बॉडी के लोअर पार्ट को स्ट्रॉन्ग और टोन करती है पिस्टल स्क्वैट्स, और भी हैं कई फायदे

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Update Date अप्रैल 16, 2020 . 4 मिनट में पढ़ें
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एक्सरसाइज  करना जितना जरूरी है, उतना ही इसे करने में सावधानी रखना। एक्सरसाइज का सही और पूरा प्रभाव तभी मिल पाता है, जब आप इसे पूरी जानकारी और सही तरीके से किया जाए। फिटनेस पाने के लिए सिर्फ आपके आर्म्स, बाइसेप्स, चेस्ट, शॉल्डर या बैक का मस्कुलर, ताकतवर या फ्लैक्सिबल होना जरूरी नहीं है। बल्कि, आपको अपने शरीर के ऊपरी हिस्से के साथ निचले हिस्से का भी ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि, पूरी फिटनेस वही है, जिसमें आपके पूरे शरीर की मसल्स मजबूत और संतुलित हों। शरीर के निचले हिस्से में ग्लूट, हैमस्ट्रिंग, क्वाड्स, काल्फ आदि जरूरी मसल्स हैं, जो निचले शरीर के मूवमेंट और बैलेंस में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। शरीर के निचले हिस्से के लिए पिस्टल स्क्वैट्स काफी महत्वपूर्ण एक्सरसाइज है। आइए, इस एक्सरसाइज के बारे में छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी बात जानते हैं।

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पिस्टल स्क्वैट्स क्या है?

Pistol Squats- पिस्टल स्क्वैट्स
Pistol Squats- पिस्टल स्क्वैट्स

पिस्टल स्क्वैट्स से पहले आपको यह जानना होगा कि स्क्वैट्स कौन-सी एक्सरसाइज होती है। आपको बता दें कि, स्क्वैट्स एक स्ट्रेंथ एक्सरसाइज है, जो आपके निचले शरीर में स्थित मसल्स का साइज और ताकत बढ़ाने के साथ आपकी कोर मसल्स पर भी प्रभाव डालती है। इस एक्सरसाइज में मुख्यतः क्वाड्स, एड्डक्टर और ग्लूट मसल्स पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है।

अब स्क्वैट्स कई तरह से की जा सकती है। जैसे- बॉडीवेट स्क्वैट्स, डीप डाउन स्क्वैट्स, डंबल स्क्वैट्स, बारबेल स्क्वैट्स, सिंगल लेग स्क्वैट्स। इनमें से सिंगल लेग स्क्वैट्स का एडवांस वर्जन पिस्टल स्क्वैट्स है। सिंगल लेग स्क्वैट्स में आपको पूरे शरीर का भार एक पैर पर रखते हुए शरीर का संतुलन बनाना होता है और फिर स्क्वैट्स करनी होती है, लेकिन पिस्टल स्क्वैट्स में आपको सिंगल लेग स्क्वैट्स की प्रक्रिया करते हुए डीप डाउन स्क्वैट्स करनी होती है। आइए, पिस्टल स्क्वैट्स करने का सही तरीका जानते हैं।

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पिस्टल स्क्वैट्स करने का सही तरीका क्या है?

Pistol Squats- पिस्टल स्क्वैट्स
Pistol Squats- पिस्टल स्क्वैट्स
  1. सबसे पहले आप सामान्य स्टांस लेकर खड़े हो जाएं। अब अपने शरीर का पूरा भार दोनों पैरों पर बराबर बांट लें।
  2. अब अपने बाएं पैर को सामने की तरफ सीधा फैला लें। ध्यान रखें कि इस पैर का घुटना मुड़ना नहीं चाहिए और तलवा या पंजा पूरी प्रक्रिया के दौरान जमीन पर छूने न दें।
  3. अब दोनों हाथों को कंधों की चौड़ाई जितना खोलकर सामने की तरफ फैला लें। इन हाथों का प्रयोग शरीर का बैलेंस बनाने के लिए किया जाएगा।
  4. अब इस अवस्था में शरीर का पूरा भार बाएं पैर पर अच्छी तरह डाल लें और शरीर का बैलेंस बनाने की कोशिश करें।
  5. जब शरीर का पूरा भार बाएं पैर पर आ जाए और शरीर का बैलेंस बन जाए, तो अपने बाएं घुटने को मोड़ते हुए कूल्हों को नीचे की तरफ लाएं। जैसे आप किसी कुर्सी पर बैठ रहे हों।
  6. कूल्हों को नीचे लाते हुए ध्यान रखें कि आपकी कमर, छाती, कंधे और सिर में झुकाव पैदा न हो।
  7. अब कूल्हों को तब तक नीचे लाते रहें, जब तक कि आपके कूल्हे बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग मसल्स के साथ न लग जाएं।
  8. अब शरीर का बैलेंस बनाते हुए वापस खड़े हो जाएं, लेकिन ध्यान रखें कि दाएं पैर का तलवा या पंजा जमीन पर न छुए और घुटना न मुड़े।
  9. इस तरह इस एक्सरसाइज का पहला रैप पूरा हुआ है। अब ऐसे ही 15 रैप्स करें और फिर दूसरे पैर के साथ भी 15 रैप्स करें।

