home

आपकी क्या चिंताएं हैं?

close
गलत
समझना मुश्किल है
अन्य

लिंक कॉपी करें

प्री-प्रेग्नेंसी डायट: जानिए इस कंडिशन में क्या खाएं और किन चीजों को करें नजरअंदाज?

प्री-प्रेग्नेंसी डायट: जानिए इस कंडिशन में क्या खाएं और किन चीजों को करें नजरअंदाज?

प्रेग्नेंसी में होने वाली मां को हेल्दी डायट लेने की सलाह दी जाती है। लेकिन प्री-प्रेग्नेंसी न्यूट्रिशन भी प्रेग्नेंसी की सही तैयारी के लिए आवश्यक है। कई फैक्टर्स प्रेग्नेंसी के दौरान आपकी और आपके शिशु के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं जैसे आपकी हाइट की तुलना में वेट और आपका आहार आदि। यानी, केवल प्रेग्नेंसी ही नहीं बल्कि प्री प्रेग्नेंसी में भी आपकी डायट का सही होना बेहद जरूरी है। आज हम आपको जानकारी देने वाले हैं प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) के बारे में। आइए जानते हैं कि प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) में आपको किन चीजों को शामिल करना चाहिए और किन चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।

जानिए प्री-प्रेग्नेंसी न्यूट्रिशन के बारे में (Pre-pregnancy nutrition)

बहुत सी महिलाएं प्रेग्नेंसी से पहले एक बैलेंस्ड डायट नहीं लेती हैं और ऐसे में गर्भावस्था के लिए जरूरी न्यूट्रिशन भी वो प्राप्त नहीं कर पाती हैं। आमतौर पर एक गर्भवती महिला को पहले ट्रायमेस्टर में अपनी और अपने शिशु की जरूरतों को पूरा करने के लिए रोजाना कम से कम 300 अतिरिक्त कैलोरीज की जरूरत होती है। लेकिन, यह कैलोरीज और पूरी डायट हेल्दी, बैलेंस्ड और न्यूट्रिशियस होनी चाहिए। जानिए, इस दौरान किन पोषक तत्वों का आपकी प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) में होना है जरूरी:

और पढ़ें: प्रेग्नेंसी में हार्ट प्रॉब्लम होने पर, हेल्दी डिलीवरी के लिए रखें इन बातों का ध्यान!

फोलिक एसिड (Folic acid)

चाइल्डबेयरिंग ऐज (Childbearing age) में हर महिला के लिए रोजाना 400 मायक्रोग्राम्स (400 micrograms) फोलिक एसिड्स लेना जरूरी है। फोलिक एसिड वो न्यूट्रिएंट्स हैं जो हरी पत्तेदार सब्जियों, बीन्स, खट्टे फलों आदि में पाए जाते हैं। इनका सेवन करने से ब्रेन से संबंधित बर्थ डिफेक्ट्स और स्पाइनल कॉर्ड समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। गर्भाधान के बाद पहले 28 दिनों के दौरान फोलिक एसिड सबसे अधिक फायदेमंद होता है। क्योंकि, इस समय अधिकांश न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट्स होने की संभावना रहती है। लेकिन, अधिकतर महिलाओं को 28 दिनों से पहले यह पता ही नहीं होता कि वो गर्भवती हैं। ऐसे में कॉन्सेप्शन यानी गर्भाधान से पहले ही इसका सेवन शुरू करना जरूरी है और प्रेग्नेंसी के दौरान इसका सेवन करना जारी रखें। अपनी प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) में इसे शामिल करना न भूलें।

आयरन (Iron)

मेंस्ट्रुएशन और डायट में आयरन के कम होने के कारण कई महिलाओं के शरीर में लो आयरन स्टोर होता है। लेकिन, पहले से ही आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आपको लाभ हो सकता है। कई मांसाहारी चीजों जैसे चिकन, डक, बीफ, कुछ मछलियों आदि में पर्याप्त मात्रा में आयरन होता है। इसके साथ ही पालक, ब्रोकली, हरे मटर, ड्राय बीन्स आदि भी इसका अच्छा स्रोत हैं। इसके बारे में आप डॉक्टर से भी बात कर सकते हैं। ताकि, वो आपके लिए सही आयरन युक्त खाद्य पदार्थों या सप्लीमेंट्स की सलाह दे सकें।

कैल्शियम (Calcium)

प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) में कैल्शियम को शामिल करना भी आवश्यक है। अगर आपकी प्रेग्नेंसी डायट में पर्याप्त कैल्शियम नहीं है, तो भूर्ण मां की बोनस से कैल्शियम प्राप्त कर सकता है, जिससे मां को बाद में कमजोर हड्डियों से संबंधित कई समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में, होने वाली मां को अपनी डायट में दूध और अन्य डेयरी पदार्थों को अवश्य शामिल करना चाहिए। हेल्दी डायट और एक्सरसाइज संबंधी किसी भी जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें। अब जानते हैं उन खाद्य पदार्थों के बारे में जो आपकी प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) में होने ही चाहिए।

और पढ़ें: प्रेग्नेंसी में कब्ज की दवा खानी है, तो रखें सावधानियां, बिना परामर्श के न करें सेवन!

प्री-प्रेग्नेंसी डायट में किन चीजों को अवश्य शामिल करना चाहिए?

जब आप एक नई फॅमिली शुरू करने जा रही हैं, तो हेल्दी प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) और सही लाइफस्टाइल वो दो चीजें इन्हें अपनाना इस दौरान बेहद जरूरी है। इससे आपकी फर्टिलिटी भी बढ़ेगी और आपको खुद को एक हेल्दी प्रेग्नेंसी के लिए तैयार भी कर पाएंगी। यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ़ हेल्थ एंड ह्यूमन सर्विसेज (U.S. Department of Health and Human Services) के अनुसार अगर आप प्रेग्नेंसी प्लान कर रही हैं तो आपके आहार में इन चीजों का होना अनिवार्य है:

अनाज (Grain)

गेहूं, चावल, ओट्स, कॉर्नमील, जौ, या अन्य अनाजों को प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) में जगह अवश्य दें। यही नहीं, रिफाइंड चीजों की जगह साबुत अनाज का सेवन करना बेहद जरूरी है

सब्जियां (Vegetables)

अपने आहार में सब्जियों को भी शामिल करें। सभी वेरायटी की वेजिटेबल्स को अपने आहार में शामिल करना जरूरी है जैसे हरी, लाल और ऑरेंज रंग की सब्जियां और स्टार्ची वेजिटेबल आदि। इसके साथ ही केंनड की जगह फ्रेश सब्जियां खरीदें।

और पढ़ें: हेल्थ इश्यू के साथ प्रेग्नेंसी को कैसे किया मैनेज, शेयर किया आंचल ने अपना अनुभव हमारे साथ

प्री-प्रेग्नेंसी डायट में फल (Fruits)

फल भी इस दौरान आपके और आपके शिशु के लिए फायदेमंद हैं। मौसम के अनुसार ताजे फलों का सेवन करें जैसे सेब, केले, अनार, मौसमी, अंगूर आदि। अगर आपको फल ऐसे पसंद नहीं हैं, तो आप इनकी स्मूथीज या जूस का मजा ले सकती हैं।

डेयरी उत्पाद (Dairy Product)

दूध और दूध से बने कई खाद्य पदार्थ शिशु और आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी हैं। ऐसे डेयरी उत्पादों का सेवन करें, जो फैट-फ्री या लो-फैट हों लेकिन जिनमें कैल्शियम की मात्रा अधिक हो।

प्री-प्रेग्नेंसी डायट में प्रोटीन (Protein)

प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) में लीन प्रोटीन को चुनें। लो फैट, लीन मीट या पोल्ट्री आपके लिए लाभदायक होगी। आप फिश, नट्स, सीड्स, मटर और बीन्स आदि से भी इसे प्राप्त कर सकते हैं। इस कंडिशन में नट ऑयल्स, ऑलिव, फिश, एवोकाडो आदि का सेवन करना भी आपके लिए लाभदायक होगा। अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें। अब जानते हैं कि प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) में किन चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए?

प्री-प्रेग्नेंसी डायट

और पढ़ें: प्री-प्रेग्नेंसी में आयरन सप्लिमेंट्स: बेबी और मां दोनों के लिए हो सकते हैं फायदेमंद

प्री-प्रेग्नेंसी डायट में किन चीजों को शामिल न करें?

प्री-प्रेग्नेंसी के दौरान जहां कुछ चीजों का सेवन करना लाभदायक है, वहीं कुछ चीजों को नजरअंदाज करने में ही आपकी भलाई है। इस स्थिति में इन चीजों का सेवन करने से पूरी तरह से बचना चाहिए, जैसे:

  • ऐसे आहार का सेवन करने से बचें, जिनमें हानिकारक बैक्टीरिया हों और जिन्हें स्टिल बर्थ या गर्भपात से जोड़ा जाता है, जैसे कच्चे या अधपके मीट, फिश, एग आदि।
  • ऐसी फिशेज का सेवन करने से भी बचें, जिनमें मरकरी (Mercury) हो।
  • कैफीन और एल्कोहॉल का सेवन करना बंद कर दें या इनका सीमित मात्रा में सेवन करें।
  • ट्रांस-फैट या बैड फैट का सेवन भी कम मात्रा में करें जैसे बिस्कुट, केक आदि।
  • चीनी और अधिक मीठी चीजों को भी नजरअंदाज करें।
  • अपने आहार में वेजिटेबल ऑयल्स जैसे सोयाबीन ऑयल, सनफ्लावर ऑयल, ऑलिव ऑयल आदि को शामिल करें। लेकिन इनकी मात्रा कम ही रखें।
  • अधिक तले-भूनें, मसालेदार आहार को लेने से भी बचें।

यह तो थी जानकारी कि इस समय आपको क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए। अब जानिए प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) चार्ट के बारे में।

और पढ़ें: मां और शिशु दोनों के लिए बेहद जरूरी है प्री-प्रेग्नेंसी चेकअप

प्री-प्रेग्नेंसी डायट चार्ट (Pregnancy diet chart)

जहां प्रेग्नेंसी में डायट चार्ट को फॉलो करना लाभदायक होता है, वहीं प्री-प्रेग्नेंसी में भी डायट चार्ट आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इस डायट चार्ट के लिए आप अपने डॉक्टर या डायटीशियन की मदद भी ले सकती हैं। प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) चार्ट इस प्रकार होना चाहिए:

  • सुबह उठते ही (7:00 am) – चार से पांच बादाम लें।
  • ब्रेकफास्ट (8:00 am) – ब्रेकफास्ट में आप बेसन का चीला, पोहा, उपमा, वेजिटेबल सैंडविच या कम तेल वाला हेल्दी वेजिटेबल परांठा ले सकती हैं। इसके साथ ही एक गिलास दूध अवश्य लें।
  • मिड मॉर्निंग (11:00 am) – मिड मॉर्निंग में आपको एक कप मौसमी फल या स्प्राउट्स लेने की सलाह दी जाती है
  • दोपहर का आहार (1:30 am)- दोपहर में आप दो रोटी/चावल +एक कटोरी मौसमी सब्जी+ एक कटोरी दाल+ एक कटोरी दही और सलाद लें सकती हैं।
  • स्नैक्स (5:00 pm) – शाम को स्नैक्स में आप दूध/ फ्रेश जूस +स्प्राउट्स/अंडे/ इडली/ फल आदि ले सकती हैं।
  • डिनर (8 pm)– रात के खाने में दो रोटी+ एक कटोरी दाल+एक कटोरी सब्जी और सलाद आदि लें।

ऊपर बताई डायट कोई स्टैंडर्ड डायट नहीं है लेकिन आप इसे फॉलो कर सकते हैं। इसके साथ ही रात को सोने से पहले भी आपको एक गिलास दूध पीने की सलाह दी जाती है। यह तो थी जानकारी प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) चार्ट के बारे में। इसमें आप अपनी इच्छानुसार या डॉक्टर के बताएं अनुसार बदलाव कर सकती हैं। अगर आप मांसाहारी हैं तो नॉन-वेज डिशेज को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। अब जानिए प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) के अलावा इस दौरान हेल्दी रहने के लिए क्या किया जाना चाहिए?

और पढ़ें: सावधान! गर्भावस्था में है थैलेसिमिया, तो लापरवाही आपको पड़ सकती है भारी!

प्री-प्रेग्नेंसी में हेल्दी रहने के अन्य तरीके (Stay healthy in Pre-pregnancy)

आप अगर मां बनना चाहती हैं, तो केवल डायट ही नहीं बल्कि आपको कई अन्य चीजों का भी ध्यान रखना होगा। ताकि, आप खुद भी स्वस्थ रहें और एक हेल्दी शिशु को जन्म दे सकें। आप इन चीजों का का भी ख्याल रखें:

  • प्रेग्नेंसी ही नहीं, बल्कि प्रेग्नेंसी से पहले भी आपका एक्टिव रहना जरूरी है। इसके लिए आप रोजाना समय निकाल कर व्यायाम, योगा या अन्य फिजिकल एक्टिविटीज करें।
  • जैसे ही आप कंसीव करने की कोशिश शुरुर करें, अपनी प्रीकन्सेप्शन प्रीनेटल विटामिन (Preconception Prenatal Vitamins) अवश्य लें। ताकि, आपको पर्याप्त न्यूट्रिएंट मिल सकेरें। इसके साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार प्रीकन्सेप्शन सप्लीमेंट्स (Preconception Supplements) भी लिए जा सकते हैं।
  • एल्कोहॉल और कैफीन की मात्रा कम करें, क्योंकि इनसे फर्टिलिटी कम हो सकती है।
  • स्मोकिंग करने से बचें।
  • प्री-प्रेग्नेंसी में भी स्ट्रेस से बचना और पर्याप्त नींद लेना आपकी सेहत ले लिए फायदेमंद है

Quiz: प्रेग्नेंसी के बारे में कितना जानते हैं आप?

और पढ़ें: गर्भावस्था के लिए आवश्यक हैं गोनाडोट्रॉपिन्स, जानिए इनके प्रकार के बारे में

यह तो थी प्री-प्रेग्नेंसी डायट (Pre-pregnancy diet) के बारे में जानकारी। संक्षेप में कहा जाए तो गर्भावस्था के साथ-सेहत प्रेग्नेंसी से पहले की तैयारी भी अनिवार्य है। इसके लिए सही डायट और हेल्दी लाइफस्टाइल को अपनाएं। अगर आपके दिमाग में इसके बारे में कोई भी सवाल है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करना न भूलें। आप हमारे फेसबुक पेज पर भी अपने सवालों को पूछ सकते हैं। हम आपके सभी सवालों के जवाब आपको कमेंट बॉक्स में देने की पूरी कोशिश करेंगे। अपने करीबियों को इस जानकारी से अवगत कराने के लिए आप ये आर्टिकल जरूर शेयर करें।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

अपने पीरियड सायकल को ट्रैक करना, अपने सबसे फर्टाइल डे के बारे में पता लगाना और कंसीव करने के चांस को बढ़ाना या बर्थ कंट्रोल के लिए अप्लाय करना।

ओव्यूलेशन कैलक्युलेटर

सायकल की लेंथ

(दिन)

28

ऑब्जेक्टिव्स

(दिन)

7

हैलो हेल्थ ग्रुप हेल्थ सलाह, निदान और इलाज इत्यादि सेवाएं नहीं देता।

लेखक की तस्वीर badge
AnuSharma द्वारा लिखित आखिरी अपडेट कुछ दिन पहले को
Sayali Chaudhari के द्वारा मेडिकली रिव्यूड