27 सप्ताह के शिशु में निम्नलिखित विकास और स्वभाव में हो बदलाव को समझ सकते हैं। जैसे-

ऐसी ही कई अन्य गतिविधि शिशु में देखने को मिल सकती है। इस दौरान पेरेंट्स को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है।
आपका बच्चा आपको यह बताने लगेगा की वह खाना खुद खा सकता है और आपके हाथ से चम्मच छीनने लगेगा या खाने की प्लेट खीचेगा। आपको उसके प्लेट की चीज को चार से पांच टुकड़ो में तोड़कर रखना चाहिए। गले में खाना न अटके इसके लिए आपको अपने बचे को किसी चेयर या ऊंची जगह पर बैठाकर खिलाना चाहिए। 27 सप्ताह के शिशु के खाने के दौरान मां, पिता या कोई अन्य सदस्य पास होना चाहिए।
उनके खाने की मात्रा ज्यादा होनी चाहिए लेकिन, क्योंकि उनके दांत नहीं है तो आपको ऐसे खाद्य पदार्थो से शुरुआत करनी चाहिए जिनसे उन्हें ज्यादा चबाना न पड़े या फिर आप शिशु के खाने को छोटे-छोटे टुकड़ों में कर फिर उसे खिला सकती हैं।
अपने बचे के पढ़ने के लिए बच्चो के भाषा वाली किताबे लाएं और उन्हें पढ़ने में मदद कीजिए। बहुत बार ऐसा होगा की आप जब उनके लिए कोई कहानी पढ़ेंगे तो वे बैठना पसंद नहीं करेंगे लेकिन, आपको उनपर जोर न डालते हुए उन्हें किताब पढ़ने के लिए तरीका अपनाना चाहिए ताकि वो बहार की दुनिया और समाज की जानकारी आराम से ले सके। इस दौरान 27 सप्ताह के शिशु के पेरेंट्स खुद भी बच्चे के सामने पढ़ने की आदत डाल सकते हैं। बच्चे भी आपकी इस एक्टिविटी को फॉलो कर सकती हैं।
27 सप्ताह के शिशु के स्वस्थ्य अवस्था के हिसाब से डॉक्टर उनका पूरी बॉडी का चेकअप करेंगे, आवश्यकता अनुसार अलग निदान तकनीक का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। डॉक्टर या नर्स इन सभी बातो पर ध्यान देंगे:
अगर आपका बच्चा बिलकुल हेलथि है तो वे उसे वेक्सिनेशन भी दे सकते है। अगर आपके बचे को किसी तरह की एलर्जी या रिएक्शन हो तो डॉक्टर से बताना न भूले।
डॉक्टर से पूछे की: इस तीसरे वेक्सिनेशन से आपको बच्चे को क्या होगा?अगर रिएक्शन हो जाये तोह?आपके शिशु को कैसा खाना खिलाना चाहिए?
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एमर्जेन्सी में ले जाना यह सुनते ही हम घबरा जाते है। ज्यादातर एमर्जेन्सी में बच्चे को तब ले जाया जाता है अगर उन्हें कोई एलेर्जी हो जाये,अस्थमा अटैक आ जाये या फिर गलती से कोई ऐसी चीज़ खा ले जिससे उसे बहुत ज्यादा हानि हो सकती है। इन सब के आलावा अगर वह गिर्र जाये जाये और बहुत खून बहने लगे तो।
एक साल का होने से पहले आपके बच्चे को गाय का दूध न पिलाए। जितना हो सके,एक साल होने तक आप उसे स्तनपान ही करवाएं। इसी के साथ जब आप स्तनपान करना बंद करदे अपने डॉक्टर से पूछकर कोई बच्चो के लिए आहार से भरपूर खाना खिलाना शुरू करे।
जब आपका बच्चा गाय का दूध पीने लगे,और पीते हुए एक साल हो जाए तो ध्यान रखें की आप उसे सुध दूध ही पिलाए। ज्यादातर होल मिल्क बच्चो को दो साल के बाद ही पिलाने का रेकमेंड किया जाता है। कभी कबार डॉक्टर्स 18 महीने के ऊपर के बच्चो को 2% दूध पिलाने की इजाजत दते है।
बहुत से ऐसे काऱण है जिसके लिए आपको बच्चो के दांतों का ख्याल अच्छे से रखना चाहिए: सबसे पहले बच्चो को दूध के दांत आते है जो की दांतों की परमानेंट जगह फिक्स कर लेते है। अगर पहले ही दांत सड़ गए तो दांतों का आकर बिगड़ सकता है। और इतना ही नहीं,परमानेंट दांत आने से पहले उन्हें वो दांत कही सालों तक खाना चबाने के लिए चाहिए होते है। ख़राब दांत आपके बचे के खाना खाने की मात्रा पे असर कर सकते है। इसीलिए हेल्थी दांत होना बहुत ज्यादा जरूरी है। आपको अपने बच्चे को ब्रश करने की आदत लगवा देनी चाहिए। अच्छी तरह से दांतो की देखभाल करने से बच्चे के दांत हेअल्थी रहेंगे।
आप एकदम कोमल दांतो के टूथब्रश का इस्तेमाल कर सकते है। बचो को सुबह उठते ही और रात में सोने से पहले ब्रश करने की आदत होनी चाहिए। आपको बहुत ही आराम से उनको ब्रश करवाना सीखाना चाहिए। ध्यान रहे,की आप उनकी जीभ भी साफ़ करे क्योंकि जीब फोस्टर जर्म्स का घर होती है। ज्यादा टूथपेस्ट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए लेकिन, फिर भी अगर आपको अपने बच्चे को थोड़ा मज़ा देना है तो एक काम मात्रा में टूथपेस्ट का इस्तेमाल कर सकते है।
डेंटल केयर के आलावा, न्यूट्रिशन भी एक बहुत बड़ा हिस्सा होता है बच्चो के ओरल हेल्थ के लिए। अभी आपको उन्हें खाना खिलाना चालू कर देना चाहिए। ध्यान रखे की आपका बच्चा साही मात्रा में कैल्शियम, फोस्फरस, फ्लोरीन, मिनरल्स हुए विटामिन्स का सेवन कर रहा है। साथ ही ध्यान रखे की शक्कर वाली चीज़े नियंत्रण में खाए। आपको अपने बच्चे की मिठाई खाना भी काम करवाना होगा अगर वो बहुत खता है तो। ज्यादा मीठा खाने से दांतो में कीड़े लग जाते है। आपने बच्चे को खाना कहते वक़्त मिठाई खिलाए क्योंकि तब वो दांतो को कम नुकसान पहुंचती है और याद रखे की जबहुई वो मिठाई खाये उसके बाद उससे ब्रश करवाए।
अगर आप 27 सप्ताह के शिशु के सेहत से जुड़े किसी तरह के कोई सवाल का जवाब जानना चाहते हैं तो विशेषज्ञों से समझना बेहतर होगा। हैलो हेल्थ ग्रुप किसी भी तरह की मेडिकल एडवाइस, इलाज और जांच की सलाह नहीं देता है।
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Current Version
30/09/2021