अगर, शुरुआत में आपको शरीर का संतुलन बनाने में काफी मुश्किल आ रही है, तो एक हाथ से किसी दीवार या कुर्सी का सहारा ले सकते हैं, लेकिन बिना किसी सहारे के यह एक्सरसाइज करना काफी प्रभावशाली होती है। इसके बाद, जब आपको इस एक्सरसाइज में निपुणता आ जाए, तो आप इसके एडवांस वर्जन का भी अभ्यास कर सकते हैं। जो आपके शरीर को और ज्यादा चुनौती देंगे और शारीरिक ताकत और संतुलन में बढ़ोतरी करेंगे। इन वर्जन में डंबल पिस्टल स्क्वैट्स, बारबेल पिस्टल स्क्वैट्स, बोसू बॉल पिस्टल स्क्वैट्स आदि शामिल हैं।

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पिस्टल स्क्वैट्स से किन-किन मसल्स पर प्रभाव पड़ता है?

पिस्टल स्क्वैट्स से मुख्यतः निम्नलिखित मसल्स पर प्रभाव पड़ता है।

पिस्टल स्क्वैट्स कोर मसल्स

पिस्टल स्क्वैट्स से कोर मसल्स यानी एब्डोमिनल्स और ऑब्लिक्स मसल्स पर प्रभाव पड़ता है। इस एक्सरसाइज का अभ्यास करने के दौरान कोर मसल्स को टाइट रखना होता है, जिससे वह लगातार सक्रिय रहती हैं और मजबूत बनती हैं।

क्वाड्स

पिस्टल स्क्वैट्स से क्वाड्स मसल्स पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता है, क्योंकि, घुटने के मुड़ने में इस मसल्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। इससे क्वाड्स का संतुलन और ताकत में बढ़ोतरी होती है।

ग्लूट

आपके शारीरिक संतुलन के लिए ग्लूट मसल्स का संतुलित और ताकतवर होना बहुत जरूरी है और यह एक्सरसाइज इस मसल्स को यह सारे फायदे पहुंचाती है।

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एंकल स्टैबिलाइजर

इस एक्सरसाइज में न सिर्फ एंकल यानी टखनों का फ्लैक्सिबल होना जरूरी होता है, बल्कि उनका पर्याप्त मजबूत होना भी जरूरी होता है, ताकि पूरे शरीर का भार संभाल सके। इसलिए, यह एक्सरसाइज एंकल की फिटनेस पर अच्छा प्रभाव डालती है।

पिस्टल स्क्वैट्स के फायदे

पिस्टल स्क्वैट्स से यूनिलैट्रल स्ट्रेंथ

यूनिलैट्रल स्ट्रेंथ उस ताकत को कहा जाता है, जो कि किसी भी एक मसल की ताकत होती है। उदाहरण के लिए एक पैर के घुटने की ताकत उसकी यूनिलैट्रल स्ट्रेंथ होती है। इसलिए, अगर आपके किसी पैर, क्वाड्स, ग्लूट या एंकल की मसल्स कमजोर हैं, तो आप सिर्फ उसी मसल पर काम कर सकते हैं।

बॉडी बैलेंस

इस एक्सरसाइज में शारीरिक संतुलन की काफी जरूरत होती है, जिससे आपके शरीर का बैलेंस बढ़ता है। शारीरिक संतुलन इसलिए जरूरी है, ताकि किसी भी गतिविधि को करते हुए आपकी किसी एक मसल पर अत्यधिक दबाव न पड़े और वह दर्द न करे। इसलिए, यह एक्सरसाइज आपके किसी एक पैर या मसल्स के दर्द को दूर करने के लिए काफी प्रभावशाली है और उस मसल को ताकतवर भी बनाती है।

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अपर बॉडी एक्सरसाइज में फायदा

जब हम शरीर के निचले हिस्से को मजबूत बनाते हैं, तो उसका अप्रत्यक्ष असर शरीर के ऊपरी हिस्से की एक्सरसाइज की प्रभावशीलता पर पड़ता है। उदाहरण के लिए, अगर आप शॉल्डर के लिए कोई भारी एक्सरसाइज कर रहे हैं या फिर ज्यादा वेट उठा रहे हैं, तो उसे सहन करने के लिए आपके पैरों या ग्लूट मसल्स का मजबूत होना बहुत जरूरी है। तभी आप सही तरीके से वह एक्सरसाइज कर पाएंगे और शरीर का संतुलन बना पाएंगे। इसलिए, पिस्टल स्क्वैट्स से आपके निचले शरीर की ताकत बढ़ती है, जो ऊपरी शरीर पर भी प्रभाव डालने में मदद करती है।

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