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मोतियाबिंद की रोकथाम के लिए अपनी डायट में शामिल करें ये खाद्य पदार्थ

मोतियाबिंद की रोकथाम के लिए अपनी डायट में शामिल करें ये खाद्य पदार्थ

मोतियाबिंद आंखों का एक सामान्य रोग है जिसमें आंख के लेंस में धुंधलापन आ जाता है जिससे देखने की क्षमता प्रभावित होती है। मोतियाबिंद के ज्यादातर मामलें 55 से 60 वर्ष की उम्र से अधिक आयु के व्यक्तियों में पाए जाते है। हालांकि आजकल युवाओं में भी मोतियाबिंद के कई मामले देखने को मिलते है। मोतियाबिंद धीरे-धीरे विकसित होता है जिसमें आंखों में प्रोटीन के गुच्छे जमा होने लगते है जिससे लेंस को रेटिना स्पष्ट चित्र भेजने में असमर्थ होता है जिसके फलस्वरूप व्यक्ति को फीके रंग का दिखना, धुंधला दिखना, कम दिखना, चमकदार रोशनी दिखना और रात को देखने में परेशानी होना जैसे लक्षण दिखाई देते है। मोतियाबिंद का स्पष्ट कारण अज्ञात है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ऑक्सीडेटिव तनाव की वजह से आंख के लेंस में स्थित एंजाइम और प्रोटीन प्रभावित होते है जिससे लेंस में धुंधलापन आ जाता है और कम दिखाई देने लगता है। मोतियाबिंद एक आम बीमारी है इसलिए मोतियाबिंद के घरेलू उपाय अपनाकर आप इससे काफी हद तक बच सकते है।

मोतियाबिंद के लक्षण (Symptoms of cataract)

  • धुंधला दिखाई देना
  • रंग फीके दिखाई देना
  • दोहरी नजर
  • जल्दी-जल्दी चश्मे का नंबर बदलना
  • दोनों आंखों के पॉवर में असंतुलन
  • हल्की रोशनी भी तेज दिखना पड़ना
  • रात में दृष्टि बेहद कम होना

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मोतियाबिंद के घरेलू उपाय के लिए अपनी डायट में शामिल करें ये खाद्य पदार्थ – (Diet for cataract)

मोतियाबिंद के घरेलू उपाय के घरेलू उपाय निम्न है-

1.विटामिन ए (Vitamin A) –

आखों के सेहत के लिए विटामिन ए बेहद जरूरी है। यदि आप मोतियाबिंद से बचना चाहते है तो अपनी डायट में विटामिन ए शामिल करें। विटामिन ए वाले खाद्य पदार्थों में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते है जो आंखों की सेहत के लिए काफी लाभदायक होते है। इसके अलावा विटामिन ए कार्निया की सुरक्षा करने के साथ ही आखों की रोशनी बढ़ाने में भी मददगार होती है। विटामिन ए की कमी को पूरी करने के लिए अपनी डायट में संतरे, पालक, पूदीना, धनिया, मेथी, कद्दू और गाजर शामिल करें।

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2. विटामिन सी (Vitamin C) –

विटामिन सी का सेवन आंखों की सेहत और मोतियाबिंद के लिए की रोकथाम के लिए बेहद जरूरी है। विटामिन सी में कई शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते है जो आंखों के लिए फायदेमंद होते है। कई रिसर्च में भी ये बात सामने आई है कि आंखों की सेहत और विटामिन सी का सेवन करने से मोतियाबिंद और अंधेपन को रोका जा सकता है। विटामिन सी के मुख्य स्त्रोत गोभी, हरा धनिया, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, आंवला, संतरा, अमरूद आदि है।

3. विटामिन ई (Vitamin E) –

विटामिन ई आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी विटामिन है। यदि किसी व्यक्ति में विटामिन ई की कमी है तो उसे आंखों की समस्याएं जैसे मोतियाबिंद होने का खतरा बढ़ जाता है। विटामिन ई बादाम, वनस्पति तेल, अनाज, सूरजमुखी के बीज आदि में मुख्य रूप से पाया जाता है। विटामिन ई की कमी और मोतियाबिंद के खतरे से बचने के लिए आप इन खाद्य पदार्थों को अपने भोजन में शामिल कर सकते है।

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4. फोलिक एसिड (Folic acid) –

आंखों की सेहत बनाए रखने और एनीमिया से बचने के लिए शरीर में आयरन की कमी नही होना चाहिए। आमतौर पर आयरन को फोलिक एसिड के रूप में लिया जाता है। फोलिक एसिड कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है। यदि आप अपनी डायट में फोलिक एसिड को शामिल करना चाहते है तो हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, अखरोट और पुदीना आदि का सेवन करें।

5. हाय एंटीऑक्सीडेंट –

ग्लूकोमा और मोतियाबिंद से लड़ने के लिए डायट में हाय एंटीऑक्सीडेंट वाले खाद्य पदार्थ शामिल होना बेहद जरूरी है। ग्रीन टी में हाय एंटीऑक्सीडेंट होते है इसलिए अपनी डायट में नॉर्मल टी की जगह ग्रीन टी को शामिल करें। इसके अलावा चॉकलेट में भी एंटीऑक्सीडेंट होते है इसलिए आप इसका सेवन भी कर सकते है।

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6. मछली –

आंखों की सेहत के लिए मछली से बेहतर कोई और खाद्य पदार्थ नही है। मछली में ओमेगा 3 फेट्टी एसिड पाए जाते है जो आंखों के लिए बेहद जरूरी है। जो लोग नियमित रूप से मछली का सेवन करते है उन लोगों में आंखों से जुड़ी समस्याएं न के बराबर होती है। जिन लोगों को मोतियाबिंद या आंखों से जुड़ी कोई समस्या है उन लोगों डॉक्टर भी मछली का सेवन करने की सलाह देते है।

7. रंगीन आहार का सेवन –

यदि आप मोतियाबिंद से बचना चाहते है तो अपनी डायट में रंगीन आहार जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, लाल टमाटर, गाजर, शिमला मिर्च आदि को शामिल करें। हरी सब्जियां आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। रंगीन आहार मोतियाबिंद की समस्या से बचने के लिए कारगर उपाय है। रंगीन आहार के रूप में आप अपनी डायट में हरी सब्जियां, गोभी, गाजर, शिमला मिर्च, मटर, पालक, मैथी और चुकंदर आदि को शामिल कर सकते है।

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8. अंडे का सेवन –

स्वस्थ्य आंखों और मोतियाबिंद से बचाव के लिए अंडे का सेवन बेहद जरूरी है। यदि आप नियमित रूप से अंडे का सेवन करते है तो आपको मोतियबिंद नही हो सकता है। दरअसल अंडे में Zeaxanthin और Lutein नाम के विटामिन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। ये दोनों ही विटामिन मोतियाबिंद से बचने के लिए सहायक माने जाते है। यदि आप भविष्य में मोतियाबिंद से बचना चाहते है तो अंडो का सेवन आपके लिए बेहद लाभकारी रहेगा।

Disclaimer: हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की कोई भी मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है, अधिक जानकारी के लिए आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

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sudhir Ginnore द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 21/06/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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