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बच्चों को सताते हैं डरावने सपने, तो अपनाएं ये टिप्स

बच्चों को सताते हैं डरावने सपने, तो अपनाएं ये टिप्स

हम में से शायद ही कोई ऐसा होगा, जिसने बचपन में बुरे सपने नहीं देखे होंगे और उसके बाद पूरी रात सो नहीं पाए होंगे। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि सपने किस उम्र से आना शुरु होते हैं और बच्चों को बुरे सपने (kids nightmares) क्यों आते हैं? सपने खासकर बच्चों को आते हैं और सपने आने की उम्र एक साल से आठ साल के बीच में होती है। बच्चे किस उम्र में सपने देखना शुरू करते हैं, इस बारे में कोई निश्चित जानकारी नहीं है, लेकिन बुरे सपने आम तौर पर बच्चों को एक से आठ साल के ही बीच आते हैं।

आरईएम (REM) नींद उस नींद को बोलते हैं, जो रात के समय थोड़ी-थोड़ी देर में खुलती है और इसके लक्षण होते हैं तेजी से आंख हिलना, ज्यादा सपने आना, शारीरिक हलचल और तेजी से सांस लेना। आरईएम नींद के दौरान अचानक शिशु जाग जाता है और उसे अपने बुरे सपने अच्छे से याद होते है और वह उन बुरे सपनों के बारे में बार-बार सोचकर दोबारा सोने से डरने लगता है। बच्चे चार साल तक सपने और वास्तविक जीवन के बीच अंतर करने में सक्षम नहीं होते हैं, इसलिए वे चाहते हैं कि उनके मम्मी-पापा उनके सोने तक उनके पास रहें। इस समय माता-पिता को अपने बच्चे के मनोवैज्ञानिक विकास के लिए अपने बच्चों का खास ख्याल रखना चाहिए।

और पढ़ें: 5 टिप्स जो बच्चे को मदद करेंगे पेरेंट्स के बिना खेलने में

बच्चों को बुरे सपने क्यों आते हैं? (Why do children have nightmares?)

बच्चों को बुरे सपने (kids nightmares) आना सामान्य विकास का हिस्सा हैं, यह बच्चों को डर, इच्छाओं और निराशाओं से जूझने के कारण होता है। दिन के दौरान बच्चे को घर के तौर-तरीके सीखने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है: जैसे कि उसे समाज के नियमों का पालन करना चाहिए, खुद को अलग-अलग व्यक्तिगत और पारिवारिक स्थितियों के अनुकूल ढ़ालना चाहिए इसके अलावा बहुत सी नई चीजें उसकी जिंदगी में चलती रहती है जिसकी वजह से वह संघर्ष कर रहा होता है। यह सारी चीजें वह बुरे सपने के माध्यम से आरईएम नींद के दौरान देखता है।

लेकिन इससे डरने की जरुरत नहीं है! बच्चों को बुरे सपने (kids nightmares) आना उपयोगी भी साबित हो सकते हैं, जो बच्चों को उनके डर को दूर करने और यह उन्हें दैनिक कठिनाइयों का सामना करने में भी मदद करता है।

और पढ़ें: कहीं आपका बच्चा तो नहीं हो रहा चाइल्ड एब्यूज का शिकार? ऐसे करें पेरेंटिंग

बच्चों को बुरे सपने से उबारने के लिए क्या करें? (What to do to get rid of nightmares in children?)

सुने और समझें (Listen carefully)

अपने बच्चे की आशंकाओं को समझने की कोशिश करें। उन्हें नकार कर उसका मजाक ना उड़ाएं। जो भी आपका बच्चा आपसे कहना चाहता है उसे सुनें और उसे समझने की कोशिश करें। इससे उसके मन में कुछ नहीं रहेगा। वह अपनी बात को बाहर निकाल पाएगा और हल्का महूस करेगा। बच्चों के मन में बात का दबे रहना अच्छा नहीं होता है। यह बच्चों को बुरे सपने (kids nightmares) से उबारने में भी मदद करता है।

आश्वासन (Assurance)

डर लगने पर अपने बच्चे को आश्वस्त करना जरुरी है। उसकी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त करें कि आप उसके आसपास ही हैं। बच्चे को दोबारा सुलाने की कोशिश करें। उसे यह कहकर समझाएं कि उसे डरने की जरूरत नहीं है, आप उसके साथ हैं और सब कुछ ठीक है। आप जब तक बच्चा दोबारा न सो जाएं उसके आस पास रहें और उसके सोने का इंतजार करें।

सामना करना सिखाएं (Tips to get rid of nightmares for kids)

अपने बच्चे को बुरे सपनों का सामान करने के वैकल्पिक तरीकों पर चर्चा करें, जैसे कि साहस जुटाना और सकारात्मक विचारों के बारे में सोचना। आप इस बारे में बात कर सकते हैं कि आप किसी ऐसी चीज से कैसे निपटते हैं, जिससे आप डरते हैं। साथ ही, उन बच्चों के बारे में कहानियां पढ़कर सुनाएं, जो अपने डर को जीत लेते हैं।

अंधेरे में बच्चे के साथ खेलें (Play with baby in the dark)

अंधेरे में अपने बच्चे के साथ मस्ती करें, जिससे उसका डर कम हो। इसके लिए आप अंधेरे में अलग-अलग खेल खेल सकते हैं जैसे कि खजाने की खोज और लुक्का-छुपी आदि। ये सभी खेल उसके मन से डर को दूर करने के साथ उसको अच्छी नींद में मदद करेंगे।

अपनी कल्पना का प्रयोग करें और क्रिएटिव रहें (Tips to get rid of nightmares for kids)

बच्चों को काल्पनिक भय से लड़ने के लिए तैयार करने के लिए अपनी कल्पना का प्रयोग करें। बच्चों को बुरे सपने (kids nightmares) न आएं औप उनको रात को कंपनी के लिए एक पालतू जानवर भी मददगार साबित होता है, यहां तक कि बेडसाइड फिश टैंक भी मदद कर सकता है। जब भी संभव हो, अपने बच्चे को जीतने और नियंत्रण की भावना हासिल करने के बारे में बताएं।

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नाइटलाइट का यूज करें (Use Nightlight)

कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका बच्चा किससे डरता है, एक नाइट-लाइट हमेशा मदद कर सकती है। नाइट लाइट्स तब तक ठीक हैं जब तक कि यह आपके बच्चे को सोने में खलल नहीं डालते। बच्चों को बुरे सपने (kids nightmares) न आएं इसके लिए आप एक और चीज का सहारा ले सकते हैं बेडरूम के दरवाजे को खुला छोड़ दें ताकि आपका बच्चा बाकी परिवार से अलग-थलग महसूस न करे।

डरावने टेलीविजन शो से बचें (Avoid scary television shows)

अपने बच्चे को डरावने टीवी शो, वीडियो या कहानियों से दूर रखें, जो उसे डर से जुड़ा रखते हैं। उन्हें टीवी में वहीं चीजें देखने की परमिशन दें जिनसे उन पर सकारात्मक असर हो। टीवी में वो जो देखते हैं उसका उनके दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। बच्चों को बुरे सपने (kids nightmares) से बचाने के लिए डरावने टेलीविजन से बचाकर रखना जरूरी है।

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दिन के दौरान अपने बच्चे के डर पर चर्चा करें (Discuss your child’s fears during the day)

अपने बच्चे से दिन के दौरान उसके डर के बारे में बात करें। इसके अलावा दिन के दौरान अपने बच्चे के आत्मविश्वास को बढ़ाएं। यदि वह दिन के दौरान आत्म विश्वास महसूस करता है, तो इससे उसे रात में अधिक सुरक्षित महसूस करने में मदद मिल सकती है।

इस प्रकार आप बच्चों को बुरे सपने (kids nightmares) आने पर उनकी मदद कर सकती हैं और उन्हें इस डर बाहर निकाल सकती हैं। अगर ऊपर दिए गए टिप्स अपनाने के बाद भी परेशानी हल नहीं होती है तो डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं।

बच्चों को रात के डर का सामना करने के लिए मदद की जरूरत होती है और उन्हें एक सहायक की जरूरत होती है, जो उनके विकास के चरण और व्यक्तिगत स्वभाव के प्रति संवेदनशील हो। उन्हें किसी के द्वारा आश्वस्त कराने, सुरक्षा की भावना मिलने और यह सिखाने के लिए किसी की जरुरत होती है कि उन्हें अपने रात के डर को कैसे दूर करना चाहिए।

हम आशा करते हैं आपको हमारा यह लेख पसंद आया होगा। हैलो हेल्थ के इस आर्टिकल में बच्चों को बुरे सपने (kids nightmares) आने को लेकर जुड़ी हर जानकारी देने की कोशिश की है। यदि आप इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी चाहते हैं तो आप कमेंट सेक्शन में सवाल कर पूछ सकते हैं। आपको हमारा यह लेख कैसा लगा यह भी आप हमें कमेंट कर बता सकते हैं। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें। अधिक जानकारी के लिए एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

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सूत्र

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Lucky Singh द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 4 weeks ago को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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