अगर किसी के मन में आए आत्महत्या के विचार, तो उसकी ऐसे करें मदद

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट जून 16, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
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खुदकुशी या आत्महत्या के विचार आने पर लोग खुलकर बातचीत नहीं करते हैं। ऐसे में होता यह है कि जिन लोगों का मन आत्महत्या के विचार से जूझ रहा होता है वे किसी से बात नहीं कर पाते और खुद को अकेला महसूस करते हुए खुदकुशी के विकल्प को आखिरी हल मान बैठते हैं। खुदखुशी के विचार आने का  मतलब यह नहीं है कि आप पागल या कमजोर हैं। कई बार किसी बात से अधिक निराश होने पर भी आत्महत्या के विचार आने लगते हैं। ऐसे लोगों की सहायता हर किसी को करना चाहिए ताकि किसी की जिंदगी बचाई जा सके, लेकिन आप सोच रहे होंगे कि हम उनकी मदद कैसे कर सकते हैं? तो आइए जानते हैं यहां।

सुसाइड टेंडेंसी के लक्षण क्या हैं?

आत्महत्या के विचार रखने वाले कई लोगों की बातों या व्यवहार में कुछ हफ्तों पहले से कुछ संकेत साफ दिखाई देते हैं। कुछ मामले ऐसे भी होते हैं, जिनमें खुदकुशी को लेकर कोई विचार नहीं किया जाता है , किसी क्षणिक आवेग में जान दे दी जाती है, लेकिन ऐसे मामलों में भी खुदकुशी से ठीक पहले एक खास किस्म की चिंता, मानसिक तनाव, हताशा या इस तरह का कोई और लक्षण जरूर दिखाई देते हैं। किसी व्यक्ति की मदद आप तभी कर सकते हैं, जब आप पहचान पाएंगे कि इसके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं। नीचे दिए गए लक्षणों को देखकर पता लगाया जा सकता है कि व्यक्ति खुदखुशी करने की सोच रहा है। सुसाइड टेंडेंसी के सामान्य लक्षणों की पहचान इनसे की जा सकती हैः

  • आत्महत्या के बारे में बात करना- उदाहरण के तौर पर, इस तरह की बातें करना “मैं खुद को मारने जा रहा हूं,” “काश मैं मर चुका होता” या “काश मैं पैदा ही नहीं हुआ होता”
  • जानलेवा वस्तुएं खरीदना जैसे- बंदूक या तरह-तरह की दवाओं को इकट्ठा करना,
  • सामाजिक जीवन से दूरी बनाना,
  • अकेले रहना,
  • मरने की कोशिश करना,
  • किसी स्थिति में उलझना और निराश रहना,
  • बहुत ज्यादा शराब या दवाएं लेना,
  • खाने या सोने के पैटर्न सहित सामान्य दिनचर्या में बदलाव
  • लोगों से ऐसे अलविदा कहना जैसे फिर से उनसे मिलने वाले नहीं हो
  • गंभीर तौर पर परेशान रहना, चिंता करना या अकेले में रहना
  • मूड स्विंग होना, कभी बहुत ज्यादा भावनात्मक होना,
  • मित्रों और परिवार के सदस्यों से अलगाव,
  • ध्यान केंद्रित करने में समस्याएं,
  • सामान्य गतिविधियों में अरुचि का पैदा होना,
  • खुद के लिए जोखिम भरे या खतरनाक कदम उठाना, जैसे बहुत तेज वाहन चलाना

ध्यान रखें कि हर किसी व्यक्ति में इसके लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों की इन स्थितियों के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है, जबकि कुछ लोग अपनी स्थितियों के बारे में कोई बात नहीं करते हैं। वे आमतौर पर अपनी भावनाओं को सीक्रेट रखते हैं। किसी व्यक्ति की सुसाइड टेंडेंसी के सारे लक्षण ऊपर नहीं बताए गए हैं। अगर आपको इसके लक्षणों के बारे में कोई सवाल है, तो इस बारे में अपने डॉक्टर से बात करें।

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आत्महत्या के विचार मन में आए तो

चाहे आप अभी कितना भी परेशान महसूस कर रहे हों, आप अकेले नहीं हैं। दर्द का इलाज किया जा सकता है और आशा को एक नई दिशा दी जा सकती है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी स्थिति क्या है। दुनिया में ऐसे लोग हैं जिन्हें आपकी जरूरत है, ऐसी जगहें जहां आप अच्छा महसूस कर सकते हैं। आप आज जैसा महसूस कर रहे हैं, वैसा कल महसूस नहीं किया था कल या अगले सप्ताह आपको कुछ और महसूस हो रहा होगा। आपके साथ जरूर कुछ ऐसे यादगार अनुभव हैं जो आपको याद दिला सकते हैं कि जीवन जीने लायक है। मौत का सामना करने के लिए असली हिम्मत चाहिए। आप अपने इसी हिम्मत और साहस का उपयोग जीवन की कठिनाइयों का सामना करने के लिए कीजिए। अवसाद पर काबू पाने और अपने कौशल को जानने के लिए कीजिए। जीवन में ढेर सारी जगहें और अनुभव हैं जो आपको खुश करने की क्षमता रखते हैं। आपको इन चीजों से खुद को जोड़े रखना होगा। आनंददायक भावनाओं को अनुभव करने की आपकी क्षमता दर्द भरी भावनाओं को अनुभव करने की आपकी क्षमता के बराबर है।

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दूसरों की ऐसे मदद करें

अकेले न छोड़ें

अगर व्यक्ति कुछ दिन से गुमसुम है या अकेला रहना पसंद करने लगा है तो सतर्क हो जाएं। हो सकता है उसके मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हो। आपको चाहिए कि उससे आप प्यार से बात करें। उनकी उदासी और समस्या को समझने का प्रयास करें। जिसके कारण वह अवसाद का शिकार हो रहा है। यह व्यक्ति में आत्महत्या के विचार को बढ़ा सकता है। इसलिए अवसाद के लक्षण और उसे दूर करने के उपाय को समझना जरूरी है

कुछ सवाल करें

व्यक्ति से उसकी भावनाओं के बारे में सीधे पूछें। भले ही यह अजीब हो। वह क्या कह रहा है, इसे सुनें और गंभीरता से लें। बस किसी ऐसे व्यक्ति से बात करना जो वास्तव में परवाह करता है, एक बड़ा बदलाव ला सकता है। अगर आप बात करने के बाद भी चिंतित हैं, तो अपनी चिंताओं को किसी काउंसलर, स्थानीय युवा केंद्र या किसी अन्य जिम्मेदार इंसान के साथ साझा करें।

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उपचार के लिए व्यक्ति को प्रोत्साहित करें

आत्महत्या के विचार रखने वाला या गंभीर रूप से उदास व्यक्ति में खुद की मदद करने की झमता नहीं होती है। ऐसे में यदि व्यक्ति डॉक्टर या मानसिक स्वास्थ्य प्रदाता से परामर्श नहीं लेना चाहता है, तो उसे हेल्प ग्रुप, क्राइसिस सेंटर या किसी अन्य विश्वसनीय व्यक्ति की मदद लेने का सुझाव दें। आप सहायता और सलाह दे सकते हैं।

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आश्वासन दें

व्यक्ति को आश्वासन दें कि चीजें बेहतर हो सकती हैं। जब कोई आत्महत्या के विचार मन में लाता है, तो वह सोचता है कि कुछ भी बेहतर नहीं होगा। उस व्यक्ति को आश्वस्त करें कि उचित उपचार के साथ, वह सामना करने के अन्य तरीकों को विकसित कर सकता है और फिर से जीवन के बारे में बेहतर महसूस कर सकता है।

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एल्कोहॉल और ड्रग्स से बचाएं

व्यक्ति दवाओं या एल्कोहॉल का उपयोग करना शुरू कर देता है उसे लगता इन सबसे दर्दनाक भावनाओं को कम किया जा सकता है, लेकिन अंततः यह चीजों को बदतर बनाता है। प्रोत्साहित करें कि वह ऐसा न करें। यदि व्यक्ति अपने दम पर नहीं छोड़ सकता है, तो उपचार खोजने में मदद करें। शराब और ड्रग्स का उपयोग करने से बचना चाहिए, क्योंकि ये पदार्थ आत्मघाती विचारों की सोच को बढ़ावा देते हैं।

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घर को सुरक्षित बनाएं

अगर संभव है तो उन चीजों को हटा दें जिनका इस्तेमाल वह खुद को चोट पहुंचाने के लिए कर सकता है।

यदि कोई कहता है कि वह आत्महत्या के बारे में सोच रहा है या उसके व्यवहार से आपको लगता है कि व्यक्ति सुसाइड कर सकता है, तो इस स्थिति को अनदेखा न करें। आत्महत्या के विचार रखने वाले कई लोग किसी न किसी पॉइंट पर खुदखुशी (सुसाइड) करने का इरादा व्यक्त जरूर करते हैं। हो सकता है उनकी मदद करने का दौरान आपको लगे कि आप ओवर रिएक्ट कर रहे हैं, लेकिन आपके मित्र या प्रियजन की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। किसी के जीवन को दांव पर लगाते समय अपने रिश्ते को तनावपूर्ण बनाने के बारे में चिंता न करें।

अगर इससे जुड़ा आपका कोई सवाल है, तो उसकी बेहतर समझ के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

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