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MTHFR म्यूटेशन कहीं खराब सेहत का कारण तो नहीं?

MTHFR म्यूटेशन कहीं खराब सेहत का कारण तो नहीं?

MTHFR म्यूटेशन क्या है?

MTHFR म्यूटेशन को मेथिलनेटेट्राहाइड्रोफ्लोलेट रिडक्टेस कहते हैं। यह एक तरह का एंजाइम है जो एमिनो एसिड, होमोसिस्टेइन और फोलेट को आपस में ब्रेक (तोड़ने) करने में मदद करता है। सामान्य भाषा में अगर इसे समझें तो MTHFR म्यूटेशन शरीर में मौजूद विटामिन-बी 9 को एक्टिव रखने में मदद करता है। MTHFR जीन माता-पिता से आते हैं। म्यूटेशन का असर हेट्रोजायगस (heterozygous) या होमोजाइगस (homozygous) दोनों पर पड़ता है।

MTHFR म्यूटेशन मनुष्यों में दो तरह के होते हैं। इनमें शामिल हैं C677T और A1298C। ये म्यूटेशन ब्लड में मौजूद होमोसिस्टाइन (homocysteine) के लेवल को बढ़ा देते हैं। होमोसिस्टाइन बढ़ने के कारण कई सारी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इन बीमारियों में शामिल हैं-

  1. बर्थ एब्नार्मेलिटीज
  2. कार्डियोवैस्कुलर डिजीज
  3. ग्लूकोमा
  4. मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर

इन बीमारियों के अलावा अन्य बीमारियों का भी खतरा बढ़ सकता है।

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MTHFR म्यूटेशन किन कारणों से होता है?

रिसर्च के कारण MTHFR जीन म्यूटेशन के निम्नलिखित कारण होते हैं। इन कारणों में शामिल हैं।

  • ब्लड या यूरिन में मौजूद होमोसिस्टाइन के लेवल में हो रहे बदलाव के कारण होमोसिस्टिनूरिया (Homocystinuria) का खतरा बढ़ सकता है।
  • न्यूरोलॉजिकल कंडिशन जैसे सोच-विचार की क्षमता पर असर पड़ना। मेडिकल टर्म में इसे अटैक्सिया (Ataxia) कहते हैं।
  • शरीर में मौजूद नर्व को डैमेज करता है।
  • शिशु के जन्म के समय सामान्य की तुलना में सिर छोटा होना जिसे माइक्रोकेफ्ली (Microcephaly) कहते हैं।
  • स्पाइन से जुड़ी समस्या जिसे स्कोलियोसिस (Scoliosis) कहते हैं।
  • शरीर में रेड ब्लड सेल्स की कमी होना या एनीमिया होना।
  • ब्लड क्लॉट, स्ट्रोक या हार्ट अटैक के पेशेंट में MTHFR म्यूटेशन की संभावना ज्यादा होती है।
  • मेंटल हेल्थ एंड विहेवहियर डिसऑर्डर जैसे अटेंशन डिफिसिट हाइपरएक्टिव डिसऑर्डर (ADAH) जैसी समस्या होना।

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MTHFR म्यूटेशन के संकेत और लक्षण क्या हैं?

MTHFR म्यूटेशन के जानकारी लोगों में नहीं होती है।

  • एब्नॉर्मल ब्लड क्लॉटिंग
  • सिजर्स
  • माइक्रोकेफ्ली
  • ब्लड क्लॉट
  • पुअर कोऑर्डिनेशन
  • समझने की शक्ति कम होना
  • हाथ और पैर में झुनझुनी

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MTHFR म्यूटेशन का निदान कैसे किया जाता है?

शारीरिक जांच, मेडिकल हिस्ट्री और लक्षणों को समझकर इसका निदान किया जाता है। चेकअप के दौरान रनिंग, ब्लड टेस्ट भी किया जा सकता है। इससे होमोसिस्टाइन लेवल की जानकारी आसानी से मिल जाती है। इन चेकअप के अलावा जेनेटिकल टेस्ट भी किए जा सकते हैं।

MTHFR म्यूटेशन का इलाज कैसे किया जाता है?

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार MTHFR म्यूटेशन के लिए हमेशा मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता नहीं पड़ती है। खाने-पीने की चीजों और लाइफस्टाइल में बदलाव कर इससे बचा जा सकता है।
जिन लोगों को इलाज या ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है उनमें होमोसिस्टाइन लेवल काफी बढ़ा हुआ होता है। ऐसी स्थिति में निम्नलिखित सप्लिमेंट्स दिए जाते हैं।

MTHFR म्यूटेशन के लिए इनका सेवन किया जा सकता है, लेकिन डॉक्टर के सलाह अनुसार। खुद से इलाज न करें और न ही किसी अन्य व्यक्ति को सलाह दें।

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MTHFR म्यूटेशन होने पर आहार कैसा होना चाहिए?

