जीवन के किसी पड़ाव पर आप स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) का सामना कर सकते हैं। ये स्तंभन दोष या इरेक्टाइल डिसफंक्शन क्या है और पुरुष अपनी शिथिलता को कैसे बेहतर बना सकते हैं? इस आर्टिकल में हम आज इसी बारे में विस्तार से बात करेंगे।


अक्सर हॉर्मोनल प्रॉब्लम काे महिलाओं से जोड़ा जाता है,लेकिन ऐसा नहीं है। हॉर्मोनल प्रॉब्लम पुरुषों को भी होती हैं। ऐसे कई हॉर्मोन है, जो महिलाओं और पुरुषों दोनों में पाया जाता है, जैसे की ईस्ट्रोजन, थायराइड प्रॉब्लम और टेस्ट्रोजन की प्रॉब्ल्म आदि। हॉर्मोन का शरीर में कई प्रकार की भूमिका होती है। अगर किसी एक हॉर्मोन का संतुलन बिगड़ जाए, तो शरीर में कई तरह की दिक्कते हो सकती हैं। अगर देखा जाए तो पुरुषों में हॉर्मोंस के असंतुलन सबसे ज्यादा देखा जाता है। लेकिन सबसे पहले जानें की पुरुषों में हॉर्मोनल असंतुलन का क्या कारण है। जानें पुरुषों में होने वाले हॉर्मोनल प्रॉब्लम के बारे में-
हमारे शरीर में हॉर्मोन की अगल-अलग भूमिका होती है। ऐसे कई हॉर्मोन हैं। पुरुषों के शरीर में हाॅर्मोन की बात करें तो सबसे अच्छे हॉर्मोन उनमें 20 साल की उम्र में होते हैं। उसके बाद 40 वर्ष की आयु तक, अधिकांश पुरुषों में हॉर्मोनल प्रॉब्लम अधिक देखी जाती है। इसके बाद 80 साल की उम्र तक आते-आते शरीर के अधिकतर हॉर्मोन बिगड़ चुके होते हैं। इसके होने वाले असंतुलन के कारण पुरुषों में इस तरह की समस्या देखने को मिल सकती है।
पुरुष हाॅर्मोनल असंतुलन तीन प्रकार के देखे जाते हैं, जोकि इस प्रकार हैं:
एंड्रोपॉज (Andropause): इसे पुरुषों में रजोनिवृत्ति यानि कि मेल मेनोपॉज के रूप में भी जाना जाता है, यह पुरुषों में हाेने वाले हार्मोनल असंतुलन का सबसे सामान्य कारण है।
हायपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism): यह स्थिति तब होती है जब थायरॉयड ग्रंथि अंडरएक्टिव हो जाती है।
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हॉर्मोंस का असंतुलन शरीर को कई प्रकार से प्रभावित करता है। शरीर में होने वाले हाॅर्मोनल प्रॉबल का कारण बढ़ती उम्र और अधिक वजन होता है।पुरुषों में होने वाले हाॅर्मोनल असंतुलन के लक्षणों में शामिल हैं, जैसे कि:
अगर पुरुषों में होने वाले हॉर्मोनल असंतुलन के कारणों की बात करें, तो ऐसे कई कारण हैं, जिनके होने पर हॉर्मोनल ग्रंथियां प्रभावित होती हैं, जैसे कि
पुरुष विकास के शारीरिक और मानिसक विकास में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन प्रभावित होता है, तो उनमें निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
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सामान्य तौर पर यौवन शुरू होने के दौरान ही लड़के और लड़कियों के शरीर में सेक्स हार्मोन का उत्पादन शुरू होता है। कुछ बच्चों में यौवन की शुरूआत जल्दी, तो कुछ बच्चों में देरी से हो सकती है। अगर उनके यौवन में देरी का कारण हार्मोन अंसतुलन है, तो उनमें हाइपोगोनाडिज्म (Hypogonadism) नामक स्वास्थ्य स्थिति की समस्या हो सकती है, हाइपोगोनाडिज्म के लक्षणों में शामिल हैं:
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पुरुषों में होने वाले हॉर्मोनल प्राॅब्लम के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन इसके उपचार के लिए जरूरी है कि दवाओं के साथ अपने लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं। अच्छी लाइफस्टाइल आपको शरीर में हॉर्मोनल असंतुलन में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जोने कैसी हो आपकी लाइफ स्टाइल।
इस बारे में सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर एस के शर्मा का कहना है कि जब कोई पुरुष खुद को सेक्स के दौरान तैयार नहीं कर पाता या सेक्स के लिए इरेक्शन नहीं रख सकता है, उस स्थिति को इरेक्टाइल डिसफंक्शन कहा जाता है। कभी-कभी इरेक्शन की समस्या का होना स्वास्थ्य के प्रति चिंता का विषय नहीं है लेकिन, ऐसा लगातार हो रहा है, तो यह तनाव, कॉन्फिडेंस की कमी और रिश्तों में खटास पैदा कर सकता है। इसके अलावा, इरेक्शन न होना कुछ गंभीर हेल्थ कंडिशन से भी पर्दा उठा सकता है, जिन्हें तत्काल मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता होती है।
कभी-कभी, एक अंडरलाइन कंडिशन का इलाज करना ही ईडी से छुटकारा पाने के लिए पर्याप्त है। दूसरी ओर, ईडी को ठीक करने की प्रक्रिया में दवाएं या दूसरे तरीके भी हो सकते सकते हैं।

ये बात सच है कि इस कंडिशन में आपको डॉक्टर के पास जाने में शर्मिंदा या अनिच्छा हो सकती है लेकिन, अगर आप कुछ हफ्तों से स्तंभन दोष से जूझ रहे हैं, तो आपको डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए। डॉक्टर आपकी हेल्थ की नॉर्मल कंडिशन को समझ कर कई टेस्ट करवा सकते है और इस बात का पता लगा सकते हैं कि कौन-सी हेल्थ कंडिशन ज्यादा सीरियस है, जैसे हृदय रोग।
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नपुंसकता के दो मुख्य प्रकार होते हैं –
नॉन-इस्कीमिक प्रियपिज्म (Non-ischemic priapism) – इरेक्टाइल डिसफंक्शन का यह प्रकार लो फ्लो के मुकाबले अधिक दुलर्भ होता है। इसे आसान भाषा में हाई फ्लो इम्पोटेंस कहते हैं। यह स्थिति कम दर्दनाक होती है और आमतौर पर किसी चोट के कारण विकसित होती है। इंजरी के कारण लिंग सही तरीके से गतिविधि नहीं कर पाता है।
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आप इरेक्टाइल डिसफंक्शन से तब ग्रस्त होते हैं, जब आपको निम्न लक्षण दिखाई दें – ( Symptoms of Erectile Dysfunction)

इरेक्टाइल डिसफंक्शन से जुड़े अन्य यौन विकार में निम्न शामिल हैं –
अगर आपको तीन या उससे अधिक महीनों से इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टरी जांच द्वारा यह पता लगाया जा सकता है कि आपको यह स्थिति किसी अन्य रोग के कारण हो रही है और इसके इलाज की जरूरत है या नहीं।
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शारीरिक और मानसिक दोनों ही कारणों से स्तंभन दोष हो सकता है। शारीरिक लक्षणों में शामिल हैं:
मानसिक लक्षण, जो स्तंभन दोष होने पर नजर आते हैं, उनमें शामिल हैं –
बदलती जीवनशैली के कारण ह्दय रोग एक बड़ी बीमारी के रूप में उभरा है। यह बीमारी शारीरिक संबंध को बिगाड़ सकती है। यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्तंभन दोष का कारण बन सकता है।
कुछ साल पहले तक मधुमेह होने की औसत उम्र 40 साल थी जो अब घटकर 20-30 साल हो चुकी है। पहले इस बीमारी को बुर्जुगों को होने वाली बीमारी माना जाता था लेकिन अब यह बच्चों को भी हो रही है। डायबिटीज के कारण ब्लड वेसल्स और नर्व्स पर बुरा असर पड़ता है, जो कई बार स्तंभन दोष का कारण बनता है।
हाई ब्लड प्रेशर जिसे हाइपरटेंशन या उच्च रक्तचाप भी कहते हैं के कारण भी स्तंभन दोष हो सकता है।
हाइपरलिपिडिमिया एक बीमारी है। ऐसा तब होता है जब खून में बहुत अधिक लिपिड होते हैं। लिपिड से मतलब कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स से भी है। इस बीमारी में ब्लड वेसल्स ब्लॉक हो जाती हैं जिससे खून की सप्लाई भी धीमी पड़ जाती है। जिससे प्राइवेट पार्ट पर असर होने लगता है। जो कि बाद में स्तंभन दोष का कारण बनता है।
रोग एक बड़ी बीमारी के रूप में उभरा है। यह बीमारी शारीरिक संबंध को बिगाड़ सकती है। यह इरेक्टाइल डिसफंक्शन या स्तंभन दोष का कारण बन सकता है।
कई बार बढ़ती उम्र भी स्तंभन दोष का कारण बन सकती है। उम्र बढ़ने पर पुरुष या तो जल्दी उत्तेजित नहीं होते या फिर उत्तेजित ही नहीं होते। उनमें सेक्स के प्रति इंटरेस्ट भी खत्म हो सकता है।
शराब का अत्यधिक सेवन स्तंभन दोष का कारण बन सकता है। इसलिए शराब का सेवन बंद कर दें। इससे स्पर्म की क्वालिटी और क्वांटिटी पर भी प्रभाव पड़ता है। अगर आप बंद नहीं कर सकते तो कम से कम कर दें।
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कुछ ओवर-द-काउंटर (उदाहरण के लिए एलर्जी या ठंड की दवा) या निर्धारित दवाएं जैसे कि एंटीडिपेंटेंट्स, ब्लड प्रेशर की दवाएं, नारकोटिक या नशे के दर्द से राहत देने वाली दवा या एंटीथिस्टेमाइंस आपको इरेक्शन में समस्या पैदा कर सकते हैं।
किसी भी दवा का सेवन करने से पहले, डॉक्टर से बात करें कि कहीं ये दवा आपके इरेक्शन पर विपरीत असर तो नहीं डाल रही।
35 इंच या उससे कम साइज के कमर वाले पुरुषों की तुलना में 39 इंच की कमर वाले पुरुषों में स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) की समस्या दो गुना ज्यादा होती है। आपका बढ़ा हुआ पेट या बेली आपके लिंग को दांव पे लगा सकता है।
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धूम्रपान वास्तव में आपके इरेक्शन के लिए परेशानी का कारण बन सकता है क्योंकि, यह आपके रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा, शरीर में चारों ओर रक्त को बहने से रोकता है।
तनाव यौन कार्यों पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि 40 और 50 साल के सफल लेकिन तनाव में रहने वाले पुरुषों की सेक्स लाइफ अच्छी नहीं है।
इस स्थिति की जांच के लिए आपका शारीरिक टेस्ट किया जा सकता है। इसमें डॉक्टर आपके हृदय, फेफड़ों, ब्लड प्रेशर और अंडकोष व लिंग का परीक्षण करेंगे। प्रोस्टेट से जुडी समस्याओं के लिए वह आपको रेक्टल परीक्षण की भी सलाह दे सकते हैं।
एनपीटी टेस्ट में एक पॉर्टेबल, बैटरी से चलने वाली डिवाइस का उपयोग करके किया जाता है। जिसे पुरुष के जांघ पर पहनाया जाता है। डिवाइस रात में होने वाली उत्तेजना की गुणवत्ता का मूल्यांकन करती है और डाटा कलेक्ट करती है। जिसका बाद में डॉक्टर डेटा का मूल्यांकन करता है। इस डेटा से डॉक्टर स्तंभन दोष को समझने की कोशिश करता है।
अगर आप शर्मिंदगी के डर से डॉक्टरों के पास नहीं जाना चाहते हैं, तो सच मायने में आपको जाना चाहिए। अगर समय रहते स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) का इलाज न किया तो बद से बत्तर हो जाएगा। ये स्थिति आपके जीवन को बहुत नकारात्मक तरीके से प्रभावित कर सकती है।
डॉक्टर आप से आपके लक्षणों, हेल्थ हिस्ट्री और सेक्सुअल हिस्ट्री के बारे में सवाल करेंगे या आपको इनसे जुड़े सवालों के फॉर्म को भरने को कहेंगे। आपके जवाब सही होने चाहिए क्योंकि इनकी मदद से ही डॉक्टर आपके इरेक्टाइल डिसफंक्शन की गंभीरता का पता लगा पाएंगे।
नपुंसकता (स्तंभन दोष) का पता लगाने के लिए ऊपर दिए गए परीक्षण फेल होने या किसी कारण वर्ष न कर पाने पर निम्न टेस्ट का सहारा लिया जाता है –
इन टेस्ट की मदद से आपके डॉक्टर को इलाज की प्रकिया और सही ट्रीटमेंट का चयन करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही अगर आपकी नपुंसकता (स्तंभन दोष) का कारण कोई अन्य रोग है तो डॉक्टर पहले उसका इलाज करने की सलाह दे सकते हैं।
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पुरुषों के मन में अक्सर ये सवाल आते हैं कि वह नपुंसकता का इलाज कैसे करें?, क्या इरेक्टाइल डिसफंक्शन को सही में ठीक किया जा सकता है? और स्तंभन दोष की दवा का क्या नाम है? आज हम आपको आपके इन सभी सवालों के जवाब देंगे। तो चलिए जानते हैं स्तंभन दोष (Erectile Dysfunction) के इलाज और दवा के बारे में –
इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज उसके कारण पर निर्भर करता है। कुछ मामलों में दो या उससे अधिक ट्रीटमेंट का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जैसे की दवाओं के साथ टॉक थेरेपी।
आपके डॉक्टर आपको दवाओं के सेवन की सलाह देंगे जिनसे ईडी (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) के लक्षणों को कम किया जा सके। इसके लिए आपको कई प्रकार की दवाओं का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। जब तक आपको अपने अनुसार सही दवा न मिल जाए। नीचे कुछ ऐसी दवाओं के नाम बताए गए हैं जिन्हें स्तंभन दोष में लिंग के रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है –
इसके अलावा भी मार्केट में ऐसी कई दवाएं हैं जिनकी मदद से इरेक्टाइल डिसफंक्शन का इलाज किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
लो टेस्टोस्टेरोन लेवल होने पर आपको टेस्टोस्टेरोन थेरेपी (TRT) की भी सलाह दी जा सकती है।
अन्य रोग के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं से भी इरेक्टाइल डिसफंक्शन की स्थिति विकसित हो सकती है। ऐसे में किसी दवा के कारण स्तंभन दोष के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर को बताएं। डॉक्टर आपको अन्य दवा के सेवन की सलाह दे सकते हैं। कभी भी दवा को खुद से न छोड़ें और न ही उसमें बदलाव करें।
दवाओं के सेवन से आपको कुछ दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है। यदि आपको इलाज की प्रकिया में असुविधाजनक महसूस होता है तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपको स्तंभन के इलाज के लिए अन्य दवाओं के बारे में सलाह दे सकते हैं।
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कई प्रकार के साइकोलॉजिकल कारक इरेक्टाइल डिसफंक्शन का कारण हो सकते हैं। जैसे कि चिंता, तनाव, अवसाद और पोस्ट ट्रॉमेटिक डिऑर्डर।
यदि आप साइकोलॉजिकल परेशानियां अनुभव कर रहे हैं तो आपको टॉक थेरेपी से मदद मिल सकती है। आप कई सेशन के दौरान अपने थेरेपिस्ट से निम्न बातों के बारे में विचार-विमर्श कर सकते हैं –
यदि इरेक्टाइल डिसफंक्शन के कारण आपका रिश्ता प्रभावित हो रहा है तो तो किसी रिलेशनशिप काउंसलर से बात करने की कोशिश करें। रिलेशनशिप में आई दरारों के कारण भी स्तंभन दोष हो सकता है। इसलिए रिलेशनशिप काउंसलर की मदद से आपके रिश्ते में भावनात्मक कमी की पूर्ति हो सकती है।
स्तंभन दोष को ठीक करने के लिए कई प्रकार की सर्जरी के विकल्प मौजूद हैं। जैसे –
सर्जरी इरेक्टाइल डिसफंक्शन का आखिरी विकल्प होता है जिसे केवल गंभीर मामलों में ही इस्तेमाल किया जाता है। इसमें रिकवरी में भले ही समय लगे लेकिन इलाज की सफलता की संभावना बेहद अधिक होती है।
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जीवनशैली के कई ऐसे जोखिम कारक होते हैं जो इरेक्टाइल डिसफंक्शन की आशंका को बड़ा सकते हैं। आमतौर इसके जोखिम कारक रक्त प्रवाह और ब्लड सर्कुलेशन से जुड़े होते हैं। अन्य जोखिम कारकों में चोट लगना शामिल है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन का अन्य मुख्य कारण बढ़ती उम्र होती है। उम्र के साथ-साथ लिंग के उत्तेजित रहने के समय और कठोरता में कमी आने लगती है। ऐसा आमतौर पर 30 वर्ष की उम्र के बाद होना शुरू होता है। बढ़ती उम्र के साथ-साथ लिंग को खड़ा करने के लिए अधिक उत्तेजना की जरूरत पड़ती है।
आप इरेक्टाइल डिसफंक्शन को होने से रोकने के लिए कई प्रकार के परहेज अपना सकते हैं। इनमें ज्यादातर आपकी जीवनशैली से जुड़े होते हैं। जिसके चलते आपको बांझपन से बचने के लिए अपने संपूर्ण स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत होगी।
जीवनशैली में निम्न बदलावों की मदद से आप नपुंसकता (Impotence) को रोक सकते हैं –
नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य का चेकअप करवाते रहें। खासतौर से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल। आपके डॉक्टर आपकी जांच के लिए कुछ विशेष प्रकार के उपकरणों का इस्तेमाल करेंगे जिनकी मदद से इरेक्टाइल डिसफंक्शन को शुरुआत में ही पहचाना जा सके।
डिस्क्लेमर
हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।
Erectile dysfunction/https://www.mayoclinic.org/diseases-conditions/erectile-dysfunction/symptoms-causes/syc-20355776/accessed on 06/07/2020
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https://medlineplus.gov/erectiledysfunction.html/accessed on 06/07/2020
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https://www.drugs.com/condition/erectile-dysfunction.html/accessed on 06/07/2020
Erectile Dysfunction/https://www.health.harvard.edu/topics/erectile-dysfunction#:~:text=Men%20with%20erectile%20dysfunction%2C%20once,men%20more%20than%20younger%20men./accessed on 06/07/2020
Current Version
21/09/2021
Suniti Tripathy द्वारा लिखित
के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. प्रणाली पाटील
Updated by: Niharika Jaiswal