जानें कैसे वॉकिंग (Walking) है एक बेहतरीन एक्सरसाइज?

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Update Date जुलाई 1, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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वॉकिंग करना अनेक बीमारियों और समस्याओं का समाधान है। अगर आप जोड़ों के दर्द, तनाव, दिल की बीमारियों या मोटापे जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो पैदल चलना आप के लिए बेहतरीन विकल्प है। पैदल चलने से आप का शरीर चुस्त और फुर्तीला रहता है। आपको बताते हैं कि पैदल चलना हमारी सेहत को बेहतर बनाने में क्या योगदान देता है…

वॉकिंग के फायदे – मोटापा कम करने में करती है मदद

वॉकिंग आपके मेटाबोलिज्म को बढ़ा कर वजन घटाने में बहुत मदद करती है। यह एक बेहतरीन एक्सरसाइज है। शरीर से 70 से 75 कैलोरी को चार किलोमीटर चलने से बर्न किया जा सकता है। सामान्य व्यक्ति रोजाना दो किलोमीटर चल कर भी अपना वजन आसानी से घटा सकता है। कार और बाइक का इस्तेमाल न करते हुए करीबी जगहों पर पैदल जाना एक अच्छा विकल्प है।

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हार्ट को हेल्दी रखता है वॉकिंग

वॉकिंग आप के दिल को स्वस्थ्य रखने में मदद करती है। वॉकिंग से आप को हाई ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। यह स्वस्थ्य जीवन पाने के लिए सरल, आसान और लंबे समय तक की जाने वाली एक्सरसाइज है।

वॉकिंग के फायदे – डायबिटीज को नियंत्रित करने में है मददगार

चलने से आपके शरीर में शुगर का स्तर नियंत्रित रहता है। यह इंसुलिन के स्तर को कम करके डायबिटीज को काबू में रखता है। हर भोजन के बाद 15  मिनट चलना, आम समय में 45  मिनट तक चलने के बराबर फायदेमंद है। 

हर तरह के शरीर के लिए सामान्य लाभदायक

गर्भास्वस्था, मोटापा, बुढ़ापा या गठिया रोग जैसी अनेक बीमारियों के शिकार लोगों के लिए पैदल चलना बहुत फायदेमंद है। अक्सर डॉक्टर्स आपको ज्यादा चलने की सलाह देते हैं। यह गंभीर बीमारियों की समस्या का असर कम करने में भी मदद करता है। आज ही से चलना शुरू करें। भले ही 10 मिनट ही क्यों न चलें।

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डिप्रेशन और एंग्जाइटी के असर को कम करे

चलने से आपके शरीर में एंडोर्फिन नाम का रसायन रिलीज होता है जो आपके मूड को बेहतर बनाने और आपको खुश रखने में मदद करता है। रोजाना नियमित रूप से चलने में स्ट्रेस, एंग्जाइटी और डिप्रेशन के लक्षणों को काफी हद तक कम करने में मदद करता है और आपके मूड को बेहतर बनाए रखता है।

चलने के फायदे – चलना सस्ता और आसान विकल्प है

चलने के लिए किसी भी प्रकार के पैसे नहीं लगते, आपको जिम मेंबरशिप की भी जरूरत नहीं होती। आपको सिर्फ आरामदायक कपड़ों और जूतों की आवश्यकता होगी। चलने को आसान और दिलचस्प बनाने के लिए स्टेप काउंटर्स, म्यूजिक प्लेयर्स और इयरफोन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

जोड़ों के दर्द से राहत मिल सकती है

नियमित रूप से टहलना जोड़ों के दर्द से आपको बचा सकता है। टहलने के कारण मांसपेशियां स्ट्रॉन्ग होती हैं। रेगुलर वॉक से अर्थराइटिस जैसी बीमारी भी ठीक हो सकती है।

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इम्यून सिस्टम होता है स्ट्रॉन्ग

अगर आपको बार-बार सर्दी-जुकाम की समस्या है, तो आपको नियमित टहलना चाहिए। ऐसा करने से इम्यून सिस्टम स्ट्रॉन्ग होता है और आपको रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है।

प्रतिदिन 30 मिनट वॉकिंग के फायदे

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए 30 मिनट रोजाना टहलना चाहिए। इस दौरान बॉडी को स्ट्रेट रखें और बिना गुनगुनाये वॉक करें। वॉक करने के दौरान अगर आप बात करेंगे या गाना गायेंगे तो आपको सांस लेने में परेशानी होगी और आप वॉक नहीं कर पायेंगे। इसलिए आधे घंटे वॉक करने के दौरान नियम से इसका पालन करें।

वॉकिंग को जीवन का हिस्सा बनायें

वॉकिंग को अपने डेली रूटीन में फॉलो करें। कोशिश करें की टहलना का समय फिक्स हो मतलब रोज एक ही समय पर टहलें। टहलने के दौरान एनर्जेटिक महसूस करें। ऐसा करने से आपक टहलने के वक्त अच्छा महसूस करेंगे। अगर आपको अकेले टहलना पसंद न हो तो अपने जीवनसाथी, फ्रेंड्स या फिर कोई और व्यक्ति जो आपको पसंद हो उनके साथ टहलें।

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वॉकिंग के दौरान पैडोमीटर का प्रयोग करें

वॉकिंग के दौरान पैडोमीटर पहने। इसकी मदद से ये समझना बेहद आसान हो जायेगा की आपने कितना स्टेप या किलोमीटर तय किया है। आजकल बाजार में ऐसी घड़ी (Watch) भी उपलब्ध है जिसे पहनकर आप दिनभर में किता चलते हैं, उसकी भी जानकारी मिल पाएगी। अगर आप वॉक पर जा रहें हैं तो एक युवा व्यक्ति को कम से कम 10,000 स्टेप या इससे ज्यादा चलना चाहिए।

वॉकिंग के दौरान वॉकिंग शूज का चयन करें

जिम जा कर भारी-भारी एक्सरसाइज करने वाले डंबल का प्रयोग करना कठिन हो सकता है लेकिन, वॉकिंग एक कंप्लीट वर्कआउट माना जाता है। हालांकि इस समय आरामदयाक कपड़ों के साथ-साथ आरामदायक जूते भी पहना चाहिए। अगर जूता आरामदायक नहीं होगा तो चलने या टहलने में परेशानी  है। वॉकिंग शूज चयन करते वक्त कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें जैसे- जूतों में अत्यधिक हील्स न हो, सपोर्ट अच्छा हो, टाइट न हो या फिर पहनकर चलने में परेशानी न हो। टहलने के दौरान कोशिश करें पथरीली जगहों से बेहतर होगा की आप घांस वाली सतह पर चलें।

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वॉकिंग के दौरान किन-बातों का ध्यान रखना चाहिए?

टहलने के वक्त निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए। जैसे-

  1. अगर आप वॉक या एक्सरसाइज नहीं करते हैं और अब आप टहलने या वर्कआउट की सोच रहें हैं और अगर आपकी उम्र 40 साल या इससे ज्यादा है तो डॉक्टर से पहले सलाह लें।
  2. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार कम से कम 10,000 स्टेप चलना चाहिए लेकिन, आप उतना ही टहलने जितनी आपकी शारीरिक क्षमता हो।
  3. आरामदयाक कपड़ों और जूतों का चयन करें टहलने के दौरान। आप चाहें तो टहलने के वक्त वाटरप्रूफ कपड़े पहन सकते हैं। वाटरप्रूफ कपड़े पहनने से चलने के दौरान पसीने से बचा जा सकता है।
  4. 2 से 3 लीटर पानी रोजाना पीएं। इससे डिहाइड्रेशन से बचा जा सकता है।
  5. अगर किसी फ्रेंड के साथ टहलना चाहते हैं, तो आप टहल सकते हैं। किसी दोस्त के साथ टहलना आनंदमय हो सकता है।
  6. टहलने के दौरान अगर आप म्यूजिक सुनना पसंद करते हैं, तो हेडफोन का इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन, बहुत तेज आवाज में गाना न सुने ये नुकसानदायक हो सकता है।

इस तरह चलना आपकी सेहत के लिए बहुत आवश्यक है। यह आपके पाचन को बेहतर बनाता है, ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है, हड्डियों में मजबूती पैदा करता है और शरीर में रक्त के संचार को बेहतर करता है। अब आप वॉकिंग के अद्भुत फायदों को तो जान ही चुके हैं, आज ही से चलना शुरू कर दें।अगर आप वॉकिंग से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

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