MTHFR म्यूटेशन (MTHFR जीन) होने की स्थिति में निम्नलिखित आहार नियमित रूप से शामिल करना चाहिए।

आहार में फोलेट-रिच फूड (ऐसे खाद्य पदार्थ जिनमें फोलेट की मात्रा ज्यादा हो) शामिल करें। जैसे –

अंडा

कहते हैं संडे हो या मंडे रोज खाओ अंडे। इससे तो हम सभी वाकिफ हैं, लेकिन ऐसा क्यों कहा जाता है क्या आप जानते हैं? दरअसल अंडे (egg) में मौजूद विटामिन-डी, विटामिन-बी 6, विटामिन-बी 12, जिंक, आयरन और कॉपर मौजूद होते हैं। वहीं एग योल्क में मौजूद कैलोरी और फैट विटामिन-ए, विटामिन-ई और विटामिन-के की मौजूदगी सेहत के लिए लाभदायक होती है।

बीफ

बीफ (beef) में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा शरीर के लिए अच्छी होती है। इससे शरीर में विटामिन-बी 12, आयरन और जिंक की मौजूदगी बनी रहती है, लेकिन इसके अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए।

बीन्स

अगर आप वेजिटेरियन हैं तो आपके लिए बीन्स का (beans) सेवन लाभदायक हो सकता है। बीन्स के सेवन से शरीर में प्रोटीन, फाइबर, फोलेट, आयरन, पोटैशियम और मैग्नेशियम की मात्रा बनी रहती है।

मटर

भारत के कई क्षेत्रों में मटर (peas) खासकर ठंड के मौसम में आसानी से उपलब्ध होती है। इसलिए इसके सीजन के वक्त इसका सेवन करना चाहिए। मटर में स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है, लेकिन इसमें मौजूद फाइबर, प्रोटीन, विटामिन-ए, विटामिन-बी 6, विटामिन-सी, फॉस्फोरस, कॉपर, आयरन, जिंक और लियूटेन की मौजूदगी MTHFR जीन या MTHFR म्यूटेशन की स्थिति में स्वाथ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

पालक

पालक (spinach) को न्यूट्रिएंट्स से भरपूर सुपर फूड माना जाता है। डार्क ग्रीन कलर की ये पत्तियां प्रोटीन, आयरन, विटामिंस और मिनरल्स का अच्छा स्त्रोत है। औषधीय गुणों से भरपूर पालक का प्रयोग कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। इसे MTHFR म्यूटेशन में भी उपयोग किया जा सकता है।

शतावरी

शतावरी (Asparagus Racemosus) को सर्वगुण संपन्न माना जाता है। शतावरी में मौजूद एंटी-ऑक्सिडेंट, एंटी-इंफ्लमेटरी और एंटी-डिप्रेसेंट जैसे तत्व मौजूद होते हैं जो इसे क्वीन ऑफ हर्ब (औषधि की रानी) की श्रेणी में रखता है। इसके जड़ में औषधीय गुण मौजूद होते हैं। इसलिए इसके सेवन से शारीरिक लाभ मिलता है और इससे इम्यून सिस्टम भी स्ट्रॉन्ग होता है।

ब्रुसल स्प्राउट्स

ब्रुसल स्प्राउट्स (Brussels sprouts) में कैलोरी की मात्रा कम होती है, लेकिन इसमें मौजूद न्यूट्रिशंस जैसे फाइबर, विटामिन-के और विटामिन-सी की मात्रा MTHFR जीन की समस्या होने पर खाया जा सकता है।

ब्रोकली

ब्रोकली (Broccoli) में विटामिन-बी 1, विटामिन-बी 2, विटामिन-बी 3, विटामिन-बी 6, आयरन, मैग्नेशियम, पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सिडेंट का भंडार माना जाता है। ब्रोकली में कैलोरी काफी कम मात्रा में मौजूद होती है।

केला

केले (banana) में विटामिन-बी 6, मैग्नेशियम, विटामिन-की, पोटैशियम, फायबर, प्रोटीन और फोलेट की मौजूदगी सेहत को फिट रखने में सहायक होता है।

खरबूजा

खरबूजे (cantaloupe) में मौजूद प्रोटीन सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इसमें विटामिन-के जैसे तत्व मौजूद होते हैं, जो हेल्थ के लिए लाभकारी होता है।

पपीता

पपीते (papaya) में विटामिन-सी, विटामिन-ई और एंटीऑक्सिडेंट की मौजूदगी MTHFR जीन या MTHFR जेनेटिकल प्रॉब्लम होने पर इसका सेवन किया जा सकता है।

एवोकैडो

एवोकैडो (avocado) में फाइबर की उच्च मात्रा मौजूद होती है। इसके साथ ही इसमें विटामिन-बी, विटामिन-के, पोटैशियम, कॉपर, विटामिन-ई और विटामिन-सी शरीर के लिए लाभकारी होती है।

अगर आप MTHFR म्यूटेशन से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।

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लेखक की तस्वीर
Nidhi Sinha द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 29/01/2020 को
Dr Sharayu Maknikar के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड