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एथेरोस्क्लेरोसिस की स्थिति में इस तरह से काम करते हैं ब्लड थिनर्स!

एथेरोस्क्लेरोसिस की स्थिति में इस तरह से काम करते हैं ब्लड थिनर्स!

आर्टरीज के सख्त और तंग होने को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। इस बीमारी में आर्टरीज के ब्लॉक होने के कारण ब्लड फ्लो में समस्या आ सकती है। आर्टरीज वो ब्लड वेसल्स होते हैं, जो हार्ट से शरीर के अन्य हिस्सों तक ऑक्सीजन और न्यूट्रिएंट्स ले कर जाते हैं। एथेरोस्क्लेरोसिस हार्ट अटैक (Heart Attack), स्ट्रोक (Stroke) और पेरीफेरल वैस्कुलर डिजीज (Peripheral Vascular Disease) आदि का कारण बन सकती है। इस बीमारी का इलाज संभव है और इसके लिए कुछ दवाइयों का प्रयोग किया जाता हैं, जिन्हें ब्लड थिनर्स (Blood Thinners) कहते हैं। आइए जानते हैं एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स (Blood thinners in Atherosclerosis) के बारे में। सबसे पहले जानिए कि ब्लड थिनर्स किन्हें कहा जाता है?

ब्लड थिनर्स क्या हैं? (Blood thinners)

जैसा की पहले बताया गया है कि एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स (Blood thinners in Atherosclerosis) का प्रयोग किया जाता है। यह समस्या उम्र के बढ़ने पर होना सामान्य है। क्योंकि, जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, वैसे ही आर्टरीज में फैट्स (Fats), कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) और कैल्शियम(Calcium) जमना शुरू हो जाता है और प्लाक बनता है। प्लाक के बनने से खून को आर्टरीज के माध्यम से बहने में समस्या होती है। इससे शरीर के विभिन्न टिश्यूज में ब्लड और ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। जिससे ब्लड क्लॉट्स बन सकते हैं। ब्लड थिनर्स का प्रयोग ब्लड क्लॉट्स से बचने के लिए किया जाता है। यह वो दवाइयां हैं जिन्हें ब्लड क्लॉट्स से छुटकारा पाने के लिए ओरली (Orally) या इंट्रावेनसली (Intravenously) लिया जा सकता है। ब्लड क्लॉट्स होने से दिल, फेफड़ों और दिमाग में ब्लड का फ्लो बंद हो सकता है जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक होने की संभावना बढ़ जाती है। अगर आपको हार्ट संबंधी समस्याएं जैसे हार्ट वाल्व डिजीज (Heart Valve Disease), इर्रेगुलर हार्ट रिदम (Irregulat Heart Rhythm) आदि ,तो डॉक्टर आपको इन दवाइयों को लेने की सलाह दे सकते हैं। अब जानते हैं कि एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स (Blood thinners in Atherosclerosis) कैसे काम करते हैं?

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ब्लड थिनर्स दवाइयां कैसे काम करती हैं?

कुछ ब्लड थिनर्स रक्त को पतला करते हैं, ताकि ब्लड सेल्स को वेन्स और आर्टरीज में आपस में चिपके रहने से रोका जा सके। यह दवाइयां न केवल क्लॉट्स को ब्रेक करती हैं, बल्कि वो खून को नए थक्के बनाने से भी रोकती हैं। मेडलायन प्लस (Medilineplus) के अनुसार ब्लड थिनर्स दो तरह के होते हैं। एंटीकोग्युलेंट्स जैसे हेपरिन (Heparin) या वार्फरिन (Warfarin) जो शरीर में क्लॉट्स को बनाने की प्रक्रिया को स्लो करते हैं। जबकि एंटीप्लेटलेट ड्रग्स यानी एस्पिरिन (aspirin) ब्लड सेल्स जैसे प्लेटलेट्स को थक्का बनाने के लिए आपस में क्लंपिंग से रोकती हैं। एंटीप्लेटलेट्स प्लेटलेट्स को एक दूसरे से और ब्लड वेसल्स की वॉल्स से चिपके रहने से रोकते हैं। यह ड्रग्स एंटीकोग्युलेंट्स के मुकाबले कमजोर होती हैं। अब जानते हैं एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स के बारे में विस्तार से।

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एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स (Blood thinners in Atherosclerosis)

इसमें कोई संदेह नहीं है कि ब्लड थिनर बेहद प्रभावी हैं लेकिन इन दवाइयों को लेते हुए कई चीजों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। सबसे पहले तो इन्हें तभी लें अगर डॉक्टर से इसे लेने की राय दी हो। इसके साथ ही इन्हें उसी मात्रा में लेना चाहिए जितनी मात्रा डॉक्टर ने बताई हो। अगर आप इन्हें सही मात्रा में नहीं लेते हैं, तो यह प्रभावी नहीं होती और अधिक मात्रा में लेने से गंभीर ब्लीडिंग हो सकती है। आइए जानते हैं एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स (Blood thinners in Atherosclerosis) कौन सी प्रयोग होती हैं:

वार्फरिन (Warfarin)

वार्फरिन (Warfarin) को इनके ब्रांड नेम कोमेंडिन (Coumadin) और जेंटोविन (Jantoven) से भी जाना जाता है। यह दवा ब्लड थिनर है और ब्लड क्लॉट्स के बनने से रोकने के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। इस दवा का प्रयोग वेन्स और आर्टरीज में ब्लड क्लॉट्स के उपचार और उनसे बचने के लिए भी किया जा सकता है। जिससे स्ट्रोक, हार्ट अटैक या अन्य स्थितियों से बचा जा सकता है। इस दवा का प्रयोग तब नहीं करना चाहिए, जब आपको ब्लीडिंग होने की संभावना अधिक हो या अगर आपकी सर्जरी होने वाली हो। यही नहीं, इस दवा को रोजाना एक ही समय पर लेने की सलाह दी जाती है। अगर डॉक्टर ने इन्हें लेने की राय दी हो तभी इनका सेवन करें। इसके कई साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जैसे एलर्जी, सिरदर्द, ब्लीडिंग गम्स, नोजब्लीड, हैवी पीरियड्स,टांगों और पैरों में दर्द आदि।

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हेपरिन (Heparin)

हेपरिन के कई ब्रांड नेम्स हैं जैसे हेप-पाक (Hep-Pak), हेपरिन लॉक फ्लश (Heparin Lock Flush) , हेप-लॉक (Hep-Lock) आदि। हेपरिन एक ऐसी ब्लड थिनर है जो ब्लड क्लॉट्स को बनने से रोकती है। कुछ खास मेडिकल कंडीशंस या मेडिकल प्रोसीजर्स के कारण होने वाले ब्लड क्लॉट्स से बचने और उनके उपचार के लिए इसका प्रयोग किया जा सकता है। सर्जरी से पहले ब्लड क्लॉट्स के जोखिम को कम करने के लिए भी इनकी सलाह दी जा सकती है। इस दवा को डॉक्टर से पूछे बिना न लें क्योंकि सही मात्रा में इसे न लेने से अधिक ब्लीडिंग हो सकती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। इस दवा के कारण कुछ लोग असामान्य ब्लीडिंग या नील पड़ना, अनकंट्रोल्ड ब्लीडिंग, एलर्जिक रिएक्शंस, जी मचलना, पेट में दर्द, थकावट आदि जैसे साइड इफेक्ट्स महसूस कर सकते हैं।

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एपिक्सबेन (Apixaban)

एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स (Blood thinners in Atherosclerosis) दवाइयों में एपिक्सबेन को भी शामिल किया जाता है। एलिक्यूस (Eliquis) इसका ब्रांड नेम है। इस का प्रयोग ब्लड क्लॉट्स के कारण स्ट्रोक के जोखिम को कम करने के लिए किया जा सकता है। इस दवा को उन लोगों को लेने की सलाह दी जा सकती हैं जिन्हें हार्ट रिदम डिसऑर्डर (Heart rhythm disorder) जिसे एट्रियल फिब्रिलेशन (Atrial fibrillation) की समस्या हो। इस दवा का प्रयोग हिप (Hip) या नी रिप्लेसमेंट सर्जरी (Knee Replacement Surgery) के बाद भी किया जा सकता है ताकि ब्लड क्लॉट्स न बनें। इनके अलावा भी एपिक्सबेन का प्रयोग कई अन्य स्थितियों में किया जा सकता है। किंतु, अपनी मर्जी से इस दवा को लेना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके कुछ लोगों को कई साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं जैसे एलर्जिक रिएक्शन, स्पायनल ब्लड क्लॉट, पीठ में दर्द, आसानी से नील पड़ना या ब्लीडिंग, सिरदर्द, जी मचलना आदि।

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एडोक्सबेन (Edoxaban)

एडोक्सबेन (Edoxaban) को इसके ब्रांड नेम सवैसा (Savaysa) से भी जाना जाता है। यह दवा खून में खास क्लॉटिंग सब्सटांसेस की एक्टिविटी को ब्लॉक करती है। इस ब्लड थिनर का प्रयोग ब्लड क्लॉट्स के कारण उन लोगों में स्ट्रोक के रिस्क को कम करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है, जिन्हें हार्ट रिदम डिसऑर्डर (Heart Rhythm Disorder) हो। यही नहीं, हार्ट वॉल्व प्रॉब्लम के कारण होने वाली एट्रियल फिब्रिलेशन में भी इसका प्रयोग किया जाता है। इस दवा को लेने के कई दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं जैसे पीठ में दर्द, अधिक ब्लीडिंग होना, सिरदर्द, जी मचलना, कमजोरी, यूरिन के रंग में बदलाव, अचानक सांस लेने में समस्या या थकावट होना आदि। इसलिए, इस दवा को तभी लेना चाहिए अगर डॉक्टर ने इसे लेने के लिए कहा हो।

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रिवरोक्सबैन (Rivaroxaban)

एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स (Blood thinners in Atherosclerosis) दवाइयों में अगली है रिवरोक्सबैन। इस ब्लड थिनर के ब्रांड नेम हैं ज़रेल्टो (Xarelto) और ज़रेल्टो स्टार्टर पैक (Xarelto Starter Pack)। इस दवा का प्रयोग ब्लड क्लॉट्स के उपचार और उनसे बचने के लिए किया जाता है। ब्लड क्लॉट्स की समस्या तब हो सकती है जब आप बीमार हों और अधिक मूव न कर पाएं या किसी सर्जरी के कारण भी यह समस्या हो सकती है। यह ब्लड थिनर, ब्लड क्लॉटिंग के फिर से होने के रिस्क को भी कम करती है। इसके प्रयोग से दिल से संबंधित गंभीर समस्याओं जैसे हार्ट स्ट्रोक या अटैक आदि का जोखिम कम हो जाता है। इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं जैसे अधिक ब्लीडिंग, जी मचलना, सिरदर्द, कमजोरी,यूरिन या मल के रंग का बदलना आदि। किसी भी स्थिति या एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स (Blood thinners in Atherosclerosis) को आप तभी लें जब डॉक्टर ने इन्हें लेने के लिए कहा हो। अन्यथा, यह दवाइयां नुकसानदायक भी सिद्ध हो सकती हैं। जानिए क्या हैं इनके साइड इफेक्ट्स?

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ब्लड थिनर्स के साइड इफेक्ट्स क्या हैं? (Side effects of blood thinners)

ब्लड थिनर्स कुछ लोगों में साइड इफेक्ट्स के कारण बन सकती है। इसके सबसे सामान्य साइड इफेक्ट में शामिल है अधिक ब्लीडिंग। यह ब्लीडिंग कई तरह से हो सकती है, जैसे:

  • हैवी पीरियड (Heavy Periods)
  • ब्लडी या डिस्कलर्ड यूरिन या मल (Bloody or Discolored Urine or Feces)
  • नोज ब्लीडिंग (Nosebleeds)
  • मसूड़ों में ब्लीडिंग (Bleeding Gums)
  • किसी कट से बहुत अधिक ब्लीडिंग होना (Prolonged Bleeding from Cut)

यही नहीं, इन दवाइयों को लेने से कई अन्य साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, जैसे:

शरीर में ब्लड थिनर की मौजूदगी चोट करने के बाद इंटरनल ब्लीडिंग के जोखिम को बढ़ा सकती है। इस स्थिति में तुरंत मेडिकल हेल्प लें।

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यह तो थी एथेरोस्क्लेरोसिस में ब्लड थिनर्स (Blood thinners in Atherosclerosis) के बारे में पूरी जानकारी। जब कोई व्यक्ति ब्लड थिनर लेता है तो उन्हें इसके प्रयोग की डायरेक्शंस को सही तरह से पालन करना चाहिए। यह दवाइयां कुछ खास फूड, मेडिसिन, विटामिन और एल्कोहॉल के साथ इंटरेक्ट कर सकती है। इसके साथ ही अपने डॉक्टर को उन सभी दवाइयों और सप्लीमेंट्स के बारे में बताएं, जो आप ले रहे हैं। यही नहीं, इन्हें लेने के बाद आपको नियमित रूप से ब्लड टेस्ट्स (Blood Tests) की जरूरत भी हो सकती है ताकि यह जांचा जा सके कि यह दवा कैसे काम कर रही है। अगर आपके दिमाग में इस दवा को लेकर कोई भी चिंता या सवाल है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें।

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सूत्र

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Arterial embolism. https://medlineplus.gov/ency/article/001102.htm .Accessed on 18/7.21

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 5 days ago को
और Admin Writer द्वारा फैक्ट चेक्ड
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