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क्या सचमुच वजायना बड़ा हो सकता है? वजायना बड़ा होना क्या चिंता की बात है

क्या सचमुच वजायना बड़ा हो सकता है? वजायना बड़ा होना क्या चिंता की बात है

शरीर के अन्य हिस्सों की तरह ही वजायना का साइज भी हर महिला में अलग-अलग होता है और इसका कोई स्टैंडर्ड साइज नहीं है जिसके आधार पर कहा जा सके कि किसी महिला का वजायना बड़ा (Large vagina) है। हां, कुछ वजहों से यह थोड़े ढीले जरूर पड़ जाते हैं। जिसमें उम्र और बच्चे का जन्म प्रमुख कारण है। हालांकि कुछ महिलाओं को भ्रम रहता है कि बच्चे के जन्म या अधिक सेक्स करने से वजायना बड़ा (Large vagina) होना आम है। क्या सचमुच वजायना बड़ा (Large vagina) होता है? या इसके ढीला होने के क्या कारण है जानिए इस आर्टिकल में।

समय के साथ वजायना में होने वाले बदलाव (Changes in vagina over the time)

एक्सपर्ट्स वजायना बड़ा (Large vagina) होने की बात से इत्तेफाक नहीं रखते यानि योनि बड़ी होने की बात सही नहीं है। हां, समय के साथ इसमें बदलाव जरूर होती है। जैसे बच्चे के जन्म (Childbirth) या उम्र बढ़ने पर इसका लचीलापन (Elasticity) कम हो जाता है और वजायना ढीला (Loose vagina) पड़ जाता है। लेकिन इसका सेक्स कम या ज्यादा करने से कोई संबंध नहीं है। तो आप भी यदि यह सोचती हैं कि ज्यादा सेक्स (Sex) करने से योनि ढीली पड़ जाती है तो यह बिल्कुल गलत है। जहां तक वजायना के साइज की बात है तो ब्रेस्ट (Breast) और शरीर के बाकी हिस्सों की तरह ही हर महिला में इसका साइज अलग-अलग होता है और यह मांसपेशियों से बनी होती है जो जरूरत के हिसाब से फैल और सिकुड़ सकती है। जैसे सेक्स के दौरान और बच्चे के जन्म के समय यह बहुत ज्यादा फैल जाती है, लेकिन कुछ समय बाद ही अपने सामान्य आकार में लौट आती है, हालांकि डिलीवरी (Delivery) के बाद इसके शेप और लचीलेपन में थोड़ा बदलवा जरूर आता है और यह बिल्कुल सामान्य है। कुछ कारक जो वजायना बड़ा होने के लिए तो नहीं, लेकिन ढीलेपन के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं उसमें शामिल है-

उम्र

40 की उम्र से ही आपको महसूस होगा कि वजायना का लचीलापन कम होने लगता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आप प्रीमेनोपॉजल स्टेज (perimenopausal stage) में पहुंचती हैं और इससे एस्ट्रोजन (Estrogen) लेवल कम होने लगता है। एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने पर वजायनल टिशू (vaginal tissue) में निम्न बदलाव आते हैं-

  • पतला होना (thinner)
  • ड्राय होना (drier)
  • कम एसिडिक (less acidic)
  • लचीलापन कम होना (less flexible)

मेनोपॉज (Menopause) में पहुंचने के बाद ये बदलाव ज्यादा दिखने लगते हैं। इसे वजायना बड़ा होना (Large vagina) नहीं, बल्कि वजायना में बदलाव कहा जाएगा।

बच्चे का जन्म (Childbirth)

Large vagina- वजायना बड़ा होना

डिलीवरी के बाद वजायना में बदलाव होना आम बात है। इसी बदलाव को कुछ महिला वजायना बड़ा (Large vagina) होना समझ लेती हैं। दरअसल, बच्चे के जन्म के दौरान कैनाल से बच्चे को बाहर आने में मदद के लिए वजायनल मसल्स पूरी तरह से फैल जाती है ताकि बच्चा आसानी से बाहर आ सके। इस प्रक्रिया के बाद जाहिर सी बात है कि वजायना में पहले जैसा कसाव नहीं रह जाता। बच्चे के जन्म (Childbirth) के बाद महिलाओं को महसूस होता है कि उनकी योनि (Vagina) बड़ी हो गई है, जो दरअसल, ढीली हो जाती है और योनि का ढीलापन बिल्कुल सामान्य है इसे लेकर परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है। डिलिवरी के कुछ दिनों बाद ही वजायना (Vagina) अपने पुराने शेप में लौटना शुरू कर देता है, हालांकि यह एकदम पहले जैसा हो जाए जरूरी नहीं। क्योंकि हर महिला का शरीर और फिजिकल एक्टिविटी भी अलग-अलग होती है। यदि कोई महिला एक से अधिक बच्चों को जन्म देती है तो उसके वजायना का लचीलापन जाहिर तौर पर कम हो जाता है, यदि आपको यह असहज लगे तो आप वजायनल फ्लोर मसल्स (Vaginal floor muscles) को टाइट करने के लिए प्रेग्नेंसी के पहले, दौरान और प्रेग्नेंसी के बाद (After pregnancy) कुछ एक्सरसाइज कर सकती हैं।

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वजायना का साइज किन चीजों से प्रभावित होता है? (What affects vaginal size?)

हर किसी के शरीर का आकार और बनावट अलग होती है तो यह नहीं कहा जा सकता कि किसी महिला का वजायना बड़ा (Large vagina) या छोटा है। कई स्थितियां और कारण वजायना के साइज को प्रभावित करते हैं कुछ थोड़े समय के लिए तो कुछ लंबे समय के लिए। दरअसल, सेक्स के दौरान जब महिलाएं उत्तेजित होती हैं तो वजायना में ब्लड फ्लो अधिक होता है जिससे वजायना बड़ा यानी फैल जाता है और पेनिट्रेशन आसान होता है। लेकिन योनि का यह फैलाव थोड़े समय के लिए ही होता है सेक्सुअल सैटिसफेक्शन (Sexual satisfaction) मिलते ही यह अपने पुराने शेप में लौट आती है। जबकि डिलीवरी के बाद वजायना में होने वाला बदलाव लंबे समय तक रहता है। इसे आप चाहे वजायना का बड़ा होना या ढीला होना कह सकते हैं। ऐसे में वजायना को पुराने शेप में लाने के लिए कीगल एक्सरसाइज बहुत मददगार होती है।

वजायनल मसल्स को मजबूत कैसे करें? (Tips to strengthen vaginal muscles)

वजायना बड़ा होना या ढीला होने का मतलब है उस एरिया की मांसपेशियों का ढीला होना। वाजयना की मांसपेशियों या पेल्विक फ्लोर मसल्स (Pelvic floor muscles) को मजबूत करने में पेल्विक एक्सरसाइज बहुत कारगर मानी जाती है। पेल्विक फ्लोर मसल्स (Pelvic floor muscles) आपके कोर का हिस्सा हैं और शरीर के इन अंगों को सपोर्ट करती है-

उम्र बढ़ने या बच्चे के जन्म बाद पेल्विक फ्लोर मसल्स (Pelvic floor muscles) यदि कमजोर हो जाए तो आपको निम्न समस्याएं हो सकती हैं-

पेल्विक फ्लोर मसल्स (Pelvic floor muscles) एक्सरसाइज से पेल्विंक की मांसपेशियां मजबूत बनती है, लेकिन आपको यदि यूरिन लीकेज (severe urinary leakage) की गंभीर समस्या है तो इस बारे में डॉक्टर से बात करें। वही आपको सही उपचार बता सकते हैं।

पेल्विक फ्लोर मसल्स (Pelvic floor muscles) को मजबूत करने वाली एक्सरसाइज (Exercises)

कुछ खास तरह की एक्सरसाइज को नियमित रूप से करने से पेल्विक फ्लोर मसल्स मजबूत होती है और इससे वजायना की ढीली पड़ चुकीं मांसपेशियां भी टाइट होती है।

कीगल एक्सरसाइज (Kegel exercises)- कीगल एक्सरसाइज से पेल्विक फ्लोर मसल्स मजबूत होती है। इससे सेक्स संबंधी समस्याएं, पेशाब और गर्भाशय से जुड़ी समस्याएं भी बहुत हद तक ठीक हो सकती हैं। कीगल एक्सरसाइज (Kegel exercises) करते समय पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को कुछ देर सिकोड़कर, फिर ढीला छोड़ा जाता है। कुछ उसी तरह जिस तरह आप पेशाब कुछ देर के लिए रोककर फिर पास करती हैं। कुछ इस तरह करें कीगल एक्सरसाइज (Kegel exercises)।

  • इस एक्सरसाइज को करने के लिए शांत जगह पर बैठें या लेट जाएं। ज्यादातर महिलाओं को लेटकर एक्सरसाइज करना सहज लगता है।
  • कीगल एक्सरसाइज के लिए पेल्विक मसल्स (Pelvic muscles) को कुछ देर ढीला छोड़ें, फिर कुछ देर सिकोड़कर रखें।
  • मसल्स को 5 सेकंड तक सिकोड़े और 5 सेकंड के लिए ढीला छोड़ें। ऐसा 10 से 20 बार करें। इस एक्सरसाइज को दिन में 2-3 बार कर सकती हैं।
  • इस दौरान कमर, पेट और जांघों की मांसपेशियों को ढीला रखें।

पेल्विक टिल्ट एक्सरसाइज (Pelvic tilt exercises)- वजायनल मसल्स (Vaginal muscles) को मजबूत करने के लिए आप पेल्विक टिल्ट एक्सरसाइज भी कर सकती हैं। इसे करने के लिए-

  • दीवार का सहारा लेकर कंधे और बट उसपर टिकाकर सीधा खड़े हों और घुटनों को ढीला रखें।
  • अपनी नाभि (bellybutton) को स्पाइन की ओर ले जाएं। ऐसा करते समय आपकी पीठ दीवार से टिकी और सीधी होनी चाहिए।
  • नाभि को 4 मिनट तक टाइट करके रखें और फिर रिलैक्स हो जाएं।
  • ऐसा 10 बार करें। दिन में आप 5 बार यह एक्सरसाइज कर सकती हैं।

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वजायनल कोण (Vaginal cones)

यदि आपको लगता है कि आपका वजायना बड़ा (Large vagina) या ढीला हो गया है तो उसे मजबूत करने के लिए आप वजायनल कोण (Vaginal cone) को भी इस्तेमाल कर सकती हैं। यह भारी और टैम्पून (Tampon) के साइज की चीज़ होती है, जिसे आप वजायना में डालकर होल्ड करती हैं।

ऐसे करें इंसर्ट-

  • हल्के वजायनल कोण (Vaginal cones) को वजायना में डालें।
  • मांसपेशियों को सिकोड़ें। इसे लगभग 15 मिनट तक दिन में दो बार लगाएं।
  • जब आप हल्के वजायनल कोण को सहज रूप से होल्ड कर लें, तो फिर इसकी जगह उससे भारी कोण का इस्तेमाल करें।

वजायना को टाइट करने के लिए न करें ये काम (Don’t do these thing to tighten your vagina)

Large vagina- वजायना बड़ा होना

गलती से भी किसी तरह की ओवर द काउंटर वजायनल टाइटनिंग स्टिक्स (Vaginal tighting sticks) या हर्बल दवाओं (Herbal medicine) का इस्तेमाल वजायना को टाइट करने के लिए न करें। क्योंकि इससे वजायना में खुजली, जलन या सूजन हो सकती है। कई बार तो इन प्रोडक्ट्स की वजह से वजायना को गंभीर रूप से नुकसान पहुंच सकता है जिससे मरीज को अस्पताल जाने की जरूरत पड़ जाती है। यदि आप वजायना के बाहरी हिस्से की बनावट को लेकर परेशान हैं, तो आपको प्लास्टिक सर्जन (Plastic surgeon) से मिलने की जरूरत है। यदि आपको वजायना के स्ट्रक्चर और कार्यप्रणाली से समस्या है तो गायनोक्लोजिस्ट (Gynecologist) या यूरोगायनोक्लोजिस्ट(Urogynecologist) से मिलें। याद रखिए सर्जरी हमेशा आखिरी विकल्प होता है। यदि आप अपनी पेल्विक फ्लोर मसल्स को रिपेयर करवाना चाहते हैं तो आपको ऐसे यूरोगायनोक्लोजिस्ट (Urogynecologist) के पास जाना चाहिए जो पेल्विक फ्लोर रिकंस्ट्रक्शन (Pelvic floor reconstruction) में प्रशिक्षित हो।

वजायना के ढीलेपन को दूर करने के लिए वजायनल लेजर ट्रीटमेंट (Vaginal laser treatment) भी एक विकल्प है, लेकिन यह कितना सुरक्षित या असरदार है इस संबंध में अधिक रिसर्च नहीं हुआ है। इसलिए यदि आप वजायनल लेजर ट्रीटमेंट करवाना चाहते हैं तो इस बारे में गायनोक्लोजिस्ट से अच्छी तरह सलाह लेकर सभी पहलुओं को समझ लें।

और पढ़ें- जानें ट्रांसवजायनल अल्ट्रासाउंड क्या है और इसकी जरूरत क्याें पड़ती है…

क्या सेक्स संतुष्टि का वजायना के साइज से कोई संबंध है?

सेक्सुअल सैटिसफैक्शन (Sexual satisfaction) का वजायना के साइज से कोई संबंध नहीं है। वजायना बड़ा या ढीला होने पर भी आपकी सेक्स लाइफ पर बहुत फर्क नहीं पड़ता है। कई अध्ययन के मुताबिक, सीजेरिनय डिलीवरी या नॉर्मल डिलीवरी (Normal delivery) जिसमें वजायना थोड़ा ढीला पड़ जाता है, इसका महिलाओं की सेक्स लाइफ (Sex life) पर कोई असर नहीं पड़ता है। डिलीवरी (Delivery) के वक्त वजायना में आया फैलाव वक्त के साथ कम हो जाता है और महिला सामान्य रूप से सेक्स लाइफ एंजॉय कर सकती है।

वजायना का रखें ध्यान (Vagina self-care tips)

वजायना संबंधी सामान्य परेशानियों जैसे इंफेक्शन (Infection) या यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary tract infection) से बचने के लिए वजायनल हाइजीन (Vaginal hygiene) को ध्यान रखना बहुत जरूरी है। नियमित रूप से पीरियड्स (Periods) के समय पैड्स और टैम्पून बदलकर इसे हेल्दी रखा जा सकता है। इसके अलावा इन बातों का ध्यान रखें-

  • बहुत अधिक महग वाले नहाने के प्रोडक्ट्स, टैम्पून या फेमिनिन हाइजीन स्प्रे (feminine hygiene sprays) का इस्तेमाल करने से बचें।
  • वजायनल इंफेक्शन से बचने के लिए स्वीमिंग के बाद या गीले हो चुके कपड़ों को तुरंत बदल लें।
  • पीरियड्स के दौरान पूरे दिन एक ही पैड लगाकर न रहे, इसे 4 घंटों के अंतराल पर बदलती रहें, टैम्पून बदलना भी जरूरी है।
  • सेक्स के दौरान सुरक्षा का ध्यान रखें।
  • ऐसी कोई ड्रेस न पहनें जो लोअर पार्ट में बहुत टाइट हो, क्योंकि इससे खुजली, जलन या बहुत अधिक पसीना आने लगता है जिससे रैशेज हो सकते हैं।
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (Urinary tract infections (UTIs) से बचने के लिए सेक्स के बाद यूरीन पास करना जरूरी है।

और पढ़ें- वीमेन हेल्थ इश्यूज के निदान के लिए क्यों जरूरी हैं स्क्रीनिंग टेस्ट?

विशेषज्ञों के मुताबिक, वजायना बड़ा (Large vagina) होने जैसी कोई बात नहीं है, बस कुछ कारणों से वक्त के साथ इसकी मांसपेशियां ढीली पड़ जाती है, जिसे कुछ महिलाएं वजायना बड़ा (Large vagina) होना समझ लेती हैं। वजायनल मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए आप कुछ एक्सरसाइज कर सकती हैं और वजायना को हेल्दी रखने के लिए हाइजीन का ध्यान रखें।

 

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट 27/05/2021 को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड