जब बच्चे का पढ़ाई में मन न लगे तो अपनाएं ये 5 उपाय

By Medically reviewed by Dr. Abhishek Kanade

हर बच्चे की अपनी एक अलग दिमागी क्षमता होती है। कोई इसका उपयोग  क्रिएटिव चीजों में करता है, तो कोई खेल-कूद में। कुछ पेरेंट्स की चिंता का कारण भी यही होता है कि उनके बच्चे खेलकूद में तो अच्छे हैं लेकिन, पढ़ाई में नहीं।  ऐसी स्थिति में  पेरेंट्स को बच्चे की पसंदीदा एक्टिविटी को प्राथमिकता देते हुए और उसकी योग्यता को समझते हुए उन्हें पढ़ाई का महत्व समझाएं। उनके अंदर पढ़ाई की जिज्ञासा पैदा करें। इसके लिए आप कुछ इस तरह के उपाय अपनाएं, जैसे कि

1. मानसिक रूप से सहयोग करें 

यदि बच्चे का पढ़ाई में मन नहीं लगता है और आप इससे परेशान हैं, तो उनसे इस विषय पर बात करें। उन्हें विश्वास दिलाएं कि आप उनकी समस्या को समझेंगे और फिर उनकी मदद करेंगे। ऐसा करने से बच्चे खुलकर अपनी समस्या को बताएंगे और आप आसानी से इसका कोई उपाय ढूंढ पाएंगे। कई मां-बाप ऐसी स्थिति में बच्चों को डांट-फटकार लगाने लगते हैं, जोकि गलत है। आपका कर्तव्य  है कि आप बच्चों का पढ़ाई में मन न लगने के मुख्य कारणों को जानने की कोशिश करें।

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बच्चों की समस्या को उनके नजरिये से समझें

कई बार आप बच्चों की पढ़ाई की समस्या को समझना तो चाहते हैं, लेकिन उनके नजरिये से नहीं समझ पाते हैं। आपको यह सोचना चाहिए कि आप भी कभी बच्चे रहे हैं और तब पढ़ाई को लेकर किसी परेशानी या समस्या आने पर आप क्या महसूस करते थे? तभी आप बच्चों में पढ़ने की समस्या के जड़ तक जा पाएंगे। कई माता-पिता पढ़ाई को लेकर डांट-फटकार लगाना शुरू कर देते हैं। आपका बच्चा परेशानी में है और आपका सहयोग ही उन्हें इस समस्या से निकल पाएगा। उन्हें प्यार से समझाएं और उनकी जगह पर खुद को रखकर उनकी समस्या को समझने की कोशिश करें।

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उन विषयों पर फोकस करें, जहां परेशानी अधिक है 

कई बार बच्चों में किसी खास विषय को लेकर भी परेशानी होती है। ऐसी सिचुएशन में आपका बच्चा जिस विषय में कमजोर हो उन पर अधिक ध्यान दें। यह जरूरी नहीं कि स्कूल में टीचर ने पढ़ाया है, सभी बच्चों को एक समान समझ में आ ही जाए। हो सके तो उनके स्कूल-नोट्स से आप खुद उन्हें समझाने की कोशिश करें या फिर ऐसे बच्चों की पढ़ाई किसी अच्छे ट्यूशन टीचर से भी करवा सकते हैं। इससे बच्चे को अपनी समस्यायों पर ज्यादा समय मिल सकेगा । 

अभ्यास  करने का उचित तरीका समझाएं 

बच्चों को पढ़ाना एक कला है। बच्चों को कई बार लेसन तैयार करने का सही तरीका नहीं पता होने के कारण उनके मेहनत के अनुसार रिजल्ट नहीं मिल पाता। इसके कारण भी बच्चे अच्छे से पढ़ने में मन नहीं लगा पाते। अपने बच्चों को लेसन कंप्लीट करने और उसे याद करने का सही तरीका बताएं। एक चीज को बार-बार रिपीट करने की आदत डालने को मोटीवेट करें और की-नोट्स लिखकर याद करने की भी आदत अपनाने को बोलें। 

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डायट से समझौता बिलकुल मत करें 

बच्चों के खान-पान का असर उनकी पढ़ाई पर भी पड़ता है। ‘हेल्थ इज वेल्थ’ यह आप जानते हैं। इसलिए उनके डायट पर खास ध्यान दें। उन्हें पौष्टिक ​फूड दें, जैसे कि. दूध, बादाम, काजू और फल आदि। मछली तथा अंडे (मांसाहार होने पर) भी बच्चों के खाने में शामिल करें, साथ ही हरी सब्जी, फल, दूध से बनी हुई प्रोटीन तथा आयरन और कैल्शियम वाली खाने की चीजों को उसे अवश्य खिलाएं।

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इन उपायों को अपनाकर आप अपने बच्चे को पढ़ने के लिए मोटीवेट कर सकते हैं। ऐसा करने से आप अपने के बच्चे में पढ़ने के लिए आत्मविश्वास पैदा कर सकते हैं।

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रिव्यू की तारीख सितम्बर 13, 2019 | आखिरी बार संशोधित किया गया सितम्बर 13, 2019