हाइपरटेंशन से बचाव के लिए जरूरी है लाइफस्टाइल में ये बदलाव

By Medically reviewed by Dr. Hemakshi J

हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर, जोकि सामान्य रक्तचाप से बढ़ा हुआ रक्तचाप हुआ होता। हाई ब्ल्ड प्रेशर एक बड़ी समस्या है क्योंकि इसके कारण हार्ट अटैक, स्ट्रोक और ब्रेन स्वैलिंग जैसे गंभीर समस्या हो सकती है। सबसे मुश्किल की बात यह है कि 90 प्रतिशत हाइपरटेंशन के मरीजों को यह पता ही नहीं होता कि वह उच्च रक्तचाप से प्रभावित हैं और उनकी जान पर बन आती है। इसलिए हाइपरटेंशन से बचाव की जानकारी बड़े-बुजुर्गों को ही नहीं युवाओं को भी होनी चाहिए। चूंकि युवा भी हाइपरटेंशन की चपेट में आने लगे हैं।

हाइपरटेंशन से बचाव के लिए क्या करें?

हाइपरटेंशन से बचाव बहुत मुश्किल नहीं है। यदि आप अपनी लाइफस्टाइल में सुधार कर लें तो इसके बुरे प्रभाव से बचा जा सकता है।  इसलिए अपने जीवनशैली में कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें जैसे कि-

हैल्दी डायट लें

शरीर को केवल आहार नहीं बल्कि स्वस्थ्य आहार की आवश्यकता होती है, जैसे कि फल, सब्जियां, दाल और अनाज आदि। इसमें पाए जानें वाले न्यूट्रिशन वैल्यू हर बीमारी से लड़ने में मदद करती है। फिर चाहे वो हाइपरटेंशन से बचाव ही क्यों न हो। माना जाता है कि हाइपरटेंशन से बचाव का सबसे बड़ा रास्ता DASH डायट से होकर गुजरता है।  यदि आप अपनी डायट में बदलाव कर लें तो हाई ब्लड प्रेशर से आधी जंग यूं ही जीत जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि हर रोज 500 ग्राम विटामिन-सी के सेवन से सिस्टोलिक व डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर को 3.84 mmHg और 1.48 mmHg तक कम किया जा सकता है। इसलिए सिट्रस फ्रूट जैसे आंवला, अंगूर, संतरा, नींबू, कीबी को डायट में शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही सब्जियां जैसे पालक, बंद गोभी, चुकंदर भी हाइपरटेंशन से बचाव में वरदान साबित हो सकते हैं। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि हाइपरटेंशन से बचाव चाहते हैं तो सोडियम से दूरी बनाएं और पोटेशियम वाले फल और सब्जियों को आहार में शामिल करें।

नमक से बनाएं दूरी

हाई ब्लड प्रेशर वालों को नमक से दूर रहना चाहिए यह बात हर कोई जानता है। जितना आप नमक यानी सोडियम खाते हैं उतना ही ब्लड प्रेशर बढ़ता है। इसलिए नमक को थाली से दूर ही रखें या बहुत कम मात्रा में खाएं।

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डायट के साथ फॉलो करें एक्सरसाइज

हापरटेंशन से बचाव के लिए दूसरी बड़ी चीज है नियमित रूप से एक्सरसाइज करना। नियमित एक्सरसाइज को अपनी उम्र के हिसाब से तय कर सकते हैं। हाई ब्लड प्रेशर का सबसे सीधा असर दिल पर पड़ता है। इसलिए कार्डियो एक्सरसाइज को अपनी एक्सरसाइज का हिस्सा बनाएं। इसमें आप ट्रेडमिल, जॉगिंग, ब्रिस्कवॉक को शामिल कर सकते हैं। चाहें तो टार्गेट हार्ट रेट कैलक्युलेटर से अपनी एक्सरसाइज पर नजर रख सकते हैं। इसलिए आप एक्सरसाइज को अपने नियमित जीवन का हिस्सा बना लें।

बढ़ते वजन को कहें ‘नो मोर’

मोटापा भी हाइपरटेंशन की वजह हो सकता है। आप मोटापे से या वजन बढ़ने से जूझ रहे हैं तो इसे तुरंत बीएमआई कैलक्युलेटर की मदद से चेक करें। यदि आप हाइपरटेंशन से बचाव चाहते हैं तो मोटापा कम करने का प्रयास करें। चूंकि हाइपरटेंशन और मोटापा एक-दूसरे के जिगरी दोस्त हैं और इन दोनों की दोस्ती आप पर काफी भारी पड़ सकती है। मोटापा कम करने के लिए डीटॉक्स ड्रिंक, वेट लॉस डायट, वेट लॉस एक्सरसाइज का सहारा लिया जा सकता है।

एल्कोहॉल से भी दूरी  बनाए रखें

शराब हायपरटेंशन को बढ़ावा देती है। एल्कोहॉल के सेवन के आपके लिए हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए हाइपरटेंशन से बचाव के लिए इससे दूरी बनाए रखें। क्योंकि  शराब से हाइपरटेंशन में इजाफा तो होता ही है इसके ​साथ ही कैलोरी की मात्रा बढ़ाने में यह सहायक होता है। कुल मिलाकर यह आपके मोटापे में भी इजाफा करता है। इसलिए ​यदि आपको हाइपरटेंशन की चिंता नहीं है तो भी वजन घटाने के लिए एल्कोहॉल से दूरी बनाना आपके लिए फायदे का सौदा है।

स्मोकिंग से बढ़ता है हाई ब्लड प्रेशर

स्मोकिंग से दांत, फेफड़े, दिल के लिए तो खराब होते ही हैं यह हाई ब्लड प्रेशर को भी बढ़ावा देता है। इसलिए स्मोकिंग से दूरी बनाने में ही समझदारी है। सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के मुताबिक स्मोकिंग के कारण आने वाले वक्त में मौत की संख्या में इजाफा होगा। इसलिए बेहतर होगा कि आप उस संख्या में शामिल ना हो। इसके लिए आपको स्मोकिंग छोड़ने का फैसला लेना होगा। इस फैसले को लेने और करने के बाद ही आप देखेंगे कि स्मोकिंग छोड़ने के कितने फायदे हैं। स्मोकिंग छोड़ने के 12 घंटे के अंदर ही कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर शरीर में कम होने लगता है। इस कारण शरीर के सभी हिस्सों में रक्त का संचार बढ़ता है। यानी कह सकते हैं कि स्मोकिंग को छोड़ते ही हाइपरटेंशन से बचाव संभव है।

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स्ट्रेस से रहें कोसो दूर

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ना नींद आती है और ना दिल को चैन मिलता है। इसलिए स्ट्रेस होना लाजमी हो जाता है। यह स्ट्रेस आपको स्वास्थ्य के क्षेत्र में हराता ही चला जाता है। इसलिए हाइपरटेंशन से बचाव ही नहीं अपने स्वास्थ्य के लिए स्ट्रेस से दूरी बना लें। इस तनाव और चिंता को दूर करने के लिए मेडिटेशन, योगा, म्यूजिक जो भी थैरेपी लेनी हो लें। यह याद रखें की डिप्रेशन का असर दिमाग ही नहीं दिल पर भी पड़ता है और हाइपरटेंशन भी दिल पर ही प्रभाव डालता है।

ब्लड प्रेशर चेक कराने में ही भलाई

हाइपरटेंशन के अधिकतर मरीजों को यह पता ही नहीं होता कि वह हाइपरटेंशन के शिकार हो गए हैं। इसलिए करीब छह महिने में ब्लड प्रेशर चेकअप करना हाइपरटेंशन से बचाव ही है। रक्तचाप स्तर को 120/80 mmHg के तहत रीड किया जाता है। 120/80 mmHg रक्तचाप नॉर्मल होता है।  139/89 mmHg रक्तचाप होने के बाद आपको  जीवनशैली में बदलाव लाने की जरूरत होती है। 140/ 90 mmHg से अधिक ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन गिना जाता है।

हाइपरटेंशन जेनेटिक, वजन बढ़ने, शराब या स्मोकिंग करने, व्यायाम न करने, डिप्रेशन में रहने आदि के कारण से हो सकता है। कई बीमारियों या दवाओं के कारण भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव कर आप हाइपरटेंशन से बचाव कर सकते हैं।

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