Kidney Stone : किन कारणों से वापस हो सकती है पथरी की बीमारी?

Medically reviewed by | By

Update Date जून 6, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
Share now

स्टोन, यानी पथरी की बीमारी आजकल काफी आम हो गई है। हालांकि, इसका इलाज संभव है लेकिन, इसकी संभावना भी बहुत अधिक रहती है कि यह ठीक होने के बाद मरीज को दोबार भी हो सकती है। पथरी की बीमारी की कई वजह हो सकती हैं। इससे बचे रहने के लिए आपको सबसे पहले स्टोन होता क्या है? पथरी की बीमारी शरीर के किन-किन अंगों को प्रभावित कर सकता है? पथरी की बीमारी कितनी खतरनाक है? इसके बारे में पूरी जानकारी लेनी जरूरी है।

यह भी पढ़ेंः डिलिवरी बैग चेकलिस्ट जिसे हर डैड टू बी को जानना चाहिए

पथरी की बीमारी क्या है?

पथरी की बीमारी आमतौर पर काफी सामान्य मानी जाती है। इसका सबसे मुख्य कारण गलत खान-पान हो सकता है। पथरी की बीमारी होने पर असहनीय दर्द, पेशाब में संक्रमण और किडनी को नुकसान हो सकता है। पेशाब में कैल्शियम ऑक्जलेट या अन्य कणों के एक-दूसरे से मिल जाने से कुछ समय बाद धीरे-धीरे मूत्रमार्ग में कठोर पदार्थ का निर्माण होने लगता है, जिसे ही पथरी कहा जाता है जो शरीर के अलग-अलग अंगों में भी बन सकता है।

कितनी बड़ी हो सकती है पथरी?

पथरी आकार में अलग-अलग हो सकती है। यह रेत के कण जितनी छोटी से लेकर गेंद की तरह बड़ी भी हो सकती है। पथरी के कण चिकने या खुरदरे भी हो सकते हैं। आमतौर पर चिकने कण में पथरी का दर्द भी कम होता है और वह प्राकृतिक रूप से पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर भी निकल जाती है। हाालंकि, खुरदरे पथरी के कण दर्दनाक होते हैं जो आमतौर पर उपचार के बाद भी ठीक होते हैं।

यह भी पढ़ेंः फोरप्ले से हाइजीन तक: जानिए फर्स्ट नाइट रोमांस करने के लिए टिप्स

डॉक्टर्स के मुताबिक पथरी की बीमारी शरीर के चार अंगों में हो सकती है

  1. किडनी यानी गुर्दा
  2. यूरेटर यानी पेशाब की नली
  3. युरिनरी ब्लैडर यानी पेशाब की थैली
  4. गॉल ब्लैडर यानी पित्त की थैली

1. किडनी यानी गुर्दे की पत्थरी

किडनी स्टोन की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अधिकतर मामलों में पथरी की बीमारी का खतरा किडनी में ही देखी जाती है।

2. यूरेटर यानी पेशाब की नली में स्टोन

पेशाब की नली बहुत ही संकरी होती है, जिसकी वजह से यहां पर स्टोन जमा होने की संभावनाएं भी अधिक रहती है।

3. युरिनरी ब्लैडर यानी पेशाब की थैली में स्टोन

यहां भी पथरी की बीमारी होना काफी कॉमन माना जाता है।

4. गॉल ब्लैडर यानी पित्त की थैली में स्टोन

पित्त की थैली में स्टोन होने की संभावना सबसे अधिक रहती है। पित्त की थैली में अगर स्टोन होते हैं, तो यहां बहुत तेज दर्द होता है। दर्द के पीछे की वजह रहती है कि स्टोन एक जगह से दूसरे जगह खिसक रही होते हैं। गॉल ब्लैडर स्टोन में खाने के दौरान भी दर्द होता है।

यह भी पढ़ेंः फर्स्ट डेट को न बनाएं बोरिंग, इन डेटिंग प्लेस पर जानें से बचें

स्टोन होने की वजह

  • ज्यादा नमक या प्रोटीन का सेवन, जैसेः मटन, चिकन, पनीर, फिश आदि
  • मूत्राशय की बनावट में गड़बड़ी
  • किडनी में संक्रमण
  • वंशानुगत, यानी परिवार में पहले से ही पथरी की समस्या का मजौदू होना
  • बार-बार मूत्रमार्ग में संक्रमण होना
  • मूत्रमार्ग का ब्लॉक होना
  • विटामिन सी या कैल्शियम युक्त दवाओं का अधिक सेवन करना
  • बहुत देर तक पेशाब रोकना
  • हायपोपेराथायराइडिज्म की समस्या
  • कम पानी पीने की आदत।

यह भी पढ़ेंः लव एट फर्स्ट साइट (Love At First Sight): क्या सच में होता है?

