ओवेरियन सिस्ट (Ovarian cyst) से राहत दिलाएंगे ये 6 योगासन

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

ओवेरियन सिस्ट आजकल महिलाओं को होने वाली आम बीमारी है। ओवेरियन सिस्ट एक थैली होती है, जो महिला की ओवरी में बन जाती है। इस थैली में तरल पदार्थ होता है। एक अध्ययन के अनुसार 10 प्रतिशत महिलाएं ओवेरियन सिस्ट की परेशानी से पीड़ित हैं। सही समय पर इस रोग का पता लगने और सही इलाज से इस बीमारी से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। यह समस्या दूर करने में आपका स्वस्थ लाइफस्टाइल, व्यायाम और अच्छा खानपान मदद कर सकता है। लेकिन, योग भी इसे दूर करने में आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। ओवेरियन सिस्ट के आसन इस प्रकार हैं।

यह भी पढ़ें : वजन कम करने के लिए चबाएं च्यूइंग गम

ओवेरियन सिस्ट (Ovarian cyst) को दूर करने वाले योगासन

1. ओवेरियन सिस्ट के आसन : भुजंगासन

इस आसन का नाम भुजंग+आसन से मिलकर बनता है। यहां भुजंग का अर्थ है सांप। भुजंगासन में शरीर की मुद्रा सांप की तरह लगती है। इसलिए, इसका नाम ऐसा पड़ा। इस आसन को करने से चिंता से मुक्ति मिलती है और साथ ही शरीर में रक्त संचार सही से होता है। जिसका प्रभाव ओवेरियन सिस्ट जैसी परेशानी पर भी पड़ता है।

कैसे करें:

  • इस आसन को करने के लिए किसी शांत जगह का चुनाव करें।
  • अब एक मैट पर पेट के बल लेट जाएं।
  • आपके दोनों पैर और इनकी एड़ियां आपस में टच करनी चाहिए।
  • अब अपनी चिन को जमीन से लगाएं। 
  • अपनी हाथों को जमीन पर रखें और सांस लेते हुए अपने शरीर के आगे के भाग को ऊपर उठाएं।
  • आपकी छाती और सिर दोनों ऊपर होने चाहिए। 
  • सहारे के लिए अपने हाथों का सहारा लें।
  • अब अपने कंधों को नीचे रखें और आराम करें।
  • आराम की स्थिति में आते हुए आप अपनी कोहनियों को मोड़ सकते है।
  • इस मुद्रा में जितना अधिक हो सके उतनी देर रहें।

2. ओवेरियन सिस्ट के आसन : अनुलोम विलोम प्राणायाम

ओवेरियन सिस्ट को दूर करने वाले योगासन में एक है अनुलोम विलोम। अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से दिमाग तक खून का प्रवाह अच्छे से होता है, जिससे हार्मोंस के संतुलन में भी मदद मिलती है। इससे ओवेरियन सिस्ट की समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है। यही नहीं, शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भी यह योगासन सहायक है। 

कैसे करें

  • इस प्राणायाम को करने के लिए किसी शांत जगह पर मैट बिछा कर उस पर बैठ जाएं।
  • अपनी आंखों को बंद करें और पीठ को सीधा रखें।
  • इसके बाद अपने बाएं हाथ के अंगूठे से अपने नाक के बाएं छिद्र को बंद करे और दूसरे छिद्र से गहरी सांस लें।
  • अब दाएं छिद्र को उंगलियों से बंद कर लें और धीरे -धीरे सांस छोड़ दें।
  • इसके बाद दाएं हाथ के अंगूठे से अपने नाक के दाहिने छिद्र को बंद करें और बाएं छिद्र से सांस लें।
  • अब बाएं छिद्र को अपनी उंगलियों से बंद कर लें और सांस धीरे-धीरे बाहर छोड़ दें।
  • इस आसन को बार-बार दोहराएं।

यह भी पढ़ें : यह चेस्ट एक्सरसाइज कर, पाएं चौड़ा सीना

3. ओवेरियन सिस्ट के आसन : बटरफ्लाई पोज (तितली आसन)

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है इस आसन में पूर्ण मुद्रा तितली की तरह लगती है। इसलिए, इसका नाम ऐसा पड़ा। यह आसन बहुत ही आसान है और कूल्हों को खोलने में मदद करता है। इसके साथ ही यह जांघों के लिए बेहतरीन आसान है, जिससे स्ट्रेस भी दूर होता है।

कैसे करें

  • तितली आसन को करने में किसी शांत जगह पर मैट बिछा कर सीधे हो कर बैठ जाएं।
  • अपने पैरों को अपने सामने कर के इनके तलवों को आपस में मिला लें।
  • अब अपने पैरों को हाथों से पकड़ लें।
  • अपने पैरों को अपने शरीर के पास रखें।
  • गहरी सांस लें और छोड़ें।
  • इसके बाद अपनी टांगों को हिलाना शुरू करें।
  • यह ऐसा होना चाहिए जैसे तितली अपने पंख फड़फड़ाती है।
  • जितनी तेजी से हो सके अपनी टांगों को हिलाते रहें।
  • कुछ देर इसे करने के बाद अपनी सामान्य मुद्रा में वापस आ जाएं।

यह भी पढ़ें : नॉर्मल डिलिवरी में मदद कर सकते हैं ये 4 आसान योगासन

4. ओवेरियन सिस्ट के आसन : योनि मुद्रा

योनि मुद्रा में योनि का अर्थ है गर्भाशय या गर्भ। इसका नाम ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस आसन को करने वाले का बाहरी दुनिया से कोई संपर्क नहीं रहता। ऐसा होना वैसा ही है जैसे एक बच्चा गर्भाशय में होता है। ओवेरियन सिस्ट को दूर करने वाले योगासन में से यह दिमागी शांति के लिए बहुत उपयोगी है।

कैसे करें

  • इस आसान को करने के लिए किसी शांत जगह पर मैट पर आराम से बैठ जाएं।
  • अब अपनी दोनों कनिष्ठा उंगलियों को आपस में मिला लें। साथ ही अपने अंगूठे भी मिला लें।
  • इसके बाद कनिष्ठा उंगलियों के नीचे की दोनों मध्यमा अंगुलियों मिला लें।
  • ध्यान रहे मध्यमा उंगलियों के नीचे अनामिका अंगुलियों को एक-दूसरे के उल्टी दिशा में रखें और उनके नाखुनों को तर्जनी उंगली के प्रथम पोर से दबाएं।
  • इस मुद्रा को आप किसी भी जगह कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें : जानिए किस तरह व्यायाम डालता है पाचन तंत्र पर असर

5. ओवेरियन सिस्ट के आसन : पवनमुक्तासन

पवनमुक्तासन आसन को करने से पेट की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। यही नहीं, शरीर की अन्य समस्याओं को दूर करने में भी यह प्रभावी है। ओवेरियन सिस्ट को दूर करने वाले योगासन में पवनमुक्तासन भी लाभदायक है।

कैसे करें

  • इस आसान को करने के लिए जमीन पर पीठ के बल आराम से लेट जाएं।
  • सांस लेते हुए अपने घुटनों को मोड़ें और अपने पेट के पास ले आएं।
  • अपनी सांस छोड़ें और अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा लें।
  • घुटनों को नीचे रखें।
  • इसके बाद हाथों की मदद से बाएं घुटने से सीने को छूने का प्रयास करें।
  • अब अपना सिर ऊपर करें और अपने घुटने से अपने नाक को छूने की कोशिश करें।
  • कुछ देर इसी अवस्था में रहें।
  • इसके बाद दूसरे घुटने से इस आसान को दोहराएं।

6. हलासन

halasan

हलासन का मतलब है हल की मुद्रा वाला आसन। हल किसानों द्वारा खेतों में प्रयोग होने वाला औजार है। इस आसन में शरीर की मुद्रा हल की तरह लगती है। हलासन का प्रयोग सर्वांगासन के बाद किया जाता है, जिसमे कंधे के सहारे योग करना होता है।

आप इन आसनों को कर के ओवेरियन सिस्ट की समस्या से राहत पा सकती हैं। बशर्ते इनका नियमित पालन किया जाए।

और पढ़ें : बिगिनर्स करना चाहते हैं एक्सरसाइज? तो इस तरह करें क्रंचेस की शुरुआत

अभी शेयर करें

रिव्यू की तारीख अक्टूबर 21, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया अक्टूबर 22, 2019