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Concussion: कंकशन क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

कनकशन (concussion) क्या है?|कंकशन के क्या लक्षण हैं? (Concussion Symptoms)|कंकशन के कारण (Concussion Causes)|किन कारणों से कंकशन का खतरा बढ़ जाता है? (Risk factors for Concussion)|कंकशन का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Concussion)|जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार
Concussion: कंकशन क्या है? जानें इसके कारण, लक्षण और उपाय

कनकशन (concussion) क्या है?

कंकशन एक प्रकार की ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी है जो सिर में लगी गहरी चोट लगने से होती है। कुछ लोगों में कंकशन के स्पष्ट लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे चोट लगने से पहले क्या हुआ था ये भूल जाना लेकिन, पर्याप्त रूप से आराम करने से अधिकांश लोग पूरी तरह से कंकशन (concussion) से उबर जाते हैं। कुछ लोग तो कुछ घंटों में ही ठीक हो जाते हैं तो वहीं अन्य लोगों को ठीक होने में कुछ सप्ताह लगते हैं।

कंकशन (concussion) कितना आम है?

कार दुर्घटना, गिरकर या किसी अन्य दैनिक गतिविधि के दौरान कोई भी घायल हो सकता है। यदि आप फुटबॉल या मुक्केबाजी जैसे खेलों में भाग लेते हैं, तो आपको कंकशन होने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, इसके जोखिम कारकों को कम करके इसे नियंत्रित किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृपया अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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कंकशन के क्या लक्षण हैं? (Concussion Symptoms)

संकेत और लक्षण चोट की गंभीरता के अनुसार हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। जरूरी नहीं है कि जो भी कंकशन का शिकार हुआ हो उसकी याददाश्त को भी नुकसान पहुंचे। कुछ लोगों की याददाश्त पर असर पड़ता है, तो कुछ पर नहीं।

कंकशन

कंकशन के लक्षण तुरंत या कुछ घंटे, दिन, सप्ताह या महीनों बाद भी दिख सकते हैं। इस समस्या से ग्रसित व्यक्ति में दिखने वाले कुछ संकेत:

  • चोट के बाद होश खो बैठना
  • याददाश्त की समस्या
  • उलझन
  • सुस्ती महसूस करना
  • सिर चकराना
  • धुंधली दृष्टि
  • सिरदर्द
  • उल्टी या मितली
  • प्रकाश या शोर के प्रति संवेदनशीलता
  • संतुलन की समस्या
  • उत्तेजनाओं की धीमी प्रतिक्रिया

रिकवरी के दौरान दिखने वाले लक्षण:

  • चिड़चिड़ापन
  • प्रकाश या शोर के प्रति संवेदनशीलता
  • ध्यान देने में मुश्किल
  • हल्का सिर दर्द

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मुझे डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि आपको ऊपर बताए गए लक्षणों में कोई भी लक्षण दिखता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें:

कंकशन के कारण (Concussion Causes)

सिर और गर्दन के ऊपरी शरीर पर लगे जोरदार झटके से कंकशन की स्थिति आ सकती है। अचानक लगी सिर में चोट या शरीर पर हुआ आघात भी मस्तिष्क की चोट को भी बढ़ा सकते हैं। आमतौर पर कुछ समय के लिए ये चोटें मस्तिष्क के कार्य को प्रभावित करती हैं जिसकी वजह से कंकशन की संभावना बढ़ जाती है।

मस्तिष्क की गंभीर चोट की वजह से आपके मस्तिष्क में या उसके आसपास रक्तस्राव हो सकता है, जिससे व्यक्ति लंबे समय के लिए कोमा में जा सकता है या बाद में भ्रम जैसे लक्षण भी पैदा हो सकते हैं।

मस्तिष्क में इस तरह का रक्तस्राव घातक हो सकता है। इसलिए दिमागी चोट लगे हुए किसी भी व्यक्ति को घंटों निगरानी की आवश्यकता होती है और अगर लक्षण खराब होते दिखें, तो आपातकालीन देखभाल की जरूरत होती है।

किन कारणों से कंकशन का खतरा बढ़ जाता है? (Risk factors for Concussion)

  • उच्च जोखिम वाले खेलों में भाग लेना जैसे कि फुटबॉल, हॉकी, रग्बी, मुक्केबाजी आदि। इससे जोखिम बढ़ जाता है
  • मोटर वाहन की टक्कर
  • साइकिल दुर्घटना में शामिल होना
  • शारीरिक शोषण का शिकार होना
  • गिरना (विशेष रूप से छोटे बच्चों और अधिक उम्र के लोगों में)

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कंकशन का निदान कैसे किया जाता है? (Diagnosis of Concussion)

यदि डॉक्टर को लगता है कि आप इस स्थिति का सामना कर रहे हैं, तो एक शारीरिक परीक्षण के साथ कुछ और टेस्ट भी डॉक्टर द्वारा सुझाए जाएंगे। डॉक्टर आपसे कुछ सवाल पूछ सकता है जिससे आपके ध्यान, सीखने और याददाश्त की क्षमता टेस्ट हो सके। डॉक्टर यह भी पता लगाने की कोशिश कर सकता है कि आप कितनी जल्दी समस्याओं को हल कर सकते हैं। वह आपको कुछ वस्तुएं दिखाकर उन्हें छिपा सकता है और पूछ सकता है कि वे क्या हैं। इससे डॉक्टर आपकी समन्वय, सजगता, याद्दाश्त आदि की जांच करेगा। अगर स्थिति गंभीर है तो न्यूरोसाइकोलॉजिकल टेस्ट भी किए जा सकते हैं। इन परीक्षणों से पता लगेगा कि क्या आपकी भावनाओं या मनोदशा में कोई बदलाव आया है। कभी-कभी डॉक्टर यह जाने के लिए कि मस्तिष्क में चोट लगी है या खून बह रहा के लिए इमेजिंग टेस्ट जैसे कि सीटी स्कैन या एमआरआई भी करवा सकता है।

कंकशन का इलाज कैसे किया जाता है? (concussion Treatment)

मस्तिष्क में रक्तस्राव, सूजन या गंभीर चोट लगने पर सर्जरी या अन्य चिकित्सा प्रक्रियाओं की आवश्यकता हो सकती है। हालांकि, अधिकतर सर्जरी या किसी बड़े चिकित्सा उपचार की आवश्यकता नहीं होती है।

चोट लगने के 24 घंटों के दौरान, डॉक्टर हर दो से तीन घंटे में आपको जगाता है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप कोमा में तो नहीं गए हैं या आप कोई भी असामान्य व्यवहार तो नहीं कर रहे हैं।

यदि कंकशन की वजह से सिरदर्द हो रहा है, तो डॉक्टर इबुप्रोफेन (एडविल) या एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) जैसी ओवर-द-काउंटर दर्द निवारक दवाएं दे सकता है। चोट की गंभीरता के आधार पर डॉक्टर आपको आराम करने, खेल और अन्य गतिविधियों से बचने, 24 घंटे वाहन न चलाने या कुछ महीनों तक बाइक न चलाने के लिए भी कह सकते हैं। शराब, कंकशन रिकवरी को धीमी कर सकती है, इसलिए डॉक्टर से पूछें कि आपको कितने दिनों तक शराब नहीं पीनी है।

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जीवनशैली में बदलाव और घरेलू उपचार

खेल गतिविधियों के दौरान हेलमेट और अन्य एथलेटिक सेफ्टी गियर पहनने से आप कंकशन के जोखिम को कम कर सकते हैं। हमेशा सुनिश्चित करें कि आपका हेलमेट और अन्य गियर आपको ठीक से फिट होते हो। खेल तकनीक के बारे में कोच या अन्य किसी पेशेवर से पूछें और उनकी सलाह का पालन करें। इससे काफी हद तक जोखिम को कम किया जा सकता है।

कंकशन में आपका ध्यान किसी चीज पर केंद्रित नहीं हो पाता है। यदि आप सुबह उठकर आधा घंटा मेडिटेशन करते हैं, तो ऐसा करने से आपके मस्तिष्क की कोशिकाओं को आराम मिलता है। जिससे आपको किसी काम में ध्यान केंद्रित करने पर मदद मिलती है। इसके अलावा गाजर, अंडा, भिंडी, पालक आदि का सेवन करने से भी कंकशन में राहत मिलती है।

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर
Shikha Patel द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 25/03/2021 को
Dr. Pooja Bhardwaj के द्वारा एक्स्पर्टली रिव्यूड