घर पर कैसे बनाएं हेल्दी मल्टीग्रेन ब्रेड? जानिए इसकी विधि

चिकित्सक द्वारा समीक्षित | द्वारा

अपडेट डेट July 8, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
अब शेयर करें

आज के समय में जो भी ब्रेड आप बाजार से खरीद कर अपने खाने में इस्तेमाल करते हैं, वो आपकी सेहत के लिए फायदा कम और नुकसान ज्यादा कर सकती है। कई हालिया रिपोर्ट और केस स्टडी के हवाले से ये बात सामने आई है कि बाजार में मिलने वाली ब्रेड में कई ऐसे केमिकल्स होते हैं, जो आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकते है। शरीर एक मशीन की तरह होता है, अगर इसे सही संतुलित भोजन न मिले, तो इसमें समस्या हो सकती है। आज के समय में ये बेहद जरूरी हो गया है कि हम जो भी खा या पी रहे है उस पर ध्यान दें। हमेशा इस बात पर गौर करें कि कहीं आप  ऐसा तो कुछ नहीं खा रहे, जो आपके शरीर के लिए नुकसानदायक है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आज हम आपको हेल्दी ब्रेड बनाने की विधि से रू-ब-रू कराएंगे, ताकि आप ताजा और पौष्टिकता से भरपूर हेल्दी मल्टीग्रेन ब्रेड को अपने घर पर ही बना सके और अपने प्यारों की सेहत का ख्याल भी रख सके।

यह भी पढ़ें : कितने दिनों तक स्टोर कर सकते हैं ब्रेड

मल्टीग्रेन ब्रेड क्या है? (What is multigrain bread)

मल्टीग्रेन ब्रेड को विभिन्न प्रकार के अनाजों को मिलाकर बनाया जाता है। इन ब्रेड को बनाने के लिए फ्लैक्स सीड्स (अलसी के बीज), क्विन्वा, चावल, राई, सरसों के बीज और गेहूं (wheat) जैसे कई अनाज का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी अनाज सेहत के लिए लाभकारी होते हैं और हमारी हेल्थ के लिए जरूरी भी होते हैं। इसमें डाइट्री फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। जो डाइजेस्टिव सिस्टम (digestive system) के लिए अच्छा होता है। इसके अलावा हमें इस ब्रेड से कॉम्प्लेक्स कार्ब्स (complex carbohydrates) भी मिलता है। सारे अनाज के अलावा इसमें नमक, सूखा खमीर, शहद, ऑलिव ऑयल (olive oil) और तिल भी डाले जाते हैं। साबुत अनाज से बनी इस मल्टीग्रेन ब्रेड (multigrain bread) का ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम होता है।

यह भी पढ़ें : लिवर और स्किन को हेल्दी बनाता है तिल का तेल, जानें 7 फायदे

हेल्दी मल्टीग्रेन ब्रेड (Multigrain bread) बनाने के लिए जरूरी सामग्री

मल्टीग्रेन ब्रेड बनाने के लिए ये सामान खरीद लें-

यह भी पढ़ें : Haleem recipe : क्यों मशहूर है हलीम? जानिए इसकी विधि

मल्टीग्रेन ब्रेड (Multigrain bread) बनाने की विधि

  • एक बाउल में मल्टीग्रेन अनाज और मल्टी सीड्स को गर्म पानी में डालकर 15 मिनट के लिए रख दें। थोड़ी देर के बाद उसमे सूखा खमीर ऐड कर दें। इस प्रॉसेस के कुछ मिनटों बाद ब्रेड आटा, ड्राई फ्रूड्स, तेल, शहद और नमक मिलाएं।
  • सभी चीजों को मिलाने के बाद इसका एक अच्छा सा डो बना लें या उसे गुथ लें। फिर इसमें गेंहू का आटा मिलाकर कुछ मिनटों के लिए कॉटन कपड़े से ढक कर रख दें।
  • आखिर में हेल्दी ब्रेड आटे को स्क्वैर ब्रेड, बन या पाव की शेप दें। ओवन ट्रे पर तिल डालें और उसके ऊपर मल्टीग्रेन ब्रेड आटे को सेट कर दें। चार से पांच मिनट के लिए फिर हेल्दी ब्रेड आटे को ढक कर रख दें।
  • हेल्दी मल्टीग्रेन आटा गिला हो गया है, तो इसमे थोड़ा ब्रेड आटे को मिला लें।
  • ओवन को 425 डिग्री तापमान पर पहले ही गर्म कर लें। बाद में ओवन में ब्रेड रोटी ट्रे के नीचे एक बाउल में एक कप पानी डालकर रखें और 20 मिनट तक बेक करें। बेकिंग की सुहानी खुशबू इस बात को इशारा है कि आपका हेल्दी मल्टीग्रेन ब्रेड तैयार है।

