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अडूसा के फायदे : कफ से लेकर गठिया में फायदेमंद है यह जड़ी बूटी

अडूसा के फायदे : कफ से लेकर गठिया में फायदेमंद है यह जड़ी बूटी

एक जंगली झाड़ी का इस्तेमाल अस्‍थमा, गले के दर्द को ठीक करने में, अपचन को दूर करने, मसूड़ों की समस्‍याओं से निजात और खांसी आदि से राहत दिलाने में किया जाता है। आपको सुनकर हैरानी होगी लेकिन, यह सच बात है। अडूसा ऐसी ही एक औषधीय जड़ी बूटी है जिसे आमतौर पर वसाका या वासा या मालाबार नट्स के नाम से जाना जाता है। औषधीय गुण से भरपूर होने के कारण शरीर के लिए अडूसा के फायदे बेहिसाब हैं।

ज्यादातर लोग मालाबार टैमरिंड (Malabar Tamarind) के बारे में नहीं जानते। लेकिन इसके फायदे अनेक हैं। इसे ब्रिंडल बेरी (Brindleberry) और गार्सिनिया कैंबोगिया (Garcinia cambogia) के नाम से भी जाना जाता है। आज इस आर्टिकल में हम मालाबार टैमरिंड के बारे में विस्तार से जानेंगे। जानेंगे अडूसा का उपयोग कैसे किया जाता है? अडूसा के फायदे और नुकसान
क्या-क्या हैं?

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मालाबार टैमरिंड का इस्तेमाल किसलिए किया जाता है?

अडूसा का उपयोग आयुर्वेद चिकित्‍सा, होम्‍योपैथी और यूनानी उपचार में व्‍यापक रूप से किया जाता है। अडूसा के फायदे की वजह से ही आयुर्वेद में वसाका के पत्ते, फूल, जड़ों और छाल का इस्तेमाल हजारों सालों से होता आया है। इस फल के छिल्के में रासायनिक हाइड्रोक्सीसिट्रिक एसिड (HCA) होते है और इसका उपयोग दवा बनाने के लिए किया जाता है। ज्यादातर लोग इसका सेवन वजन कम (weight loss) करने के लिए करते हैं। इसके सेवन से भूख कम लगती है और ज्यादा देर तक व्यायाम भी किया जा सकता है।

मालाबार टैमरिंड में विटामिन-सी, साइट्रिक और सिट्रिक एसिड (citric acid) की पर्याप्त मात्रा इसके स्वाद को खट्टा बनाती है। दक्षिण भारत में मालाबार टैमरिंड सब्जियों में मसाले के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, तो वहीं, कोच्चि और मालाबार में करी का टेस्ट बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल का प्रचलन है। ज्यादातर चटनी या मछली की ग्रेवी में इसका उपयोग किया जाता है। वैसे, मालाबार टैमरिंड का इस्तेमाल दवाई के तौर पर भी किया जाता है।

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वसाका के पोषक तत्व

अडूसा का उपयोग दवा के रूप में किया जाता है। इसकी पत्तियों में अलकोलाइड (alkaloids), सैपोनिन (saponins), टैनिन (tannins), फिनोलिक्‍स (flavonoids and phenolics), फ्लैवोनोइड्स जैसे फाइटो-केमिकल्स की प्रचुर मात्रा होती है। साथ ही वासा की पत्तियों में वासिसिन (Vasicine), अल्कालोइड (quinazoline alkaloid) और आवश्यक तेल भी मौजूद रहते हैं। इसके अलावा इस औषधीय पौधें में अन्‍य बहुत से पोषक तत्‍व और मिनरल्स (minerals) पाए जाते हैं जो हमारे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए फायदेमंद होते हैं। आइए जानते हैं अडूसा के फायदे क्‍या हैं?

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अडूसा के फायदे क्या हैं?

अडूसा के फायदे ब्रोंकाइटिस में

वसाका के एंटीसेप्टिक गुण ब्रोन्कियल ट्यूबों की सूजन को कम करने में सहायता करता है। इसके इस्तेमाल से जमे हुए बलगम को बाहर निकलने में मदद मिलती है। वसाका ब्रोन्कियल ट्यूब्स को साफ करके खांसी, श्वास और ब्रोंकाइटिस से जुड़ी सीने की परेशानी को कम करता है।

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डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक करे वासा

अडूसा का उपयोग डाइजेशन से जुड़ी समस्‍याओं को दूर करने में किया जाता है। इसके इस्तेमाल से अपच, पेट की गैस और पेट फूलना आदि में प्रभावी होता है। साथ ही यह बवासीर यानी पाइल्स (piles) में भी लाभकारी होता है।

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कफ में अडूसा के फायदे

कफ या खांसी का इलाज करने के लिए अडूसा का उपयोग कर सकते हैं। मालाबार नट में खांसी को दूर करने के गुण होते हैं। इसका इस्तेमाल खांसी की आयुर्वेदिक दवाओं में प्रमुख घटक के रूप में किया जाता है।

कोलेस्ट्रॉल लेवल में करें सुधार

डायबिटीज और हार्ट के मरीजों को कोलेस्ट्रॉल की चिंता रहती हैऐसे लोगों के लिए अडूसा उपयोगी है यह एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) को कम करके एचडीएल (अच्छे कोलेस्ट्रॉल) के लेवल को सुधारता है

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अडूसा के फायदे गठिया में

गठिया के दर्द और सूजन को कम करने के लिए वसाका जड़ी-बूटी का उपयोग किया जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लामेटरी (anti inflammatory) गुण अर्थराइटिस की सूजन को कम करने में सहायक होते हैं। वासा के पत्तों का पेस्ट सूजन वाली जगह पर लगाने से जोड़ों के दर्द और सूजन में राहत मिलती है।

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स्ट्रेस भी होगा दूर

अडूसा के फायदे सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित नहीं हैं। वसाका का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभप्रद है। इसके इस्तेमाल से दिमाग में सेरोटोनिन (हैप्पी हॉर्मोन) केमिकल रिलीज होता है जो खराब मूड को सही करने के लिए जाना जाता है। इस तरह से यह स्ट्रेस को दूर करने में भी मददगार साबित होता है।

अडूसा के फायदे से अल्सर होगा दूर

वसाका की पत्तियों में नॉन-स्‍टेरॉयड एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। इसकी वजह से अडूसा की पत्तियों का इस्तेमाल करने से अल्‍सर की सूजन को कम करने में मदद मिल सकती है। वासा का उपयोग पेप्टिक अल्‍सर (peptic ulcer) को ठीक करने में भी किया जा सकता है।

अडूसा के नुकसान (Side effects of Malabar)

वासा का उपयोग स्‍वास्‍थ्‍य समस्याओं से राहत पाने के लिए किया जाता है। लेकिन, अधिक मात्रा में इसके इस्तेमाल से कुछ दुष्‍प्रभाव भी हो सकते हैं। इसलिए, अडूका का उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

वसाका से होने वाले कुछ दुष्‍प्रभाव इस प्रकार हैं

  • वासा का सेवन अधिक मात्रा में करने से जलन और उल्टी की समस्या हो सकती है। इस जड़ी बूटी को अन्य दवाओं के साथ लेने में सावधानी बरतनी चाहिए।
  • डायबिटीज रोगियों को अडूसा का उपयोग बहुत ही सतर्कता से करना चाहिए, क्योंकि यह ब्लड शुगर (रक्त शर्करा) के स्तर को कम करने में सहायता करती है।
  • एक साल से कम उम्र के बच्चों के लिए वसाका के इस्तेमाल की मनाही है।
  • प्रेग्नेंसी के समय महिलाओं को इसके सेवन से चाहिए।
  • ब्रेस्टफीडिंग (breastfeeding) या स्तनपान के दौरान डॉक्‍टर की सलाह से ही वासा का सेवन करें।

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इन सबके अलावा वसाका की अधिक मात्रा के उपयोग से चक्कर आना, मुंह और होंठों का सूखना, सिर दर्द होना, पेट खराब होना जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं।
कभी-कभी डायरिया भी हो सकता है। अगर आपको इसके सेवन से ऐसे कुछ लक्षण महसूस हों, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

आपको बता दें कि बाजार में मालाबार टैमरिंड की टेबलेट भी उपलब्ध हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स की राय लिए बिना इसका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आप जब भी इसका सेवन करें, एक बार अपने डॉक्टर से संपर्क करें। औषधीय गुणों के कारण अडूसा के फायदे शरीर को खूब मिलते हैं। सामान्‍य से लेकर कई तरह के गंभीर रोगों को दूर करने में वसाका उपयोगी मानी जाती है। लेकिन, अडूसा के फायदे जानकर ही इसका इस्तेमाल करना शुरू न कर दें। डॉक्टर की सलाह से ही वासा का प्रयोग करें

हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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लेखक की तस्वीर
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा मेडिकल समीक्षा
Nidhi Sinha द्वारा लिखित
अपडेटेड 10/07/2019
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