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बहुत ही गुणकारी होती है बेल, जानें क्या-क्या हैं इसके फायदे?

बहुत ही गुणकारी होती है बेल, जानें क्या-क्या हैं इसके फायदे?

आपने बेल के बारे में तो सुना ही होगा। बेल का फल और पत्तियां भारत देश में बहुत पूजनीय माने जाते हैं। बेलपत्र और बेल का फल भगवान शंकर को चढ़ाया जाता है। बेल का फल स्वास्थ के लिए बहुत लाभकारी होता है। इस पेड़ के औषधीय गुणों के कारण ही इसे घर के साथ ही मंदिरों के आसपास भी लगाया जाता है। बेल के फल को गुड़ या फिर चीनी के साथ खाया जाता है। बेल के फायदे (Benefits of bael) के कारण लोग खाने में विभिन्न प्रकार से प्रयोग करते हैं। बेल का बाहरी कवच कठोर होता है और अंदर के भाग में गूदा होता है। बेल का फल हरा रंग का होता है। बेल के फल में सफेद रंग के बीज भी होते हैं। बेल का फल जल्दी खराब नहीं होता है। यानी पेड़ से टूटने के बाद भी इसे कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है। बेल के फल से लोग स्वादिष्ट व्यंजन भी बनाते हैं।

बेल के फायदे

बेल के पेड़ के सभी भागों का औषधीय इस्तेमाल किया जाता है वहीं बेल के जूस को हेल्दी ड्रिंक के रूप में लिया जाता है। थायमीन, राइबोफ्लेव बीटा-कैरोटीन, विटामिन, कैल्शियम, फाइबर, आयरन आदि पाएं जाने के कारण ही बेल फायदेमंद होता है। बेल को गॉड गिफ्ट कहना गलत नहीं होगा। अगर आप बेल के फायदे (Benefits of bael) के बारे में नहीं जानते हैं तो इस आर्टिकल के माध्यम से जानिए कि बेल के फायदे क्या होते हैं।

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बेल के फायदे (Benefits of bael) : अस्थमा (Asthma) में राहत

बेल का फल खाने से अस्थमा के रोगियों को सांस न ले पाने की समस्या से राहत मिलती है। बेल के फल में बोसवेलिया गम भी होता है। इस बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है कि बोसवेलिया के कारण अस्थमा की समस्या में राहत मिलती है या फिर कोई अन्य कारण है।

बेल के फायदे (Benefits of bael) : कब्ज (Constipation) की बीमारी से राहत

कब्ज की समस्या से अगर आप परेशान हैं तो बेल का शरबत पी सकते हैं। बेल का शरबत पीने से कब्ज की समस्या से छुटकारा मिलता है। बेल के फल का सेवन अगर दो से तीन महीने लगातार किया जाए तो सब-क्रॉनिक कॉन्स्टिपेशन की समस्या में राहत मिलती है। अगर बच्चे के पेट में हल्के दर्द की समस्या है तो बेल के फल में थोड़ी सी चीनी मिलाकर दी जा सकती है। अगर आप एक बार बेल के बारे में किसी आयुर्वेदिक स्पेशलिस्ट से जानकारी प्राप्त कर लेंगे तो बेल के सेवन के सही तरीके के बारे में जानकारी मिल जाएगी।

हेल्दी ड्रिंक बेल का जूस

बेल के फायदे : पाचन में सुधार (Improve digestion)

जिन लोगों को भोजन के पाचन में दिक्कत होती है, उन लोगों के लिए बेल का फल खाना लाभकारी हो सकता है। बेल के फल में फेरोनिया गम पाया जाता है जो पेट की समस्या जैसे कि लूज मोशन या फिर डायरिया की समस्या से राहत दिलाता है। बेल का फल आंतों में पाए जाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को मारने का काम भी करता है। इसलिए जिन लोगों को पेट संबंधी परेशानी हो वो लोग बेल के फल का प्रयोग कर सकते हैं।

