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क्या है डॉटेड कॉन्डोम के फायदे?

क्या है डॉटेड कॉन्डोम  के फायदे?

डॉटेड कॉन्डोम, टेक्सचर्ड कॉन्डोम की श्रेणी में आता है। इसका ईजाद सेक्स लाइफ को रोमांचक बनाने के लिए किया गया है। डॉटेड कॉन्डोम में बिंदू या डॉट बने हुए होते हैं, यह डॉट सेक्स में उत्तेजना पैदा करने का काम करते हैं।

जो लोग अलग-अलग तरह से अपनी सेक्स लाइफ का आनंद लेने की इच्छा रखते हैं, वह डॉटेड कॉन्डोम का इस्तेमाल करते हैं। यह डॉटेड कॉन्डोम महिला और पुरुष दोनों को एक अलग तरह की अनुभूति देते हैं।

क्या है डॉटेड कॉन्डोम?

डॉटेड कॉन्डोम में लेटेक्स के बाहर डॉटस होती हैं जिससे आपको अच्छी सेन्सेशन होती है और आप जहां चाहते हैं आपको वहीं फील गुड सेन्सेशन होती है।

डॉटेड कॉन्डोम के फायदे क्या हैं?

डॉटेड कॉन्डोम के निम्नलिखित फायदे हो सकते हैं, जैसे-

  • सबसे पहले तो डॉटेड कॉन्डोम यौन संबंधी बीमारियों से बचाव करने में काम आता है। शारीरिक संबंध बनाने से पहले कॉन्डोम का इस्तेमाल अवश्य करें। यौन संबंधी परेशानियों से बचने के साथ-साथ इंफेक्शन की संभावना न के बराबर होती है।
  • यह कॉन्डोम अनचाहे गर्भधारण से भी दूर रखता है। अगर आप प्रेग्नेंसी प्लानिंग नहीं कर रही हैं तो कॉन्डोम का इस्तेमाल अवश्य करें। इसके इस्तेमाल से अनचाहे गर्भ से बचा जा सकता है।
  • कई लोगों को शिकायत होती है कि कॉन्डोम से सेक्स एंजॉय नहीं हो पाता है तो ऐसे लोगों के लिए डॉटेड कॉन्डोम एंजॉयमेंट को बढ़ाता है।
  • यह महिला और पुरुष दोनों की उत्तेजना को बढ़ावा देता है इसलिए इसका इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है।
  • डॉटेड कॉन्डोम महिलाओं में ऑर्गेज्म तक पहुंचाने में मददगार साबित हो सकता है।

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डॉटेड कॉन्डोम कितने प्रकार का होता है?

डॉटेड कॉन्डोम निम्नलिखित तीन तरह के होते हैं :

रेगुलर डॉटेड कॉन्डोम : रेगुलर डॉटेड कॉन्डोम 0.25 से लेकर 0.3 एमएम तक होते हैं। वहीं इनकी चौड़ाई 1 एमएम तक होती है।

सुपर डॉटेड कॉन्डोम : यह रेगुलर डॉटेड कॉन्डोम से आकार प्रकार में बड़े होते हैं। यह 0.4 से 0.45 तक के आकार के होते हैं। वहीं इनकी चौड़ाई 1.5 से लेकर 2 एमएम तक होती है।

प्लेजर कॉन्डोम : प्लेजर कॉन्डोम डॉटेड और रिब्बड कॉन्डोम का मेल होते हैं। इनमें डॉट और उभरी हुई धारियां दोनों ही होती हैं।

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कब नहीं पहननी चाहिए डॉटेड कॉन्डोम

कॉन्डोम पहनकर सेक्स करने पर स्किन पर फ्रिक्शन पैदा होता है जिससे स्किन पर रैशेज की समस्या हो सकती है। अगर आपको पहले से ही कोई स्किन प्रॉब्लम है तो कॉन्डोम का इस्तेमाल ना करें।

कॉन्डोम या डॉटेड कॉन्डोम के नुकसान क्या हो सकते हैं?

  • इस कॉन्डोम को इस्तेमाल करने से स्किन संबंधी दिक्कत हो सकती है, क्योंकि यह वजायना और पेनिस में फ्रिक्शन पैदा करता है
  • इसकी वजह से लिंग इरेक्शन में की भी समस्या आ सकती है।

कॉन्डोम के अन्य प्रकार

फ्लेवर कॉन्डोम : यह ओरल सेक्स के लिए बेहतरीन माने जाते हैं। इनमें फ्लेवर का इस्तेमाल किया जाता है। यह चॉकलेट से लेकर बनाना और अदरक फ्लेवर में मौजूद होते हैं।

ग्लो इन द डार्क कॉन्डोम : इस तरह की कॉन्डोम अंधेरे में चमकने लगती हैं। यह नॉन टॉक्सिक होते हैं।

सूपर थिन कॉन्डोम : यह कॉन्डोम उनके लिए बनाए गए हैं, जिन्हें कॉन्डोम पहनना पसंद नहीं होता है। यह बहुत ही पतले होते हैं। इसलिए इसका इस्तेमाल किया जा जा सकता है।

टेक्सचरड कॉन्डोम : यह कॉन्डोम महिला और पुरुष दोनों के आनंद को चरम पर पहुंचा सकती है। इसमें भी कई प्रकार होते हैं जैसे रिब्बड और डॉटेड आदि।

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कॉन्डोम का इस्तेमाल करते समय किन-किन बातों का रखें ख्याल?

