क्या क्वारंटाइन फैटीग की वजह से लोग हो गए हैं परेशान?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

कोरोना वायरस की बीमारी से दुनियाभर में करीब 30 लाख के आसपास लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, इससे जान गंवाने वाले लोगों की तादाद 2 लाख का आंकड़ा पार कर गई है। लेकिन, दुख की बात यह है कि, अभी तक दुनिया का कोई देश इसकी वैक्सीन या रोकथाम का कोई तरीका विकसित नहीं कर पाया है। हालांकि, SARS-CoV-2 इंफेक्शन को फैलने से रोकने के लिए पूरी दुनिया लॉकडाउन व क्वारंटाइन का तरीका अपना रही है। लेकिन हाल ही में हुए एक अध्ययन के मुताबिक, अब लोग क्वारंटाइन फैटीग से ग्रसित हो चुके हैं, जो कि चिंताजनक विषय है और कोविड- 19 महामारी के खतरनाक रूप लेने में मदद भी कर सकता है। आइए, जानते हैं रिसर्च क्या कहती है।

यह भी पढ़ें: कोरोना के दौरान वर्क फ्रॉम होम करने से बिगड़ सकता है आपका बॉडी पोस्चर, जानें एक्सपर्ट की सलाह

क्वारंटाइन फैटीग (Quarantine Fatigue) के बारे में क्या कहता है अध्ययन?

यह अध्ययन मैरीलैंड विश्वविद्यालय के मैरीलैंड ट्रांसपोर्टेशन इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर और लीड रिसर्चर ली झांग की अगुवाई में किया गया है और इस स्टडी में करीब 10 करोड़ लोगों के मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रैक किया गया है। उन्होंने कहा कि, ‘अध्ययन में हमने ऐसा कुछ देखा है, जिसके बारे में हम सोच रहे थे कि वह नहीं घट रहा है। लेकिन, वैसा लगातार हो रहा था। लगता है कि, हम सभी क्वारंटाइन फैटीग से ग्रसित हो चुके हैं और आने वाले दिनों में इसके बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।’

सामने आई ये बातें

अध्ययन में पाया गया कि, 17 अप्रैल को यूएस में घर में रहने वाले संभावित लोगों का नेशनल शेयर पिछले शुक्रवार की तुलना में 33 प्रतिशत से 31 प्रतिशत तक गिर गया है। घर में रहने से मतलब है कि, उनका मोबाइल फोन दिन में एक मील से अधिक दूर नहीं जाएगा। यह अध्ययन यूएस में लॉकडाउन लगने के छह हफ्ते बाद देखने को मिला है। झांग का कहना है कि, ‘हमारे द्वारा लिया गया सैंपल काफी बड़ा है, इसलिए छोटा-सा बदलाव भी बहुत महत्व रखता है।’

यह भी पढ़ें: चेहरे के जरिए हो सकता है इंफेक्शन, कोरोना से बचने के लिए चेहरा न छूना

आने वाले दिनों में और खराब हो सकती है स्थिति

शोधकर्ताओं का कहना है कि, ऐसी स्थिति करीब-करीब पूरी वर्तमान पीढ़ी के सामने पहली बार आई होगी। जहां उसे इसके ठीक होने का कोई समय नहीं पता है। ऐसे में काफी लंबे समय तक क्वारंटाइन, लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के तरीके अपनाने के बाद लोग बेसब्र हो गए हैं। यूएस के हॉटस्पॉट जगहों पर मार्च के मध्य में घरों में रहने के आदेश दे दिए गए थे, जिसके एक महीने बाद यह बदलाव देखा गया है। वहीं, अमेरिकी सरकार ने कुछ राज्यों में स्थिति सुधरती हुई देखकर लॉकडाउन व क्वारंटाइन के सख्त नियमों में नरमी करने का आदेश दिया है। ऐसे में आने वाले समय में लोग एकदम घर से बाहर निकलेंगे, जिसमें स्थिति खराब होकर यह कोविड- 19 वायरस फैलने का खतरा काफी अधिक है।

यह भी पढ़ें: सोशल डिस्टेंसिंग को नजरअंदाज करने से भुगतना पड़ेगा खतरनाक अंजाम

क्वारंटाइन फैटीग क्या है?

