CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) वो दवाईयां हैं, जिनका प्रयोग उन कुछ खास तरह के मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर के उपचार के लिए किया जाता है। जिसमें कैंसर शरीर के अन्य अंगों तक भी फैल चुका हो जैसे हड्डियों या लिवर तक। यह दवाईयां उस प्रक्रिया को भी प्रभावित करती हैं जिनसे ब्रेस्ट कैंसर सेल्स बढ़ते हैं। ऐसा करने के लिए वो खास प्रोटीन को टारगेट करते हैं, जिन्हें सायक्लीन-डिपेंडेंट कायनेज 4 और 6 (Cyclin-Dependent Kinases 4 and 6) या CDK4/6 कहा जाता है। आइए, जानते हैं ब्रेस्ट कैंसर के उपचार में प्रयोग होने वाले CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) के बारे में विस्तार से। शुरुआत करते हैं ब्रेस्ट कैंसर से और जानते हैं क्या है ब्रेस्ट कैंसर?
ब्रेस्ट कैंसर क्या है? (Breast Cancer)
जो कैंसर ब्रेस्ट में बनता है उसे ब्रेस्ट कैंसर कहा जाता है। महिलाओं को इस कैंसर के होने की संभावना अधिक होती है, हालांकि पुरुष भी इसका शिकार हो सकते हैं। इसके कारण ब्रेस्ट में एक गांठ महसूस की जा सकती है। अगर इसके लक्षणों को जल्दी पहचान लिया जाए तो उपचार संभव है। इसके लक्षण इस प्रकार हैं:

हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि यह लक्षण केवल कैंसर के ही हों, यह लक्षण किसी अन्य समस्या के कारण भी हो सकते हैं। लेकिन, अगर आप इन्हें महसूस करते हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। ब्रेस्ट कैंसर के उपचार में कीमोथेरेपी (Chemotherapy), रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy), हॉर्मोन थेरेपी (Hormone Therapy), टार्गेटेड थेरेपी (Targeted Therapy) और सर्जरी (Surgery) आदि शामिल है। कैंसर सेल्स में कुछ प्रोटीन्स के ग्रुप होते हैं, जो खास हॉर्मोन को बाइंड करते हैं। कुछ ब्रेस्ट कैंसर सेल्स के रिसेप्टर्स वो होते हैं, जो उन्हें ग्रो करने के लिए हॉर्मोन एस्ट्रोजन का प्रयोग करते हैं। इस कैंसर को हॉर्मोन रिसेप्टर-पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर (Hormone Receptor-Positive Breast Cancer) कहा जाता है। इस तरह के ब्रेस्ट कैंसर में भी CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) और टारगेट ड्रग्स बेहद काम आती हैं। जानिए, CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) कैसे काम करते हैं?
CDK4/6 इन्हिबिटर्स कैसे काम करते हैं? (How CDK4/6 Inhibitors Works)
CDK4/6 प्रोटीन स्वस्थ और कैंसर दोनों तरह के सेल्स में पाए जाते हैं। यह सेल के ग्रो करने के तरीके को बढ़ाते हैं। मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर में यह प्रोटीन ओवरएक्टिव हो सकते हैं और सेल्स के अनियंत्रित हो कर बढ़ने का कारण बनते हैं। CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) इन प्रोटीन्स को प्रभावित करते हैं ताकि यह बढ़ने से रुक जाएं या इनकी ग्रोथ कम हो जाए। CDK4/6 इन्हिबिटर्स का प्रयोग उन मेटास्टैटिक ब्रेस्ट कैंसर्स के उपचार में किया जाता है, जो हॉर्मोन-रिसेप्टर-पॉजिटिव हो या नेगेटिव हो। जैसा की आप जान ही गए होंगे कि CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) का प्रयोग ब्रेस्ट कैंसर के उपचार के लिए किया जाता है। लेकिन, इनका प्रयोग केवल डॉक्टर की रीकमेंडेशन के बाद ही करना चाहिए। जानिए कौन सी हैं यह CDK4/6 इन्हिबिटर्स ?
CDK4/6 इन्हिबिटर्स कौन से हैं? (CDK4/6 Inhibitors)
कुछ मामलों में CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) का प्रयोग लोकली एडवांस्ड ब्रेस्ट कैंसर के उपचार के रूप में भी किया जाता है। जिसमें कैंसर ब्रेस्ट के पास के टिश्यू में फैला हो लेकिन शरीर के अन्य भागों में न फैला हो। आपके लिए यह दवाईयां सही हैं या नहीं, इसके बारे में डॉक्टर निर्धारित कर सकते हैं। जानिए कौन सी हैं यह दवाईयां ?
पेल्बोसायक्लिब (Palbociclib)
पेल्बोसायक्लिब (Palbociclib) का जेनरिक नाम है आईब्रांस (Ibrance)। यह वो दवाई है जो शरीर में कैंसर सेल्स की ग्रोथ और उनके फैलने को प्रभावित करती है। इसका प्रयोग हॉर्मोन रिसेप्टर-पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर की स्थिति में किया जा सकता है, जो शरीर के अन्य भागों में फैल गया हो। पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं में आईब्रांस को हॉर्मोन्स मेडिसिन जैसे लेट्रोजॉल (Letrozole) के साथ कम्बाइन कर के दिया जा सकता है। यह दवाई रोगी के लंग्स और इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है। ऐसे में आप बहुत जल्दी किसी भी गंभीर इंफेक्शन का शिकार हो सकते हो। इसके अलावा इसके कई अन्य साइड-इफेक्ट भी हैं जैसे हाइव्स, सांस लेने में समस्या, खांसी, बुखार आदि। इसलिए, बिना डॉक्टर की सलाह के इस दवाई को कभी न लें।
राइबोसायक्लिक (Ribociclib)
यह दवाई किस्काली (Kisqali) ब्रांड नेम से उपलब्ध है। इस दवाई का प्रयोग महिलाओं में हॉर्मोन रिलेटेडब्रेस्ट कैंसर के उपचार के लिए किया जाता है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब कैंसर के उपचार के बाद भी कैंसर शरीर में अन्य भागों तक फैल जाता है। इस दवाई को अन्य कैंसर मेडिसिन जैसे लेट्रोजॉल (Letrozole) या फुलवेस्टरेंट (Fulvestrant) के साथ कंबाइन कर के दी जा सकती है। इसके अलावा इस दवाई के लंग्स, लिवर और हार्ट आदि पर गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं। यही नहीं, कुछ लोग इसके सेवन के बाद एलर्जी, सांस लेने में समस्या, सिरदर्द, खांसी आदि समस्याओं को भी महसूस कर सकते हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना इसे नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बाद इसे लेने से आपको कोई भी समस्या होती है तो तुरंत मेडिकल हेल्प लें।
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एबेमेसिक्लिब (Abemaciclib)
एबेमेसिक्लिब का प्रयोग एडवांस्ड हॉर्मोन रिलेटेड ब्रेस्ट कैंसर (Advanced Hormone Related Breast Cancer) के उपचार में किया जाता है। इस दवाई का प्रयोग केवल तभी किया जाता है, जब ट्यूमर, ह्यूमन एपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर 2 (Human Epidermal Growth Factor Receptor 2) नामक प्रोटीन के लिए टेस्ट नेगटिव हो। यह प्रोटीन कैंसर सेल के बढ़ने की गति को बढ़ाती है। CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) में से इस का प्रयोग अन्य कैंसर की दवाईयों के साथ दिया जा सकता है। एबेमेसिक्लिब के कारण गंभीर डायरिया हो सकता है, जिसके कारण डिहाइड्रेशन और इंफेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके साथ ही इस दवाई के प्रयोग से रोगी अन्य समस्याओं को भी महसूस कर सकते हैं जैसे हाइव्स, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, बुखार आदि। अगर डॉक्टर ने आपको इस दवाई लेने की सलाह दी हो, तभी इसका सेवन करें।
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एवेरोलिम्स का अन्य जेनरिक नाम ज़ोरट्रेस (Zortress) भी है। यह दवाई शरीर के इम्यून सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। अफिनिटर (Afinitor) एवेरोलिम्स का एक और ब्रांड है जिसका प्रयोग खास तरह के कैंसर के उपचार के लिए किया जाता है, जिसमें ब्रेस्ट कैंसर शामिल है। लेकिन, हमेशा इस दवाई का सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करना चाहिए क्योंकि इसका सेवन करने से कई साइड-इफेक्ट्स हो सकते हैं।
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एल्पेलिसिब का प्रयोग पुरुषों और उन महिलाओं में किया जा सकता है, जिन्हें हॉर्मोन रिसेप्टर-पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर हैं, यह कैंसर एडवांस्ड है और शरीर के अन्य भागों में फैल गया है। एल्पेलिसिब का प्रयोग केवल उन्ही स्थितियों में किया जाता ,है जब कैंसर के स्पेसिफिक जेनेटिक मार्कर हों। इसके लिए डॉक्टर टेस्ट करते हैं। इस दवाई को फुलवेस्टरेंट (Fulvestrant) के साथ कंबाइन कर के दिया जा सकता है। इसके कई साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं जैसे एलर्जी, बुखार, भूख न लगना, सिरदर्द आदि। ऐसी स्थिति में मेडिकल हेल्प लेना आवश्यक है।
यह तो थी CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) के बारे में पूरी जानकारी। यह लेख आपको केवल दवाईयों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए है। ब्रेस्ट कैंसर की स्थिति में इन दवाईयों को दिया जा सकता है लेकिन डॉक्टर की सलाह के बाद ही इन्हें लेना चाहिए।

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अधिकतर कैंसर मेडिसिन्स की तरह CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) के भी कुछ साइड इफेक्ट होते हैं लेकिन वो कीमोथेरेपी से कम गंभीर होते हैं। यह सामान्य साइड इफेक्ट्स हैं जी मचलना, डायरिया, थकावट, लो व्हाइट ब्लड सेल काउंट्स, एनीमिया, लो प्लेटलेट काउंट्स आदि। अगर आप CDK4/6 इन्हिबिटर्स (CDK4/6 Inhibitors) ले रहे हैं, तो डॉक्टर उपचार से पहले और दौरान आपको अपने ब्लड काउंट्स को मॉनिटर करने के लिए कह सकते हैं। इसके साथ ही डॉक्टर लिवर फंक्शन टेस्ट्स की सलाह भी दे सकते हैं, ताकि लिवर पर इसके प्रभाव को जांचा जा सके। यह टेस्टिंग हर दो हफ़्तों के बाद की जाती है ताकि पता चल सके कि आपका शरीर CDK4/6 इन्हिबिटर के लिए कैसे रिस्पॉन्ड कर रहा है। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह लें और कोई भी समस्या होने पर तुरंत मेडिकल हेल्प लेना अनिवार्य है।