स्टोन के प्रकार

स्टोन चार प्रकार के हो सकते हैं :

1. सिस्टीन स्टोन

आनुवंशिक विकार सिस्टीनुरिया वाले लोगों में इसकी संभावना ज्यादा होती है। सिस्टीन स्टोन का अनसीन रूप होता है, जिनको आनुवंशिक बीमारी है, जैसे सिस्टीन्यूरिया पैदा करने वाली एक बीमारी।

2. स्ट्रूवाइट स्टोन

यह यूरिनरी ट्रैक इंफेक्शन (UTI) से पीड़ित लोगों में होती है, जिसकी वजह किडनी में इंफेक्शन हो सकती है।

3. यूरिक ऐसिड स्टोन

यूरिक एसिड स्टोन तब होते हैं, जब हम पानी कम पीते हैं या शरीर से पानी बहुत ज्यादा मात्रा में खर्च हुई हो या गाउट की बीमारी है। इसके अलावा, अगर उच्च मात्रा में प्रोटीन युक्त डायट खा रहे हों।

4. कैल्शियम स्टोन

यह कैल्शियम ऑक्सलेट, फॉस्फेट या मेलिएट से बनता है। चयापचय की स्थिति जैसे गुर्दे की ट्यूबलर एसिडोसिस, आहार संबंधी कारक, आंतों की बाईपास सर्जरी आदि कैल्शियम पथरी का कारण बन सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः गर्लफ्रेंड का बर्थडे है? तो इस तरह दें उन्हें सरप्राइज

पहचान कैसे करें?

  • पेट में अचानक तेज दर्द होना
  • पेशाब करने में तकलीफ होना
  • लंबे समय से पेशाब का रंग बहुत पीला आना
  • पेशाब से बहुत ज्यादा बदबू आना
  • सामान्यतः पथरी की बीमारी 30 से 40 साल की उम्र में अधिक होती है
  • पथरी की बीमारी महिलाओं की तुलना में पुरुषों में तीन से चार गुना अधिक होती है
  • पीठ और पेट में लगातार दर्द होते रहना
  • बहुत ज्यादा उल्टी या उबकाई आना
  • पेशाब के दौरान खून आना
  • मूत्रमार्ग में में बार-बार संक्रमण होना
  • अचानक पेशाब बंद हो जाना
  • पेशाब का रंग बदलना।

आमतौर पर, इसके लक्षण बहुत-से लोगों में नहीं दिखाई देते हैं। हालांकि, कुछ लोगों में इसके लक्षण दिखाई देते हैं जैसे- खाना खाने के बाद पेट में दर्द, तैलीय पदार्थ खाने के बाद पेट में दर्द और खट्टी डकार या खाना पचाने में समस्या। 

इन कारणों से वापस हो सकती है स्टोन की समस्या

अगर आप स्टोन के मरीज रह चुके हैं, तो इसकी संभावना भी अधिक रहती है कि यह आपको दोबारा या उससे भी अधिक बार हो सकती है। इसलिए एक बार स्टोन की बीमारी से निजात पाने के लिए अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें। अपने खाने-पीने की आदतों पर ध्यान दें।

  • चाय या कॉफी की अधिक मात्रा।
  • पानी की बहुत कम मात्रा पीना।
  • लंबे समय तक पेशाब रोके रखना।
  • लंबे समय से किसी दवा का सेवन।
  • फैट और कार्बोहाइड्रेट युक्‍त आहार अधिक खाना।
  • पोटेशियम, प्रोटीन, कैल्शियम जैसे नट्स, पालक, रेड मीट आदि पदार्थों का उच्च मात्रा में सेवन करना।

तो इन कारणों से किडनी स्टोन की समस्या दोबारा हो सकती है। इसलिए, आप कोशिश करें कि ऐसा कुछ न खाएं, जिससे यह समस्या दोबारा हो। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने डॉक्टर से भी संपर्क कर सकते हैं।

यह भी पढ़ेंः पथरी की समस्या से राहत पाने के घरेलू उपाय

पथरी की बीमारी की रोकथाम के लिए क्या करें?

पथरी की बीमारी की रोकथाम करने के लिए आप निम्न घरेलू उपचारों को अपना सकते हैंः

  • खाने में नमक की मात्रा करें। नमकीन, पापड़, अचार जैसे नमक युक्त खाघ पदार्थ न खाएं।
  • दिनभर में कम से कम दो लीटर पानी पीएं।
  • जैसे ही पेशाब का रंग गहरा दिखाई दे, पानी पीने की मात्रा बढ़ाएं।
  • पानी के साथ-साथ नींबू पानी, नारियल पानी, संतरे का रस, अनानास का रस, गाजर, करेला, बिना बीज के टमाटर, केला, जौ, जई, बादाम जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
  • पथरी की बीमारी होने पर डेयरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल न करें। क्योंकि ये उच्च कैल्शियम युक्त खाघ पदार्थ होते हैं।
  • विटामिन सी की मात्रा कम करें।

हैलो स्वास्थ्य किसी भी तरह की मेडिकल सलाह नहीं दे रहा है। अगर आपको किसी भी तरह की समस्या हो तो आप अपने डॉक्टर से जरूर पूछ लें।

और पढ़ें:-

बॉयफ्रेंड का बर्थडे इस तरह बनाएं स्पेशल, एकदम हटके अंदाज में

ऑफिस में अपने जूनियर से व्यवहार कैसे करें?

ऑफिस रिलेशन टिप्स : ऑफिस में सहकर्मी के साथ कैसा रिलेशन रखें?

ये इशारे हो सकते हैं ऑफिस में यौन उत्पीड़न के संकेत, न करें नजरअंदाज

हैलो हेल्थ ग्रुप चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार प्रदान नहीं करता है

क्या यह आर्टिकल आपके लिए फायदेमंद था?
happy unhappy"
सूत्र

शायद आपको यह भी अच्छा लगे

वजन कम करने से लेकर बीमारियों से लड़ने तक जानिए आयुर्वेद के लाभ

आयुर्वेद का लाभ के साथ आयुर्वेदिक पद्दिति की जानकारी। मानव शरीर के लिए है कितना उपयोगी, इसका सेवन करन से कैसे रहा जा सकता है स्वस्थ।

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Satish Singh
हेल्थ टिप्स, स्वस्थ जीवन अप्रैल 22, 2020 . 6 मिनट में पढ़ें

Fireweed: फायरवीड क्या है?

फायरवीड को एक अस्ट्रिन्जन्ट और टॉनिक के रूप में कई रोगों के इलाज के लिए प्रयोग में लाया जाता है। इसे उपयोग करने से पहले इसके बारे में अवश्य जान लें।

Medically reviewed by Dr. Hemakshi J
Written by Anu Sharma
जड़ी-बूटी A-Z, ड्रग्स और हर्बल मार्च 30, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Epoetin alfa: इपोएटिन अल्फा क्या है? जानिए इसके उपयोग, साइड इफेक्ट्स और सावधानियां

इपोएटिन अल्फा की जानकारी in hindi. इपोएटिन अल्फा का इस्तेमाल कैसे करें। उपयोग, डोज, खुराक, सावधानियां और साइड-इफेक्ट्स। epoetin alfa को कैसे यूज करें।

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Anoop Singh
दवाइयां A-Z, ड्रग्स और हर्बल मार्च 4, 2020 . 7 मिनट में पढ़ें

Glomerulonephritis: ग्लोमेरूलोनेफ्राइटिस क्या है?

जानिए ग्लोमेरूलोनेफ्राइटिस क्या है in hindi, ग्लोमेरूलोनेफ्राइटिस के कारण और लक्षण क्या है, Glomerulonephritis के लिए क्या उपचार है, जानिए यहां।

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Kanchan Singh
हेल्थ कंडिशन्स, स्वास्थ्य ज्ञान A-Z फ़रवरी 14, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें

Recommended for you

सिटल सिरप

cital syrup: सिटल सिरप क्या है? जानिए इसके उपयोग और साइड इफेक्ट्स

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Satish Singh
Published on जून 9, 2020 . 5 मिनट में पढ़ें
A - Z होम रेमेडीज

A-Z होम रेमेडीज: इन बीमारियों के लिए फायदेमंद हैं ये घरेलू नुस्खे

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Niharika Jaiswal
Published on जून 8, 2020 . 22 मिनट में पढ़ें
गोखरू के फायदे एवं नुकसान - Health Benefits of Gokhru (Gokshura)

गोखरू के फायदे एवं नुकसान – Health Benefits of Gokhru (Gokshura)

Medically reviewed by Dr. Pooja Daphal
Written by Ankita Mishra
Published on जून 1, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन-bujurgo me dehydration

बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन होने पर करें ये उपाय

Medically reviewed by Dr. Pranali Patil
Written by Shilpa Khopade
Published on मई 17, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें