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प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट का सेवन करने से पहले जान लें यह जरूरी बातें!

प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट का सेवन करने से पहले जान लें यह जरूरी बातें!

प्रेंग्नेंसी के दौरान होने वाली मां के लिए बैलेंस्ड डायट और हेल्दी लाइफस्टाइल को फॉलो करना बेहद जरूरी है। प्रेग्नेंसी के दौरान कई फूड्स हैं, जिनका इस कंडीशन में सेवन करने से बचना चाहिए। इस दौरान हेल्दी आहार का सेवन करने की सलाह दी जाती है। शरीर में हाय न्यूट्रिशनल वैल्यू को मेंटेन रखने के लिए ऑर्गेनिक फूड डायट को एक अच्छा विकल्प माना जाता है। ऑर्गेनिक डायट जरूरी विटामिन्स, मिनरल्स, पोटैशियम, आयरन और प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है। आइए, जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) के सेवन के बारे में। इस आर्टिकल में जानिए कि प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) में आप किन-किन चीजों को शामिल कर सकते हैं और किन बातों का आपको रखना चाहिए ध्यान। आइए सबसे पहले जानें कि ऑर्गेनिक फूड (Organic Food) किसे कहा जाता है?

ऑर्गेनिक फूड क्या है? (Organic Food)

ऑर्गेनिक फूड (Organic Food) ऐसे फूड को कहा जाता है, जिसे बिना पेस्टिसाइड्स,वीड किलर्स या केमिकल फर्टिलाइजर्स के उगाया जाता है। ऐसे फूड में आर्टिफिशियल केमिकल, हॉर्मोन, एंटीबायोटिक्स या जेनेटिकली मोडिफाइड ऑर्गेनिज्म नहीं होते हैं। संक्षेप में कहा जाए तो ऑर्गेनिक वो फूड प्रोडक्ट होते हैं, जो आर्टिफिशियल फूड एडिटिव्स से फ्री होते हैं और इसमें आर्टिफिशियल स्वीटनर, प्रिजर्वेटिव, कलर, फ्लेवर आदि भी नहीं होते। प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) के बारे में जानने से पहले जानिए ऑर्गेनिक फूड, सामान्य आहार से बेहतर क्यों हैं?

  • ऑर्गेनिक फूड टॉक्सिन्स फ्री होते हैं। यह टॉक्सिन्स ब्रेन और नर्व सेल्स के डैमेज होने का कारण बन सकते हैं।
  • ऑर्गेनिक फूड बच्चों के न्यूरल और बॉडी डेवलपमेंट में सपोर्ट करता है।
  • इसमें किसी भी तरह के हानिकारक तत्व नहीं होते हैं।
  • इसका स्वाद बेहतर होता है।
  • इनके सेवन से कैंसर का जोखिम कम रहता है।

इसके अलावा भी इसके कई अन्य फायदे हो सकते हैं। अब जानिए कि प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) बेहतरीन चॉइस क्यों है?

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प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट बेहतरीन चॉइस क्यों माना जाता है? (Organic Diet in pregnancy)

गर्भावस्था के दौरान ऑर्गेनिक डायट को सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। क्योंकि, इसमें कीटनाशक नहीं होते। कीटनाशक का सेवन मां और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। इसके अलावा इस आहार के कई अन्य लाभ भी हैं, जैसे:

  • एक स्टडी के अनुसार अगर गर्भवती महिला ऑर्गेनिक फूड का सेवन करती है, तो उनमें यूरोजेनिटल बर्थ डिफेक्ट (Urogenital birth defect) होने की संभावना कम होती है।
  • ऑर्गनिक डायट से एग्रीकल्चरल एनिमल्स में इस्तेमाल होने वाले एंटीबायोटिक्स के सेवन से बचाव में भी मदद मिलती है। लॉन्ग टर्म में एनिमल में मौजूद इन बैक्टीरिया का जब एंटीबायोटिक्स से उपचार किया जाता है, तो यह इन एंटीबायोटिक्स के प्रति रेसिस्टेंट हो जाते हैं। ऐसे जीवाणुओं से बाद में संपर्क में आने से मनुष्यों में इनका इलाज करना अधिक कठिन साबित हो सकता है।
  • प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक फूड्स में किसी भी तरह के एडिटिव्स नहीं होते हैं जैसे आर्टिफिशियल फ्लेवर, कलर या प्रिज़र्वेटिव्स आदि। जिन्हें बच्चों में अटैंशन डेफिसिट हायपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) के साथ जोड़ा जाता है।

हालांकि ऑर्गेनिक डायट्स से किसी भी तरह का कोई नुकसान नहीं होता है। लेकिन, यह सामान्य पारंपरिक फूड्स की तुलना में अधिक महंगे होते हैं। इसका कारण यह है कि इनमें कोई भी प्रेसवेटिव्स नहीं होते हैं। ऐसे में इन्हें अधिक समय तक सुरक्षित रखना मुश्किल होता है। आजकल लोग ऑर्गेनिक आहार को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं, खासतौर पर जब गर्भावस्था में। क्योंकि प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) लेने से मां और बच्चा दोनों को चुस्त-दुरुस्त रहने में मदद मिलती है। ऐसे में आपके लिए हेल्दी आहार का सेवन करना बेहद जरूरी है। ताकि आप और आपका बच्चा स्वस्थ रहें। इस ऑर्गेनिक आहार में आप फल, सब्जियों, डेयरी, दूध आदि को शामिल कर सकते हैं।

प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डाइट

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प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट कैसी होनी चाहिए? (Organic Diet in pregnancy)

प्रेग्नेंसी में आपको हमेशा हेल्दी खाने की सलाह दी जाती है और स्वस्थ रहने के लिए ऑर्गेनिक फ़ूड का सेवन शुरू करने से बेहतर और कुछ नहीं है। इस दौरान आप और गर्भ में शिशु कई बदलावों से गुजर रहा होता है। ऐसे में, गभवस्था और डिलीवरी के बाद भी इस बात को सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है कि आपका बच्चा हेल्दी रहे। ऐसे में प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) आपके लिए बेहद लाभदायक साबित हो सकती है। कुछ चीजों का आपको ऑर्गेनिक ही लेने की सलाह दी जाती है जैसे:

  • सेब (Apples)
  • स्ट्रॉबेरी (Strawberries)
  • अंगूर (Grapes)
  • सेलरी (Celery)
  • आड़ू (Peaches)
  • पालक (Spinach)
  • खीरा (Cucumbers)
  • हरी बीन्स (Green beans)
  • आलू (Potatoes)

हालांकि कुछ चीजों को आप कन्वेंशनली भी खरीद सकते हैं, जैसे

जब बात हेल्दी रहने और हेल्थ की आती है तो आजकल केवल ऑर्गेनिक उत्पादों के बारे में ही क्यों बात की जाती है और उन्हें ही प्राथमिकता क्यों दी जाती है? क्या सच में यह इतने बेहतर हैं? तो इसका उत्तर है हाँ, ऑर्गेनिक फ़ूड न केवल हमारे बल्कि हमारे वातावरण के लिए भी फायदेमंद हैं। क्योंकि, ऑर्गेनिक फ़ूड को तैयार करने के लिए प्राकृतिक चीजों का प्रयोग किया जाता है। जब प्राकृतिक फर्टिलाइजर, केमिकल बेस्ड फर्टीलाइजर की जगह ले लेती है, तो उससे हेल्दी खाद्य पदार्थों को जन्म मिलता है। यही नहीं, साथ ही, मिट्टी भी कम दूषित होती है, और जैव विविधता (Biodiversity) को बढ़ावा मिलता है।

इसमें किसी भी तरह के फूड एडिटिव नहीं होता है और अगर होते भी हैं तो बहुत कम मात्रा में होते हैं।अगर आप किसी फूड में इस बात को सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वो ऑर्गेनिक है या नहीं, तो उनके सर्टिफिकेशन लेबल्स को अवश्य पढ़ें। इसीलिए प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) को प्राथमिकता दी जाती है। आइए जानें कि इस आहार का सेवन करते हुए किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

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प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट लेते हुए इन चीजों का रखें ध्यान (Organic Diet in pregnancy)

प्रेग्नेंसी में आर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) लेते हुए आपको कुछ चीजों का खास ध्यान रखना चाहिए ताकि आप अपने शिशु तक सही न्यूट्रिएंट्स और मिनरल्स को पहुंचा सकें। जानिए इनके बारे में विस्तार से:

  • जब आप प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) लेती हैं, तो आप अपने बच्चे को कई केमिकल्स से बचाती हैं। लेकिन, हमेशा मौसमी चीजों का सेवन ही करें। मौसमी फूड का सेवन करने से आपको और आपके बच्चे को पर्याप्त विटामिन, फाइबर, फोलिक एसिड और पोटैशियम प्राप्त होते हैं। जो ताजें फलों और सब्जियों में पाए जाते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि मौसमी फ़ूड बिना मौसमी फ़ूड के मुकाबले अधिक फ्रेश होते हैं।
  • किसी भी चीज को केवल इसलिए खरीदने से बचें, क्योंकि उनमें ऑर्गेनिक लिखा है। किसी उत्पाद में ऑर्गेनिक लिखा है, लेकिन हो सकता है कि उसमें कैलोरीज और नमक की मात्रा अधिक है। इसलिए पहले अच्छे से जांचे और उसके बाद ही उसे खरीदें।
  • अपनी शॉपिंग लिस्ट में उन चीजों को टॉप पर रखें जो फ्रेश हों और पैक्ड फ़ूड से तो कोसों दूर रहें।
  • मीट,अंडे और डेयरी उत्पादों को भी सोच समझ कर ही खरीदें। अगर आपको लोकल मार्किट में ऑर्गेनिक फ़ूड न मिले तो उसे अपनी विश्वसनीय दुकान से ही इसे खरीदें। अगर जरूरी हो तो तभी फलों और सब्जियों को छील कर उनका सेवन न करें। क्योंकि, छिलने से उनके विटामिन और फाइबर निकल जाते हैं। जानिए हेल्दी ईटिंग हैबिट्स को मेंटेन करने के तरीकों के बारे में।

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प्रेग्नेंसी में हेल्दी ईटिंग हैबिट्स को कैसे मेंटेन करें? (Healthy eating habits in pregnancy)

गर्भावस्था में आपको अपने और अपने बच्चे के स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना चाहिए। प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) के साथ ही हेल्दी ईटिंग हैबिट्स के बारे में जानना भी जरूरी है, जैसे:

  • सबसे पहले किसी भी चीज का सेवन करने से पहले आपको उनके कंटेंट्स के बारे में जानकारी होना जरूरी है। उत्पाद के लेबल और एक्सपायरी डेट को जांच लें। ताकि आप इस बात को सुनिश्चित कर सकें कि आप कुछ ऐसा नहीं खा रहे हैं, जो आपके और आपके बच्चे के लिए हानिकारक है।
  • अगर आपकी एबॉर्शन की हिस्ट्री है, तो आप अपनी डायट से बैंगन, पपीता, पेपर, अजवाइन आदि का सेवन कम से कम करें।
  • अगर आपको एसिडिटी, कब्ज और ब्लोटिंग की समस्या है, तो आपको हरी मटर, आलू और भारी अनाज खाने से बचें।
  • कभी भी बचे हुए या फ्रोजन फ़ूड को न खाएं।
  • बच्चे के ग्रोथ के लिए डॉक्टर द्वारा बताएं विटामिन और आयरन का सेवन करना भी जरूरी है।

यह तो थी प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) और ईटिंग हैबिट्स के बारे में जानकारी। ऑर्गेनिक फ़ूड के कई लाभ हैं लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हैं जैसे इनकी कीमत थोड़ी अधिक होती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ऑर्गेनिक फार्मिंग बेहद टाइम कंस्यूमिंग होती है और यह फसलें बहुत जल्दी डैमेज भी हो जाती हैं क्योंकि इनमें कोई भी पेस्टिसाइड्स नहीं होते। कीमत या किसी अन्य वजह से आप प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) नहीं ले पा रहे हैं, तो जानिए कि पारंपरिक खाद्य पदार्थों केमिकल की मात्रा को कम कैसे किया जा सकता है।

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पारंपरिक खाद्य पदार्थों में केमिकल्स की मात्रा कम कैसे करें?

अगर आप पारंपरिक खाद्य पदार्थों में केमिकल्स की मात्रा को कम करना चाहते हैं तो इन उपायों को अपना सकते हैं:

  • प्रयोग से पहले सब्जियों और फलों को अच्छे से वाश और रिंस कर लें। इसलिए आप खास स्क्रबिंग ब्रशेज और वाशेज का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके लिए बेकिंग सोडा और विनेगर का प्रयोग भी किया जा सकता है।
  • कुछ सब्जियों और फलों के ऊपरी लेयर को अच्छे से निकाल देना चाहिए जैसे पत्ता गोभी, लेट्स और प्याज आदि। हालांकि, पारंपरिक खेती में उपयोग किए जाने वाले केमिकल उत्पाद में भी समा सकते हैं। लेकिन, बाहरी परत को हटाने से केमिकल की कुछ मात्रा कम हो सकती है।
  • कुछ खाद्य पदार्थों में कंटैमिनेशन (Contamination) का लेवल अधिक होता है, इसलिए सेब, स्ट्रॉबेरी, आड़ू, अंगूर, चेरी, ब्लैकबेरी, हरी बीन्स, स्क्वैश, पालक, नाशपाती और टमाटर की ऑर्गेनिक वेराइटी का ही सेवन करें।
  • इम्पोर्टेड फ़ूड की जगह डोमेस्टिक उत्पादों का सेवन करें। अन्य देशों में अलग-अलग कीटनाशक नियम (Pesticide regulations) हैं, साथ ही घरेलू स्तर पर खरीदारी करने से स्थानीय किसानों को भी सपोर्ट किया जा सकता है।
  • जब मांस की बात आती है, तो विज़िबल फैट को प्रयोग से पहले हटा दें और पोल्ट्री से स्किन को हटा दें। क्योंकि, कीटनाशक (Pesticides) और केमिकल्स वसायुक्त ऊतकों (Fatty tissues) में जमा हो सकते हैं।

प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डाइट

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उम्मीद है कि प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) के बारे में यह जानकारी आपको पसंद आई होगी। ऐसा माना जाता है कि ऑर्गेनिक फूड में सामान्य आहार की तुलना में अधिक एंटीऑक्सीडेंट्स और न्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। किंतु, इसके बारे में पर्याप्त सुबूत मौजूद नहीं हैं। लेकिन ऑर्गेनिक फ़ूड का सेवन करने से आप आर्टिफिशियल केमिकल, हॉर्मोन्स और एंटीबायोटिक रेसिस्टेंट बैक्टीरिया के सेवन से बच जाते हैं। हालांकि इनकी कीमत अधिक होती है और यह बहुत जल्दी खराब हो सकते हैं। लेकिन ऑर्गेनिक फ़ूड खरीदना है या नहीं आपकी अपनी व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और अन्य कंडिशंस पर निर्भर करता है। प्रेग्नेंसी में ऑर्गेनिक डायट (Organic Diet in pregnancy) के बारे में अगर आपके मन में कोई भी सवाल या चिंता है तो अपने डॉक्टर से अवश्य इसके बारे में पूछें।

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सूत्र

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Pregnancy and diet. https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/pregnancy-and-diet .Accessed on 20/9/21

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AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 20/09/2021 को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड