गुस्से से जुड़े फैक्ट क्या हैं और जानें गुस्सा कब और क्यों आता है?

By Medically reviewed by Dr Sharayu Maknikar

निराश, अधीर या परेशान होने पर सबसे ज्यादा गुस्सा ही आता है। गुस्सा किसी भी व्यक्ति में प्राकृतिक रूप से मौजूद होता है। कभी-कभी गुस्सा किसी खास परिस्थिति की वजह से भी आ सकता है। ऐसे में गुस्से पर काबू करना जरूरी है, नहीं तो इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है। अक्सर और अत्यधिक हद तक गुस्सा महसूस करना रिश्तों और एक व्यक्ति की मनोवैज्ञानिक स्थिति और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है। लगातार क्रोध को दबाना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए अगर कभी-कभी क्रोध करना सेहत के लिए ठीक भी हो सकता है।

वैसे गुस्सा या क्रोध हमसभी के जीवन का एक हिस्सा है। कई बार हमसभी लोग अपने आस पास घट रही घटनाओं की वजह से या अपने अनुकूल वातावरण न होने के कारण भी क्रोधित हो जाते हैं। मनोविज्ञान से जुड़े एक्सपर्ट्स के अनुसार एक सप्ताह में थोड़ा गुस्सा आना सामान्य हो सकता है लेकिन, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा होना आपको परेशानी में डाल सकता है। गुस्से की वजह से कई बीमारियों का खतरा भी शुरू हो जाता है।

गुस्से से जुड़े फैक्ट- आहत होने पर गुस्सा महसूस करना आसान है

गुस्सा एक तरह से अपनी भावना को व्यक्त करने का तरीका है। गुस्सा आने पर आप खुद को दुखी या कभी-कभी असहाय भी महसूस कर सकते हैं। ऐसे में अपने गुस्से का कारण समझें, अपनी परेशानी अपने किसी प्रियजनों से साझा करें। ऐसा करने से आप अच्छा महसूस करेंगे और आपका गुस्सा जल्दी शांत भी होगा।

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गुस्से से जुड़े फैक्ट- गुस्से का शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है

गुस्सा आने पर उस दौरान शारीरिक बदलाव महसूस किया जा सकता है, जैसे- शरीर का सख्त होना या हाथ-पैर कांपना आदि। अगर आप क्रोध में नहीं फंसना चाहते हैं, तो अपना ध्यान केंद्रित रखें। ऐसी किसी बातों में न उलझें जिनमें नकारात्मक विचार हों।

गुस्से से जुड़े फैक्ट- क्या जो व्यक्ति गुस्से में होते हैं वो ज्यादा परफेक्शन के साथ काम कर पाते हैं ?

अगर आप अपने आपको परफेक्ट मानते हैं, तो जरा अपने शब्दों पर विचार करें। अपने आपको समझने की कोशिश करें दोनों ही नकारात्मक और सकारात्मक तरीकों से। ऐसा करने से आप अपने आप को समझ पाएंगे की आपका गुस्सा कितना जायज है। गुस्से के कारण को समझें और निष्कर्ष निकालें की परेशानी वास्तव में कहां है। बच्चों की तरह जिद्द न करें। जिद्द करना बच्चों के साथ-साथ अन्य लोगों के लिए भी नुकसानदायक है।

गुस्से से जुड़े फैक्ट- लंबे वक्त तक गुस्से में रहना।

किसी कारण लंबे समय तक गुस्से में रहना ये सेहत के लिए परेशानी शुरू कर सकता है। यहां तक की गुस्से की वजह से बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

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गुस्से से जुड़े फैक्ट- गुस्से की वजह से भेद-भाव हो सकता है।

गुस्से की वजह से भेद-भाव होने के साथ-साथ आप अपने करीबियों से भी अलग हो सकते हैं। इसलिए अपनी बोलचाल की भाषा में शांति रखें। गुस्से की भावना किसी कारण ही आती है। लेकिन, इसे समझना बेहद जरूरी है की आखिर गुस्सा किस बात को लेकर आया और फिर इसे सुलझाना आसान होता है।

गुस्से से जुड़े फैक्ट- गुस्से की वजह से आप दूसरों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं।

आप अन्य लोगों का ध्यान अपने गुस्से की वजह से आकर्षित तो कर सकते हैं लेकिन, यह तरीका सही नहीं है। परिस्थिति के अनुसार यह एक उपयोगी रणनीति हो सकती है पर आप हमेशा ही अपनी इस रणनीति में सफल हों ये जरूरी नहीं।

गुस्से से जुड़े फैक्ट- कभी-कभी गुस्से की वजह से कुछ अच्छा हो सकता है।

किसी भी तरह की समस्याओं को प्यार से और आराम से सुलझाने की कोशिश करें। क्योंकि कभी-कभी काम ठीक से न होने की स्थिति में गुस्सा होने के अलावा कोई और विकल्प मौजूद नहीं होता है। गुस्सा करें लेकिन, ज्यादा गुस्सा न करें।

गुस्से की वजह से आप बीमार पड़ सकते हैं। आपका ब्लड प्रेशर बढ़ने सहित कई अन्य परेशानी शुरू हो सकती है। इसलिए अपने आप को तनाव में रखें और डॉक्टर से संपर्क करें।

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गुस्से से जुड़े फैक्ट और एक रिसर्च के अनुसार-

  • पांच साल पहले की तुलना में अब 84 प्रतिशत लोग काम की वजह से ज्यादा तनाव में रहते हैं। जिस वजह से गुसा ज्यादा आता है।
  • रिसर्च के अनुसरा ऑफिस में काम करने वाले 65 प्रतिशत व्यक्ति खुद ही गुस्से में आ जाते हैं।
  • शोध में यह बात भी सामने आई है की तकरीबन 45 प्रतिशत कर्मचारी ऑफिस में अत्यधिक क्रोधित हो जाते हैं।
  • ब्रिटेन के लोगों पर किये गए रिसर्च के अनुसार 33 प्रतिशत लोग अपने पड़ोसियों से बात नहीं करते हैं।

गुस्से से जुड़े फैक्ट ये भी बताते हैं की लोग अपनी बातें पूरी करने के लिए भी गुस्सा करते हैं। वैसे हमसभी की यही चाहत होती है की हम जैसा चाहें वैसा ही होना चाहिए लेकिन, ऐसा न होने पर व्यक्ति निराश, दुखी और गुस्से में आ जाते हैं। अगर आप किसी भी क्रोधित व्यक्ति के संपर्क में रहते हैं, तो उन्हें समझाना चाहिए। क्योंकि गुस्से की वजह से उनकी शारीरिक परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए गुस्से से बचने के लिए नियमित रूप से वर्कआउट करना चाहिए, वॉकिंग पर जाना चाहिए, स्विमिंग क्लास जाना चाहिए, मनपसंद कार्य जैसे म्यूजिक सुनना, गाना गाना चाहिए, डांस क्लास जाना चाहिए, अगर आपको किताबों का शौक है, तो किताबें पढ़नी चाहिए। ऐसा करने से आप व्यक्त रह सकते हैं और अपने आपको गुस्स से बचा सकते है।

अगर आप गुस्से से जुड़े फैक्ट या गुस्से से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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