
जिम और स्टीम बाथ के फायदे

स्टीम यानी भाप से नहाना ही स्टीम बाथ कहलाता है। जब व्यक्ति कसरत या वर्कआउट करता है, तो उसे वर्कआउट के बाद मांसपेशियों में दर्द की समस्या उत्पन्न हो सकती है। मसल्स को रिलैक्स करने के लिए स्टीम बाथ की सहायता ली जा सकती है। साल 2013 में हुई एक स्टडी में ये बात सामने आई है कि जिम से आने के बाद स्टीम बाथ लेने से मसल्स को तुरंत आराम मिलता है।
जिम और स्टीम बाथ के फायदे में सबसे खास है कि इसे लेने से कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम को अत्यधिक लाभ मिलता है। साल 2012 में हुई स्टडी के मुताबिक स्टीम रूम में दी गई भाप से ब्लड सर्क्युलेशन इंप्रूव होता है। इसके साथ ही ब्लड एक स्थान से दूसरी स्थान भी आसानी से सर्कुलेट करता है। जिम करने के बाद अक्सर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। स्टीम बाथ लेने के बाद ब्लड प्रेशर कम होता है और साथ ही हार्ट भी हेल्दी रहता है। स्टीम बाथ लेने से ब्रोकन टिशू भी रिपेयर होते हैं। अब तो आप समझ ही गए होंगे कि जिम के बाद स्टीम बाथ लेना हेल्थ के लिए क्यों जरूरी होता है।
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जिम और स्टीम बाथ के फायदे: वेट लॉस

ये बहुत ही गलत धारणा है कि जिम में लोग सिर्फ वेट लॉस के लिए जाते हैं। जिम में बॉडी को फिट रखने के लिए जाया जाता है। यानी नॉर्मल वेट होने पर भी जिम जाया जा सकता है। जो लोग जिम सिर्फ वजन कम करने के लिए जाते हैं, उनके लिए जिम के बाद स्टीम बाथ लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। स्टीम रूम को 110 डिग्री फारेनाइट टेम्परेचर तक गर्म किया जाता है। स्टीम रूम में बैठने से पसीना अधिक आता है। साथ ही शरीर से पानी भी निकलता है। स्टीम रूम में करीब 30 से 45 मिनट तक बैठने से 5 पाउंड तक वेट कम हो सकता है। स्टीम बाथ लेने के दौरान अधिक मात्रा में पानी पीते रहे, ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।
जिम और स्टीम बाथ के फायदे: स्टिफ ज्वाइंट्स को करता है ढीला

स्टीम बाथ के फायदे में बहुत कुछ शामिल है। स्टीम बाथ आप वर्कआउट के पहले और बाद में दोनों ही तरह से ले सकते हैं। वर्कआउट से पहले स्टीम बाथ लेने से ज्वाइंट्स में फ्लेक्सिबिलिटी आती है। प्री-वर्कआउट वॉर्मअप के लिए स्टीम बाथ लेना बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। साल 2013 में हुई स्टडी में ये बात सामने आई है कि करीब 25 प्रतिशत तक ज्वाइंट्स की हीट को कम किया जा सकता है। एक्सरसाइज के ज्वाइंट्स में हीट क्रिएट होती है। ऐसा करने से ज्वाइंट्स के पेन में राहत मिलती है।
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