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हायपरटेंशन में ARBs को लेने से इस तरह से दिखाई पड़ता है असर!

के द्वारा मेडिकली रिव्यूड डॉ. हेमाक्षी जत्तानी · डेंटिस्ट्री · Consultant Orthodontist


Nikhil deore द्वारा लिखित · अपडेटेड 18/12/2021

हायपरटेंशन में ARBs को लेने से इस तरह से दिखाई पड़ता है असर!

हाय ब्लड प्रेशर यानी हायपरटेंशन को आर्टरीज में हाय प्रेशर के रूप में परिभाषित किया जाता है। आर्टरीज वो ब्लड वेसल्स हैं, जो ब्लड को हार्ट से शरीर के अन्य भागों तक ले कर जाते हैं। हायपरटेंशन एक गंभीर समस्या है। सही समय पर इसका उपचार न करने पर कई जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है जैसे स्ट्रोक (Stroke), हार्ट फेलियर (Heart Failure), किडनी फेलियर (Kidney Failure) आदि। सही डायट, दवाइयां, व्यायाम और नियमित रूप से जांच आपके ब्लड प्रेशर को सही बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। आज हम बात करने वाले हैं हायपरटेंशन में ARBs के बारे में। यहां ARBs का फुल फॉर्म एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (Angiotensin II Receptor Blocker) है । जानिए, हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) के प्रयोग के बारे में, लेकिन सबसे पहले इन दवाइयों के बारे में जान लेते हैं।

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ARBs यानी एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (Angiotensin II Receptor Blocker) क्या हैं?

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (National Center for Biotechnology Information) के मुताबिक एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (Angiotensin II Receptor Blocker), एंटीहायपरटेंसिव एजेंट्स (Antihypertensive Agents) की नई क्लास को रिप्रेजेंट करती हैं। इनका काम करने का तरीका ACE यानी एंजियोटेंसिन कंवर्टिंग एंजाइम (Angiotensin Converting Enzyme) से बिलकुल अलग होता है। एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (Angiotensin II Receptor Blockers) का प्रयोग हार्ट फेलियर और हाय ब्लड प्रेशर के उपचार में किया जाता है। इसके साथ ही यह दवा क्रॉनिक किडनी डिजीज में भी दी जा सकती है। इस दवा को एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर एंटेगोनिस्ट्स  (Angiotensin II Receptor Antagonists) भी कहा जाता है।

ARBs, एंजियोटेंसिन II हॉर्मोन के एक्शन को कम करने का काम करती है। एंजियोटेंसिन II हॉर्मोन ब्लड वेसल को तंग करते हैं और ब्लड प्रेशर को बढ़ाते हैं। यही नहीं, यह हॉर्मोन शरीर में साल्ट और वॉटर रिटेंशन को भी स्टिमुलेट करते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। ARBs इन हॉर्मोन्स को ब्लॉक करती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर को लो होने में मदद मिलती है। इससे हार्ट और किडनी को डैमेज होने से बचाया जा सकता है। यह तो थी इस दवा के बारे में जानकारी। अब जानते हैं हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) के उदाहरणों के बारे में।

हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension)

हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) के प्रयोग का उद्देश्य ब्लड प्रेशर को सामान्य लेवल तक कम करना होता है। इस स्थिति में मरीज को कौन सी दवा देनी चाहिए, इसके लिए डॉक्टर कई चीजों का ध्यान रखते हैं जैसे रोगी की उम्र, कंडिशन या जिस समस्या के लिए इस ड्रग का उपयोग किया जा रहा है आदि। हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) के कुछ उदाहरण इस प्रकार हैं:

एजिल्सर्टन (Azilsartan)

हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) में सबसे पहले नाम है एजिल्सर्टन (Azilsartan) का, जिसका ब्रांड नेम एडारबी (Edarbi) है। जिसका प्रयोग ब्लड प्रेशर के उपचार में किया जाता है, ताकि हार्ट वेसल्स रिलैक्स रहें और ब्लड सही से बह सके। इससे कई अन्य जोखिमों जैसे हार्ट फेलियर (Heart Failure) और स्ट्रोक (Stroke) आदि से राहत मिल सकती है। बिना डॉक्टर की सलाह के इस ड्रग को लेने से बचना चाहिए। इसके साथ ही अगर आपको एलर्जी है, कोई गंभीर बीमारी है या आप कोई अन्य दवा ले रहे हैं, तो इस दवा को लेने से पहले इन सब चीजों के बारे में डॉक्टर को अवश्य बताएं। एजिल्सर्टन (Azilsartan) की 14 टेबलेट्स की एक स्ट्रिप लगभग 100 रुपये की है।

गर्भावस्था और ब्रेस्टफीडिंग की स्थिति में भी इस दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। एजिल्सर्टन (Azilsartan) को लेने के बाद अधिकतर लोग किसी भी समस्या का अनुभव नहीं करते हैं । हालांकि, इससे कुछ माइनर साइड इफेक्ट हो सकते हैं जैसे डायरिया। डायरिया की स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह जरूरी है

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कैंडेसार्टन (Candesartan)

कैंडेसार्टन(Candesartan) को इसके ब्रांड नेम एटाकेंट (Atacand) से भी जाना जाता है। यह एक एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (Angiotensin II Receptor Blocker) है, जिसका प्रयोग एक साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों में हायपरटेंशन के उपचार में किया जाता है। ब्लड प्रेशर के लो होने पर स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा कम हो सकता है। इस दवा को रोगी को पूरी उम्र लेने की जरूरत हो सकती है, ताकि ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहे। इस कैंडेसार्टन(Candesartan) को बिना डॉक्टर की सलाह के न लें। डॉक्टर की बताई डोज से अधिक या कम मात्रा में इन्हें लेना भी  स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। कैंडेसार्टन(Candesartan) की 14 टेबलेट्स 100 रुपये में उपलब्ध हैं।

इस दवा को लेने से कुछ लोग चक्कर आना, मूत्र त्याग में समस्या, कमजोरी, छाती में दर्द, सिरदर्द, छींके, गले में खराश जैसे दुष्प्रभावों को महसूस कर सकते हैं। 

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एप्रोसार्टन (Eprosartan)

हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) लेना प्रभावी है। इन्हीं दवाइयों में से एक है एप्रोसार्टन (Eprosartan), जिसका ब्रांड नेम टेवेटेन (Teveten) है। एप्रोसार्टन (Eprosartan) का प्रयोग भी हायपरटेंशन के उपचार के लिए किया जाता है। यह दवा ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करती हैं, ताकि खून सही से प्रवाहित हो सके। इसलिए, कुछ अन्य समस्याओं के ट्रीटमेंट के लिए भी इस दवा की सलाह दी जा सकती है। इस दवा को डॉक्टर की इंस्ट्रक्शंस के अनुसार ही लेना चाहिए। कुछ खास स्थितियों में इसे लेने से बचें जैसे गर्भावस्था, स्तनपान या गंभीर हेल्थ कंडिशंस में। अगर आप इस दवा को लेने के बाद इन साइड-इफेक्ट्स को महसूस करें जैसे सांस लेने में समस्या, बेहोशी, मूत्र त्याग में समस्या, कमजोरी, गले में खराश, खांसी आदि, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

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इर्बेसार्टन (Irbesartan)

इर्बेसार्टन (Irbesartan) नाम की इस दवा का ब्रांड नेम एवाप्रो (Avapro) है। हायपरटेंशन में इस दवा का प्रयोग कर के रोगी को बेहतर महसूस हो सकता है। यह दवा भी ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकती है। कुछ स्थितियों में इर्बेसार्टन (Irbesartan) को लेने से बचना चाहिए जैसे प्रेग्नेंसी (Pregnancy) या ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding)। यही नहीं, अगर आप पहले ही कोई दवा ले रहे हैं, किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं या एलर्जिक हैं तो अपने डॉक्टर को अवश्य बताएं। अगर डॉक्टर ने प्रिसक्राइब न किया हो, तो इस ड्रग को लेने से बचें। इर्बेसार्टन (Irbesartan) की 14 टेबलेट्स की एक स्ट्रिप लगभग 350 रुपये में आपको ऑनलाइन मिल जाएगी।

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लोसार्टन (Losartan)

हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) में अगली ड्रग का नाम है लोसार्टन (Losartan)। लोसार्टन (Losartan) को इसके ब्रांड नेम कोजार (Cozaar) से भी जाना जाता है। जैसा की आप जानते ही हैं कि यह  एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स (Angiotensin II Receptor Blocker) में से एक है। डॉक्टर हायपरटेंशन यानि हाय ब्लड प्रेशर के रोगियों को यह दवा लेने की सलाह देते हैं। इसके अलावा भी कई अन्य हेल्थ कंडिशंस में इस ड्रग्स को दिया जा सकता है। इस दवा से कुछ लोग हल्के साइड इफेक्ट्स महसूस कर सकते हैं जैसे सिरदर्द, थकावट, चक्कर आना आदि। हालांकि, यह समस्याएं कुछ दिनों में ठीक हो जाती हैं, लेकिन अगर यह ठीक न हों या बढ़ जाएं तो मेडिकल हेल्प लेना जरूरी है। लोसार्टन (Losartan) की दस टेबलेट्स लगभग पचास रुपये में उपलब्ध है।

हायपरटेंशन में ARBs

वैलसार्टन (Valsartan)

हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) में रोगी को वैलसार्टन (Valsartan) के प्रयोग की सलाह भी दी जा सकती है, जिसका ब्रांड नेम डायोवेन (Diovan) है। इस दवा का प्रयोग वयस्कों और एक साल से अधिक उम्र के बच्चों के हायपरटेंशन की स्थिति में किया जाता है। इसे लेने से हाय ब्लड प्रेशर की समस्या से राहत मिलती है और ब्लड फ्लो सही से हो पाता है। ऐसा होने से रोगी को कई सीरियस हेल्थ प्रॉब्लम्स से राहत मिल सकती है। डॉक्टर से पूछने के बाद ही इस दवा को लें। यही नहीं, डॉक्टर से यह जानना भी जरूरी है कि इसकी सही डोज आपके लिए क्या होगी? अधिक या कम मात्रा में वैलसार्टन (Valsartan) को लेने से मरीज की स्थिति बदतर हो सकती है। वैलसार्टन (Valsartan) की चौदह टेबलेट्स ऑनलाइन लगभग 450 रुपये में आपको मिल जाएगी।

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ओल्मेसार्टन (Olmesartan)

ओल्मेसार्टन (Olmesartan) की सलाह 6 साल से अधिक उम्र के बच्चों और वयस्कों को हाय ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) के ट्रीटमेंट के लिए दी जाती है। इस एंजियोटेंसिन II  रिसेप्टर ब्लॉकर दवा को हायपरटेंशन के उपचार के लिए बेहतरीन माना गया है। कई बार ओल्मेसार्टन (Olmesartan) को अन्य ब्लड प्रेशर मेडिकेशन्स के साथ कंबाइन कर के रोगी को दिया जा सकता है। यह ड्रग ब्लड वेसल्स को तंग होने से बचाती है इससे ब्लड आसानी से फ्लो हो पाता है। इससे ब्लड प्रेशर लो रहता है। ब्लड प्रेशर के लो होने पर रोगी कई गंभीर हार्ट प्रॉब्लम्स (Heart Problems) से भी बच सकते हैं। कुछ स्थितियों में इस दवा को न लेने की सलाह दी जाती है जैसे गर्भावस्था, इसलिए इस दवा को तभी लें अगर डॉक्टर ने प्रिस्क्राइब किया हो। अन्यथा, यह दवा आपके लिए समस्या का कारण बन सकती है। ओल्मेसार्टन (Olmesartan) की बीस टेबलेट्स आपको लगभग 100 रुपये में मिलेंगी।

किसी भी स्थिति में बिना डॉक्टर की राय के इन दवाइयों को नहीं लेना चाहिए। ऐसा करना रोगी की कंडिशन को बदतर बना सकता है। यही नहीं, इन दवाइयों को लेने के बाद भी लोग कुछ साइड इफेक्ट्स का अनुभव कर सकते हैं। यह दुष्प्रभाव क्या हो सकते हैं, जानिए।

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ARBs यानी एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर ब्लॉकर्स के साइड इफेक्ट्स (Side effects of Angiotensin II Receptor Blocker)

हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) को बेहद प्रभावी माना गया है। लेकिन, हर मेडिसिन की तरह इस दवा को लेने के बाद रोगी कुछ समस्याओं का अनुभव कर सकते हैं। इसके सामान्य साइड इफेक्ट्स इस प्रकार हैं:

  • चक्कर आना (Dizziness)
  • खून में सामान्य से अधिक पोटेशियम लेवल (Higher Potassium Levels)
  • फ्लूइड के बिल्डअप होने के कारण त्वचा में सूजन (Swelling of Skin)
  • कुछ लोग ओल्मेसार्टन (Olmesartan) को लेने के बाद पेट या इंटेस्टाइनल प्रॉब्लम्स का अनुभव भी कर सकते हैं। ऐसा जरूरी नहीं है कि हर रोगी को यह दुष्प्रभाव हों। लेकिन अगर आपको इनमें से कोई भी समस्या होती है तो डॉक्टर की राय लेना न भूलें। अगर इन ड्रग्स का सेवन करने के बाद आपको गंभीर डायरिया हो या आपका वजन बहुत अधिक कम हो जाए तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें।

    हाय ब्लड प्रेशर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी के लिए नीचे दिय इस क्विज को खेलिए।

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    हायपरटेंशन में ARBs (ARBs in Hypertension) के बारे में आप जान ही गए होंगे। अधिकतर लोगों को यह दवाइयां लंबे समय तक लेनी पड़ती हैं। लेकिन, कुछ लोग थोड़े समय इन्हें लेने के बाद ही ऐसा मान लेते हैं कि उनका ब्लड प्रेशर कंट्रोल हो गया है और वो यह दवाइयां लेना बंद कर देते हैं। दवाइयों को बंद करने के बाद उन्हें यह समस्या फिर से हो सकती है। बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें लेना बंद करना भी जोखिम भरा है। हाय ब्लड प्रेशर को मैनेज करने के लिए दवाइयों के साथ-साथ हेल्दी हैबिट्स को भी अपनाएं। इससे आपको इस समस्या को जल्दी कंट्रोल करने में मदद मिलेगी।

    डिस्क्लेमर

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