बेल के फायदे : ब्लड शुगर लेवल (Blood sugar level) होगा कम

बेल का फल खाने से ब्लड शुगर लेवल में कमी आती है। अगर आप डायबिटीज की समस्या से परेशान हैं और ब्लड में शुगर के लेवल को कम करने के लिए मेडिसिन ले रहे हैं तो आप बेल के फल को खाने में शामिल कर सकते हैं। बेल के जूस में लैक्सेटिव (laxatives ) होता है जो शरीर से शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। बेल खाने से ब्लड शुगर धीरे-धीरे कम हो जाएगा। अधिक जानकारी के लिए अपने हेल्थकेयर एक्सपर्ट से बात करें।

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बेल के फायदे : हार्ट डिसीज (Heart disease) से राहत

हार्ट डिसीज की समस्या है तो आपको बेल के फल का प्रयोग करना चाहिए। बेल के खट्टे फल में कुछ घी मिलाएं। अब इस मिक्सचर को अपनी डेली डायट में शामिल करें। ऐसा करने से हार्ट रिलेटेड डिसीज से राहत मिलेगी। साथ ही स्ट्रोक और अटैक का खतरा भी कम हो जाएगा। बेल और घी का मिक्चर खाने में शामिल करने से करीब 54 प्रतिशत ब्लड ग्लूकोज रिड्यूज होता है।

बेल के फायदे (Benefits of bael) : कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) करता है कंट्रोल

बेल का फल शरीर में कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने का काम करता है। ये ब्लड कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ ही ट्रायग्लिसराइड, सीरम और टिशू लिपिड प्रोफाइल्स को भी कंट्रोल करता है।

बेल के फायदे : एंटीमाइक्रोबियल प्रॉपर्टी (Antimicrobial property)

बेल के फल में एंटीमाइक्रोबियल प्रॉपर्टी होती है। बेल के जूस का सेवन करने से फंगल और वायरल इंफेक्शन की समस्या से राहत मिलती है। बेल के रस में क्यूमिनाल्डिहाइड और यूजेनॉल होता है। गर्मियों में लोग अक्सर बेल के शर्बत को पीते हैं। बेल का शर्बत पीने से शरीर में ठंडक पहुंचती है और राहत का एहसास भी होता है। बेल के गुणों को देखते हुए इसका सेवन किया जा सकता है। बेल का सेवन किन लोगों को नहीं करना चाहिए, इस बारे में हेल्थकेयर एक्सपर्ट से जानकारी लें।

बेल के फायदे (Benefits of bael): शरीर की कूलिंग के लिए

बेल के फायदे : शरीर की कूलिंग के लिए

बेल के फल का इस्तेमाल किसी भी मौसम में कर सकते हैं। लेकिन बेल के फल का प्रयोग गर्मियों में अधिक किया जाता है। बेल के जूस को शहद के साथ मिलाकर लेने से एसिडिटी की समस्या से राहत मिलती है। यानी बेल का प्रयोग करने से पेट की गर्मी शांत हो जाती है। लंच या फिर डिनर के पहले बेल का जूस लेना लाभकारी होता है। अगर आप इसे गर्मियों में ले रहे हैं तो आपके शरीर को ठंडक का एहसास होगा। आप बेल के गूदे को जीभ पास लगा सकते हैं ताकि मुंह के अल्सर में राहत मिले।

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बेल के फायदे : स्किन रैश (Skin rashes) से राहत

बेल के फल का यूज स्किन रैश को दूर करने के लिए भी किया जाता है। 30 एमएल बे लीफ जूस में जीरा और बेल जूस को मिलाएं। अब इसे दिन में दो बार पिएं। अगर आपको स्किन रैश की समस्या है तो ऐसा करने से स्किन रैश की समस्या से राहत मिलेगी।

बेल के फायदे : ब्रेस्टमिल्क प्रोड्यूस (Bael benefits for breast milk)

ब्रेस्टफीडिंग बच्चे के लिए वरदान जैसा होता है। नई मां के लिए बच्चे को फीड कराना चुनौती भरा काम हो सकता है। कई बार मांओं में ब्रेस्ट में कम दूध बनता है। ब्रेस्टमिल्क को प्रोड्यूस करने के लिए बेल के फल का सहारा लिया जा सकता है। बेल जूस में ड्राई जिंजर पाउडर और गुड़ को मिलाकर पीना चाहिए। नई मां कुछ ही दिनों बाद असर दिखाई देने लगेगा।

