सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट : सी-सेक्शन के बाद क्या खाएं और क्या न खाएं?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट अक्टूबर 5, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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डिलिवरी चाहे सिजेरियन से हुई हो या वजायनल दोनों ही मामलों में महिलाओं को खानपान का ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। क्योंकि सी-सेक्शन के बाद महिला को रिकवर होने में ज्यादा वक्त लगता है इसलिए, सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। सही और संतुलित खाना खाने से बॉडी को रिकवर होने में मदद मिलती है। हालांकि, भरपूर पोषण न सिर्फ महिला के लिए जरूरी होता है बल्कि, उसके शिशु के विकास में इसकी एक अहम भूमिका निभाता है।

सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट में प्रोटीन से लेकर विटामिंस और आयरन की संतुलित मात्रा आवश्यक होती है। शिशु को जन्म देने के बाद महिला को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? इस पर हमने सेंट्रल मुंबई के वॉकहार्ट हॉस्पिटल की कंसल्टेंट ओबस्ट्रेटिक्स गायनोकोलॉजिस्ट डॉक्टर गंधाली देवरुखकर पिल्लई से खास बातचीत की।

डिलिवरी के तुरंत बाद क्या खाना चाहिए? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सिजेरियन के बाद महिला को थोड़ा पानी दिया जाता है, जिससे यह पता चल पाता है कि उसकी बॉडी इसे टॉलरेट कर रही है या नहीं। इसके बाद उसे कोकोनट वॉटर या हल्का फुल्का खाना दिया जाता है। मरीज के सामान्य रहने की स्थिति में उसे नॉर्मल फूड दिया जाता है। हालांकि, नॉर्मल फूड देते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखा जाता है।

सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट कैसी हो?

ब्लड प्रेशर से पीड़ित महिलाओं के लिए

डॉक्टर गांधाली ने कहा कि यदि महिला को ब्लड प्रेशर की समस्या है तो उसकी डायट में नमक की मात्रा कम से कम होनी चाहिए। यह नियम प्रेग्नेंसी के दौरान भी लागू होता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है।

और पढ़ें : दूसरी प्रेग्नेंसी के दौरान अक्सर महिलाएं पूछती हैं ये सवाल

अगर डायबिटीज है तो

डॉक्टर के अनुसार प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ महिलाओं को शुगर की समस्या हो जाती है। इस स्थिति में प्रेग्नेंसी के दौरान और इसके बाद में उन्हें ऐसी डायट लेनी चाहिए, जिसमें शुगर की मात्रा न्यूनतम हो। सिजेरियन के मामले में डायट में शुगर होने से टांके प्रभावित हो सकते हैं। महिलाओं को कोशिश करनी चाहिए कि वो मीठा खाने से परहेज करें।

नींद की दवाइयां ना खाएं

डॉक्टर के अनुसार प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं को नींद के लिए स्लीपिंग टैबलेट्स (sleeping tablets) का बिलकुल भी सेवन नहीं करना चाहिए। प्रेग्नेंसी के बाद स्लीपिंग पिल्स खाने से शिशु की बॉडी पर इसका दुष्प्रभाव पड़ सकता है।

और पढ़ें : सिजेरियन के बाद नॉर्मल डिलिवरी के कितने हैं चांसेस?

ये खाना है जरूरी

एनीमिया से पीड़ित महिलाएं खाएं ये सब

डॉक्टर गंधाली ने बताया कि प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ महिलाओं की बॉडी में आयरन की कमी हो जाती है। इसे एनीमिया के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी महिलाओं को प्रेग्नेंसी के बाद आयरन युक्त डायट लेनी चाहिए। आयरन से भरपूर फूड की पहचान करना बेहद आसान है। आमतौर पर इन सब्जियों और फलों का रंग लाल होता है। इसके अलावा आयरन से भरपूर चीजों में सेब, कद्दू, हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, अनार, गाजर, बीट रूट और टमाटर और गुड़ शामिल है।

आयरन युक्त फूड खाने से महिला और शिशु दोनों की बॉडी में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ेगी, जिससे एनीमिया का खतरा कम होगा। हालांकि, महिला जो भी खाती है उसका कुछ हिस्सा स्तनपान के जरिए शिशु की बॉडी में भी जाता है।

और पढ़ें : प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए डायट चार्ट, जानें क्या और कितना खाना है?

सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट कैसी हो?

नॉर्मल या सी-सेक्शन दोनों ही तरह के प्रसव के बाद नई मां और नवजात शिशु के अच्छे स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार की आवश्यकता होती है। लेकिन, सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट पर थोड़ा ज्यादा ध्यान देना पड़ता है। डॉक्टर्स की माने तो सी-सेक्शन के बाद हर महिला की शारीरिक स्थिति अलग-अलग होती है। डॉक्टर उसी के अनुसार ही डायट लेने की सलाह देते हैं। लेकिन, यहां एक लिस्ट दी जा रही है जिसमें एक नई मां के आहार में किन खाद्य पदार्थों शामिल होना जरूरी होता है, यह बताया गया है।

कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर डायट लें

डॉक्टर गंधाली के मुताबिक, स्तनपान कराते वक्त महिला की बॉडी से कैल्शियम और विटामिन डी की काफी मात्रा दूध के माध्यम से शिशु की बॉडी में चली जाती है। इस स्थिति में उनकी बॉडी में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी हो जाती है। इसकी पूर्ति के लिए महिलाओं को कैल्शियम और विटामिन से भरपूर डायट लेनी चाहिए। इसके लिए वो दूध, हरी सब्जियों में मेथी, पालक और कच्चा खा सकती हैं।

यदि महिला नॉनवेजेटेरियन है सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट में वह अंडा भी खा सकती है। अंडे में कैल्शियम और विटामिन डी की मात्रा भरपूर होती है। इसके अलावा चीज, ब्रेड, ओट्स और कॉर्न फ्लेक्स में भी विटामिन डी होता है।

और पढ़ें : बार-बार होते हैं बीमार? तो हो सकती है विटामिन डी (Vitamin D) की कमी

सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट में प्रोटीन शामिल करें

प्रोटीन से नई कोशिकाओं के विकास और रिकवरी में मदद मिलती है। सिजेरियन डिलिवरी के मामले में प्रोटीन एक अहम भूमिका निभाता है। यह कोशिकाओं को रिपेयर कर मसल्स की ताकत को बरकरार रखता है। सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट में मछली, अंडे, चिकन, डेयरी फूड्स, मीट्स, मटर और नट्स को शमिल करें।इनमें में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। प्रोटीन के इन सोर्स को आसानी से पचाया जा सकता है। प्रेग्नेंसी के बाद महिलाओं को डायट में प्रोटीन को जरूर शामिल करना चाहिए।

और पढ़ें : जानिए कितनी मात्रा में लेना चाहिए प्रोटीन

फाइबर युक्त भोजन

सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट में न्यू मॉम को फाइबर युक्त फूड्स जरूर शामिल करना चाहिए। प्रसव के बाद अक्सर महिला को कॉन्स्टीपेशन की समस्या से जूझना पड़ता है। कब्ज की समस्या को दूर करने में फाइबर युक्त खाद्य भोजन मददगार साबित होते हैं। इसके लिए महिला को डायट में कच्चे फलों और सब्जियों के साथ साबुत अनाज को भी शामिल करना चाहिए। इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है।

विटामिन सी

विटामिन सी मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाने का काम करता है। सिजेरियन डिलिवरी के बाद डायट में आपको विटामिन सी को संतुलित मात्रा में लेना है। यह आपको करौंदे, संतरे, तरबूज, पपीता, स्ट्रोबैरी, ग्रेपफ्रूट्स, शकरकंदी, टमाटर और ब्रोकली में आसानी से मिल जाएगा।

डॉक्टर के अनुसार यदि महिला को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है तो इस स्थिति में उसे घर का नॉर्मल खाना खाना चाहिए। ध्यान रखें कि यह ज्यादा तीखा और चटपटा ना हो। उन्होंने कहा कि महिलाओं को एसिडिक फूड्स से परहेज करना चाहिए। इससे शिशु के पेट में गैस बनने की संभावना भी कम होती है क्योंकि स्तनपान के जरिए मां की डायट का कुछ हिस्सा शिशु के पेट तक पहुंचता है।

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