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सीलिएक डिजीज की स्थिति में बच्चों को ग्लूटेन फ्री डायट को फॉलो करनी चाहिए या नहीं?

सीलिएक डिजीज की स्थिति में बच्चों को ग्लूटेन फ्री डायट को फॉलो करनी चाहिए या नहीं?

ग्लूटेन फ्री डायट के बारे में तो आपने सुना ही होगा। कुछ कंडिशन में वयस्कों ही नहीं बल्कि बच्चों को भी यह डायट फॉलो करने की जरूरत होती है। जैसे अगर बच्चे में सीलिएक बीमारी (Celiac Disease) का निदान हो या उसे ग्लूटेन से एलर्जी हो। सीलिएक बीमारी (Celiac Disease) का कोई इलाज नहीं है और इसके रोगी को लक्षणों से तभी राहत मिलती है, जब वो ग्लूटेन फ्री आहार का सेवन करते हैं। आज हम आपको बच्चों के लिए सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) के बारे में बताने वाले हैं। सबसे पहले जान लेते हैं बच्चों में सीलिएक डिजीज के बारे में।

सीलिएक डिजीज क्या है? (Celiac Disease)

बच्चों के लिए सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) के बारे में जानने से पहले इस बीमारी के बारे में जानना बेहद जरूरी है। ऐसा माना जाता है कि हर साल दुनिया भर में इस बीमारी के लाखों मामले सामने आते हैं। बच्चों में भी यह समस्या आम होती जा रही है। टाइप 1 डायबिटीज की तरह यह भी ऑटोइम्यून डिजीज है। यह मरीज के पाचन तंत्र को प्रभावित करती है। इसमें रोगी हायपरसेंसिटिविटी के कारण ग्लूटेन को पचा नहीं पाता है। अगर कोई बच्चा इस बीमारी से प्रभावित होता है, तो इससे उसके स्मॉल इंटेस्टाइन को नुकसान पहुंच सकता है। जिससे बच्चे को न्यूट्रिएंट्स को एब्सॉर्ब करने में मुश्किल होती है।

अगर इस रोग का उपचार न किया जाये तो इसके लक्षण इरिवर्सिबल डैमेज का कारण भी बन सकते हैं। इसलिए बच्चों में इसका जल्दी निदान बेहद जरूरी है। बच्चों में इसके निदान की सबसे सामान्य उम्र है 6 महीने से 2 साल के बीच की, जब बच्चों को सबसे पहली बार ग्लूटेन का सेवन करने के लिए दिया जाता है। आइए अब जान लेते हैं इसके लक्षणों के बारे में

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सीलिएक डिजीज के लक्षण (Symptoms of Celiac Disease)

सीलिएक डिजीज के लक्षण ,जीवन में कभी भी नजर आ सकते हैं। कई बच्चों में यह लक्षण तब नजर आ सकते हैं जब उन्हें पहली बार ग्लूटेन दिया जाता है। लेकिन, कुछ बच्चों में यह लक्षण कई सालों तक बच्चे के ग्लूटेन के सेवन के बाद भी नजर आ सकते हैं। इस रोग के लक्षणों में डायरिया, पेट में दर्द और वजन का न बढ़ना आदि शामिल है। इसके साथ ही बच्चों को स्किन रैशेज भी हो सकते हैं खासतौर पर कोहनी, कूल्हों और घुटनों के आसपास। समय के साथ इससे पीड़ित बच्चों को एनीमिया और मुंह में छाले जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर आपको संदेह है कि आपके बच्चे को यह बीमारी है और यह निदान युवावस्था में होता है। तो इसे अपनी गलती न मानें कि आपने इसके लक्षणों को पहचानने में देरी की है।

क्योंकि, कुछ बच्चों में लंबे समय तक इसके लक्षण नजर नहीं आते हैं। कई बार यह लक्षण नजर आते भी हैं तो इसे कोई अन्य स्थिति समझ लिया जाता और अधिक गंभीरता से नहीं लिया जाता। अब जान लेते हैं ग्लूटेन एलर्जी और सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) के बारे में।

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‍ग्लूटेन क्या है? (Gluten)

सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) से पहले यह पता होना भी जरूरी है कि ग्लूटेन किसे कहा जाता है? ग्लूटेन दरअसल एक प्रोटीन है जो गेहूं, जौ, राई आदि में पाई जाती है। ग्लूटेन के बारे में सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि इसे गेहूं का दूसरा नाम माना जाता है। यह सच है कि गेहूं एक ऐसा अनाज है, जिसमे ग्लूटेन पाया जाता है। लेकिन, यह एकलौता ऐसा अनाज नहीं है जिसमे ग्लूटेन है। बल्कि ग्लूटेन कई अन्य अनाजों में भी पाया जाता है। सीलिएक डिजीज से पीड़ित को इसका सेवन करने से कई साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

ऐसा भी कहा जा सकता है कि यह ग्लू की तरह काम करता है। अगर आपके बच्चे को ग्लूटेन से एलर्जी है या सीलिएक डिजीज है तो उसे कोई भी आहार देने से पहले उस उत्पाद के लेबल को अच्छे से पढ़ लें कि कहीं उसमे ग्लूटेन तो नहीं है। आपको यह जानकर भी हैरानी होगी कि ग्लूटेन कई अन्य रोजाना प्रयोग होने वाली चीजों जैसे दवाईयों, विटामिन्स, कोस्मेटिक्स आदि में भी प्रयोग होता है। ऐसे में इस बीमारी से पीड़ित लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए।

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सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट के बारे में जानें (Gluten free diet for Celiac Disease)

अगर आपके बच्चे में सीलिएक डिजीज का निदान होता है और उसे ग्लूटेन युक्त आहार के सेवन से बचने के लिए कहा जाता है। तो इसमें परेशान होनी वाली कोई बात नहीं है। बच्चों के लिए सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) के बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ऐसी बहुत सी स्वादिष्ट चीजें हैं। जो ग्लूटेन फ्री होती हैं जैसे फ्रेश फ्रूट और सब्जियां आदि। यही नहीं, अधिकतर मीट जैसे चिकन और फिश भी ग्लूटेन फ्री होते है। बाजार में कई अन्य ग्लूटेन फ्री आहार भी मौजूद हैं जैसे ग्लूटेन फ्री ब्रेड, सीरियल्स आदि।

यही नहीं कई अनाज, आटा और स्टार्च अल्टरनेटिव्ज भी मौजूद हैं। जिनमें प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन नहीं पाया जाता है और ग्लूटेन फ्री डायट में बच्चे इनका सेवन कर सकते हैं। सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) में आप इन अनाज या अन्य चीजों को शामिल कर सकते हैं:

  • ब्राउन, व्हाइट और वाइल्ड राइस (Brown, white and wild rice)
  • आलमंड मील फ्लौर (Almond meal flour)
  • कोकोनट फ्लौर (Coconut flour)
  • कॉर्न (Corn)
  • कॉर्नस्टार्च (Cornstarch)
  • बाजरा (Millet)
  • आलू (Potatoes)
  • किनोआ (Quinoa)
  • सोया आटा (Soy flour)

ग्लूटेन फ्री डायट का अर्थ है, ऐसे सभी उत्पादों का सेवन करने से बचना जिनमें ग्लूटेन हो। लेकिन, इस डायट को फॉलो करने वाले लोग फल, सब्जियों, मीट, बीन्स, फिश, फलियों और ज्यादातर डेयरी उत्पादों का सेवन कर सकते हैं। यह सब प्राकृतिक रूप से ग्लूटेन फ्री और सुरक्षित होते हैं। हालांकि, ऊपर दिए गए अनाज का सेवन करना भी कई बार सीलिएक डिजीज से पीड़ित लोगों के लिए हानिकारक हो सकता है। क्योंकि, इन अनाजों को ग्लूटेन युक्त अनाज के नजदीक उगाया, मिल्ड और निर्मित किया जाता है।

जिन लोगों या बच्चों को यह रोग होता है, उनके लिए ग्लूटेन युक्त आहार की थोड़ी सी मात्रा भी नुकसानदायक साबित हो सकती है। यही नहीं इसके सेवन से उनके स्मॉल इंटेस्टाइन को बहुत अधिक नुकसान हो सकता है। अब जानते हैं बच्चों की उम्र के अनुसार सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) कैसी होनी चाहिए?

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बच्चों की उम्र के अनुसार सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट

कई अनाजों को सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) में शामिल किया जाता है। लेकिन, सेहतमंद माने जाने वाले ओट्स को इस लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। ऐसा नहीं है कि सीलिएक डिजीज में इसका सेवन करना हानिकारक है। लेकिन, ऐसा माना जाता है कि मिलिंग और प्रोसेसिंग के दौरान ओट्स गेहूं के सम्पर्क में आकार कुछ हद तरह ग्लूटेन युक्त हो सकते हैं। ऐसे में अगर आप अपने बच्चे को ओट्स देना चाहते हैं तो पहले डॉक्टर से पूछ लें। आइए, अब जानते हैं कि बच्चों की उम्र के अनुसार सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट किस तरह से प्रोवाइड की जा सकती है?

  • ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding) : अगर आप एक मां है और आपको सीलिएक डिजीज है। तो आपको ब्रेस्टफीडिंग के दौरान ग्लूटेन फ्री डायट को फॉलो करना चाहिए। ताकि, बच्चा इससे प्रभावित न हो ।
  • फार्मूला (Formula):अगर नवजात शिशु में सीलिएक डिजीज का निदान होता है और उसे फार्मूला मिल्क दिया जा रहा है। तो इस बात का ध्यान रखें की यह फार्मूला ग्लूटेन फ्री हो।
  • टॉडलर्स (Toddler) : अगर आपका बच्चा दो से चार साल का है, तो अपने बच्चे को ग्लूटेन फ्री आहार देने से पहले डॉक्टर और न्यूट्रीशनिस्ट्स से संपर्क करें।
  • स्कूल जाने वाले बच्चे (School-Aged Children) : ग्लूटेन फ्री डायट को फॉलो करना बच्चों के लिए परेशानी भरा हो सकता है। ऐसे में आप अपने बच्चे को अपने लिए आहार को चुनने दें। इस उम्र के बच्चे को इस समस्या और ग्लूटेन फ्री आहार के बारे में पूरी जानकारी दें ताकि वो अपने लिए आहार को खुद चुन सके। हालांकि, आपके और बच्चे के लिए यह थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन ऐसा करना बच्चे के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसमें आप डॉक्टर की मदद भी ले सकते हैं।

ऐसा नहीं है कि अगर आपका बच्चा सीलिएक डिजीज से पीड़ित है तो उसे आप केवल घर या स्कूल तक ही सीमित रखें। आप अपने अनुभव और जानकारी का प्रयोग कर के बच्चे को बाहर किसी रेस्टोरेंट में अन्य बच्चों की तरह खिला सकते हैं। लेकिन, इसके लिए सबसे पहले उस आहार के बारे में जानें जिसका सेवन आपका बच्चा कर सकता है। जानिए इस डायट में बच्चों को क्या नहीं खाना चाहिए?

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सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट में बच्चे क्या न खाएं?

सीलिएक डिजीज से पीड़ित बच्चों की डायट में ध्यान रखने योग्य चीज यह भी हैं कि माता-पिता को अपने बच्चों को कुछ चीजों का सेवन नहीं करने देना चाहिए। यह चीजें इस प्रकार हो सकती हैं:

  • पास्ता (Pasta)
  • ब्रेड (Bread)
  • केक्स (Cakes)
  • पाइज (Pies)
  • क्रैकर्स (Crackers)
  • कूकीज (Cookies)
  • सॉस (Sauce)

बच्चों के लिए सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) के बारे में एक और बात जानना भी जरूरी है और वो यह है कि ग्लूटेन फ्री डायट का सबसे सामन्य साइड इफेक्ट है कब्ज। अधिकतर ग्लूटेन फ्री उत्पादों में लौ फायबर विकल्प होते हैं जैसे राइस, कॉर्न, आलू आदि। ऐसे में आप ऐसी चीजों को चुनें जिनमें फायबर की मात्रा अधिक हो जैसे सामान्य राइस की जगह होल ग्रेन व्हाइट राइस का चुनाव करना। बच्चों के लिए सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) में आपको कुछ अन्य बातों का भी ध्यान रखना चाहिए

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सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट में इन बातों का रखें ध्यान

बच्चों को सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) देते हुए माता-पिता के लिए विशेष सावधानियां बरतना जरूरी हैं। इस दौरान आपको इन बातों का ध्यान अवश्य रखना चाहिए:

  • जब भी बच्चे को आहार देना हो या उनके लिए भोजन तैयार करना हो तो इस बात का ध्यान रखें कि आप ग्लूटेन युक्त आहार के संपर्क में ना आए। इसके लिए अपने चाकू या बर्तनों को हर बार साफ करें। इसके साथ ही आपको बार-बार अपने हाथों को धोना चाहिए।
  • अगर आपको कभी रेस्टोरेंट में खाना हो, तो किचन स्टाफ को बच्चे की स्थिति के बारे में बताएं ताकि उसे ऐसा आहार न परोसा जाए जिसमें ग्लूटेन हो।
  • कई बार हर तरह की सावधानी बरतने के बाद भी बच्चे अचानक ग्लूटेन का सेवन कर सकते हैं। यह बिलकुल सामान्य है। लेकिन, थोड़ी मात्रा में इनके सेवन से बच्चे के गट में इंफ्लेमेशन हो सकती है। यह समस्या आमतौर पर खुद ठीक हो जाती है। लेकिन, बार-बार ग्लूटेन के संपर्क में आने पर अधिक नुकसान हो सकता है

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यह तो थी बच्चों के लिए सीलिएक डिजीज में ग्लूटेन फ्री डायट (Gluten free diet for Celiac Disease) के बारे में पूरी जानकारी। इस बात को याद रखें कि सीलिएक डिजीज से पीड़ित बच्चे सामान्य बच्चे की तरह ही विकसित होते हैं और हेल्दी व खुश रहते हैं। लेकिन, इसके लिए माता-पिता को पहले से ही तैयारी करनी चाहिए। उन्हें इस बात को सुनिश्चित करना चाहिए कि आपके बच्चे को स्कूल, घर, पार्टी यानी हर जगह ग्लूटेन फ्री आहार मिले। इसके साथ ही अपने बच्चे को इसके बारे में पूरी जानकारी देना और सकारात्मक रहना भी बेहद आवश्यक है।

आपके बच्चे की इच्छा शक्ति का मजबूत होना भी जरूरी है ताकि वो चाहते हुए भी उस आहार का सेवन न कर लें, जो ग्लूटेन युक्त हो। यह सब थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन, माता- पिता और बच्चे के दृढ निश्चय और मेहनत से आपका बच्चा इस बीमारी में भी पूरी उम्र स्वस्थ रहने में सक्षम हो सकता है।

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Toshini Rathod द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ हफ्ते पहले को
डॉ. प्रणाली पाटील के द्वारा मेडिकली रिव्यूड