क्वारंटाइन फैटीग का सीधा मतलब यह है कि, लोग लॉकडाउन व क्वारंटाइन की वजह से घर में रह-रहकर थक गए हैं। जिस वजह से अध्ययन में देखा गया है कि, जहां ज्यादा लोगों को क्वारंटाइन में घरों में रहना चाहिए था, वहीं क्वारंटाइन लागू होने के एक महीने बाद लोगों के घर से बाहर जाने या ज्यादा ट्रेवल करना देखा जा रहा है। लोग नियमों में थोड़ी सी नरमी आते ही, घरों से बाहर निकलकर मार्केट और बीच पर बड़ी तादाद में घूम रहे हैं। जो कि कोविड- 19 वायरस की स्थिति में काफी खतरनाक साबित हो सकता है और कोरोना वायरस ट्रांसमिशन काफी तेजी से फैल सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विल्बुर चेन के मुताबिक, ‘अगर लोग बाहर जाएंगे, तो इससे SARS-CoV-2 इंफेक्शन के ट्रांसमिशन का खतरा बढ़ेगा। जिससे कोविड- 19 के अधिक मामले देखने को मिलेंगे और अस्पतालों पर बोझ बढ़ेगा।’

यह भी पढ़ें: क्या हवा से भी फैल सकता है कोरोना वायरस, क्या कहता है WHO

लॉकडाउन में फैटीग को लेकर एप्पल ने भी पेश किया आंकड़ा

एप्पल मोबाइल कंपनी ने भी एक दूसरी स्टडी की मदद से कुछ ऐसे ही नतीजे सामने आने की बात कही है। एप्पल की मोबिलिटी ट्रेंड रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में खासतौर से खुद ड्राइविंग या पैदल चलकर कहीं जाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। ऐसा इसलिए हो सकता है, क्योंकि कोविड- 19 से बचाव के लिए हर देश में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को रोक दिया गया है। एप्पल की मोबिलिटी ट्रेंड रिपोर्ट्स उनके मूवमेंट टूल के आंकड़ों पर निर्भर होती है। एप्पल ने कहा कि, ‘उसके मैप्स किसी यूजर की एप्प्ल आईडी से जुड़े नहीं होते हैं और न ही एप्पल यूजर के रहने की जगह की हिस्ट्री रखता है। इसके अलावा, इकट्ठा किए गए आंकड़े पूरी तरह से गोपनीय हैं। हमने केवल यह जानकारी इकट्ठी की है कि, लोग आने जाने के लिए किन ट्रांसपोर्ट को मैप्स के जरिए ट्रेक करते हैं।’

यह भी पढ़ें: UV LED लाइट सतहों को कर सकती है साफ, कोरोना हो सकता है खत्म

कोविड- 19 के भारत में मरीज (How many cases of coronavirus in India?)

भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक 27 अप्रैल 2020 को सुबह 8 बजे तक देश में 20835 कोविड- 19 इंफेक्शन से संक्रमित मरीजों की पहचान कर ली गई है। जिसमें से 6184 का इलाज करने के बाद छुट्टी दे दी गई है, वहीं 872 लोगों की जान जा चुकी है। मंत्रालय की वेबसाइट के मुताबिक भारत में संक्रमित मरीजों की सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र में हो गई है, जहां 8068 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके बाद गुजरात 3301 मामले और दिल्ली 2918 केस का नंबर आता है।

यह भी पढ़ें: कोरोना से बचाव के लिए कितना रखें एसी का तापमान, सरकार ने जारी की गाइडलाइन

कोविड-19 की ताजा जानकारी
देश: भारत
आंकड़े

1,435,453

कंफर्म केस

917,568

स्वस्थ हुए

32,771

मौत
मैप

कोरोना पर डब्ल्यूएचओ के आंकड़े

डब्ल्यूएचओ ने अपनी दैनिक सिचुएशन रिपोर्ट 97 में कोरोना वायरस से जुड़े आंकड़े पेश किए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, 26 अप्रैल 2020 को सुबह 10 बजे तक दुनियाभर में 28,04,796 संक्रमित मरीज पाए जा चुके हैं, जिसमें से 1,93,710 लोगों की जान जा चुकी है।