डॉटेड कॉन्डोम या किसी भी तरह के अन्य कॉन्डोम के इस्तेमाल से पहले निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें, जैसे –

  • अगर कॉन्डोम पहनते या पैक खोलते समय फट जाए, तो उसे इस्तेमाल न करें। फटे हुए कॉन्डोम के इस्तेमाल से गर्भधारण के साथ-साथ इंफेक्शन का खतरा भी बना रहता है। इसलिए ऐसे कंडोम का इस्तेमाल न करें।
  • ऑर्गेज्म होने के बाद कॉन्डोम निकाल देना चाहिए। दरअसल, जब ऑर्गेज्म हो जाए तो कंडोम को निकाल देना चाहिए क्योंकि ऑर्गेज्म के साथ कंडोम ज्यादा देर तक पहने रहने से संक्रमण की संभावना हो सकती है।
  • शारीरिक संबंध बना रहें हैं तो ध्यान रखें कि इरेक्शन के बाद ही कॉन्डोम पहनें।
  • कॉन्डोम का इस्तेमाल एक ही बार करें, बार-बार एक ही कॉन्डोम का यूज नहीं करना चाहिए।
  • ओरल सेक्स और इंटरकोर्स के लिए अलग-अलग कॉन्डोम का उपयोग करें।

सेफ सेक्स के लिए कॉन्डोम या डॉटेड कॉन्डोम का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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कैसे करें कॉन्डोम का इस्तेमाल?

कॉन्डोम का इस्तेमाल निम्नलिखित तरह से किया जा सकता है। इन तरीकों में शामिल है :

  • अच्छी क्वॉलिटी वाले कॉन्डोम का इस्तेमाल करना चाहिए। कॉन्डोम खरीदने से पहले पैकेट को अच्छी तरह से चेक करें और लेबल को भी पढ़ें।
  • जिस तरह दवा खरीदने से पहले आप एक्सपायरी डेट की जांच करते हैं ठीक वैसे ही कॉन्डोम खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट भी जरूर जांच लेनी चाहिए।
  • पैक पर लिखे निर्देशों को पढ़ें और उसका पालन करें।
  • कॉन्डोम का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए, इसकी पूरी जानकारी पैक पर दी जाती है।
  • कॉन्डोम का पैकेट सावधानी से खोलें।
  • पैक खोलने के लिए दांतों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • कॉन्डोम का ऊपरी हिस्सा चिकनाई युक्त होता है, वहीं अंदर की तरफ रहने वाला हिस्सा सूखा होता है।
  • कॉन्डोम का पैक इरेक्शन के बाद ही खोलें।
  • अगर कॉन्डोम गलत तरफ से पहन लिया है, तो उसे दोबारा न पहनें। इससे गर्भधारण का जोखिम बढ़ सकता है।
  • कॉन्डोम की निकली हुई टिप को दबा कर रखें, ताकि हवा अंदर न जा सके।

ऊपर बताई गई बातों को ध्यान रखकर कॉन्डोम का इस्तेमाल करें।

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कॉन्डोम को आसानी से सुपरमार्केट या मेडिकल स्टोर से खरीदा जा सकता है। इसे खरीदने के पहले प्रिस्क्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ती है। यह अनचाहे गर्भ से बचने का सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है और इसकी कीमत भी कम होती है।

कपल को यह ध्यान रखना चाहिए कि कॉन्डोम के इस्तेमाल के बाद भी अपने प्राइवेट पार्ट को पानी से क्लीन करना जरूरी है। इससे गर्भधारण से बचाव होता है। वैसे आजकल बाजार में महिलाओं के लिए भी कॉन्डोम आसानी से उपलब्ध हैं।

कई ऐसे भी पुरुष होते हैं, जो कॉन्डोम का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं। अगर महिला चाहती है तो वो फीमेल कॉन्डोम का इस्तेमाल कर सकती हैं और अनचाहे गर्भ से बच सकती हैं।

फीमेल कॉन्डोम खरीदने के पहले पैक को अच्छी तरह से चेक करें और एक्सपायरी डेट देखकर ही खरीदें। हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार जो महिलाएं पीरियड्स के दौरान टैम्पोन का इस्तेमाल करती हैं तो उन्हें फीमेल कॉन्डोम इस्तेमाल करने में परेशानी नहीं होगी।

डॉटेड कॉन्डोम आपके सेक्स प्लेजर को बढ़ावा देते हैं। यदि आप सेक्स लाइफ को कॉन्डोम की वजह से कम एंजॉय कर पा रहे हैं तो डॉडेट कॉन्डोम का उपयोग कर सकते हैं।

अगर आपको कोई स्किन संबंधी कोई दिक्कत है तो डॉटेड कॉन्डोम का इस्तेमाल न करें। यदि आप दोनों में से किसी एक को स्किन प्रॉब्लम है तो कॉन्डोम का इस्तेमाल करने से बचें। यदि कोई दिक्कत आ रही है तो इसका इस्तेमाल न करें।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

सूत्र

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Hema Dhoulakhandi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 10/01/2021 को
डॉ. हेमाक्षी जत्तानी के द्वारा मेडिकली रिव्यूड