बच्चों की गलतियां नहीं हैं गलत, उन्हें समझाएं यह सीखने की है शुरुआत

By Medically reviewed by Dr. Pranali Patil

माता-पिता बच्चे को अच्छी परवरिश और संस्कार देने की प्रक्रिया में अक्सर भूल जाते हैं कि गलती करना मानवीय स्वभाव है। बचपन में बच्चों की गलतियां उनके भविष्य के बारे में बहुत कुछ बताती हैं। बच्चे को एक खुश और सफल भविष्य देने के चक्कर में पेरेंट्स ये भूल जाते हैं कि बच्चों की गलतियां करना उनकी असफलताएं नहीं हैं। खासकर तब जब बहुत से शोध ये बताते हैं कि बच्चों की गलतियां उन्हें आगे चलकर सफल इंसान बनाती हैं। माता-पिता की सोच बच्चों को परेशान करती है। माता-पिता बच्चों की गलतियां को उनके सफल न होने का कारण मान लेते हैं। माता-पिता का ऐसा करना बच्चों में उनके खिलाफ नेगेटिविटी भर देता है।

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बच्चों की गलतियां उन्हें परेशान करती है लेकिन अगर बच्चों की गलतियां वह मान लें, तो चीजें आसान बन जाती हैं। हालाकिं, इसके लिए माता-पिता को बचपन से ही बच्चों की गलतियां और उससे जुड़ी कुछ बातें समझानी होंगी। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा अपनी गलतियों को मानें तो आप कुछ टिप्स फॉलों कर सकते हैंः

रिस्क लेने के लिए मोटिवेट करें

बच्चों की गलतियां होने पर उन्हें इससे दूर भागने के बजाए उसका सामना करना सिखाएं। अपने बच्चों से बात करके उन्हें बताएं कि वह अपने कंफर्ट जोन से बाहर जाकर नई चीजें ट्राय कर सकते हैं और आप उनके साथ हैं। बच्चों को हमेशा एक बात सिखाएं कि उनकी गलतियों का मतलब यह नहीं कि वे आगे ये काम नहीं कर सकते बल्कि उनसे कहें कोशिश करते रहों। हालांकि, बच्चों की गलतियां होने पर वह आगे उस काम को करने से घबराते हैं लेकिन अगर आप उनका साथ देते हैं तो वह सेफ्टी के साथ रिस्क लेने को तैयार रहते हैं।

कोशिशों को सराहें

सिर्फ अपने बच्चों से बेस्ट की उम्मीद करना हमेशा सही नहीं होता। अगर आप हमेशा बच्चे से बेस्ट की उम्मीद करते हैं, तो बच्चे के अंदर कोशिश करने और असफल होने का डर बढ़ सकता है। इसके बजाए आप अपने बच्चे के साहस और दृढ़ता का जश्न मनाएं जब तक कि कुछ नया करने या काम पूरा होने तक कोशिश न करें।

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बच्चों की गलतियां सामान्य हैं और इससे सीखें

बच्चों को बताएं कि बच्चों की गलतियां हमेशा गलत नहीं होती कई बार वे आपको बहुत कुछ सीखाती हैं। उन्हें बताएं कि कई बार बच्चों की गलतियां करना ठीक है वे आपको समझदार बना सकती हैं। उनसे पूछे कि उन्होंने अपनी गलतियों से क्या सीखा है और उन्हें बताएं कि आगे वह उन गलतियों को दोबारा न करें।

अपनी गलतियों को उनके साथ साझा करें

जब आप छोटे थे, तो आपसे क्या गलतियां हुई या आपने उन गलतियों से क्या सीखा और आपने उन गलतियों को कैसे संभाला ये सारी बात आपने बच्चों से शेयर कर सकते हैं। अपने बच्चे को बताएं कि अडल्ट भी गलतियां करते हैं लेकिन फिर भी कॉन्फिडेंट और सफल हो सकते हैं।

बच्चों की गलतियों से जुड़ी है माफी

सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक बच्चों को यह सिखाने की कोशिश भी हो सकती है कि अपने कामों के लिए उन्हें कैसे जवाबदेह होना चाहिए। उनकी गलती से प्रभावित लोगों से माफी मांगकर और समस्या को ठीक करने के लिए वे क्या कर सकते हैं। हम अपने बच्चों को बताते हैं कि हर कोई अपनी गलतियां सुधारने के लिए जिम्मेदार होता है। एक पेरेंट होने के नाते आपको उनको बताना चाहिए कि बच्चों की गलतियां होना दुनिया का अंत नहीं है और स्थितियों के बिगड़ने पर हम खुद चीजों को बेहतर बना सकते हैं।

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बच्चे को उसकी गलतियां कबूल करना सिखाएं

छोटे बच्चे “क्यों” सवालों के जवाब देने में बहुत अच्छे नहीं होते हैं इसलिए गलती होने के बाद अगर आप उनसे “क्यों” पूछते है, तो गलत जवाब मिलता है। इसके बजाय  उनसे ये दो सवाल पूछें “आपने क्या किया?” (ऐसे में वे जिम्मेदारी का दावा कर सकते हैं) और “क्या हुआ जो आपने यह किया?” (ताकि वे समझ सकें कि उनके कार्यों की प्रतिक्रिया हुई है)। जब वे इन सवालों का जवाब देते हैं, तो वे अपनी गलती मानकर उसका जवाब दे सकते हैं।

उन्हें आगे देखना सिखाएं

अपने बच्चों को सिखाएं कि गलती अंत नहीं है, यह सीखने की शुरुआत है। जैसे कि अगर आपके बच्चे को एक टेस्ट में खराब ग्रेड मिले हैं, तो शायद उन्हें लंबे समय तक पढ़ाई करने, एक्सट्रा हेल्प लेने या अलग तरीके से पढ़ने की जरूरत होती है। उन्हें उनकी गलतियों को ठीक करने के अलग-अलग तरीकों के बारे में सोचने के लिए मदद करें।

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बच्चों की गलतियां मानने की आदत है सही

बच्चों का गलतियां करना आसान है लेकिन उसे मानना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। इसलिए जब आपका बच्चा सच्चाई के साथ आपके पास आए, तो उनकी सराहना करें। ऐसा करने से आगे आने वाले समय में जब भी आपका बच्चे से कुछ गलत होगा, तो वह आपके पास मदद के लिए आएगा।

अपने बच्चों को सीखाना कि कैसे अपनी गलतियों को गले लगाना भी काफी मुश्किल हो सकता है। हम इस प्रक्रिया में गलतियां भी कर सकते हैं। लेकिन इससे घबराएं नहीं बल्कि अपने बच्चे को समझाएं। बच्चों की गलतियां कई बार उनके लिए भी शर्मनाक हो सकती है इसलिए आपको उन्हें कंफर्टेबल फील कराने की जरूरत है।

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परिस्थितियों के आधार पर कुछ माता-पिता अपने बच्चे को सांत्वना देकर अपने बच्चे की गलतियों पर प्रक्रिया देते हैं। वहीं दूसरे लोग इस बात पर ध्यान देते हैं कि बच्चे ने क्या गलत किया है या चिंता करते हैं कि उनका बच्चा अच्छा नहीं कर रहा है। कुछ मामलों में माता-पिता अपने बच्चे से नाराज हो सकते हैं।

अपने बच्चों की गलतियों पर नाराज होना आम बात है लेकिन इसके बाद आपके बच्चों को आपकी जरूरत होती है। अपने बच्चे को आश्वस्त करें कि उनके साथ आप हमेशा है। आप उनको यह बताएं  कि आपके पास उनकी भावनाओं और विचारों के बारे में बात करने के लिए हमेशा समय है। उन्हें बताएं कि अपनी गलती मानना गलत नहीं है और वह अपनी गलती के बारे में आपसे बात कर सकते हैं।

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रिव्यू की तारीख दिसम्बर 9, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया दिसम्बर 10, 2019

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