कोविड- 19 महामारी को खत्म करने के लिए आपको लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ही मास्क व पर्सनल हाइजीन जैसी सावधानियों का पालन करना होगा। इसके अलावा, सिर्फ सरकार या हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा दी गई जानकारी पर ही विश्वास करें। हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

और पढ़ें :-

कोरोना के दौरान सोशल डिस्टेंस ही सबसे पहला बचाव का तरीका

कोविड-19 है जानलेवा बीमारी लेकिन मरीज के रहते हैं बचने के चांसेज, खेलें क्विज

ताली, थाली, घंटी, शंख की ध्वनि और कोरोना वायरस का क्या कनेक्शन? जानें वाइब्रेशन के फायदे

कोराना के संक्रमण से बचाव के लिए बार-बार हाथ धोना है जरूरी, लेकिन स्किन की करें देखभाल

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

क्या पेंटोप्रोजोल, ओमेप्रोजोल, रैबेप्रोजोल आदि एंटासिड्स से बढ़ सकता है कोविड-19 होने का रिस्क?

पीपीआई यानी प्रोटोन पंप प्रोटोन पंप इंहिबिटर, ऐसी दवाएं जो हार्ट बर्न और एसिडिटी के इलाज में उपयोग की जाती है। अमेरिकन स्टडीज में दावा किया गया है कि इनके उपयोग से कोरोना वायरस का रिस्क बढ़ जाता है।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
कोविड 19 सावधानियां, कोरोना वायरस सितम्बर 11, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

वर्ल्ड टूरिज्म डे: कोविड-19 के बाद कितना बदल जाएगा यात्रा करना?

कोविड-19 के बाद ट्रैवल करना पहले जितना मजेदार नहीं रहेगा क्योंकि एक तो आपको संक्रमण से बचाव की चिंता लगी रहेगी दूसरी तरफ कई नियमों का पालन भी करना होगा।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Manjari Khare
कोविड-19, कोरोना वायरस सितम्बर 8, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें

फिर से खुल रहे हैं स्कूल! जानें COVID-19 के दौरान स्कूल जाने के सेफ्टी टिप्स

COVID-19 के दौरान स्कूल लौटने के लिए सेफ्टी टिप्स in Hindi, school reopen guidelines covid-19 safety tips in Hindi, सेफ्टी टिप्स की गाइडलाइन।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shayali Rekha
कोविड 19 व्यवस्थापन, कोरोना वायरस सितम्बर 8, 2020 . 9 मिनट में पढ़ें

वर्ल्ड पेशेंट सेफ्टी डे: पेशेंट और हेल्थ वर्कर्स की सेफ्टी कैसे है एक दूसरे पर निर्भर?

जानिए विश्व मरीज सुरक्षा दिवस में कोविड-19 के समय कैसे मरीज और स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा एक दूसरे से संबंधित है? पेशेंट और हेल्थ वर्कर्स की सेफ्टी ।

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Mousumi dutta
हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन सितम्बर 3, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

हाथों की सफाई, hand wash

हाथों की स्वच्छता क्यों है जरूरी, जानिए एक्सपर्ट की राय

के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रकाशित हुआ अक्टूबर 15, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
हार्ट पर कोविड-19 का प्रभाव, heart issues after recovery from coronavirus

कोविड-19 रिकवरी और हार्ट डिजीज का क्या है संबंध, जानिए एक्सपर्ट की राय

के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
प्रकाशित हुआ सितम्बर 24, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
कोविड के बाद फेफड़ों का स्वास्थ्य -corona and lung world lungs day

क्या कोरोना होने के बाद आपके फेफड़ों की सेहत पहले जितनी बेहतर हो सकती है?

के द्वारा लिखा गया Ankita Mishra
प्रकाशित हुआ सितम्बर 22, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें
कोरोना से ठीक होने के बाद के उपाय

कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद ऐसे बढ़ाएं इम्यूनिटी, स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताए कुछ आसान उपाय

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Shikha Patel
प्रकाशित हुआ सितम्बर 18, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें