था के बारे में चिंता के कारण हो सकता है। किसी भी मामले में, ये मिजाज आपको चिड़चिड़ेपन, अवसादों से ग्रस्त कर सकते हैं। तो केसर में अवसाद रोधी गुण होते हैं और इसके दैनिक सेवन से आपके मूड को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी और आप खुश और अच्छा महसूस कर पाएंगे।

बच्चे पर प्रभाव

पूराने समय की भारतीय महिलाएं मानती थी कि दूध में केसर मिलाकर गर्भावस्था में इसका सेवन करने से बच्चे की त्वचा गोरी होती है। वैसे आपको बता दें यह एक मिथक है क्योंकि बच्चे की त्वचा का रंग पूरी तरह से जीन और त्वचा में मेलेनिन की मात्रा पर निर्भर करता है। हालांकि केसर शिशु की त्वचा को गोरा नहीं कर सकता, लेकिन यह आपके बच्चे की त्वचा को एक चमक अर्थात ग्लो  प्रदान करने में मदद करता है। ग्लोइंग त्वचा का मतलब गोरापन नहीं होता है, इसका अर्थ है कि बच्चे की त्वचा स्वस्थ होगी।

गर्भावस्था में केसर के सेवन से क्या-क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं

  • अत्यधिक मात्रा में केसर का सेवन करने से गर्भपात का खतरा बढ़ा सकता है।
  • अत्यधिक मात्रा में केसर के उपयोग से आपके शरीर का बैलेंस बिगड़ सकता है।
  • अत्यधिक मात्रा में केसर के उपयोग से महिलाओं में उल्टी,मतली,चक्कर जैसे दुष्प्रभाव दिखाई दे सकते हैं।
  • अत्यधिक मात्रा में केसर के उपयोग से हाइपर सेंसटिविटी की समस्या हो सकती है।
  • अत्यधिक मात्रा में केसर के उपयोग  से मुंह,नाक से खून आ सकता है।

उपर दी गई जानकारी चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इसलिए किसी भी दवा या सप्लिमेंट का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें। हैलो स्वास्थ्य किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है।

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