बेल के फायदे : ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) से राहत

जो महिलाएं बेल के जूस का सेवन लगातार करती हैं उन महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की संभावना कम हो जाती है।

बेल के फायदे : ब्लड प्यूरीफायर

बेल का जूस ब्लड प्यूरीफायर का काम भी करता है। 50 ग्राम जूस में कुछ गर्म पानी और कुछ मात्रा में शहद मिलाएं। अब इसे नियमानुसार पिएं। ऐसा करने से खून साफ (ब्लड प्यूरीफाइ) हो जाता है। आपको इस बारे में हेल्थकेयर एक्सपर्ट से भी बात करनी चाहिए।

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बेल के फायदे : विटामिन सी (Vitamin C) का सोर्स

शरीर में विटामिन सी की कमी से स्कर्वी रोग हो जाता है। स्कर्वी रोग हो जाने से ब्लड वैसल्स में बुरा असर पड़ता है। जिन लोगों के शरीर में विटामिन-सी की कमी है, उन्हें बेल का जूस पीना चाहिए। बेल का जूस पीने से स्कर्वी जैसी बड़ी बीमारी से राहत मिलती है।

बेल के फायदे : सांस संबंधी समस्या

बेल के फायदे : सांस संबंधी समस्याओं से राहत

रेस्पिरेट्री प्रॉब्लम यानी सांस संबंधि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बेल का जूस पीना लाभकारी हो सकता है। जिन लोगों को कोल्ड की समस्या हो गई है वो भी बेल का जूस पी सकते हैं। बेल का जूस पीने से रजिस्टेंस पावर बढ़ती है और जुकाम से जल्दी राहत मिलती है।

गैस्ट्रोप्रोटेक्शन प्रॉपर्टी (Gastroprotection property)

बेल का जूस लेने से गैस्ट्रिक अल्सर की समस्या से बचा जा सकता है। गैस्ट्रिक अल्सर म्युकस लेवल या ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस में अनियंत्रण के कारण होता है। बेल के जूस में फेनोलिक कम्पाउंड और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिसके कारण गैस्ट्रिक अल्सर की समस्या कम हो जाती है।

बेल के फायदे : कान के दर्द में राहत

बेल का फल ही नहीं बल्कि बेल की पत्ती में भी औषधीय गुण होते हैं। बेल की पत्ती को काटकर तिल के तेल में गर्म करें। अब उबाल आने के बाद बेल के पत्तों को छानकर अलग कर लें। तेल को ठंडा करने के बाद कान में कुछ बूंदे डालें। बेल की पत्ती से कान दर्द में राहत मिलती है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से परामर्श करें।

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बेल के फायदे : बवासीर के इलाज में (Bael benefits for piles treantment)

बवासीर की समस्या से पीड़ित लोगों के लिए बेल का सेवन लाभकारी होता है। बेल के फल के रस से दस्त, हैजा, बवासीर और विटिलिगो की समस्या से राहत मिलती है। बेल का फल एनीमिया, कान और आंखों के उपचार में भी सहायता करता है। आयुर्वेद के हिसाब से बेल के रस में हल्दी और घी को मिलाने के बाद फैक्चर वाले स्थान में लगाया जाता है ताकि हड्डी को जुड़ने में आसानी हो।

कितना करना चाहिए बेल का सेवन? (How much bael should be consumed)

बेल की कितनी खुराक लेनी चाहिए , ये बात व्यक्ति की उम्र, उसके स्वास्थ्य और अन्य कई बातों पर निर्भर करती है। इस बारे में कोई वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। ये बात ध्यान रखें कि प्राकृतिक उत्पादन हमेशा सुरक्षित नहीं होते हैं। अगर आप बेल से बना हुआ कोई प्रोडक्ट खरीदें तो उस पर लगे लेबल को ध्यान से पढ़ें। अगर आप कोई प्रोडक्ट नहीं खरीद रहे हैं तो बेहतर होगा कि बेल की सही खुराक के बारे में हेल्थकेयर प्रोफेशनल से जानकारी प्राप्त करें।

ऑल्टरनेटिव के रूप में यूज कर सकते हैं ये

बेल में टैनिन पाया जाता है जो इसे गुणकारी बनाता है। अगर आप बेल का फल नहीं खाना चाहते हैं तो अल्टरनेटिव के रूप में अन्य पदार्थो का सेवन करके भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं। मैंगोस्टीन, ब्लैक टी, ग्रीन टी, और क्रैनबरी में टैनिन पाया जाता है। अगर आपको दस्त की समस्या हो गई है को बेहतर होगा कि आप प्रोबायोटिक्स (दही से मिलता है) या कैमोमाइल टी ले सकते हैं। बेल के फायदे (Benefits of bael) तो बहुत से हैं लेकिन जानकारी के अभाव में बेल का सेवन कितना सुरक्षित होता है, कह पाना मुश्किल है। बेल की खुराक और दुष्प्रभाव के बारे में अधिक जानकारी न होने के कारण बेल के सेवन के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए।

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बेल खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

बेल का जूस

बेल फल का सेवन मनुष्यों को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचाता है या फिर नहीं, इस बारे में रिसर्च नहीं हुई है। लेकिन कुछ ऐसे कंसर्न हैं, जिनके आधार पर बेल खाने के साइड इफेक्ट के बारे में चर्चा की जा सकती है। बेल खाने से लो ब्लड शुगर और पेट में समस्या हो सकती है। साथ ही बेल की पत्तियों में एगेलिन पदार्थ होता है जो लिवर इंजरी, लिवर फेलियर और कभी-कभी मृत्यु का कारण भी बन सकता है। इस बारे में सही जानकारी उपलब्ध नहीं है। ये कहना गलत नहीं है कि एगेलिन के कारण लिवर की समस्या पैदा हो जाती है।

अगर कोई भी व्यक्ति किसी दवा का सेवन कर रहा है तो उसके लिए बेल लेना सही नहीं रहेगा। बेल के सेवन से दवा के प्रभाव में अंतर आ सकता है। बेल में बहुत से कम्पाउंड होते हैं जो शरीर में जाने के बाद दवा के असर को कम या ज्यादा कर सकते हैं। गर्भवती स्त्री को भी बेल लेने से पहले एक बार डॉक्टर से संपर्क जरूर कर लेना चाहिए। अगर सर्जरी होने वाली है तो भी बेल का सेवन न करें। बेहतर होगा कि अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

बेल के फायदे (Benefits of bael) जानने के साथ ही बेल के सेवन से होने वाले नुकसान की जानकारी रखना भी बहुत जरूरी है। अगर कुछ सावधानियों का ध्यान दिया जाए तो बेल के फायदे आपको परेशानी में जरूर राहत पहुंचाएंगे। अधिक जानकारी के लिए अपने परामर्शदाता से इस बारे में जरूर पूछें। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या है तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें। इस आर्टिकल में हमने आपको बेल के फायदे (Benefits of bael) से संबंधित जरूरी बातों को बताने की कोशिश की है। उम्मीद है आपको हैलो हेल्थ की दी हुई जानकारियां पसंद आई होंगी। अगर आपको इस बीमारी से जुड़े किसी अन्य सवाल का जवाब जानना है, तो हमसे जरूर पूछें। हम आपके सवालों के जवाब मेडिकल एक्सर्ट्स द्वारा दिलाने की कोशिश करेंगे।

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सूत्र

(Accessed on 4/2/2020)

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Bael: The Summer Fruit – http://www.ccras.nic.in/content/bael-summer-fruit

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Bael (Aegle Marmelos) – http://magazines.odisha.gov.in/Orissareview/Sept2004/englishPdf/bael.pdf

Bael (Aegle marmelos) – https://nmpb.nic.in/species/bael-aegle-marmelos

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Bhawana Awasthi द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 30/08/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड