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प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, तो क्या ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, तो क्या ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करना सुरक्षित है?

यदि आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं, तो जाहिर सी बात है कि पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा संबंध बनाने की कोशिश करती होंगी, लेकिन बार-बार यौन संबंध बनाने से वजाइना की नेचुरल नमी खत्म हो जाती है और सेक्स पीड़ादायक बन सकता है, जिसके लिए बहुत से कपल्स ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करते हैं, इससे संबंध बनाना आसान और आनंददायक बन जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्भाधान यानी कन्सेप्शन और ल्यूब्रिकेंट्स (Conception and lubricants) के इस्तेमाल में सीधा संबंध है। यदि आप प्रेग्नेंट होना चाहती हैं तो आपको ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल सावधानी से करना होगा। कन्सेप्शन और ल्यूब्रिकेंट (Conception and lubricants) के कनेक्शन को जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल।

कपल्स क्यों करते हैं ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल?

कंसीव करने की कोशिश के दौरान कपल्स डॉक्टर की सलाह किसी फर्टिलिटी ऐप पर दी गई सलाह के मुताबिक हर दिन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश करते हैं। बहुत से कपल्स संबंध बनाने की जल्दबाजी में फोरप्ले को अधिक महत्व नहीं देते हैं, जबकि महिलाओं को उत्तेजित करने के लिए फोरप्ले बहुत जरूरी है और इसमें कम से कम 15 से 20 मिनट का समय लगता है यानी महिलाएं संबंध बनाने के दौरान एकदम से उत्तेजित नहीं होती हैं। जब महिलाएं उत्तेजित होती है तभी उनके वजाइना या सर्विक्स से नेचुरल ल्यूब्रिकेंट्स रिलीज होता है, लेकिन सेक्स की जल्दबाजी में जब फोरप्ले नहीं किया जाता है तो ये ल्यूब्रिकेंट्स रिलीज नहीं हो पाते, ऐसे में सहज सेक्स के लिए कपल्स कई तरह के ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तमाल करते हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि आप किस तरह के ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल कर रह हैं, इसका आपकी कंसीव करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। यानी साफ है कि गर्भाधान यानी कन्सेप्शन और ल्यूब्रिकेंट्स (Conception and lubricants) में सीधा संबंध हैं।

और पढ़ें- क्या फर्टिलिटी पर पड़ता है उम्र का असर?

क्यों जरूरी है गर्भाधान के लिए सही ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल? (Using right lubricant for conception)

Conception and lubricants : कन्सेप्शन और ल्यूब्रिकेंट

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, महिलाओं के प्राइवेट पार्ट से रिलीज होने वाले नेचुरल ल्यूब्रिकेंट्स गर्भाधान में किसी तरह की समस्या पैदा नहीं करता है, लेकिन आर्टिफिशियल ल्यूब्रिकेंट्स में स्पर्मिसाइड (Spermicide) होता है जो स्पर्म को खत्म कर सकता है और प्रेग्नेंसी में दिक्कत आ सकती है। अधिकांस ल्यूब्रिकेंट्स में स्पर्मिसाइट के साथ ही पेट्रोलियम (petroleum), प्रोपलीन ग्लाइकोल (Propylene glycol), ग्लिसरीन (Glycerine), पैराबीन (Parabens), सिलिकॉन (Silicone) और नोनोक्सिनॉल -9 (Nonoxynol-9) होता है। ये सारी चीजें स्पर्म की मोटिलिटी यानी उसकी महिलाओं के रिप्रोडक्टिव ट्रैक्ट तक जाने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिसका सीधा मतलब है कंसीव करने में परेशानी, यानी कन्सेप्शन और ल्यूब्रिकेंट का कनेक्शन बहुत गहरा है। यह सारी सामग्री स्पर्म (Sperm-friendly), ग्लिसरीन फ्री (Glycerin-free), पीएचपी बैलेंस्ड (PHP-balanced), आइसोटोनिक ल्यूब्रिकेंट्स (Isotonic lubricant) के इस्तेमाल की सलाह लेते हैं। आजकल बहुत सी कंपनियां स्पर्म फ्रेंडली (Sperm-friendly) या फर्टिलिटी फ्रेंडली (Fertility-friendly) ल्यूब्रिकेंट्स बना रही है। कंसीव करने की कोशिश के दौरान आपको भी ऐसे ही ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करना चाहिए।

कन्सेप्शन के लिए करें ऐसे ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल (Lubricant for conception)

स्पर्म फ्रेंडली (Sperm-friendly) या फर्टिलिटी फ्रेंडली (Fertility-friendly) ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल आपके सेक्स के अनुभव को मजेदार बनाने के साथ ही प्रेग्नेंसी की संभावना भी बढ़ा देगा। कन्सेप्शन और ल्यूब्रिकेंट्स (Conception and lubricants) के संबंधों के बारे में पता चलन के बाद आपको ल्यूब्रिकेंट्स खरीदते समय इस बात का ध्यान रखना होगा कि वह फर्टिलिटी पर असर न डालें। आप ल्यूब्रिकेंट्स में इन चीज़ों की जांच करें-

पीएच लेवल 7 के करीब (pH level around 7)- सामान्यतौर पर वजाइनल pH 4.0-4.5 की रेंज में होता है, इसमें मासिक चक्र (Menstrual cycle), कामोत्तेजना (sexual arousal) आदि के दौरान थोड़ा बदलाव देखने को मिलता है। सेक्स के दौरान उत्तेजना, सीमेन और ओवल्यूशन के दौरान सर्वाइकल म्यूकस के कारण वजाइनल pH 7.0 तक पहुंच जाता है। जो स्पर्म के लिए अच्छा माना जाता है और कंसीव करने में आसानी होती है। कम पीएच लेवल में स्पर्म ज्यादा देर तक जीवित नहीं रह पाते हैं।

आइसो-ओसमोटिक (Iso-osmotic)- ओसमोलैलिटी (Osmolality) पानी की प्रति यूनिट में पार्टिकल्स की संख्या को रेफर करता है। वजाइना (Vagina) में नेचुरल ओसमोलैलिटी होती है और यदि आप जो ल्यूब्रिकेंट्स इस्तेमाल कर रहे हैं वह इससे बहुत अलग है तो वजाइनल कोशिकाएं (Vaginal cell) मर सकती है या वजाइनल संक्रमण (Vaginal infections) का खतरा अधिक होता है। इसलिए ल्यूब्रिकेंट्स खरीदते समय ध्यान रखें कि उसकी ओसमोलैलिटी (Osmolality) वजाइना जितनी ही हो। सामान्य रूप से वजाइनल ओसमोलैलिटी (Osmolality) 270 mOsm/Kg रेंज में होती है, जबकि बहुत से वजाइनल ल्यूब्रिकेंट्स में यह वैल्यू 4 से 30 गुणा अधिक होती है।

पैराबीन फ्री (Paraben-free)- पैराबीन एक कंपाउंड है जो अक्सर बूटलपरबेन (Butylparaben), मिथाइलपरबेन (Methylparaben) या प्रोपलबेन (Propylparaben) नाम से जाते हैं। पैराबीन का इस्तेमाल बहुत से खाद्य पदार्थ, ब्यूटी प्रोडक्ट्स और कुछ ल्यूब्रिकेंट्स में भी होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह हार्मोन्स को प्रभावित कर सकते हैं और डीएनए को क्षति (DNA damage) पहुंचाने, कैंसर के विकास और फर्टिलिटी संबंधी समस्याओं के लिए जिम्मेदार हो सकता है। इसलिए कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं तो ऐसा ल्यूब्रिकेंट्स खरीदें जिसमें पैराबीन नहीं हो।

ग्लिसरीन-फ्री (Glycerin-free)- ग्लिसरीन नेचुरल प्लांट बेस्ड कंपाउंड है जो अक्सर ल्यूब्रिकेंट्स की ओसमोलैलिटी (Osmolality) को बहुत बढ़ा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्पर्म की गतिशीलता (Sperm motility) को घटा देता है।

और पढ़ें- जुड़वां बच्चे कंसीव करने की संभावना को बढ़ा सकते हैं ये फैक्टर्स, जान लें इनके बारे में

गर्भाधान के लिए टिप्स (Tips for conceiving)

विशेषज्ञों के मुताबिक, कन्सेप्शन और ल्यूब्रिकेंट्स (Conception and lubricants) में कनेक्शन को देखते हुए बेहतर होगा कि ल्यूब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करने की बजाय दूसरे तरीके आजमाए जाएं, जो कंसीव करने की संभावना को बढ़ा देते हैं।

प्रीनेटल विटामिन (Prenatal vitamins) लेना

गर्भाधान (conception) की कोशिश करने के 3 महीने पहले से ही पैरेटल विटामिन लेना चाहिए। प्रेग्नेंट होने की चाह रखने वाली महिलाओं को नियमित रूप से पैरेंटल विटामिन (Parental vitamins)लेना चाहिए। यह विटामिन यह सुनिश्चित करते हैं कि आपके शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स पर्याप्त मात्रा में रहे ताकि भ्रूण के विकास के लिए सही वातावरण तैयार किया जा सके। मल्टिविटामिन्स की तुलना में पैरेंटल विटामिन ज्यादा फायदेमंद होते हैं क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में फॉलिक एसिड होता है जो न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट (Neural tube defects) से बचाव करता है। इनमें आयरन की भी अधिक मात्रा होती है जो बच्चे कि विकास में मदद करती है।

वजाइनल एरिया (vaginal area) में किसी तरह के प्रोडक्ट के इस्तेमाल से परहेज करें

कोई भी ऐसी वजाइनल (Vaginal cream) क्रीम या वॉश का इस्तेमाल न करें जो वजाइनल PH को प्रभावित करे या स्पर्म को नुकसान पहुंचाए। क्योंकि यह वजाइना में कंसीव करने के लिए सही माहौल नहीं बनाता है।

ओवल्यूशन किट (Ovulation kit) का इस्तेमाल

बहुत सी महिलाओं सोचती हैं कि वह 14 दिन के साइकल में ओवल्यूट होती हैं, जबकि सच तो यह है कि हर किसी का ओवल्यूशन (Ovulation) डे अलग होता है और यह उनके मेन्स्ट्रुअल साइकल (Menstrual cycle) पर निर्भर करता है। कंसीव करने के लिए ओवल्यूशन पीरियड में सेक्स करना जरूरी है, ऐसे में ओवल्यूशन किट से आपको मदद मिल सकती है।

पार्टनर की जांच करवाएं

यदि आपको कंसीव करने में समस्या आ रही है तो आपको एक बार पार्टनर की भी जांच करवा लेनी चाहिए। बहुत से लोगों को लगता है कि समस्याएं सिर्फ महिलाओ को होती है, जबकि कई बार पुरुषों में इनफर्टिलिटी(Infertility) के कारण महिला पार्टनर प्रेग्नेंट (Pregnant) नहीं हो पाती। ऐसे में पुरुषों की जांच भी जरूरी है। स्पर्म क्वालिटी (Sperm quality)में सुधार क लिए एक्पर्ट्स ओमेगा-3 (Omega-3) सप्लीमेंट्स की भी सलाह देते हैं, लेकिन इस्तेमाल से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य कर लें।

और पढ़ें- जानें 50 प्लस के बाद प्रेग्नेंसी प्लानिंग में होने वाले रिस्क और किन बातों का रखें ध्यान

तनाव से दूर रहे

तनाव भी आपके कंसीव करने की क्षमता को प्रभावित करता है। इसलिए सही डायट (Diet) और लाइफस्टाइल अपनाने के साथ ही तनाव से दूर रहने की कोशिश करें। जब आप तनाव में होती हैं तो कोर्टिसोल (Cortisol harmone) हार्मोन का स्तर और इन्फ्लामेट्री मार्कर्स (inflammatory markers) हाई होते हैं जो फर्टिलिटी घटाने का काम करते हैं।

जल्दी प्रेग्नेंट होने के टिप्स (Tips to get pregnant fast)

Conception and lubricants : कन्सेप्शन और ल्यूब्रिकेंट

यदि आप जल्द से जल्द फैमिली प्लानिंग करना चाहती हैं, आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

स्मोकिंग से परहेज (Quit smoking) करें

स्मोकिंग (Smoking) पुरुषों और महिलाओं में फर्टिलिटी (Fertility) कम कर देता है। यदि कंसीव करने के बाद भी आप स्मोकिंग करती हैं तो इसका बच्चे पर भी असर पड़ सकता है। यदि आपने अभी तक स्मोकिंग से तौबा नहीं की है, तो आज से ही इस आदत को छोड़ दें।

साथ एक्सरसाइज करें (Do exercise)

एक्सरसाइज करने से फर्टिलिटी (Fertility) बढ़ती है। यदि आपको एक्सरसाइज की आदत नहीं है तो हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी (Physical activity) से शुरुआत कर सकते हैं। जैसे एक साथ सिंपल योग करना या डांस क्लास साथ जा सकते हैं या जॉगिंग कर सकते हैं। धीरे-धीरे एक्सरसाइज की आदत पड़ जाने पर इसे नियमित रूप से करना जरूरी है।

हेल्दी खाएं (Eat healthily)

फूड और फर्टिलिटी में सीधा संबंध है। यदि दोनों ही पार्टनर हेल्दी, बैलेंस डायट (Balance diet) लेते हैं तो कंसीव (Conceive) करना आसान हो जाता है।

रिलैक्स रहें (Relax)

यदि कई बार कोशिश के बाद भी आप कंसीव नहीं कर पा रही हैं तो इससे तनाव और बढ़ सकता है। बढ़ते तनाव (Stress) के कारण गर्भधारण (conception)और मुश्किल हो सकता है। स्ट्रेस दोनों ही पार्टनर के लिए ठीक नहीं है, इसलिए जितना हो सके तनाव से दूर रहने की कोशिश करें।

एल्कोहल का सेवन कम करें (Avoid alcohol)

शराब का सेवन न सिर्फ आपकी कंसीव (Conceive) करने की क्षमता को प्रभावित करता है, इतना ही नहीं यदि कंसीव करने के बाद भी आद बहुत अधिक एल्कोहल का सेवन करती हैं तो इसका बच्चे पर बुरा असर हो सकता है। ज्यादा शराब पीने से पुरुषों की फर्टिलिटी (Fertility) भी प्रभावित होती है। तो बेहतर होगा कि यदि बच्चे की प्लानिंग कर रहे हैं तो दोनों ही पार्टनर एक्लहोल से दूरी बना लें।

रेग्युलर सेक्स है जरूरी (Regular sex)

कंसीव करने की कोशिश कर रहे हैं, तो नियमित रूप से सेक्स भी जरूरी है, लेकिन इसमें किसी तरह की जल्दबाजी न दिखाएं। फोरप्ले (Foreplay) के जरिए महिला पार्टनर को पहले उत्तेजित करने की कोशिश करें, इससे वजाइना में नेचुरल ल्यूब्रिकेंट रिलीज होगा और संबंध बनाना आसान हो जाता है। साथ ही ओवल्यूशन (Ovulation) पीरियड की जानकारी रखें, क्योंकि इस दौरान संबंध बनाने से गर्भ ठहरने की संभावना अधिक होती है।

और पढ़ें- सेकेंड्री इनफर्टिलिटी क्या है? इससे कैसे निपटें?

आजकल की बदलती लाइफस्टाइल (Lifestyle) और देर से बच्चे की प्लानिंग करने के कारण कपल्स के लिए कंसीव करना मुश्किल होता जा रहा है। साथ ही महिलाओं और पुरुषों में इनफर्टिलिटी (Infertility) की समस्या भी बढ़ रही है। वजाइनल ड्राइनेस के कारण सेक्स संबंध बनाने में दिक्कत होती है, जिसके लिए बहुत से कपल ल्यूब्रिकेंटस का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह ल्यूब्रिकेंट्स (Lubricants) कई बार कन्सेप्शन (conception) यानी गर्भधारण को प्रभावित करते हैं, इसलिए यदि आप कंसीव करना चाहती हैं तो डॉक्टर की सलाह पर ही सही ल्यूब्रीकेंट्स का इस्तेमाल करें।

 

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

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अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

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(दिन)

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 06/04/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड
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