backup og meta
खोज
स्वास्थ्य उपकरण
बचाना

गर्भावस्था में सप्लीमेंट की जरूरत क्यों पड़ती है?

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड Dr. Pooja Bhardwaj


Nidhi Sinha द्वारा लिखित · अपडेटेड 23/07/2020

गर्भावस्था में सप्लीमेंट की जरूरत क्यों पड़ती है?

गर्भावस्था की शुरुआत के साथ ही महिलाओं को लोगों की ओर से हिदायतें मिलना शुरू हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में गर्भवती महिला के लिए यह समझना बहुत कठिन हो जाता है कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं ? इस समय हर महिला अपना और अपने गर्भ में पल रहे बच्चे का ख्याल रखने की पूरी कोशिश करती है। कुछ गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था में सप्लीमेंट का सेवन करने लगती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सप्लीमेंट्स का जरूरत से ज्यादा सेवन करने से इसका गलत प्रभाव हो सकता है। हैलो स्वास्थ्य के इस आर्टिकल में जानते हैं कि गर्भावस्था में सप्लीमेंट की जरूरत क्यों पड़ती है? क्या गर्भावस्था में सप्लीमेंट का ज्यादा इस्तेमाल करना सही है?

गर्भावस्था में सप्लीमेंट और उनके फायदे

गर्भावस्था में सप्लीमेंट की जरूरत सिर्फ तब पड़ती है जब डॉक्टरी जांच में पता चलता है कि गर्भवती महिला के शरीर में किसी विटामिन या मिनरल की कमी है।

गर्भावस्था में लिए जाने वाले हेल्थ सप्लीमेंट्स (health supplements) और उनसे होने वाले फायदे नीचे दिए जा रह हैं –

1.फोलिक एसिड (folic acid)

फोलिक एसिड विटामिन बी9 को ही कहते हैं। यह स्वाभाविक रूप से खाद्य पदार्थों में फोलेट के रूप में उपलब्ध होता है। गर्भावस्था में सप्लीमेंट के रूप में डॉक्टर महिला को फॉलिक एसिड लेने को कहते हैं। यह न्यूरल ट्यूब की रक्षा करता है जिससे बच्चे का दिमाग और स्पाइनल कॉर्ड को विकसित करने में मदद कर सकता है।  प्रेग्नेंसी के दौरान फोलिक एसिड लेना बेहद ही जरूरी होता है। बच्चे में होने वाले जन्मजात दोष, जैसे- स्पाइना बिफिडा (Spina bifida) जैसी समस्याओं से शिशु को सुरक्षित रखने के लिए फोलिक एसिड सप्प्लीमेंट दिया जाता है। फोलिक एसिड को प्रेग्नेंट महिलाएं खाद्य पदार्थों (हरी सब्जियों और अनाज) के द्वारा भी प्राप्त कर सकती हैं। 

और पढ़ें : प्रेग्नेंसी में थकान क्यों होती है, कैसे करें इसे दूर?

2.कैल्शियम (calcium)

गर्भावस्था के दूसरे और तीसरे फेज में महिला को कैल्शियम की आवश्यकता अधिक होती है। डॉक्टर प्रेग्नेंट महिलाओं में कैल्शियम की पूर्ति के लिए कैल्शियम सप्लीमेंट्स का उपयोग करने की सलाह देते हैं। गर्भावस्था के आखिरी तिमाही में भ्रूण को कैल्शियम की अधिकतम मात्रा (30 ग्राम तक) की जरूरत होती हैं। इसलिए, अगर प्रेग्नेंट महिला को कैल्शियम सप्लीमेंट की जरूरत पड़ती है।

और पढ़ें : गर्भावस्था में कैल्शियम की कमी को दूर सकते हैं ये 9 फूड

3.आयरन

गर्भवती महिला के शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टर आयरन सप्लिमेंट्स लेने की सलाह देते हैं। गर्भावस्था में सप्लीमेंट के रूप में आयरन कैप्सूल, टैबलेट और लिक्विड के रूप में लिया जा सकता है। आयरन के सेवन से बच्चे को रेड ब्लड सेल्स के माध्यम से ऑक्सीजन मिलने में सहायता होती है।

[mc4wp_form id=’183492″]

4.विटामिन सी 

प्रेग्नेंसी में विटामिन सी कोशिकाओं को सुरक्षा प्रदान करता है और महिला को स्वस्थ रखता है। गर्भावस्था के दौरान 80-85 मिलीग्राम विटामिन सी लेने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसे कई तरह के फल और सब्जियों (संतरा और संतरे का जूस, स्ट्रॉबेरी, ब्रोकोली, अंकुरित अनाज (स्प्राउट) आदि) से भी प्राप्त किया जा सकता है। विटामिन-सी बच्चे के दांत, मसूढ़ों और हड्डियों को स्ट्रॉन्ग बनाता है।  

और पढ़ें : हेल्दी फूड्स की मदद से प्रेग्नेंसी के बाद बालों का झड़ना कैसे कम करें?

5.विटामिन डी

विटामिन डी का सेवन बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास में मदद करने के साथ-साथ त्वचा को स्वस्थ बनाने और आंखों की रोशनी के लिए महत्वपूर्ण है।  विटामिन डी शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट को नियमित करने का भी काम करता है। 

प्रेग्नेंसी के शुरूआती तीन महीने गर्भवती महिला के लिए बेहद खास होते हैं। कभी-कभी विटामिन और मिनरल की कमी को पूरा करने के लिए गर्भावस्था में सप्लीमेंट का सहारा लिया जाता है लेकिन, इस समय जरूरत से ज्यादा और अपनी मर्जी से किसी भी सप्लीमेंट्स का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है। 

खून की कमी न हो इसलिए गर्भवती महिला को आयरन की टेबलेट लेने की सलाह दी जाती है। आयरन युक्त टेबलेट खाने के पहले कुछ बातों का ख्याल रखें –

  • आयरन टेबलेट को कभी भी खली पेट न खाएं। कोशिश करें कुछ खाने के बाद ही आप टेबलेट खाएं। आयरन सप्लीमेंट से पेट में क्रैम्प, डायरिया आदि परेशानियां हो सकती हैं।
  • अगर आयरन टेबलेट ले रहे हैं, तो हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थ नहीं खाएं। साथ ही बीन्स और एवोकैडो जैसे फलों के सेवन से बचें। 
  • आयरन सप्लीमेंट्स के साथ कैफीन का सेवन न करें। जैसे चाय या कॉफी। इनका सेवन दो कप से ज्यादा करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।
  • आयरन सप्लीमेंट्स के साथ दूध, कैल्शियम और एंटी-एसिडिक प्रोडक्ट्स का सेवन न करें। इन दोनों के बीच कम से कम एक से दो घंटे का गैप रखें।

और पढ़ें : प्रेग्नेंसी में बीपी लो क्यों होता है – Pregnancy me low BP

ज्यादा आयरन के सेवन से सेहत को नुकसान हो सकता है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन के अनुसार सप्ताह में सिर्फ एक बार आयरन की खुराक लेने से एनीमिया को रोका जा सकता है। आयरन सप्लीमेंट्स कम लेने से महिलाएं उन्हें अधिक समय तक ले सकेंगी और साइड इफेक्ट्स की संभावना भी कम होगी।

क्‍या गर्भावस्‍था में सप्लीमेंट लेना सुरक्षित है?

डॉक्‍टर की सलाह से गर्भावस्‍था में सप्लीमेंट का सेवन करना पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि, प्रेगनेंसी सप्लीमेंट्स खरीदते समय नीचे लिखी बातों पर ध्‍यान देना जरूरी है:

  • कोई भी सप्‍लीमेंट खरीदने से पहले उसका लेबल जरूर चैक करें।
  • प्रेगनेंसी सप्‍लीमेंट में इस्‍तेमाल हुई सभी सामग्रियों के बारे में अच्छे से पढ़ें। इसमें शुगर या प्रिजरवेटिव का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
  • गर्भावस्‍था में सप्लीमेंट का सेवन करने से पहले उसे डॉक्‍टर को जरूर दिखाएं।
  • अधिक खुराक या डॉक्‍टर द्वारा बताई गई समयावधि से ज्‍यादा समय तक सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करने से बचें।
  • साथ ही इस बात की भी पुष्टि भी करें कि गर्भावस्‍था में लिए जाने वाले सप्लीमेंट्स में कोई ऐसी सामग्री तो मौजूद नहीं है जिससे आपको एलर्जी हो।

और पढ़ें : इन घरेलू उपायों से करें प्रेग्नेंसी में होने वाले एनीमिया का इलाज

जरूरत से ज्यादा गर्भावस्था में सप्लीमेंट लेना बच्चे के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी हो सकता है। महिलाओं को सप्लीमेंट से ज्यादा पौष्टिक आहार पर ध्यान देना चाहिए। जब किसी विटामिन और मिनरल्स की कमी ज्यादा है तो ही उन्हें सप्लीमेंट के जरिये उसे पूरा करना चाहिए। अन्यथा स्वस्थ और संतुलित खानपान के जरिये भी गर्भवती महिला और गर्भ में पल रहे शिशु का ख्याल रखा जा सकता है। आपको गर्भावस्था में सप्लीमेंट से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। गर्भवती महिला की मौजूदा स्थिति के अनुसार डॉक्टर आपके लिए बेस्ट सप्लीमेंट की सलाह भी दे सकते हैं।

डिस्क्लेमर

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड

Dr. Pooja Bhardwaj


Nidhi Sinha द्वारा लिखित · अपडेटेड 23/07/2020

ad iconadvertisement

Was this article helpful?

ad iconadvertisement
ad iconadvertisement