यह भी पढ़ें : Sore Throat: गले में दर्द से छुटकारा दिलाएंगे ये घरेलू उपाय

साबुत अनाज के फायदे

आपको पता ही है कि साबुत अनाज स्वास्थ्यवर्धक होते हैं। कई अध्ययनों से पता चला है कि एक स्वस्थ आहार में व्होल ग्रेन से युक्त खाद्य पदार्थ खाने से कई तरह की बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है जैसे-

साबुत अनाज प्रोटीन, फाइबर, बी विटामिन और कई अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं जो रक्तचाप को कम करने, मसूड़ों की बीमारी को कम करने, प्रतिरक्षा प्रणाली (immune system) को मजबूत करने और वजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

यह भी पढ़ें : स्किन कैंसर के 10 लक्षण, जिन्हें आप अनदेखा न करें

इन ब्रेड को कहें ‘नहीं’

मार्केट से ब्रेड खरीदते समय ध्यान दें कि ज्यादा सफेद ब्रेड की तरफ आकर्षित न हों ये ब्रेड्स देखने में भले ही ज्यादा हेल्दी लगती हैं लेकिन, ऐसा होता नहीं है। दरअसल, वाइट ब्रेड ज्यादातर रिफाइंड (परिष्कृत आटा) गेहूं से बनी होती है जिससे आवश्यक पोषक तत्व कम हो जाते हैं। सफेद ब्रेड, उच्च-स्टार्च वाले खाद्य पदार्थ ब्लड शुगर लेवल को जल्दी से बढ़ा सकते हैं, जिससे आपको मधुमेह जैसी बीमारियों का खतरा होता है।

यह भी पढ़ें : क्या आप जानते हैं कि नींद महिलाओं और पुरुष के लिए कितनी जरूरी है?

लेबल पर दें ध्यान

बाजार से मल्टीग्रेन ब्रेड खरीदते समय उसके पैकेज पर “100 प्रतिशत व्होल वीट” या “100 प्रतिशत व्होल ग्रेन” लिखा हुआ है या नहीं इस बात का ध्यान दें।हालांकि अलग-अलग अनाज के प्रकार अलग-अलग तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। मल्टीग्रेन ब्रेड मुख्य रूप से गेहूं के साथ अन्य अनाजों को मिलकर बनाई जाती है। लेकिन, यदि आप अनाज के अच्छे मिश्रण की तलाश में हैं, तो लेबल की जांच करें। सुनिश्चित करें कि प्राइमरी इंग्रीडेंट के रूप में (गेहूं, जई, जौ (barley) आदि) उनमें शामिल हो। ऐसी ब्रेड्स का चुनाव न करें जिसमें “गेहूं” या “मल्टीग्रेन” जैसे शब्द तो लिखें हों लेकिन, उसमें उनकी कितनी प्रतिशत मात्रा है, यह लिखा हुआ न हो।

ब्रेड आजकल हमारे डेली ब्रेकफास्ट का हिस्सा हो गया है। इसके अलावा, सैंडविच से लेकर तमाम तरह की रेसिपी हम ब्रेड से बनाते हैं। ऐसे में अगर वो ब्रेड आपके घर मेंं बना हो तो ये आपके लिए सेहदमंद और आपके बजट के लिए भी किफायती होगा। ब्रेड आपके और आपके परिवार के एक सुंतलित आहार का परिचायक है। ये जितना ही प्योर, ताजा और केमिकल फ्री होगा। ये उतना ही हमारे शरीर के लिए बेहतर होगा और हम स्वस्थ और सेहतमंद रहेगे। ब्रेड खरीदने से पहले उसमें मौजूद सामग्री की जांच जरूर करें और लेबल को अच्‍छे से पढ़ें। मार्केट में उपलब्‍ध कुछ ब्रेड में केवल एक ग्राम ही फाइबर शामिल होता है। इसलिए, ऐसी ब्रेड का चुनाव करें जिसमें कम से कम तीन ग्राम फाइबर जरूर मौजूद हों। हमेशा पोषक तत्‍वों से भरपूर ब्रेड ही खरीदें।

और पढ़ें : 

देर रात खाना सेहत के लिए पड़ सकता है भारी, हो सकती हैं ये समस्याएं

क्या आपको भी परेशान करता है नसों का दर्द?

Cholesterol Injection: कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने का इंजेक्शन कम करेगा हार्ट अटैक का खतरा

रिसर्च: हाई फाइबर फूड हार्ट डिसीज और डायबिटीज को करता है दूर

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

Was this article helpful for you ?
happy unhappy
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

बेबी के लिए मशरूम सुरक्षित होता है या नहीं?

बेबी के लिए मशरूम सुरक्षित रहता है या नहीं, ये सवाल इसलिए मन में आता है क्योंकि मशरूम कवक है। जानिए कितनी उम्र के बच्चे को मशरूम दिया जाना सही रहेगा। babies ke liye mushrooms

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi
बेबी का पोषण, बेबी, पेरेंटिंग February 10, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें

कम उम्र के पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के क्या हो सकते हैं कारण?

कम उम्र के पुरुषों में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने के कई कारण हो सकते हैं। अगर बीमारियों पर नियंत्रण किया जाए, तो इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या से निजात पाया जा सकता है। Erectile Dysfunction in young men

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Bhawana Awasthi

क्या कोलन कैंसर को रोकने में फाइबर की कोई भूमिका है?

फाइबर और कोलन कैंसर का क्या संबंध है और कैसे फाइबर कोलन कैंसर को रोकने में मददगार साबित होता है? fibre prevent colon cancer

के द्वारा लिखा गया Toshini Rathod
कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर February 5, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें

जानें टाइप-2 डायबिटीज वालों के लिए एक्स्पर्ट द्वारा दिया गया विंटर गाइड

सर्दियों में डायबिटीज वालों के लिए खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम के शुगर पेशेंट को बचने की जरूरत होती है। अपने डायट और एक्सरसाइज का ध्यान रखें। जानें डायबिटीज विंटर केयर गाइड

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Niharika Jaiswal
डायबिटीज, हेल्थ सेंटर्स December 22, 2020 . 13 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

महिलाओं में होने वाली बीमारी (Women illnesses)

Women illnesses: इन 10 बीमारियों को इग्नोर ना करें महिलाएं

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ March 4, 2021 . 8 मिनट में पढ़ें
सामान्य वृद्धावस्था समस्याएं

कॉमन एजिंग कंडीशंस : बढ़ती उम्र में किन चीजों को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज, जानिए

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया AnuSharma
प्रकाशित हुआ March 3, 2021 . 8 मिनट में पढ़ें
नक्स वोमिका (Nux Vomica)

नक्स वोमिका क्या है? जानिए इसके फायदे और नुकसान

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Nidhi Sinha
प्रकाशित हुआ February 15, 2021 . 4 मिनट में पढ़ें
Hyperglycemia and type-2 diabetes - हाइपरग्लाइसेमिया और टाइप 2 डायबिटीज

हाइपरग्लाइसेमिया और टाइप 2 डायबिटीज में क्या है सम्बंध?

चिकित्सक द्वारा समीक्षित Dr. Pranali Patil
के द्वारा लिखा गया Toshini Rathod
प्रकाशित हुआ February 10, 2021 . 5 मिनट में पढ़ें